प्राचार्य दस्तावेज सत्यापन के नाम पर गरीबो से लूट रहे हैं 100 रुपये, सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायत
अनूपपुर/राजनगर
अक्सर हमें दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए किसी गैजेटेड ऑफीसर से प्रमाणीकरण कराना पड़ता है इस समय आधार कार्ड संशोधन के लिए हमें गैजेटेड ऑफीसर से अपने दस्तावेज को प्रमाणित कर आधार कार्ड संशोधित करवा रहे है इसी प्रकार राजनगर शासकीय महाविद्यालय की प्राचार्य जो कि एक गेजटेड ऑफिसर के रूप में पदस्थ हैं अगर आप उनके पास दस्तावेज प्रमाणित कराने के लिए जाते हैं तो उनका सीधा एक सवाल रहता है क्या पैसे लाए हो पैसे लाए हो तभी प्रमाणीकरण होगा अन्यथा हम नहीं करेंगे अगर आपके पास पैसे नहीं है तो आपके दस्तावेज अटेस्टेड नहीं करेंगी है और आपके पास सौ पचास हैं तो आप उन्हें देकर अपने दस्तावेज को अटेस्टेड करवा सकते हैं। आखिर किस के सह पर गरीबों से सौ पचास लेकर अपने पद को इस तरह से लज्जित कर रही हैं अभी कुछ दिन पहले एक युवक के द्वारा प्राचार्य के पास आधार कार्ड संशोधन के फार्म को लेकर अटेस्टेड कराने गया और उससे प्राचार्य ने सीधा पैसे की मांग की युवक के पास पैसे ना होने के कारण उसे इनकार कर दिया और जब युवक ने उन्हें पैसे दिए हालांकि मजबूरी में उसने कुछ पैसे दिए तब जाकर प्राचार्य ने अटेस्टेड किया जिसकी शिकायत युवक के द्वारा आधार कार्ड केंद्र में की गई है और सीएम हेल्पलाइन में किया गया है आखिर इसी तरह से अगर गेजटेड ऑफिसर करेंगे तो लोग उनके पास कैसे किसी दस्तावेज की वेरिफिकेशन के लिए जाएंगे गरीब जिनके पास पैसे नहीं है वह तो करा ही नहीं सकते फिर ऐसे भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के ऊपर अंकुश लगना अत्यधिक आवश्यक है अगर जल्दी कार्यवाही नहीं की गई तो युवाओं ने प्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला लिया है। प्राचार्य क्या देगी बच्चो को ज्ञान। यह युवाओं का नारा है।
*इनका कहना है*
मेरे ऊपर जो आरोप लग रहे हैं साजिश की तरह लगाए जा रहे हैं सारे आरोप झूठे और मनगढ़ंत है।
*माया पारस प्राचार्य*
