शौचालय जा रही नाबालिग के साथ मारपीट व दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास

 शौचालय जा रही नाबालिग के साथ मारपीट व दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास


अनूपपुर

न्यायाधीश, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 अनूपपुर की न्यायालय ने थाना कोतमा के अपराध की धारा 363, 366ए, 376, 323, 506 भादवि धारा 3/4 पॉक्सो् एक्ट एवं 3(2)5क एसटी एस सी एक्ट के आरोपी 30 वर्षीय रामबली केवट पुत्र श्याम केवट वर्ष निवासी घोडा दफाई भालूमाडा को 6 अलग-अलग धाराओं में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। जिसमें धारा 366ए भादवि में 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रू. अर्थदण्ड, 323 भादवि में 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रू. अर्थदण्ड, 506 भाग-2 में 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रू. अर्थदण्ड, 376(3) भादवि में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रू. अर्थदण्ड, 5एल/6 पॉक्सों एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रू. अर्थदण्ड, एवं धारा 3(2)(व्हीड) एससी एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 1000 रू. अर्थदण्ड, की सजा। जेल की सभी सजाएं एक साथ चलने के कारण आरोपी को आजीवन का कारावास एवं कुल 6000/- रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई हैं। वहीं न्यायालय ने पीडिता को 4 लाख रूपये प्रतिकर दिये जाने का किया आदेश दिया। न्यायालीन निर्णय की जानकारी देते हुए शनिवार को सहायक जिला अभियोजन अधिकारी शशि धुर्वे ने बताया कि 08 दिसबंर 2018 को पीड़िता निस्तार करने के लिए घर की पीछे बने शौचालय की ओर जा रही थी उसी समय आरेापित पीछे-पीछे आया और उसे जबरजस्ती पकड़कर बाड़ी के पीछे नर्सरी की ओर ले गया, जहां पर उसके साथ मारपीट कर बलात्कार कर किसी को न बताने का कहते हुए जान से मारने की धमकी दी, पीडिता ने रात को घटना की जानकारी किसी को न देते हुए सुबह जानकारी दी, जिसके पश्चात थाने में शिकायत दर्ज करायी। जिस पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की। पुलिस ने मामले को विवेचना में लेते हुए परिजनों तथा अन्य साक्षियों के कथन लेखबद्ध करते हुए आरोपित को अभिरक्षा में लेकर अनुसंधान समाप्ति पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां न्यायालय ने आरोपित पर दोषी पाते हुए सजा सुनाई।

Labels:

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget