एक और हाथी जिले में किया प्रवेश, हाथियों की संख्या हुई पांच, घरों में तोड़फोड़ कर फसलो को किया नुकसान

एक और हाथी जिले में किया प्रवेश, हाथियों की संख्या हुई पांच, घरों में तोड़फोड़ कर फसलो को किया नुकसान


अनूपपुर 

जिले में पांचवा हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के कटघोड़ा से मरवाही होकर मंगलवार की सुबह अनूपपुर जिले में प्रवेश कर अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर दिन में जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में विचरण कर रहा है, जबकि एक दंतैल हाथी जिला मुख्यालय अनूपपुर से 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत खांड़ा के खांड़ा जंगल में विगत 14 दिनों से विचरण कर रहा है। हाथियों के धीरे-धीरे अनूपपुर जिले को रहवास क्षेत्र बनाए जाने से जिले की जनता परेशान एवं भयभीत है। नुकसान का सर्वे नही हुआ है और न लोगो मुआवजा मिला है।

एक दंतैल हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत जडगा एवं पसान की सीमा पर विचरण कर रहे हैं। हाथियों के समूह से अलग होकर कटघोरा के पसान से जीपीएम के मनेद्रगढ़, मरवाही के मरवाही वन परिक्षेत्र एवं सिवनी वन बीट के जंगल से गूजर नाला से सीमा पारकर, पहले कई बार आए हाथियों के रास्ते से चलते हुए ग्राम पंचायत चोलना एवं कुकुरगोड़ा के टोला,मोहल्ला के किनारे से होते हुए मरवाही के गुल्लीडांड बीट से जैतहरी के धनगवां बीट के बीच 30 किलोमीटर रास्ता तय कर, धनगवां के जनवनिहा जंगल में पहुंचकर अपने अन्य तीन हाथी साथियों के साथ मिलकर, जंगल में पेड़ों के डगालो को तोड़कर खाने की सूचना वन विभाग एवं ग्रामीणों द्वारा दी गई है।

धनगवां बीट के जंगल में अब हाथियों की संख्या चार हो गई तीन हाथियों के समूह द्वारा जंगल में व्यतीत करने बाद देर रात जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत पड़रिया के भलुवानटोला निवासी एवं बीट चोलना में कच्चे मकान में तोड़फोड़ कर छोई गांव के मोतीलाल राठौर के मकान में तोड़फोड़ कर घर के अंदर रखे अनाज को अपना आहार बनाया। वही चोई गांव के विभिन्न टोला में खेत में टमाटर, उड़द की फसल को खाते हुए वन बीट चोलना के चोई गांव में स्थित मिश्चित वृक्षारोपण क्रमांक एक एवं दो में 40 से अधिक आरसीसी खम्बो, 100 मीटर से अधिक फिसिंग तारो को तोड़ते हुए फिर से धनगवां के जंगल में विश्राम करने चले गए, वहीं एक दंतैल हाथी जिला मुख्यालय अनूपपुर से 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत खांड़ा के खांड़ा बांध के ऊपर जंगल में 14  वें दिन विश्राम करने बाद जंगल से निकल कर खांड़ा बांध में पानी पीने बाद बांध के किनारे कच्चे मकान को तीसरी बार पहुंच कर तोड़ते हुए तहस-नहस कर घर में रखें विभिन्न तरह की सामग्रियों को नष्ट किया है। यह हाथी देर रात खांडा एवं खोलगढी एवं चटुआ के मध्य स्थित जंगल में विचरण करता रहा।

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