युवक का अपहरण, हत्या के बाद शव को छिपाने वाले आरोपियों को आजीवन कारावास

युवक का अपहरण, हत्या के बाद शव को छिपाने वाले आरोपियों को आजीवन कारावास


अनूपपुर/कोतमा

न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कोतमा रवीन्द्र कुमार शर्मा के न्यायालय ने थाना भालूमाडा के अपराध क्रमांक 178/17 की धारा 302, 364ए, 365, 201, 120बी भादवि के जघन्य एवं सनसनीखेज मामलें में आरोपियों श्रवण बरकडे पिता मनी सिंह उम्र 40 निवासी ग्राम लिलरिया टोला चौकी दर्शिला थाना जैतपुर एवं यशोदा सिंह पिता स्वं. गोविंद सिंह उम्र 28 निवासी पडोर थाना भालूमाडा को धारा 302,120बी भादवि में आजीवन कारावास एवं 1000 रूपयें का अर्थदंड, धारा 364ए सहपठित 120बी में आजीवन कारावास एवं 1 हजार का अर्थदंड एवं धारा 201 में 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500 का अर्थदंड से दंडित किया गया है। मामले में पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/एजीपी राजगौरव तिवारी द्वारा की गयी है। 

मामला अनूपपुर जिले के थाना भालूमाडा का है, जिसमें आरोपीगण द्वारा 29 जून 2017 को आपराधिक षडयंत्र कर मृतक को धुरवासिन से केशवाही बुलाया और उसे शराब पिलाने के बहाने मोटरसाईकिल में बिठाकर भोडा कछार जंगल जामुन टोला नाला के पास ले गये। जहां उसे अधिक शराब पिला दिया, जब वह नशे में हो गया तब उसकी हत्या कर दिये और उसकी लाश को वही जंगल में झाडियों में छिपा दिये और उसके लैपटाप पर्स को अपने घर ले जाकर छुपा कर रख लिये तथा एटीएम व सिम जला दिये और घटना में प्रयुक्त साफी और डंडा वहीं फेक दिये थे। मृतक के गायब हो जाने पर कुछ दिन उसके घर वाले ढूढ़ते रहे और नही मिलने पर गुम इंसान दर्ज कराया गया। जहां जॉच के दौरान घटना का खुलासा होने पर थाना भालूमाडा में मामला दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया। मामलें में थाना प्रभारी भालूमाडा के.के त्रिपाठी ने विवेचना में मृतक का कंकाल बरामद करते हुये घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किया गया व आरोपीगण के कब्जे से मृतक का समान बरामद हुआ। आरोपीगण के साथ घटना समयावधि में अंतिम बार मृतक को देखा गया था। कंकाल के साथ मिले कपडे से उसकी शिनाख्त हुई और डीएनए परीक्षण में वह मृतक की लाश होना प्रमाणित हुआ। उक्त मामलें की गंभीरता को देखते हुए उसे चिन्हित एवं सनसनीखेज प्रकरणों मे जिला समिति द्वारा चयन किया गया, जिसकी सतत समीक्षा जिला अभियोजन अधिकारी, जिला दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा की गयी। न्यायालय में राजगौरव तिवारी अपर लोक अभियोजक/एडीपीओ कोतमा द्वारा साक्ष्य व तर्क प्रस्तुत किये गये जिससे संतुष्ट होकर न्यायालय ने उक्तानुसार दंड से दंडित किया है।

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