रिश्वत लेने के बाद भी बलबहरा मे पात्र हितग्राहियों को नही मिला योजना का लाभ

रिश्वत लेने के बाद भी बलबहरा मे पात्र हितग्राहियों को नही मिला योजना का लाभ

*अंगद की तरह पैर जमाये बैठा रिश्वतखोर उपयंत्री, शासन की योजनाओं को दिखा रहा ठेंगा*


इन्ट्रो- कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मीनाक्षी तालाब व कपिलधारा कूप योजना मे जनपद पंचायत बुढ़ार के सीईओ मुद्रिका सिंह तो कुंडली मारकर बैठे ही थे, लेकिन ग्राम पंचायत बलबहरा के किसानों को रस्म अदायगी के बाद इंजीनियर अनिल शुक्ला ने लाभ दिलाने को कहा, भोले भाले किसानों के द्वारा उनके पास जो था वह इंजीनियर को दिया, लेकिन किसानों को योजना का लाभ नही मिला। ऐसे मे मुख्यमंत्री भले ही कहें कि रिश्वतखोर अधिकारियों को पानी डूबे नही छोड़ेंगे पर यहां तो खुलेआम रिश्वत के बाद भी योजना के लाभ से कोसों दूर किसान खड़े हैं।

शहड़ोल/बुढ़ार

जनपद पंचायत बुढ़ार मे सालों से पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुद्रिका सिंह के रहते हुये शासन की योजनाओं को उनके अधीनस्थ खुलेआम पलीता लगा रहे हैं। या यूं कहें कि साहब की मंजूरी के बाद ही मातहत सब कुछ करते हैं तो अतिसंयोक्ति नही होगी। मामला ग्राम पंचायत बलबहरा की आदिवासी किसान महिला गायत्री पाव से जुड़ा हुआ है। लगभग 18 माह पहले 27 मई 2021 को उसके द्वारा मीनाक्षी तालाब योजना का लाभ दिलाये जाने के लिए ग्राम पंचायत मे आवेदन किया गया जिस पर ग्राम सभा मे प्रस्ताव पारित होकर अग्रिम कार्यवाही के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष पहुंचा जहां आगे का काम इंजीनियर अनिल शुक्ला को करना था। रिश्वत से लबरेज इंजीनियर ने आदिवासी किसान महिला के परिजनों से स्पष्ट तौर पर राशि भेंट करने की बात कही और बीतते समय के बाद इंजीनियर साहब को पांच हजार रूपये दिया भी गया, लेकिन योजना का लाभ मिलने की जगह आदिवासी किसान महिला भटकने को मजबूर है। यह अकेला मामला नही है यहां के दो अन्य किसानों ने भी कपिलधारा कूप के लिए प्रस्ताव सहित आवेदन 14 अप्रैल 2022 को किया और उन्होने भी दो हजार रूपये रिश्वत मांगे जाने पर मजबूरी मे इंजीनियर को दी, लेकिन इंजीनियर के स्टीमेट बनाने के बाद अब बड़े पेट के एसडीओ और मुख्य कार्यपालन अधिकारी फाइल पर कुंडली मारकर बैठे हुये हैं।

*मुख्यमंत्री को आना होगा योजना का लाभ दिलाने*

जिले की जनपद पंचायत बुढ़ार मे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को सिर्फ और सिर्फ इसलिए नही मिल पा रहा कि जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा मुंहमांगी रिश्वत पात्र हितग्राही नही दे पा रहे हैं। ऐसे मे थक हार चुके हितग्राहियों ने आवाज लगानी शुरू कर दी है कि यहां योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को आना होगा, नही तो यह अधिकारी उन्हे योजना के लाभ से वंचित रखते हुये किसानों की हितैषी गरीबों के मसीहा कहलाने वाले प्रदेष के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पर बदनामी का दाग यूं ही लगाते रहेंगे।

*यह किसान चाहते हैं योजनाओं के साथ आगे बढ़ना*

जनपद पंचायत बुढ़ार की ग्राम पंचायत बलबहरा के छोटे किसान शासन की योजना के साथ परिवार को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं, लेकिन उन्हे योजना का लाभ इसलिए नही मिल रहा कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुद्रिका सिंह के साथ इंजीनियर अनिल शुक्ला व एसडीओ आरके द्विवेदी की चाहत वह किसान पूरा नही कर पा रहे हैं। ग्राम पंचायत की आदिवासी परित्यक्ता महिला किसान गायत्री पाव मीनाक्षी तालाब का लाभ लेकर खेती को आगे बढ़ाना चाहती है जिसके लिए अधिकारियों ने जहां जैसा आवेदन, प्रस्ताव पंचायत से मांगा उसके द्वारा पूरा किया गया, यहां तक कि पांच हजार रूपये रिश्वत भी दी गई। इसके अलावा यहां के कृषक राजेन्द्र गुप्ता व तेरसिया काछी के द्वारा कपिलधारा कूप हेतु आवेदन के साथ पंचायत का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन अब तक वह योजना के लाभ वंचित हैं।

*नही सीएम हेल्पलाइन मे सुनवाई*

थक हार चुके ग्राम पंचायत बलबहरा के किसानों ने शासन की योजना का लाभ न मिलने पर और अधिकारियों के द्वारा लगातार प्रताड़ित किये जाने एवं रिश्वत लिये जाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन मे की जिसमे उनकी शिकायत 19830406 तथा 19832614 नंबर पर दर्ज की गई, लेकिन शिकायत की जांच तो जनपद पंचायत के उन्ही मठाधीशों को करनी थी जो योजना का लाभ न देते हुये प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि धूमिल करने पर आमादा हैं तो ऐसे मे सीएम हेल्पलाइन मे सुनवाई कैसे होती। बहरहाल किसानों के पास सीएम हेल्पलाइन से फोन आने पर उन्होने वस्तुस्थिति की जानकारी दी फिर भी शायद ही उनकी सुनवाई हो सके।

*अपात्रों को फिर कैसे किया पात्र*

उधर ग्राम पंचायत बलबहरा सहित जनपद अंतर्गत कई पंचायतों के कई ऐसे व्यक्ति हैं जो शासन की कई योजनाओं मे पात्रताधारी नही रहे, लेकिन साहब की कृपा से उन्हे पात्र बनाते हुये योजना का लाभ दिया गया वही कपिलधारा कूप के लिए आवेदन के साथ जहां आवेदक की भूमि है उस पंचायत से अनापत्ति भी साथ मे दी गई, लेकिन उसके बाद साहब के यह बोल कि वह पात्र नही है समझ के परे है। बहरहाल शासन प्रशासन को समझना होगा कि जनपद पंचायत मे फैले भ्रष्टाचार पर लगाम कैसे लगाई जाये अन्यथा सत्तासीन सरकार को बदनाम करने मे यह कोई कोर कसर नही बाकी रखेंगे। 

*आजादी की प्रताड़ना का मिल रहा अमृत*

देश की आजादी के 75 सालों बाद भारतीय जनता पार्टी के द्वारा अमृत महोत्सव का कार्यक्रम शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाते हुये विभिन्न स्तर पर मनाया गया, लेकिन जनपद पंचायत बुढ़ार की ग्राम पंचायत बलबहरा का सामने आया मामला अब उन किसानों को आजादी की प्रताड़ना भरा अमृत दे रहा है। हम ऐसा इसलिए कहने को मजबूर हैं कि सतत परित्यक्ता महिला किसान के प्रयास के बाद उसे जब मीनाक्षी तालाब जैसी छोटी योजना का लाभ नही मिल सका, लेकिन उसके जज्बे की तारीफ तो जरूर होनी चाहिये कि जैसा मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुद्रिका सिंह ने मार्गदर्शन दिया और उसके द्वारा हर स्तर पर जाकर दस्तावेज तैयार करवाये गये, लेकिन इंजीनियर व एसडीओ ने उसे महज अब तक प्रताड़ना का अमृत ही दिया है। भारतीय जनता पार्टी के जिले के पदाधिकारियों व प्रभारी मंत्री को सोचना होगा कि ऐसे मे मिशन 2023 को विफल करने वाले अधिकारी कैसे शासन की योजना आमजन तक पहुंचा रहे हैं। 

इनका कहना है 

मीनाक्षी तालाब के हितग्राही को पात्र पाये जाने पर उनका कार्य स्वीकृत कर दिया गया है और जो कपिलधारा के लिए आवेदन किये थे उनकी बलबहरा मे जमीन न होने के कारण अपात्र किया गया है। आप मेरे पास उन्हे भेजिये मैं आगे दिखवा लेता हूं।

*मुद्रिका सिंह मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बुढ़ार*

Labels:

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget