खेल मैदान पर निर्माण कार्य से छात्रों में रोष, वैकल्पिक स्थान होते हुए भी अधिकारियों ने लिया विवादित निर्णय
अनूपपुर/कोतमा
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में प्रशासन की मनमानी शासकीय माध्यमिक विद्यालय बेसिक कोतमा के खेल मैदान को समाप्त कर वहां नई बिल्डिंग का निर्माण शुरू किए जाने से विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में नाराज़गी व्याप्त है। विद्यालय परिसर में ही एक अन्य जर्जर एवं उपयोग में न आने वाला खंडहर भवन मौजूद होने के बावजूद खेल मैदान को तोड़कर नया भवन बनाए जाने का निर्णय लोगों को समझ से परे लग रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने खंडहर भवन को ध्वस्त कर अतिरिक्त भवन आसानी से बनाया जा सकता था और बच्चों का खेल मैदान सुरक्षित रखा जा सकता था।
विद्यालय के छात्रों का कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ खेल उनके शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खेल का मैदान समाप्त होने से उनकी नियमित खेल गतिविधियाँ बाधित हो जाएंगी, जिसका असर उनके समग्र विकास पर पड़ेगा। अभिभावकों ने भी इस फैसले पर कड़ा एतराज़ जताते हुए कहा कि बच्चों के हितों को नज़रअंदाज़ कर लिया गया है।
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब विकल्प मौजूद थे, तो अधिकारी बंद कमरे में बैठकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला यह निर्णय क्यों ले बैठे। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर खेल मैदान को संरक्षित करने की मांग की है तथा कलेक्टर से न्यायपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लेने की अपील की है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य जारी रहा तो वे जनआंदोलन की राह भी अपना सकते हैं। प्रशासन अब इस मामले को किस प्रकार से सुलझाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
