किसान मोर्चा के जिला एवं मंडल पदाधिकारियों ने साथ मिलकर धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण
*खरीदी प्रभारियों को, किसानों के हितार्थ,व्यवस्था सुदृढ़ करने का किया अनुरोध*
शहड़ोल
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा जिला शहडोल के यशस्वी जिला अध्यक्ष श्री रवि कांत त्रिपाठी के निर्देशन पर किसान मोर्चा के पदाधिकारी,सतत धान खरीदी केंद्रों पर भ्रमण कर रहे है इसी कड़ी में आज दिनांक 14 दिसम्बर 2022 को गोहपारू मंडल मे किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष श्री रमाकांत तिवारी जिला महामंत्री श्री रामनारायण मिश्रा गोहपारू मंडल के मंडल अध्यक्ष श्री बृजेश पांडे महामंत्री शंकर लाल चतुर्वेदी महेश शर्मा व जिला आईटी सेल के प्रभारी श्री उदयभान शर्मा सहित अन्य किसान मोर्चा के पदाधिकारियों द्वारा धान खरीदी केंद्र ,मोहतरा, खोहरी पल्सऊ , करी, के खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान सभी खरीदी केंद्रों पर ओसत 40 किलो 700 ग्राम कि लगभग खरीदी सब जगह पाई गई जिस पर किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया,किंतु सभी खरीदी केंद्रों में कई प्रकार की अनियमितताएं भी देखने को मिली जैसे श्रमिक से संबंधित समस्त,कार्य,किसानों से कराया जाना अलाव एवं पेयजल की व्यवस्था स्थल पर ना होना,पाया गया एवं कुछ खरीदी केंद्रों में प्रभारियों का नदारद रहना भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है जिसमें पल्सऊ खरीदी क्रमांक 1 व 2 शामिल है, तथा मौके में निरीक्षण पंजी का ना पाया जाना साथ ही समिति द्वारा मजदूरों का पंजी, का,न बनाया जाना,शामिल है,किसानों ने अपनी वेदना व्यक्त करते हुए बताया स्लार्ट,के आधार पर हम स्वयं धान की तुलाई मारका लगाना एवं धान की,पलटी करने जैसा कार्य स्वयं किसान से ही समितियां कराती हैं जिस पर जिला उपाध्यक्ष रमाकांत तिवारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और खरीदी प्रभारियों को निर्देश दिया कि हमारे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा ना होने पाए इस प्रकार की व्यवस्थाएं आप सभी खरीदी केंद्रों पर करें सभी खरीदी केंद्रों में मानक अनुसार लेबर की संख्या कम पाई गई अधिकांशतह कृषकों के लेबर ही धान की तुलाई का कार्य करते पाए गए
*जिला महामंत्री ने प्रशासन से की मांग*
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिला महामंत्री रामनारायण मिश्रा ने अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों व प्रशासन से इस बात की मांग की है कि समितिया जिस प्रकार से कृषक के मजदूरों का उपयोग कर रहे हैं तो मजदूरों की राशि का भुगतान,भी कृषकों के खाते में ही कराना नान विभाग तय करें ताकि किसानों को उनके द्वारा दिए गए मजदूर के,सहयोग की राशि उन्हें मिल सके
