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अवैध गांजा का हो रहा है कारोबार, पुलिस की कार्रवाई न होने पर लोगो ने जताई चिंता
अनूपपुर/कोतमा
कोतमा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1 में कथित रूप से अवैध गंज कारोबार को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चा और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों और सूत्रों के अनुसार, वार्ड के निवासी पति–पत्नी राजा सोनी और और उनकी पत्नी प्रभा सोनी पर लंबे समय से अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस कथित कारोबार के कारण पूरे क्षेत्र का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन इसे रोकने में अब तक प्रभावी कदम नहीं उठा पाया है।
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में संदिग्ध आवाजाही और गतिविधियां आम बात बन गई हैं। नागरिकों का कहना है कि इससे बच्चों और युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और वार्ड की छवि भी प्रभावित हो रही है। कई बार मौखिक और अनौपचारिक रूप से शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिलता है।
इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि जो भी शिकायतें प्राप्त होती हैं, उन पर कानून के अनुसार जांच की जा रही है। बिना पुख्ता सबूत के सीधे कार्रवाई संभव नहीं है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। लोगों की मांग है कि क्षेत्र की शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखी जाए।
इनका कहना है।
इस मामले पर जांच चल रही है और पूरी हो जाने के बाद इस अवैध कारोबार पर प्रतिबंध लगाया जायेगा।
*रत्नाबर शुक्ला, थाना प्रभारी कोतमा*
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रेलवे कॉलोनी में खुला नाली बना खतरा, रात के समय हो सकता है दुर्घटना, लोग हो रहे परेशान
अनूपपुर/कोतमा
रेलवे कॉलोनी में स्थित नाली पूरी तरह खुला होने के कारण कॉलोनी में रहने वाले लोग गंभीर सुरक्षा खतरे का सामना कर रहे हैं। खासकर रात के समय अंधेरे में गुजरते हुए लोग गिरने या चोटिल होने की संभावना से जूझ रहे हैं।
नाली के किनारे कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। बच्चे, बुजुर्ग और घर लौटने वाले अक्सर इसके पास से सावधानी से गुजरते हैं। कई बार छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं, जिससे डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। व्यापारी इक़बाल हुसैन ने कहा, हमने कई बार नगर परिषद और रेलवे प्रशासन से नाली को ढकने या किनारे बैरियर लगाने का अनुरोध किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रात में गुजरना बेहद खतरनाक हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खुले नाली केवल दुर्घटना का कारण नहीं बनते, बल्कि जलभराव, गंदगी और कीट संक्रमण जैसी समस्याओं को भी बढ़ावा देते हैं। इसलिए इसे तुरंत ढकना और किनारे सुरक्षित बनाना आवश्यक है। अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है और लोग आशान्वित हैं कि जल्द ही कॉलोनी में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित होगा।
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नेशनल हाइवे में ट्रक पलटा, शराब के नशे में था ड्राइवर, घायल को अस्पताल में कराया गया भर्ती
शहडोल
गुजरात से झारखंड की ओर जा रहा एक भारी भरकम ट्रक एनएच-43 पर कोटमा तिराहे से पहले स्थित तालाब के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक और परिचालक घायल हो गए। घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार ट्रक क्रमांक डब्लू बी 23 के 3449 में कीमती प्रशाल (सामान) लोड था। ट्रक को बिरजू कुमार यादव चला रहा था, जबकि उसके साथ एक परिचालक भी मौजूद था, जिसे भी चोटें आई हैं। घटना के बाद यह सामने आया कि ट्रक चालक और परिचालक दोनों ही शराब के नशे में थे। बताया जा रहा है कि चालक अत्यधिक नशे की हालत में इतना भारी वाहन हाईवे पर चला रहा था, जो इस दुर्घटना का मुख्य कारण बना।
प्रत्यक्षदशियो के मुताबिक, जब ट्रक पलटा तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उस समय चालक और परिचालक वाहन से बाहर खड़े थे और उन्हें मामूली चोटें आई थीं। बाद में पहुंची डायल 112 टीम में तैनात आरक्षक अजीत सिंह चौहान एवं पायलट राजुल तिवारी ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस कर्मियों ने भी मौके पर यह देखा कि दोनों शराब के नशे में धुत थे।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। हाईवे पर लगातार भारी वाहन दौड़ रहे हैं, लेकिन आम लोगों को यह पता नहीं होता कि इनमें से कितने वाहन चालक शराब के नशे में गाड़ी चला रहे हैं। चेकिंग के बावजूद ऐसे नशेड़ी चालक पकड़े क्यों नहीं जा रहे, यह भी चिंता का विषय है। गनीमत रही कि ट्रक एक खाली स्थान पर पलट गया। यदि यह हादसा किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में होता, तो बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता था। ऐसे में जिम्मेदारी तय करना और सख्त कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।
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मंदिर से शिवलिंग व चांदी के जेवर चोरो ने किया पार, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
शहडोल
जिले के बुढार थाना क्षेत्र में चोरों ने एक घर में स्थित मंदिर से भगवान शिव की प्राचीन शिवलिंग चोरी कर ली। मामला बुढार थाना क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर, वार्ड क्रमांक 15 का है। यहां निवासी अविशेक दुबे के घर के बाउंड्री परिसर में एक शिव मंदिर स्थित है। शिकायतकर्ता अविशेक दुबे ने पुलिस को बताया कि यह शिव मंदिर उनके पुरखों द्वारा बनाया गया था और इसमें स्थापित शिवलिंग सदियों पुरानी थी। मंदिर में आसपास के ग्रामीण भी नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने आते थे। इसी कारण बाउंड्री का एक गेट हमेशा खुला रखा जाता था, ताकि श्रद्धालु आसानी से भगवान शिव के दर्शन कर सकें।
अविशेक दुबे के अनुसार, रोज की तरह रात में परिवार के सभी सदस्य घर का मुख्य दरवाजा बंद कर सो गए थे। सुबह जब वे जागे और मंदिर की ओर गए तो वहां से भगवान शिव की शिवलिंग गायब थी। मंदिर में तोड़फोड़ के कोई खास निशान नहीं मिले, जिससे अंदेशा है कि चोर बड़ी ही चालाकी से शिवलिंग को उठा ले गए।
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले कोतवाली क्षेत्र में भी एक मंदिर में चोरी की घटना हुई थी, जहां चोर भगवान के चांदी के जेवर लेकर फरार हो गया था। उस मामले में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ने में सफल नहीं हो सकी है।
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फाइनेंस कराए वाहनों को धोखाधड़ी कर अवैध रूप से बेचकर करोड़ों के लेन-देन के आरोपी गिरफ्तार
*18 लाख के 14 वाहन जप्त*
शहडोल
जिले की सिंहपुर थाना पुलिस ने वाहन फाइनेंस से जुड़े एक बड़े संगठित धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से फाइनेंस कराए गए वाहनों को अवैध रूप से बेचकर करोड़ों के लेन-देन को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बड़ी मात्रा में वाहन, नकदी और अन्य सामग्री जब्त की है। यह कार्रवाई शहडोल पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विवेचना और लगातार निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर 2024 को थाना सिंहपुर क्षेत्र में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों द्वारा मोटरसाइकिल और अन्य वाहन फाइनेंस पर खरीदे गए, लेकिन किश्तें चुकाने के बजाय उन्हें दूसरे लोगों को बेच दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से फाइनेंस कंपनियों और आम लोगों को धोखा दे रहे थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह के सदस्य पहले विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहन फाइनेंस कराते थे। फाइनेंस की प्रक्रिया पूरी होते ही वे वाहन अपने पास रखकर उन्हें ऊंचे दामों पर अन्य लोगों को बेच देते थे। कुछ मामलों में वाहन खरीदने वालों को यह भी जानकारी नहीं दी जाती थी कि संबंधित वाहन फाइनेंस पर है। इस प्रकार आरोपी फाइनेंस कंपनियों के साथ-साथ वाहन खरीदने वाले निर्दोष लोगों को भी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे थे।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, दस्तावेजों की जांच, वाहन नंबरों का सत्यापन और मुखबिर तंत्र की मदद से गिरोह के सदस्यों की पहचान की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने इस तरह की धोखाधड़ी को लंबे समय से अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 14 वाहन जब्त किए हैं, जिनमें मोटरसाइकिलें और अन्य वाहन शामिल हैं। जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 18 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कुछ आरोपी पहले से ही न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं, जबकि अन्य की भूमिका की जांच जारी है। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय रहकर फाइनेंस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे, जिससे मामला और भी गंभीर हो जाता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
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उपार्जन केंद्र में मिली कमियां जेएसओ व सर्वेयर को नोटिस जारी
अनूपपुर
प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने कलेक्ट्रेट में मिलर्स के साथ संपन्न बैठक के पश्चात उपार्जन केंद्र छिल्पा का आकस्मिक भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। भ्रमण के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी अनूपपुर श्री कमलेश पुरी एवं जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती अनीता सोरते उपस्थित थे।
उपार्जन केंद्र छिल्पा के भ्रमण में किसानों को उपार्जन राशि का भुगतान विलंबित होने तथा खुले में उपार्जन धान बिना त्रिपाल ढके रखे होने पर नाराजगी व्यक्त की गई तथा कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी व सर्वेयर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए है।
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नर्मदा मंदिर के समीप कुएं में जा रहा सीवर लाइन का गंदा पानी, बदबूदार जल से नागरिक परेशान,
*स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा*
अनूपपुर
मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 में गंभीर जनसमस्या सामने आई है। नर्मदा उद्गम मंदिर के समीप स्थित एक पुराने कुएं में लंबे समय से सीवर लाइन का गंदा और बदबूदार पानी मिल रहा है, जिससे आसपास निवासरत नागरिकों में भारी आक्रोश एवं चिंता का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त कुआं लगभग 45 से 50 वर्ष पुराना है और वर्षों से आसपास के 5 से 7 परिवारों के साथ-साथ पर्यटक एवं तीर्थ यात्रियों के लिए भी जल का प्रमुख स्रोत रहा है। इसी कुएं के पानी का उपयोग पूर्व में पेयजल, स्नान, कपड़े धोने एवं दैनिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है। किंतु जब से कुएं के समीप से सीवर लाइन निकाली गई है और पास में ही उसका चेंबर बनाया गया है, तब से चेंबर से रिसाव होकर गंदा, बदबूदार सीवर का पानी कुएं के जल स्रोत में जा मिल रहा है।
सीवर के दूषित पानी के लगातार रिसाव से कुएं का जल पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। वर्तमान में स्थिति यह है कि कुएं का पानी अत्यधिक गंदा और दुर्गंधयुक्त हो गया है। मजबूरीवश स्थानीय रहवासी इस पानी का उपयोग केवल नहाने, कपड़े धोने एवं अन्य घरेलू कार्यों में कर रहे हैं, जबकि पीने के लिए उन्हें टैंकरों के माध्यम से या नगर परिषद की पेयजल पाइपलाइन से पानी लेना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रारंभिक समय में जानकारी के अभाव में कुछ समय तक उन्होंने इसी कुएं का पानी उपयोग किया, जिसके कारण कई लोगों को त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारियों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद जब स्थिति की गंभीरता समझ में आई, तब जाकर कुएं के पानी का पीने में उपयोग बंद किया गया।
प्रभावित रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद अमरकंटक के संबंधित अधिकारियों को मौखिक रूप से अवगत कराया है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस एवं कारगर कदम नहीं उठाया गया है, जिससे हालात जस के तस बने हुए हैं। नागरिकों में इस बात को लेकर रोष है कि स्वास्थ्य से जुड़ी इतनी संवेदनशील समस्या पर नगर परिषद की उदासीनता चिंता का विषय है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अमरकंटक जैसे पवित्र तीर्थ स्थल पर इस प्रकार की लापरवाही न केवल जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है,
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पौषी पूर्णिमा पर भक्त श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, मां नर्मदा के दर्शन-पूजन से भक्तिमय वातावरण में सराबोर
अनूपपुर
पवित्र नगरी अमरकंटक में पौष माह की पावन पूर्णिमा के शुभ अवसर पर धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धालु, तीर्थ यात्री एवं दर्शनार्थी मां नर्मदा जी के पावन तट पर पहुंचे और पुण्य लाभ हेतु रामघाट, कोटि तीर्थ घाट एवं कुंडों में आस्था की डुबकी लगाकर स्नान किया।
प्रातःकाल से ही मां नर्मदा जी के पवित्र रामघाट के दोनों तटों पर स्नानार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं द्वारा स्नान-डुबकी का क्रम सुबह से प्रारंभ होकर दोपहर तक अनवरत चलता रहा। स्नान उपरांत भक्तों ने मां नर्मदा जी के उद्गम स्थल मंदिर में पहुंचकर पूरे विधि-विधान एवं श्रद्धा भाव से पूजन-अर्चन किया तथा दर्शन कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान भक्त अपने परिजनों के साथ ध्यान-साधना और भक्ति भाव में लीन नजर आए।
पौषी पूर्णिमा के पावन अवसर पर अमरकंटक का संपूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म से सराबोर हो उठा। मां नर्मदा के जयकारों और मंत्रोच्चार से घाट एवं मंदिर परिसर गूंजायमान रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी इस पुण्य अवसर का लाभ लिया।
उल्लेखनीय है कि पौषी पूर्णिमा के साथ छत्तीसगढ़ प्रांत एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में मनाए जाने वाले परंपरागत छेरछेरा पुन्नी पर्व का उल्लास भी अमरकंटक में देखने को मिला। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक लोकसंस्कृति को जीवंत करते हुए सुप्रसिद्ध रीना नृत्य एवं गायन प्रस्तुत किया। महिलाएं अपने स्थानीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में रीना गीत गाते हुए उत्साहपूर्वक नृत्य करती रहीं और पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। बाहर एवं दूरस्थ अंचलों से आए पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों ने इस लोक सांस्कृतिक आयोजन को अत्यंत जिज्ञासा एवं कौतूहल के साथ देखा।