दहेज प्रताड़ना मामले में एकतरफा कार्रवाई का आरोप, पति पर केस, अन्य नामजदों पर नहीं हुई एफआईआर
अनूपपुर
जिले के रामनगर थाना रामनगर क्षेत्र में दर्ज दहेज प्रताड़ना के एक मामले में पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता प्रतिमा वर्मा ने आरोप लगाया है कि उसकी लिखित शिकायत एवं एफआईआर की प्रति में पति श्यामसुंदर वर्मा के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने केवल पति के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया, जबकि अन्य नामजद आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़िता के अनुसार, उसके आवेदन में ससुर भुनलाल वर्मा, सास श्यामवती वर्मा, ननद जानकी वर्मा, जीजा गोरालाल वर्मा तथा देवर अशोक वर्मा के नाम स्पष्ट रूप से लिखित में दर्ज हैं। प्रतिमा वर्मा का आरोप है कि इन सभी ने मिलकर दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, लेकिन पुलिस ने इनके विरुद्ध कोई प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया।
एफआईआर की प्रति के अनुसार पुलिस ने अप.क्र. 10/26 के तहत धारा 85 बीएनएस (दहेज प्रतिषेध अधिनियम) में केवल पति श्यामसुंदर वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीड़िता का कहना है कि कई बार थाने के चक्कर लगाने के बाद जाकर पति पर केस दर्ज हुआ, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पीड़िता के आवेदन में दहेज की मांग का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार विवाह के बाद ससुराल पक्ष द्वारा एक मोटरसाइकिल, सोने की चेन, अन्य सोने-चांदी के आभूषण तथा दो लाख रुपये नकद की लगातार मांग की जा रही थी। दहेज पूरा न होने पर प्रतिमा वर्मा के साथ मारपीट, मानसिक उत्पीड़न किया गया और अंततः उसे घर से निकाल दिया गया। प्रतिमा वर्मा ने मांग की है कि उसके आवेदन में दर्ज सभी तथ्यों और नामजद आरोपियों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए तथा शेष आरोपियों के विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई कर उसे न्याय दिलाया जाए।
