अवैध कबाड़ सम्राट बना जानू, 20 से ज्यादा अवैध ठीहे संचालित, पुलिस ने पकड़ा ट्रक से लाखों का लोहा
*कैमरे की निगरानी के बाद कहाँ से आता है अवैध कबाड़, पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह?*
उमरिया
कबाड़ से लदा एक ट्रक जो अनूपपुर जिला मुख्यालय के पटोरा टोला क्षेत्र से चोरी-छिपे कबाड़ लेकर उमरिया की ओर जा रहा था, जिसे उमरिया पुलिस ने पकड़ कर ट्रक को जप्त कर लिया है। पूरे अनूपपुर जिले के कबाड़ का ठेका जानू चला रहा है, जो जगत विख्यात है, अनूपपुर जिले से जितने भी कबाड़ जिले से बाहर जाता है वह कबाड़ ठेकेदार जानू का ही होता है। जानू कबाड़ी अमलाई, चचाई, राजेन्द्रग्राम, अमरकंटक, अनूपपुर, कोतमा भालूमाड़ा, जमुना, राजनगर, बिजुरी सहित 20 से ज्यादा कबाड़ के ठीहे संचालित है। जानू कबाड़ी 100 से ज्यादा गरीब बेरोजगार युवकों को पालकर रुपयों का लालच देकर उनसे पूरे जिले में कबाड़ की चोरी करवाता है, और वह माल चोरी छिपे जिले से बाहर भिजवाता है, ऐसे में पुलिस की कार्यशैली प्रश्नचिन्ह लग रहा है। जानू के खुद के अनूपपुर जिला मुख्यालय में 2 ठीहे संचालित है एक भारत ज्योति विद्यालय के पास व दूसरा नेशनल हाइवे 42 में साँधा के पास। इसके जानू अपने गुर्गों के माध्यम से जिला मुख्यालय में कई ठीहे संचालित करवा रहा हैं। इसके पहले भी जानू कबाड़ी के ऊपर की बार जिले की पुलिस कार्यवाही की है, कई कबाड़ की गाड़ी पकड़ी गई है, कुछ महीनों पहले अनूपपुर के साँधा वाले ठीहे जहाँ पर 20 से ज्यादा गाड़ी कबाड़ का स्टॉक किया जाता है एसपी के निर्देशन में पुलिस ने छापामार कार्यवाही करके कई ट्रक अवैध लाखो का माल जप्त किया था। पुलिस के इस छोटी मोटी कार्यवाही से जानू कबाड़ी को कुछ फर्क नही पड़ता, जानू पूरे जिले के कबाड़ का ठेका ऐसे ही नही चलाता है इसका बहुत बड़ा नेटवर्क है, इसके नेटवर्क में सफेद पोश के अलावा कई कलर के कपड़े वाले शामिल हैं। जिसके कारण यह हमेशा बच निकलता है। पुलिस कहती है कि कबाड़ के ठीहे में कैमरा लगा है, जिसकी निगरानी हमेशा होती है तो अवैध कबाड़ पकड़ा जाता है वो कहाँ से आकर ट्रक में लोड हो जाता है, तब पुलिस क्या करती रहती है।कही न कही पुलिस के काम मे झोल नजर आता है। सूत्र बताते हैं जो पुलिस के रिकॉर्ड में ठीहे है वहाँ कैमरे लगे हैं, लेकिंन जानू बहुत सारे ऐसे ठीहे बना रखे हैं जहाँ पर कैमरे नही लगे हैं। और पुलिस को इसकी जानकारी भी है, मगर कार्यवाही नही होती। जब जिले का एक कबाड़ सरगना कई वर्षों से लगातार अवैध कबाड़ के ठीहे का संचालन करवा रहा है, कई बार कार्यवाह भी हो चुकी हैं तो ऐसे में इसके ऊपर जिलाबदर की कार्यवाही क्यू नही हो रही है, इनके अवैध ठीक को हमेशा के लिए शील क्यू नही किया जा रहा है। प्रशासन के लिए यह सवालिया निशान लगा रहा है। सच क्या है सबको मालूम है।
*यह है मामला*
उमरिया जिले की घुनघुटी चौकी पुलिस ने बीती रात एक ऐसी कार्रवाई की जिसने पूरे रेंज की पुलिस व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक विजय भगवानी के निर्देशन और चौकी प्रभारी कोमल दीवान की सूझबूझ से एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। देर रात दबिश देकर पुलिस ने एक भारी वाहन को पकड़ा, जिसमें ऊपर से तो प्लास्टिक गेट और कबाड़ जैसी वस्तुएं लदी थीं, लेकिन जब उसे जांच के लिए खाली कराया गया तो पुलिस दंग रह गई। नीचे लाखों रुपये का अवैध लोहा छिपाकर ले जाया जा रहा था। सकी गुप्त सूचना उमरिया पुलिस को मिली थी। इस पर सक्रियता दिखाते हुए घुनघुटी चौकी प्रभारी ने टीम के साथ धरपकड़ की और वाहन को कब्जे में लेकर चौकी परिसर में खड़ा कराया। सुबह जब वाहन की तलाशी शुरू हुई, तो पुलिसकर्मी खुद हैरान रह गए,कबाड़ की आड़ में लाखों रुपये मूल्य का अवैध लोहा भरा हुआ था।
उमरिया पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अनूपपुर और शहडोल जिलों की पुलिस व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। सवाल यह उठ रहा है कि अनूपपुर से निकलने के बाद यह वाहन कैसे चचाई, अमलाई, बुढार, कोतवाली शहडोल और सोहागपुर जैसे कई थाना क्षेत्रों से गुजर गया। और किसी की नजर तक इस गाड़ी पर नहीं पड़ी? पुलिस को मुखबिर की सूचना के बाद क्या यह केवल लापरवाही थी या फिर किसी बड़े नेटवर्क की मिलीभगत? या गठजोड़, सूत्रों के अनुसार, अनूपपुर के तथाकथित जिले का कबाड़ सम्राट कबाड़ी जानू का शहडोल तथा उमरिया जिले तक उनका पुलिस के नेटवर्क फैला हुआ बताया जाता है। यही कारण है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध कबाड़ से लदकर गाड़ी कैसे निकल जाती है और पुलिस कुछ नहीं करती है। पुलिस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह कबाड़ अनूपपुर जिले से लोड होकर जबलपुर के एक कारोबारी के पास भेजा जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे कौन-कौन से व्यापारी और स्थानीय सफ़ेदपोश शामिल हैं।
