सरकार व भाजपा के खिलाफ पोस्ट, विरोधी कार्य में लिप्त शिक्षक के विरुद्ध बनी जांच कमेटी

सरकार व भाजपा के खिलाफ पोस्ट, विरोधी कार्य में लिप्त शिक्षक के विरुद्ध बनी जांच कमेटी

*जिला भाजयुमो ने कानूनी कार्यवाही के लिए कलेक्टर, एसपी को सौंपा ज्ञापन*


अनुपपुर

इंट्रो- भारतीय जनता युवा मोर्चा अनूपपुर के जिला अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने 18 अक्टूबर 2022 को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के शिक्षक डॉ. पवन सिंह द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह का कार्टून बनाना, राजनीति में गैर प्रचलित शर्मनाक पोस्ट, विश्व के सबसे बड़े सामाजिक संगठन आरएसएस के खिलाफ सैकड़ो पोस्ट शोसल मीडिया के माध्यम से छात्रों के बीच सार्वजनिक करने, राजधर्म, जातीवंश इत्यादि के आधारों पर छात्रों एवं युवाओं के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन व सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य करने, बिना सबूत के उकसाना के साथ शर्मिंदा करने वाला पोस्ट करने पर कानूनी कार्यवाही को लेकर जिला अनूपपुर के जिलाधीश तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपकर तत्काल कार्यवाही करने की माँग की है।    

अनूपपुर/अमरकंटक

भाजयुमो जिला अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि जनजाति विश्वविद्यालय में पिछले कुछ वर्षों से समाज व स्थानीय छात्रों के खिलाफ कई प्रकार की गतिविधियां संचालित है जो विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर कुछ समाचार अखबार में भी प्रकाशित हुये हैं भारतीय जनता पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरुद्ध गैरजिम्मेदार तथा गलत तथ्यों को शोसल मीडिया में सार्वजनिक रूप से पोस्ट की गई है जिससे छात्रों के बीच कई सामाजिक समूहों के बीच सौहार्द का माहौल बिगडऩे से मॉब लिंचिंग की घटना भी विश्वविद्यालय में घटित हो चुकी है साथ ही छात्रों के बीच आक्रोश पैदा किया गया है इतना ही नही साइबर क्राइम पश्चात डॉ. पवन सिंह द्वारा झूठ बोला गया कि उसकी आईडी हैक हो गई थी, जो की पूर्णत झूठी बात प्रतीत होती है क्योंकि आईडी 1 दिन 2 दिन के लिए या 1 हफ्ते के लिए हैक हो सकती है, जबकि डॉ. पवन सिंह द्वारा लगातार कई महीनों तथा कई वर्षों तक ऐसे आपत्तिजनक पोस्ट किये गये हैं साथ ही विश्वविद्यालय और आसपास के जिलों में माहौल खराब किया गया, इससे लगता है कि आरोपी शिक्षक डॉ. पवन सिंह को बचाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन षड्यंत्र के तहत झूठ बोल रहा है, एफआईआर दर्ज करते हुये पूरे मामले की जांच की जानी चाहिये।  

*षडयंत्र से स्थानीय छात्र प्रवेश से वंचित*

भाजयुमो जिला अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने आगे बताया कि स्थानीय छात्रों तथा जनजाति समाज को नुकसान पहुंचाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में यहां के कुछ शिक्षक प्रतिबंधित संगठनों से तालमेल कर विश्वविद्यालय में केरल तथा पाकिस्तान बॉर्डर से कुछ विशेष वर्ग के छात्रों का प्रवेश बड़े पैमाने पर कराया गया है, ऐसा ज्ञात हुआ है कि इसके लिए पेपर आउट कराने से लेकर एडमिशन के लिए स्थानीय छात्रों को वंचित करने बड़े पैमाने पर साजिश रचते हुये धोखाधड़ी की गयी है, इस षडयंत्र के चलते स्थानीय छात्रों का प्रवेश नहीं हो सका है तथा वे पढ़ाई से वंचित हो गए हैं, पवन सिंह द्वारा अपने सार्वजनिक पोस्ट में छात्रों के बीच सौहार्द बिगाडऩे के लिए किए गए आपराधिक कारनामों में शासकीय शिक्षक होने के बाद भी भारत सरकार के विरुद्ध पोस्ट करने के मामले के साथ भारत सरकार के खिलाफ साजिश रचने, भाजपा के खिलाफ बिना सबूत सार्वजनिक पोस्ट करने सांप्रदायिक सामाजिक सद्भाव बिगाडऩे, मॉब लिंचिंग करवाने के जुर्म में एफआईआर दर्ज कर जांच किया जाना जरुरी है। 

*कुलाधिपति ने दिये उच्च स्तरीय जांच के निर्देश*

कुलाधिपति के निर्देश पश्चात प्रधानमंत्री तथा अमित शाह के कार्टून बनाते हुये भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ सार्वजनिक पोस्ट कर छात्रों एवं युवाओं के बीच वैमनस्यता फैलाने तथा संदिग्ध संगठनों से तालमेल रख विरोधी गतिविधियों को संचालित करने के आरोपी शिक्षक डॉ. पवन सिंह के विरूद्ध विश्वविद्यालय में एक जांच समिति बनाई गई है, जांच समिति के अध्यक्ष चीफ वार्डन प्रो. नवीन शर्मा हैं इस जांच कमेटी में विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. तन्मय घोरई तथा डॉ. बी. जनार्दन शामिल है, समिति की एक बैठक 18 अक्टूबर 2022 को अपराहन 3:00 बजे प्रशासनिक भवन के कक्ष क्रमांक 1 में संपन्न हुई, जिसमें जांच समिति ने आरोपी शिक्षक डॉ. पवन सिंह से बातचीत किये हैं, चर्चा यह भी है कि आरोपी शिक्षक पवन सिंह जांच समिति के प्रोफ़ेसर को अपने घर भोजन पर निमंत्रित किया तथा मामले को रफा-दफा करने के लिए रिपोर्ट बनाने की पेशकश की क्योंकि जांच समिति के कुछ सदस्यों से आरोपी शिक्षक के बहुत अच्छे संबंध हैं जिसके कारण जांच समिति का गठन भी संदेह के दायरे में माना जा रहा है।  

*जांच समिति भी सवालों के घेरे में*

विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा जो जांच समिति बनाई गई है वह भी सवालों के घेरे में आ गई है क्योंकि आरोपी शिक्षक पवन सिंह पर विरोधी कार्य करने तथा लगातार कई वर्षों तक भारत सरकार के विरोध में पोस्ट करने के साथ राजनीतिक रूप से निष्पक्ष ना होकर शासकीय पद पर होते हुए शासकीय आचरण नियम के विपरीत कार्य किया गया है, इसकी जांच के लिए साइबर क्राइम के पुलिस अधिकारियों का जांच में होना आवश्यक है साथ ही जांच समिति में कार्यपरिषद का सदस्य, रिटायर्ड जज तथा रिटायर्ड वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सम्मिलित किया जाना जरूरी था, क्योंकि पवन सिंह द्वारा किया गया अपराध बड़े स्तर का है साथ में हजारों की संख्या में केरल तथा पाकिस्तान बॉर्डर से आए हुए छात्रों के प्रवेश कराने से संबंधित तथा प्रतिबंधित संगठनों से खुफिया तालमेल के माध्यम से समाज के खिलाफ कार्य करने के गंभीर प्रकृति के आरोप लगे हैं, इसकी जांच शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर नवीन शर्मा कैसे कर सकते हैं ? यह खुद ही बड़ा सवाल है जबकि डॉ. पवन सिंह से उसी शिक्षक संघ में सहसचिव के पद पर बैठे हुए हैं, ऐसे में बनाई गई जांच समिति ही जांच के घेरे में आ गई है और इस पर विश्वविद्यालय में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं साथ ही प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के खिलाफ हुए पोस्ट पर विश्वविद्यालय द्वारा एक साधारण सी जांच समिति बनाए जाने पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।   

*इनका कहना है*

आरोपी शिक्षक द्वारा किए गए विरोधी कार्यो की जानकारी पार्टी व उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है शीघ्र ही बड़ी कार्यवाही होगी।

*बृजेश गौतम जिला भाजपा अध्यक्ष, अनूपपुर*

डॉ. पवन सिंह द्वारा किया गया कृत्य अत्यंत गंभीर प्रकृति का अपराध है ऐसे राष्ट्र विरोधी शिक्षक को बर्खास्त करने के लिए जाएं महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को विश्वविद्यालय के कार्य परिषद सदस्य की ओर से पत्र प्रेषित किया जाएगा, साथ में माननीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जनजातीय तथा स्थानीय छात्रों को प्रवेश से वंचित कर केरल तथा पाकिस्तान के बॉर्डर से कुछ विशेष वर्ग के छात्रों को दिए गए प्रवेश के मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति बनाने के लिए ज्ञापन दिया जाएगा, साथ ही प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को ज्ञापन देकर इस मामले में आरोपी शिक्षक डॉ. पवन सिंह पर भादवि की धारा 153ए के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की जाएगी, इस मामले में विश्वविद्यालय का नरम रुख यह बताता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी राष्ट्र विरोधी शिक्षकों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

*नरेंद्र सिंह मरावी कार्य परिषद सदस्य,आईजीएनटीयू*

इस मामले में जांच हेतु कई प्राधिकृत अधिकारियों को कार्यवाही के लिए अग्रेषित किया गया है। 

*डॉ मुकुल ईश्वरलाल शाह कुलाधिपति आईजीएनटीयू*

आपके द्वारा पूछा गया विषय गोपनीय है जिसके संबध में मेंरे पास कोई जानकारी नही है।

*डॉ. विजय कुमार दीक्षित जनसंपर्क अधिकारी, आईजीएनटीयू*

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