पशु तस्कर अब्दुल रहमान "बल्लू" को पुलिस ने किया गिरफ्तार, काला साम्राज्य का बेताज बादशाह बेनकाब
अनूपपुर
जिले में खौफ का पर्याय बन चुके और बेजुबान पशुओं के खून के सौदागर बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान का 'गुंडा राज' अब सलाखों के पीछे दम तोड़ रहा है। अनूपपुर एसपी मोती उर रहमान के कड़े तेवरों और कोतमा पुलिस की पैनी घेराबंदी ने उस शातिर सरगना को धर दबोचा है, जो लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
मूल रूप से मुजफ्फरनगर उत्तरप्रदेश का निवासी यह शख्स कोतमा की गलियों में पशु तस्करी का जहर घोल रहा था। इसके पापों का कच्चा चिट्ठा इतना भारी है कि अनूपपुर से लेकर शहडोल तक 11 संगीन मुकदमे इसकी गवाही दे रहे हैं।
तस्करी का खौफनाक जाल 31 जनवरी की वह रात जब ट्रक (CG 04 NX 5617) में 22 मवेशियों को बेरहमी से भरकर ले जाया जा रहा था। उस ट्रक में न केवल बेजुबान जानवर थे, बल्कि 315 बोर का लोडेड देशी कट्टा और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए थे। यह अपराधी सिर्फ तस्करी नहीं करता था, बल्कि हथियारों के दम पर क्षेत्र में दहशत फैलाने की फिराक में रहता था। इसके गुर्गे उमेश केवट और संजय पटेल पहले ही जेल की हवा खा रहे हैं, और अब 'आका' की बारी है।कोतमा की धरती से इस अपराधी का सफाया पुलिस प्रशासन अब इस कुख्यात अपराधी को जिले की सीमा से खदेड़ने (जिला बदर) की तैयारी में है।
