जान के दुश्मन बने झोलाछाप डॉक्टर, दिखावा साबित हो रही है निगरानी कमेटी

जान के दुश्मन बने झोलाछाप डॉक्टर, दिखावा साबित हो रही है निगरानी कमेटी


कोतमा

कोयलांचल में लगातार झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है, यहा पर भोले भाले लोगों को झोलाछाप डॉक्टर अपना शिकार बना रहे हैं ,वहीं मोटी रकम लेकर खून चूसने का काम भी कर रहे हैं  इन झोलाछाप डॉक्टरों ने कइयों की जान भी ले चुकी हालांकि जिला से झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए एक टीम गठित की गई है , यह टीम जिलों में कहां रहती है अभी तक पता नहीं चल सका इसी का नतीजा है कि कोयलांचल में लगातार झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है, बताया जा रहा है कि भोले भाले लोगों को यह झोलाछाप डॉक्टर अपना निशाना बनाते हैं, उल्टा सीधा इलाज कर मुंह मांगी रकम भी वसूली करते हैं !अगर ज्यादा हुआ तो मरीज की जान भी चली गई तो कोई परवाह नहीं होती, कई बार स्थानीय लोगों ने इन झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की पर अभी तक झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध विभाग में कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाई है।

विभाग में ही कार्यवाही को लेकर उलझा मामला-जानकारी के अनुसार अनूपपुर एवं कोतमा में झोलाछाप डॉक्टरों की कार्यवाही के लिए एक टीम गठित की गई है ! जिसमें कार्यवाही का जिम्मा डॉक्टर आरके वर्मा को दिया गया है इनके साथ 2 अधिकारी और भी हैं जो अनूपपुर- कोतमा क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर व अवैध पैथोलॉजी क्लिनिको पर कार्यवाही करेंगे  जब इस संबंध में हमने डॉक्टर आरके वर्मा से जानकारी चाहिए कि पिछले दो माह में आपके द्वारा झोलाछाप डॉक्टर व अवैध क्लीनिक में कितनी कार्यवाही की गई तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब अनूपपुर कोतमा के बीएमओ झोलाछाप डॉक्टर की सूची बनाकर सीएचएमओ कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे व सीएचएमओ कार्यालय से हमें निर्देशित होगा कि इन जगहों पर आपको कार्यवाही करनी है, तभी हम कार्यवाही करेंगे ! तो इधर कोतमा बीएमओ का कहना है कि पूर्व में हमने लिस्ट उपलब्ध कराई थी लेकिन अभी तक उस लिस्ट में किसी प्रकार से टीम ने कोई कार्यवाही नहीं की है अब मामला विभाग में उलझता दिखाई दे रहा है जिसका फायदा यहां के झोलाछाप डॉक्टर व अवैध पैथोलॉजी संचालकों को मिलता दिखाई दे रहा है ! भोले-भाले लोग इनके चंगुल में फंस खून पसीने की कमाई गवाने के साथ अपनी जान भी गवाने में देरी नहीं करते हालांकि बातचीत के दौरान डॉक्टर आरके वर्मा ने यह भी बताया कि अगर किसी भी झोलाछाप के विरुद्ध कार्यवाही करानी है तो सबसे पहले संबंधित क्षेत्र के नियमों को शिकायत करनी होगी , उस शिकायत को बीएमओ सीएचएमओ के पास फॉरवर्ड करते हुए कार्यवाही करने की बात कहेंगे तब वह शिकायत जब हमारे पास पहुंचेगा तभी जाकर हम उस झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्यवाही कर पाएंगे कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो एक झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्यवाही कराने में महीनों लग सकते हैं गौरतलब है कि स्वस्थ विभाग के रहते पूरे जिले में झोलाछाप डॉक्टरों का मकड़जाल फैला हुआ है और इतनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद इन झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग कार्यवाही करेगा तो फिर आप ही सोचिए कि इन झोलाछाप डॉक्टरों को विभाग का आशीर्वाद है या फिर बीएमओ का आशीर्वाद है या फिर और ग्रामीणों का आशीर्वाद है ? जो आज तक विभाग के पास शिकायत दर्ज नहीं कराई।

कुकुरमुत्ता की तरह क्लीनिक-अगर हम बात करें कोयलांचल नगरी की तो कोतमा नगर में ही आधा सैकड़ा से अधिक अवैध क्लीनिक व पैथोलॉजी संचालित है इसी प्रकार भालूमाड़ा, रामनगर, बिजुरी कोयलांचल क्षेत्र होने के कारण यहां पर बाहर से आकर अपने आप को एमबीबीएस डॉक्टर बताते हुए बकायदा क्लीनिक संचालित कर धड़ल्ले के साथ इलाज करते देखे जा सकते हैं, या यूं कहें कि कोयलांचल में तो इनकी क्लीनिक व भरमार इस प्रकार हो गई है कि जहां देखिए वहां कुकुरमुत्ता की तरह दिखाई देंगे पर पता नहीं क्षेत्र पर बैठे बीएमओ एवं स्वास्थ्य विभाग की बनी टीम को यह क्लीनिक क्यों नहीं दिखाई देते समझ से परे है, बताया तो यहां तक जाता है कि यह झोलाछाप डॉक्टर व अवैध पैथोलॉजी संचालक नजराने के रूप में स्वस्थ विभाग को कुछ नजराना भी पहुंचाते हैं और उसी का आशीर्वाद लेते हुए आज भी कोयलांचल में अपना कारोबार संचालित कर रखे हैं।

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