भारत में फिर काल बन गया कोरोना, 24 घंटे में करीब 90 हजार केस, मौत के आंकड़ों ने तोड़े 2021 के सभी रिकॉर्
ड नईदिल्ली भारत में कोरोना वायरस के रोज आने वाले मामलों में शनिवार को एक बार फिर रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी हुई है। देश में एक दिन के अंदर कोरोना के 89 हजार 129 नए मामले आए हैं। हालांकि, इससे भी ज्यादा चिंताजनक कोरोना वायरस से हो रही मौतों के आंकड़ों में बढ़ोतरी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में बीते 24 घंटे में कोविड-19 की वजह से 714 लोगों की जान गई है। इस दौरान देशभर में 44 हजार 202 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं। अब देश में कोरोना के कुल 1 करोड़ 23 लाख 92 हजार 260 मामले हैं। इनमें से से 1 करोड़ 15 लाख 69 हजार 241 लोग अब तक ठीक हो चुके हैं। फिलहाल देश में कोरोना के 6 लाख 58 हजार 909 ऐक्टिव केस हैं। वहीं कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 1 लाख 64 हजार 110 तक पहुंच गया है।इससे पहले शुक्रवार को भी देश में कोरोना के 81 हजार से ज्यादा नए मामले रिपोर्ट हुए थे। शुक्रवार को भी महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा नए मामले रिपोर्ट हुए। शुक्रवार को महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के करीब 48 हजार नए मामले आए जो कि महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक के सबसे ज्यादा मामले हैं। अकेले मुंबई में ही शुक्रवार को कोरोना के 8 हजार 832 केस रिपोर्ट हुए थे। जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के ट्रैकर के मुताबिक, दुनियाभर में कोरोना वायरस से अब तक 13 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं तो वहीं यह वायरस 28 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। कोरोना के सबसे ज्यादा मामलों में अमेरिका सबसे ऊपर है। उसके बाद ब्राजील और भारत में सबसे ज्यादा मामले हैं।

*बदरा श्रमिक नगर मे पानी की सप्लाई बंद बूंद बूंद पानी को तरसे कालरी कर्मचारी*
अनूपपुर/जमुना जमुना कोतमा कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल के जमुना कोतमा क्षेत्र के अंतर्गत संचालित बदरा उप क्षेत्र की कॉलोनी श्रमिक नगर जहां पर कालरी के कर्मचारी निवास करते हैं वहां पर आए दिन पीने के पानी की किल्लत बनी रहती है और हफ्ता 10 दिन तक पानी की सप्लाई बंद रहती है जिससे कालरी कर्मचारियों व उनके परिजनों को बूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता है जबकि कोल इंडिया व एसईसीएल को मिनी रत्न व महारत्न का दर्जा प्राप्त है अब सवाल यह उठता है कि जब कालरी कर्मचारी को पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है तो किस बात का मिनी रत्न और महारत्न का दर्जा इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं इसी कड़ी में दिनांक 2 अप्रैल 2021 से पुनः पानी की सप्लाई बंद हो गई है जिससे कि यहां पर निवासरत लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और इस संबंध में जब पता करने का प्रयास किया जा रहा है तो यह पता चल रहा है कि कालरी का पंप खराब हो गया है और वह बनने के लिए गया है इसके लिए कालरी का बहुत सारा प्रोसेस है कागजी कार्यवाही है वह जब बन कर आएगा पानी की सप्लाई शुरू की जाएगी अब सवाल यह उठता है कि जब कोल इंडिया एसईसीएल कितनी बड़ी कंपनी है तो एक पंप स्ट्रा क्यों नहीं रखा जाता अपने आप में यह खुद एक सवाल है और यहां के उप क्षेत्रीय प्रबंधक निरंजन मिश्रा को इन समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है उन्हें तो सिर्फ ठेकेदारों सप्लायर से कमीशन से मतलब रहता है यहां तक कि कई ठेकेदारों ने बताया कि सवेरिया साहब एस्टीमेट देने में भी पैसा लेते हैं तो इनका तो भगवान ही मालिक है कॉलरी श्रमिको क्षेत्र की जनता व श्रम संघ प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी सोच रखने वाले लोकप्रिय महाप्रबंधक सुधीर कुमार से यह मांग किया है कि वह इस ओर ध्यान दें और पानी की समस्या को दूर करवाने में अपनी अहम भूमिका निभाए जिससे कि कालरी में कोयले का उत्पादन करने वाले कालरी कर्मचारी व उनके परिजनों को पीने का पानी मिल सके इस संबंध में जब उप क्षेत्रीय प्रबंधक निरंजन मिश्रा के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो घंटी जाती रही उन्होंने मोबाइल उठाना उचित नहीं समझा वहीं पर ओवरसीज एचएल जायसवाल का मोबाइल नंबर स्विच ऑफ बता रहा है इनका कहना है मोटर जल गया है और सब स्टेशन में कुछ फाल्ट आ गया था जिसे भी बना लिया गया है हम स्वयं वर्कशॉप मोटर लेने जा रहे हैं लेकर आएंगे उसे लगा दिया जाएगा और फिर पानी की सप्लाई कल से शुरू हो जाएगी लक्ष्मी तिवारी सुपरवाइजर बदरा उस क्षेत्र*बदरा श्रमिक नगर मे पानी की सप्लाई बंद बूंद बूंद पानी को तरसे कालरी कर्मचारी*

कॉलरी से कोयला निकालने के दौरान ग्रामीण की मौत, कॉलरी सुरक्षा पर उठे सवाल
अनूपपुर जिले के एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत आमाडांड ओपन कास्ट में ग्रामीण की मौत से हड़कंप मच गया है, मिली जानकारी के अनुसार मृतक धीरेंद्र सिंह 50 वर्ष निवासी चुकान बताया जा रहा है, बताया गया कि कॉलरी परिसर से कोयले के ऊपरी परत की मिट्टी को चुकान गांव के समीप डंप किया जाता है जिसमें कोयले की मात्रा भी पाई जाती है ग्रामीणों के द्वारा इस कोयले को निकालने का काम कई माह से किया जा रहा था, बीती रात भी ग्रामीणों के द्वारा डंपिंग किए गए मिट्टी से कोयले निकाले जा रहे थे, उसी दौरान मिट्टी से दब जाने के कारण ग्रामीण की मौत हो गई हालांकि कॉलरी प्रबंधन लगातार ग्रामीणों को चेतावनी दे रही थी की सुरक्षा की दृष्टि से या जगह आम लोगों के लिए नहीं है, बावजूद लोगों के द्वारा कोयला निकाला जा रहा था, प्रबंधन के द्वारा स्थानीय थाना राजनगर में इसकी सूचना दी गई है खबर लिखे जाने तक पुलिस नहीं पहुंची !कॉलरी से कोयला निकालने के दौरान ग्रामीण की मौत।

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