ट्रेन की बोगी के टाॅयलेट में युवती एक घंटे तक रही कैद, गायब होने से मची अफरा तफरी
शहड़ोल
शहडोल स्टेशन से बिलासपुर कटनी मेमू ट्रेन में सवार हुई तकरीबन 19-20 वर्ष की एक युवती अचानक चलती ट्रेन में गायब हो गई। तकरीबन 1 घंटे तक जब वह अपनी सीट पर नहीं लौटी तो उसके सहयात्री परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया किसी को भी यह समझ नहीं आ रहा था कि युवती आखिर अचानक कहां चली गई। ट्रेन की बोगी में अफरा-तफरी मचने लगी तब एक यात्री ने कहा कि टाॅयलेट में देखिये, क्योंकि टाॅयलेट में पानी नहीं है। मुझे लगता है कि बिना पानी चेक किये उसने टाॅयलेट का उपयोग किया और पानी नहीं होने की वजह से वह नहीं आ पा रही होगी। पानी यदि किसी के पास हो, तो दे दीजिये जिससे बाहर आ सके। वास्तव में उक्त यात्री की बात सच साबित हुई, थोड़ी देर युवती आकर अपनी सीट पर बैठ गई। साउथ ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे (दपूमरे) पर मध्य प्रदेश के शहडोल संभाग के स्टेशनों और यात्री सुविधाओं को लेकर लगातार उपेक्षा के आरोप लगते रहे हैं। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों में यात्री सुविधाओं की लचर व्यवस्था को सुधारने के संबंध में कई बार डीआरएम यहां तक कि महाप्रबंधक रेलवे तक को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन रेलवे की मनमानी और इस क्षेत्र की उपेक्षा कम नहीं हुई, इसी का एक ताजा प्रमाण बिलासपुर कटनी मेमू ट्रेन है,जो यात्रियों के लिए सुविधा तो है लेकिन सुविधा से भी कहीं अधिक लोगों, यात्रियों की दुविधा का कारण भी बनी हुई है।
*यह है मामला*
बिलासपुर सेकटनी के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन नंबर 08747 में एक 19-20 वर्षीय युवती कटनी मुड़वारा जाने के लिए सवार हुई। शहडोल स्टेशन से ट्रेन निकलने के साथ ही वह अपनी सीट से उठी और गायब हो गई। बिरसिंहपुर रेलवे स्टेशन निकलने के बाद अगल-बगल की सीट में बैठे यात्रियों में चर्चा होने लगी कि बगल की इस सीट पर बैठी युवती का सामान तो रखा हुआ है लेकिन वह कहां चली गई, ऐसा तो नहीं की किसी स्टेशन में वह ट्रेन से उतर गई और सामान रखा रह गया हो, आशंका होने पर अगल-बगल बैठे यात्रियों ने उसकी खोजबीन भी शुरू की लेकिन पूरी ट्रेन में ढूंढने के बाद भी उक्त युवती कहीं नजर नहीं आई। स्वाभाविक रूप से लोगों को चिंता हुई कि उक्त युवती अपना सामान छोड़कर आखिर कहां जा सकती है, कहीं ऐसा तो नहीं कि उसके साथ कोई हादसा हो गया हो।
