भोजन के नाम पर जहर, पराठे में मिला सड़ा आलू, ग्राहक पहुँच गया अस्पताल
अनूपपुर
जिले में बैठे आला अधिकारी इतने लापरवाह हो गए हैं, की किसी दुकान होटल से कुछ भी बिक रहा है कोई देखने वाला नही है। जिला मुख्यालय में भोजन के नाम पर ज़हर परोसा जा रहा है, एक आम नागरिक की जान की कीमत इतनी सस्ती हो गई है कि होटल और ढाबा संचालक लापरवाही की सारी हदें पार कर दें। इसी तरह का मामला अजीत ढाबा का है, जहाँ पराठे के अंदर से सड़ा हुआ आलू मिला, जिसे खाने के बाद एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई। जिस कारण से उसे अस्पताल जाकर अपना इलाज कराना पड़ा, अगर यही पराठा किसी बच्चे या बुजुर्ग ने खा लिया होता तो क्या होता। खाद्य निरीक्षक की सह पर खाद्य सुरक्षा नियमों की जिले में खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। जब कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत: अस्वच्छ भोजन परोसना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में होटल/ढाबा का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। भारी जुर्माना और जेल तक की सजा का प्रावधान है। सवाल उठता है कि जिम्मेदार कौन, खाद्य निरीक्षक नियमित जांच क्यू नही कर रहे हैं, ढाबों की किचन की गुणवत्ता क्यू नही देखी जा रही है। आम जनता की सेहत भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। प्रशासन की लापरवाही से आम जनता पिस रही है।
