सीईओ ने चलाया अंधेरे में तीर, झूठी जानकारी देकर कर रहे हैं गुमराह कर जाल में खुद फंसे अधिकारी

सीईओ ने चलाया अंधेरे में तीर, झूठी जानकारी देकर कर रहे हैं गुमराह कर जाल में खुद फंसे अधिकारी, पीड़ित ने कमिश्नर, कलेक्टर से गुहार


इन्ट्रो- जनपद पंचायत बुढ़ार मे ग्राम पंचायत बलबहरा के कृषक राजेन्द्र गुप्ता एवं तेरसिया काछी के द्वारा कपिलधारा कूप योजना के हितलाभ के लिए आवेदन किया गया। सुनवाई न होने की दशा मे सीएम हेल्पलाइन व उच्चाधिकारियों को शिकायत की गई। जांच मे पहुंचे उपयंत्री व एसडीओ के द्वारा मौका स्थल पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया गया और संपूर्ण जानकारी सीईओ के समक्ष प्रस्तुत की गई जिसके बाद साहब ने प्रशासन को बताया कि कृषक राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता के पास 0.270 हेक्टेयर जमीन है, व तेरसिया पति राममिलन कुशवाहा के नाम से 0.380 हेक्टेयर भूमि है, जबकि दोनों कृषकों के पास विभिन्न खसरा नंबरों मे दर्ज भूमि 1 एकड़ से अधिक व 2.50 एकड़ से कम भूमि है फिर भी प्रशासन को गुमराह करने सीईओ ने कृषकों के नाम भूमि कम होने की जानकारी देकर उन्हे अपात्र बताते हुये जन संपर्क विभाग से इसकी विज्ञप्ति जारी कराते हुये किसानों को शिकायतवीर बता दिया। 

बुढ़ार/शहडोल

अंतिम छोर मे बैठे नागरिक के विकास व उसे मूलधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान नित नई योजनाएं लागू कर खुद हितग्राही सम्मेलन आयोजित कर उन्हे हितलाभ वितरित करने मे जुटे हुये हैं, लेकिन शहडोल जिले की जनपद पंचायत बुढ़ार हितग्राहियों को लाभ से वंचित करने पर आमादा दिखाई पड़ रही है। वाकया तब सामने आया जब बीते 18 महीनों से ग्राम पंचायत बलबहरा के कृषकों द्वारा कपिलधारा कूप योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन किया गया। कई बार सीईओ मुद्रिका पटेल के समक्ष उपस्थित होकर उनसे मिन्नत भी की, लेकिन जब सुनवाई नही हुई तो उन्होने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन व उच्चाधिकारियों को की। नींद से जागे सीईओ ने आनन फानन मे मौका ए स्थल निरीक्षण के लिए टीम भेजी। टीम के प्रतिवेदन के आधार पर साहब ने प्रशासन को बता दिया कि कृषक अपात्र हैं क्योंकि योजना का लाभ लेने के लिए उनके पास पर्याप्त भूमि नही है और उन्हे शिकायत वीर बता दिया तो साहब सच्चाई तो जान लो कि आपके मातहतों ने आपको सही बताया कि गलत। किसानों के पास 1 हेक्टेयर से अधिक व 2.50 हेक्टेयर से कम भूमि है, इसकी पड़ताल करानी चाहिये थी।

*प्रशासन के वीर चला रहे अंधेरे मे तीर*

जिला प्रशासन शहडोल के वीर मौका ए स्थल पर क्या कुछ निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसका खुलासा पीड़ित किसानों ने सोमवार को संभागायुक्त एवं कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर हकीकत बताई और अपने जमीन का पट्टा एवं खतौनी प्रस्तुत की जिसमे कृषक राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता के पास खसरा नंबर 205/2, 206/3, 207/2, 208, 209/2 एवं खसरा नंबर 685/2 मे दर्ज भूमि कुल 1.94 एकड़ है वही तेरसिया काछी के पास खसरा नंबर 825 व 836/3 एवं 948 मे 1 एकड़ 7 डिसमिल भूमि दर्ज है फिर ऐसे मे शिकायतवीरों ने अंधेरे मे तीर चलाया कि प्रशासन के वीरों ने अंधेरे मे उन्हे रखा है यह तो जनपद पंचायत बुढ़ार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुद्रिका सिंह पटेल ही बता सकते हैं। 

*किसान न थका न है और न रूका है*

मेहनकश किसान न कभी थकता है न कभी रूकता है। इतना जरूर है कि वह सच्चाई से परे हटकर प्रताड़ना जरूर नही सहता है चाहे फिर उसके लिए उसे मुख्यमंत्री तक पहुंचना पड़े या फिर न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़े। कई ऐसे उदाहरण प्रदेश की इस धरती मे सामने आये हैं। बलबहरा मे कपिलधारा कूप योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वाले किसानों को शिकायतवीर बताने के बाद उन्होने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए उनके पास पर्याप्त जमीन है और उन पर झूठे आरोप लगाने वाले अधिकारी बिलकुल यह जान लें कि वह आवष्यकता पड़ी तो सच्चाई के लिए मुख्यमंत्री व न्यायालय की दहलीज पर दस्तक देने को तैयार हैं।

*यह आरोप भी है निराधार*

प्रशासन को जानकारी देते हुये जनपद पंचायत बुढ़ार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुद्रिका सिंह पटेल ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत बलबहरा के जिन किसानों ने कपिलधारा कूप निर्माण योजना के लिए आवेदन किया है उनकी भूमि बलबहरा पंचायत मे नही है जिससे उन्हे लाभ नही मिल सकता है। शायद साहब यह बताना भूल गये कि यदि जिस पंचायत से हितग्राही का जाॅब कार्ड बना होता है कार्य वहीं से स्वीकृत होता है भले ही जमीन दूसरे पंचायत मे, आवष्यकता पड़ने पर दूसरे पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है जो ग्राम पंचायत बलबहरा के किसानों ने ली हुई है और उसकी प्रमाणित प्रति भी प्रस्तुत की है तो ऐसे मे सीईओ साहब का किसानों के प्रति यह आरोप भी निराधार दिखाई दे रहा है। 

*परित्यक्ता को अब तक नही मिला लाभ*

ग्राम पंचायत बलबहरा की रहने वाली परित्यक्ता आदिवासी महिला कृषक गायत्री पाव के द्वारा मीनाक्षी तालाब योजना के लाभ हेतु जनपद पंचायत बुढ़ार मे समस्त प्रस्ताव सहित आवेदन किया गया और मौका स्थल पर पहुंचकर अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया, लेकिन उसे अब तक योजना का लाभ नही मिला है। ऐसे मे जनपद पंचायत बुढ़ार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व पंचायत की इंजीनियर एवं एसडीओ शासन की योजना का लाभ हितग्राहियों को किस तरह प्रदान कर रहे हैं इससे बड़ा प्रमाण और क्या होगा। बहरहाल हितग्राहियों को लाभ मिले न मिले पर साहबानों ने लाभ जरूर ले लिया है।

*इनका कहना है*

मैं स्वयं इस मामले को गंभीरता से दिखवाती हूं। पात्र हितग्राहियों को शासन की योजना का लाभ अवश्य मिलेगा।

*वंदना वैद्य कलेक्टर शहडोल*

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