एसईसीएल भूमिगत खदान में लगातार 4 दुर्घटनाएं 4 श्रमिक घायल

एसईसीएल भूमिगत खदान में लगातार 4 दुर्घटनाएं 4 श्रमिक घायल


अनूपपुर/कोतमा

एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के बर तराई भूमिगत खदान में 1 सप्ताह के भीतर 4 दुर्घटनाएं घटित हो चुकी जिनमें 4 श्रमिक घायल हुए पिछले शुक्रवार को दो दुर्घटनाएं भूमिगत खदान के अंदर घटित हुई जिसमें पहली घटना लगभग दोपहर 12:00 बजे फर्स्ट शिफ्ट की बताई जा रही है जिसमें श्रमिक रोहित दास जनरल मजदूर निवासी पयारी कार्य के दौरान टूल्लू पंप को एक फेस से दूसरे फेस में ले जाते समय अनियंत्रित होने पर टूल्लू पंप मजदूर के बाएं पैर में गिरा जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया।

इसी दिन दूसरी घटना भी फर्स्ट शिफ्ट में पहली घटना से लगभग डेढ़ घंटे बाद यानी कि 1:30 बजे की बताई जाती है जहां श्रमिक भूरे के साथ घटित हुई जो की बेल्ट ऑपरेटर के पद पर पदस्थ है जानकारी में बताया गया कि 31 लेवल टी लैंड के पास श्रमिक बेलचा से सफाई कर रहा था इसी दौरान उसके पीछे से एल एच डी सेफ लोडिंग मशीन की चपेट में आने से उसके कमर के नीचे हिस्से में दोनों पैरों में गंभीर चोट आई जिसे खदान से बाहर लाकर आनन-फानन में इलाज के लिए बिलासपुर अपोलो भेजा गया।

   यह दोनों ही घटनाएं भूमिगत खदान के अंदर 31 लेवल की बताई जा रही है जहां पर पहली दुर्घटना होने के बाद भी प्रबंधन ने सुरक्षा के उपाय ना करते हुए लापरवाही की जिसका परिणाम यह रहा कि 1 घंटे बाद ही दूसरी दुर्घटना में श्रमिक को अपने दोनों पैर गंवाने पड़े इसके बाद भी प्रबंधन द्वारा सुरक्षा में लापरवाही निरंतर जारी रही और दिनांक 30 /11/ 2022 बुधवार को भी दोपहर लगभग 12:00 खदान के उसी 31 नंबर पैनल में ही एक श्रमिक घायल हो गया बताया जाता है कि श्रमिक सुखलाल 31 लेवल साफ पैनल के पास छत की ड्रेसिंग कर रहा था उसी समय छत से वजन गिरने पर सुखलाल घायल हो गया बताया जाता है कि वजन गिरते समय सुखलाल बचने का प्रयास किया लेकिन वजन उसके पैर में गिरा जिससे वह घायल हो गया खदान से घायल सुकलाल को क्षेत्रीय चिकित्सालय कोतमा कॉलरी भी लाया गया जहां उसका तुरंत मरहम पट्टी करा कर उसे घर भेज दिया गया।

दिनांक 30 तारीख को ही लगभग 2:00 बजे पुनः खबर मिली कि 31 पैनल के पास ठेका मजदूर  शंकर को करंट लगने से घायल हो गया इस संबंध में जो जानकारी प्राप्त हुई है उसके अनुसार ठेका मजदूर शंकर 31 लेवल में ही छत में होल लगा रहा था उसी समय उसे तेज करंट लगा और वह अचेत हो गया जिसे इलाज के लिए ले जाया गया है।

   खदानों में घटना दुर्घटना होती रहती है इसके पहले भी दुर्घटनाएं होती रही है लेकिन बीते कुछ वर्षों में अब देखने को यह मिलता है कि जब भी माइंस के अंदर कोई दुर्घटना होती है तो प्रबंधन द्वारा उसे छुपाने का प्रयास किया जाता है और उनके इस कार्य में श्रमिकों के हित की बड़ी-बड़ी बात करने वाले श्रमिक नेता भी प्रबंधन का ही साथ देते है

 1 सप्ताह में बरतराई खदान में 4--4 दुर्घटनाएं हो गई लेकिन किसी भी श्रमिक नेता या जनप्रतिनिधियों ने अपना कोई भी वक्तव्य या जानकारी देना उचित नहीं समझे।

घटना के संबंध में  खदान के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो पाई ।

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