कर्मचारियों ने 17 मांगों पर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी, रुकवाया गया बाल विवाह
अनूपपुर
जिले में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को एकजुटता का परिचय देते हुए सशक्त प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ, जिला अनूपपुर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद की। दोपहर 2:00 बजे ज्येष्ठ एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मध्यप्रदेश शासन के माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर अनूपपुर को सौंपा गया।
यह ज्ञापन दादा ताराचंद यादव, मजदूर संघ जमुना-कोतमा एरिया के विभाग प्रमुख राजेश सिंह परिहार, जिला मंत्री सुमित बक्सरिया एवं विद्युत वितरण कंपनी अनूपपुर के जिलाध्यक्ष सुनील चौरसिया के नेतृत्व में प्रस्तुत कर ज्ञापन सौपा गया।
ज्ञापन में आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखते हुए राज्य सरकार से ठोस एवं व्यापक नीति निर्माण की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि वर्तमान आउटसोर्स व्यवस्था में कार्यरत श्रमिकों को न तो सामाजिक सुरक्षा प्राप्त है और न ही उन्हें उनके कार्य के अनुरूप उचित वेतन मिल रहा है। इससे उनका आर्थिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने आउटसोर्स सर्विस सिक्योरिटी एक्ट अथवा आउटसोर्स निगम मंडल के गठन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों को स्थायित्व, पारदर्शिता और सुरक्षा मिल सकेगी। ज्ञापन में 200 से अधिक कर्मचारियों की रही भागीदारी। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
*प्रशासन की तत्परता से मोहिनी ग्राम में रूका बाल विवाह*
शहडोल
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह द्वारा शहडोल जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु जिला एवं खंड स्तरीय दल गठित किया गया है। जिले की तहसील जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम मोहिनी में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की शिकायत प्राप्त होने पर प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए बालिका का बाल विवाह रूकवा दिया। शिकायत की जांच के दौरान बालिका की आयु 18 वर्ष कम पाई गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास अखिलेश मिश्रा ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व काजोल सिंह के मार्गदर्शन में तत्काल खंड स्तरीय टीम को मौके पर भेजा गया । यह टीम बालिका के घर मोहिनी एवं उसके मामा के घर जगडा पहुंचकर बाल विवाह रूकवाया। टीम द्वारा परिजनो को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानो की जानकारी दी गई तथा बालिका का विवाह 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह करने की समझाइश दी गई।

