*आदेश के बाद भी मध्यप्रदेश  के बॉर्डर पर संचालित नही हुई चेकपोस्ट नाका*



अनूपपुर/डोला


 एक ओर जहां बढ़ते कोरोना बीमारी को देखते हुए देश के मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह द्वारा आदेश जारी किया गया कि मध्यप्रदेश से जुड़े बॉडर को सील किया जाए जिसमें महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ से जुड़ने वाले क्षेत्रों को जल्द ही सील करने के आदेश जारी किए गए वही  अनूपपुर कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर ने जिले में कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए छत्तीसगढ़ से जिले में आने वाले यात्रियों की थर्मल जांच के लिए जिले की सीमा खूंटाटोला, रामनगर एवं यहां तक कि रेलवे स्टेशन पर चेकपोस्ट नाका बनाने के निर्देश दिए हैं कलेक्टर द्वारा यह निर्देश विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में कोरोना संक्रमण के फैलाव की रोकथाम हेतु की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए दी गई हैं लेकिन वही अनूपपुर जिले के अंतिम छोर पर बसे रामनगर जहां आज दिनांक तक सुरक्षा के दृष्टिकोण से बॉर्डर पर चेकपोस्ट नाका लगाने की कोई प्रक्रिया नहीं की जा रही है और ना ही किसी प्रकार के आने जाने वाले वाहन व वाहनों में बैठे लोगों की जांच की जा रही हैं बिना रोकटोक के छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश में प्रवेश कर रहे लोग।


*बढ़ती कोरोना की बीमारी को लेकर छत्तीसगढ़ प्रशासन हुआ सतर्क*


छत्तीसगढ़ प्रशासन पुनः कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए कई जगह लॉकडाउन लगाते हुए  छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश के मध्य स्थित घुटरीटोला बॉर्डर में नाका लगाने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डॉक्टर सुरभि श्रीवास्तव की 13 मार्च से पदस्थ प्रस्थापना बॉडर पर की गई जहां पर आने जाने वाले मरीजों को थर्मल स्कैनिंग कर आवागमन करने दिया जा रहा है साथ ही पुलिस विभाग व आबकारी विभाग के कई जवान भी छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर मुस्तैद है घुटरीटोला में मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों की जांच व व्यक्तियों के मास्क लगे होने के बावजूद ही छत्तीसगढ़ में आने जाने दिया जा रहा है वही आवागमन करने वाले वाहनो में बैठे समस्त यात्रियों को मास्क लगाकर ही आवागमन करने दिया जा रहा जबकि मध्यप्रदेश में इस प्रकार की कोई भी व्यवस्था नहीं है।


*छत्तीसगढ़ से जिले में आने वाले यात्रियों की थर्मल जांच हेतु नहीं लगे चेकपोस्ट*


अनूपपुर कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर द्वारा छत्तीसगढ़ से जिले में प्रवेश करने वाले यात्रियों की एन्ट्री करने एवं थर्मल जांच के लिए अनूपपुर की सीमा पर खूंटाटोला एवं रामनगर में चेकपोस्ट बनाकर वहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए जाने के बाद भी लोगों की सुरक्षा के लिए आज दिनांक तक कोई उपाय नहीं किया गया है   यहां तक की छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोगों का आवागमन बना रहता है जिसमें की क्षेत्र कि जनता मे भय का माहौल है।

सिविल कार्यों में भ्रष्टाचार, कॉलोनियों में गंदगी के बीच कर्मचारी रहने को मजबूर 



अनूपपुर/कोतमा 


एसईसीएल के जमुना कोतमा क्षेत्र का सिविल विभाग अपने कारनामों के लिए पहले से चर्चित है। किन्तु नवागत क्षेत्रीय स्टाफ अधिकारी सिविल मे अग्रवाल जब पदस्थ हुए तब श्रमिकों को लगा था की शायद सिविल कार्यों में कुछ सुधार होगा, किन्तु इनके पदस्थ होते भ्र्ष्टाचार को और अधिक बढ़ावा देने के स्पष्ट संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। पूरे क्षेत्र में झाड़ी, सूखे पत्ते और गंदगी का भरमार है। क्षेत्र के सभी इकाइयों में  गर्मी का समय है झाड़ी -पत्ते साफ करवाना चाहिए ,कभी भी आग लग सकता है। कुछ कॉलोनियों के साफ सफाई के वर्क आर्डर भी हुए किन्तु कोई काम नहीं हो रहा है।पानी की टंकिया जिन्हे छह माह में एक बार साफ होना चाहिए सालों से दुर्गन्ध मर रही हैं और उसी पानी को कर्मचारी पीने को मजबूर है। खदानों में उपलब्ध करवाए गए पानी के फ़िल्टर यंत्र आर.ओ. ख़राब पड़े है। गर्मी का समय आ गया,  क्षेत्र में पेय जल का संकट शुरू हो जायेगा। इन सब काम की पूर्व तैयारी और व्यवस्था करने की बजाय आते ही राजनीति करने लगे । आमाडांड ओसीपी खान में  लाखों रूपये मूल्य का सड़क का बिल पास करने की स्टाफ अधिकारी द्वारा प्रयास किया जा रहा है।  जबकि स्टाफ अधिकारी को स्वयं इसकी जाँच कर बिल भुगतान रोकना चाहिए ऊपर से बिल पास करवाने का दबाव अपने पद का दुरूपयोग कर किया जारहा है। क्षेत्र में कई सिविल कार्य जारी वर्क आर्डर के  तय शर्तों का उल्लंघन कर किये जा रहे हैं और स्टाफ अधिकारी धड़ल्ले से बिल पास कर रहे हैं। स्टाफ अधिकारी इस भ्रम में होंगे की क्षेत्र के कर्मचारी, संघ प्रतिनिधियों और मीडिया को कोई जानकारी नहीं होती की सिविल विभाग में क्या हो रहा है। आपके विरुद्ध मंत्रालय, कोल इण्डिया और एस ई सी एल के उच्च अधिकारियों के अतिरिक्त सी वी सी, सी बी आई और सतर्कता विभाग सभी से साक्ष्य के साथ आपके विरुद्ध शिकायत किया जावेगा। सिविल विभाग के कार्यों में व्याप्त लापरवाही और भ्र्ष्टाचार के सम्बन्ध में   श्रीकांत शुक्ला  ने बताया की प्रबंधन से बात किया है और जानकारी इकठ्ठा कर मैं खुद इसकी शिकायत सिविल विभाग और स्टाफ अधिकारी के विरुद्ध प्रत्येक अधिकारी और संस्थान से करूँगा। जिससे श्रमिकों के गाढ़े मेहनत से अर्जित धन का कंपनी और श्रमिक हित में सदुपयोग हो । उन्होंने बताया कि वर्तमान में जमुना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत कालरी  के कालोनियों  मैं गंदगी का भरमार है साफ सफाई के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों का टेंडर ठेकेदार को दे दिया जाता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है इस संबंध में अगर शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होती है तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा ।

 *कोरोना का कहर  सप्ताह में पूरे प्रदेश में शुक्रवार से 60 घंटे का लॉकडाउन*


*सीएम शिवराज ने कहा कि बड़े शहर में कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक भी जारी है*


भोपाल

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज है। लगातार नए मामले सामने आने के बाद अब सीएम शिवराज  ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग की।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छिंदवाड़ा में आज से 7 दिन का लॉकडाउन लगाया जाएगा। वही प्रदेश के सभी शहरों में शुक्रवार शाम 6:00 बजे से सोमवार सुबह 6:00 बजे तक लॉकडाउन रहेगा।

सीएम शिवराज ने कहा कि आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक है। इसके बाद प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक करके जिले की स्थिति पर निर्णय लिया जाएगा। जिन शहरों में पेशेंट अधिक है। वहां आपदा प्रबंधन समूह आवश्यक और उपयुक्त निर्णय लेंगे।

इसी के साथ साथ मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब सभी सरकारी दफ्तरों में अगले तीन महीनों तक सप्ताह में केवल 5 दिन मतलब सोमवार से लेकर शुक्रवार तक ही काम किया जाएगा। दफ्तरों का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक ही रहेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना को हराने के लिए दो महत्वपूर्ण कार्य करें ‘मास्क नहीं तो बात नहीं’, ‘मास्क नहीं तो सामान नहीं।’ आप किसी भी ऐसे व्यक्ति से बात न करें जो मास्क न लगाए हो। यदि आप सामान लेने बाजार जाते हैं और दुकानदार ने मास्क नहीं लगाया है तो आप उस दुकानदार से सामान न खरीदें।

सीएम शिवराज ने कहा कि बड़े शहर में कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक भी जारी है। प्रदेश में ऑक्सीजन की समस्या को सुलझाने के लिए भिलाई से बात की गई है। अब भिलाई से अतिरिक्त ऑक्सीजन की खपत पूरी होगी। जिसके बाद प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। सभी जिलों मे आपदा प्रबंधन समूह की बैठक के निर्देश दिए गए हैं। एक लाख बिस्तर की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री से चर्चा के बाद जिले के कलेक्टर और एसपी से बात की जाएगी। वर्चुअल मीटिंग के बाद गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए जो निर्णय उचित होगा। वह लिया जाएगा उन्होंने कहा कि परीक्षा की घड़ी है संयम धैर्य बनाकर रखें। हम लड़ेंगे और जीतेंगे भी।

बता दें कि पिछले दिनों सीएम शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में कोरोना से स्थिति भयावह होती जा रही है। राज्य शासन की तरफ से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं वहीं सीएम शिवराज ने कहा कि यदि प्रयास के बाद भी प्रतिफल सही नहीं रहते हैं तो एक ही विकल्प बचता है। वो है लॉकडाउन का। हालाकि सीएम ने स्पष्ट किया था कि लॉकडाउन से मध्य प्रदेश की जनता के रोजी रोजगार पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जिसके बाद स्थिति और भी भयावह हो जाएगी। वही शिवराज ने दूसरे विकल्प के रूप में यह भी कहा था कि जहां संक्रमण की रफ्तार तेज है। उन जिलों में मिनी लॉकडाउन लगाकर संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सकता है।

अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले सरकार ने कल नाइट कर्फ्यू, लॉक डाउन, सरकारी कार्यालय को लेकर कई बड़े फैसले किए थे। वही आज की बैठक के बाद निश्चय ही संक्रमण को रोकने के लिए कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। इस दौरान प्रदेश के सीएस, डीजीपी, पीएस, ओएसडी मकरंद देउस्कर, एडीजी इंट, भोपाल के कमिश्नर सहित अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।

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