भ्रष्टाचार मामला, जांच अधिकारी पहुंचे हितग्राही के घर, जांच से मचा हड़कंप, नकली नोट का संदेह

भ्रष्टाचार मामला, जांच अधिकारी पहुंचे हितग्राही के घर, जांच से मचा हड़कंप, नकली नोट का संदेह


अनूपपुर

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कोतमा शाखा एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। शाखा प्रबंधक संतोष कुमार पर भारी अनियमितता, भ्रष्टाचार एवं हितग्राहियों के साथ अभद्र व्यवहार के आरोप लगने के बाद अब मामले की उच्चस्तरीय जांच प्रारंभ कर दी गई है। शिकायत के आधार पर 2 फरवरी को दोपहर में जांच अधिकारी बिजुरी सेंट्रल बैंक के शाखा प्रबंधक  शिकायतकर्ता सचिन कुमार अग्रवाल के निवास पर पहुंचे और पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी ली।

बताया जाता है कि शाखा प्रबंधक संतोष कुमार द्वारा बैंक के हितग्राहियों को बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। सरकारी योजनाओं एवं बैंक सुविधाओं का लाभ देने के नाम पर दलालों का सहारा लिया जाता था, जिससे वास्तविक एवं जरूरतमंद हितग्राहियों को योजनाओं से वंचित रहना पड़ रहा था। आरोप है कि ऋण स्वीकृति के नाम पर भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दिया जा रहा था, जिससे बैंक की साख पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहा है।

इस पूरे मामले को लेकर शाखा हितग्राही सचिन कुमार अग्रवाल ने शाखा प्रबंधक के विरुद्ध उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपते हुए कानूनी नोटिस भी अधिवक्ता के माध्यम से प्रेषित किया था। शिकायत में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि शाखा प्रबंधक द्वारा आम जनता, विशेषकर ग्रामीण एवं कम पढ़े-लिखे हितग्राहियों को योजनाओं से वंचित कर जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।

पीड़ितों का कहना है कि बैंक जैसे भरोसेमंद संस्थान में इस तरह की कार्यप्रणाली से आम जनता का विश्वास डगमगा रहा है। कई हितग्राही मजबूरी में चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि शिक्षित एवं जागरूक नागरिकों ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, जिसके परिणामस्वरूप अब जांच प्रारंभ हुई है।

अब सवाल यह है कि क्या जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी या दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई होगी? क्या बैंक प्रशासन वास्तव में हितग्राहियों के हितों की रक्षा करेगा या फिर भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश की जाएगी—यह आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल, जांच शुरू होने से सेंट्रल बैंक कोतमा शाखा में हड़कंप का माहौल है और आम जनता की निगाहें जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।

इनका कहना है।

जांच जारी है, जांच उपरांत जो भी प्रतिवेदन आएगा, उचित कार्रवाई की जाएगी। 

*महेंद्र श्रीवास्तव आरएम सेंट्रल बैंक आफ इंडिया शहडोल*


*कॉलोनी में नकली नोटों का संदेह, पुलिस ने शुरू की निगरानी*


अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-12 स्थित गोविन्दा कॉलोनी (गोविन्दा कालरी न्यू डबल स्टोरी) में पिछले कुछ दिनों से नकली भारतीय मुद्रा के कथित लेन-देन को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाजार में 100 और 500 रुपये के जाली नोट चलाए जाने की संभावना है, जिससे आर्थिक नुकसान का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश से आए एक अनजान व्यक्ति की गतिविधियों को लेकर संदेह जताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ युवाओं के माध्यम से जाली नोट चलाने का प्रयास किया गया। वहीं, कुछ लोगों ने असली नोट देकर जाली नोट प्राप्त किए और उन्हें बाजार में चलाने के लिए रखा। हालांकि, अब तक किसी भी स्तर पर जाली नोटों की आधिकारिक बरामदगी नहीं हुई है।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर और कोतमा थाना प्रभारी से मांग की है कि संदिग्ध गतिविधियों की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आम लोग ठगी और आर्थिक हानि का शिकार हो सकते हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है और फिलहाल कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई। अब तक किसी प्रकार की नकली मुद्रा भी बरामद नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी, जिसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला गोविन्दा कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोग पुलिस कार्रवाई की तेजी की अपेक्षा कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता और सभी संबंधितों से पूछताछ की जाएगी। इस मामले में थाना प्रभारी को कॉल किया गया, मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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