150 घण्टे से भी ज्यादा के वर्ल्ड रिकॉर्ड कवि सम्मेलन में शामिल होंगी वंदना खरे


*कवियत्री जिले का नाम करेगी रोशन, कम समय मे बड़ी उपलब्धि*

अनूपपुर

विवेक बादल बाजपुरी संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष बुलंदी (जज्बात-ए-कलम) राकेश शर्मा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बुलंदी जज्बात ए-कलम के द्वारा काव्य पाठ हेतु वंदना खरे 'मुक्त' चचाई जिला अनूपपुर मध्यप्रदेश को काव्य पाठ हेतु आमंत्रण पत्र भेजकर विश्व के सबसे लंबे वर्चुअल कवि सम्मेलन में अपने अनूपपुर जिले के चचाई में रहने वाली कवयित्री वंदना खरे शामिल होंगी। 150 घण्टे से ज्यादा लगातार चलने वाला ये ऑनलाइन कवि सम्मेलन इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। इस कवि सम्मेलन में देश विदेश सहित 600 कवि हिस्सा ले रहे हैं । इस कवि सम्मेलन में अनूपपुर की कवयित्री वंदना खरे भी अपनी कविता पढ़कर शहर का नाम रोशन करेंगी। बुलंदी जज़्बात ए कलम संस्था द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होकर यादगार कार्यक्रमों में शामिल होगा। 

इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के जबलपुर, भोपाल, इंदौर, देवास, होशंगाबाद, छतरपुर, रीवा, रतलाम, दतिया आदि जिलों से भी कवि कवयित्री शामिल होंगे। इसका शुभारंभ संस्था द्वारा दिनांक 11 जुलाई 2021 को समय 11 बजे से होकर समापन 16 जुलाई को होगा। कार्यक्रम आयोजित जूम एप्लीकेशन पर होगा। जिसका प्रसारण हमारी संस्था के फेसबुक पेज पर भी होगा। इस कार्यक्रम में आप काव्य पाठ हेतु सादर आमंत्रित है। काव्य पाठ का समय तारीख आपको व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रेषित कर दिया जाएगा। विश्व के सबसे लंबे चलने वाले इस कवि सम्मेलन में कनाडा, जर्मनी, दुबई, सऊदी, यूएसए, बेल्जियम, केलिफोर्निया तक के कवि सहित कुल 600 से ज्यादा कलमकार सम्मिलित होंगे।



कर्मचारियों से दादागिरी, छात्र, छात्राओं पर तानाशाही फरमान, चहेतों को अभयदान


अनुपपुर । 

शासकीय तुलसी कॉलेज के तानाशाह प्राचार्य परमानंद तिवारी  का विवादों से चोली दामन का संबंध हैं। ये काम कम करते हैं विवाद ज्यादा ये हमेशा वैक्सीनशन को लेकर लगातार लापरवाह बने हुए है, इनका ध्यान रिटायरमेंट के बचे हुए समय पर अधिक से अधिक जनभागीदारी के फण्ड का उल्टा पुल्टा खर्च करके ज्यादा से ज्यादा जनभागीदारी फंड का गोलमाल कर धन कमाने का है , शासन के सभी महत्वपूर्ण कार्यो को छोड़ कर यह केवल महाविद्यालय में निर्माण कार्यो पर ध्यान दे रहे है जहां इन्हें केवल आर्थिक लाभ है, इस कोरोना काल मे सबसे महत्वपूर्ण कार्य वैक्सीनशन का है जहाँ पर यह रुचि नही दिखा रहे है इनके करीबी कर्मचारियों द्वारा अभी तक वैक्सीन की डोज नही लगवाई गई हैं। और लापरवाही करने का प्रमाण पत्र इनको मिलता रहता हैं अभी हाल में कलेक्टर महोदय ने इनको लापरवाही के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।ये दबंग प्राचार्य के नाम से पूरे जिले में प्रसिद्ध हैं। जिनके कार्यशैली पर हमेशा सवाल उठते रहते है। हर कार्य मनमाना ढंग से करने इनको महारत हासिल है। इनसे छात्र, छात्रा, कर्मचारी, प्रोफेसर सभी परेशान रहते है।

*छात्रो के लिए वैक्सीनेसन का प्रमाण पत्र*

तुलसी कॉलेज में इन दिनों छात्रो को परीक्षा का कार्य चल रहा है, जहाँ पर ओपन बुक के माध्यम से छात्रों की परीक्षा ली जा रही है, छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को जब महा विद्यालय में जमा करने आते है तो उन्हें महा विद्यालय  प्रबंधक द्वारा उनसे वैक्सीनशन का प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है और कहा जाता हैं कि जब तक वैक्सीन नही लगवाओगे तब तक आप लोगो की उत्तर पुस्तिका जमा नही होगी और कॉलेज के अंदर जाने की अनुमति नही होगी बाकायदा नोटिस चिपका कर रखे हुए हैं। जबकि परीक्षा के प्रभारी जे के संत को  बनाया गया है वो स्वयं वैक्सीन नही लगवाए है और कॉलेज के बहुत सारे कर्मचारी वैक्सीन नही लगवाए हैं वो सब कॉलेज के अंदर बाहर सभी जगह आना जाना करते है उनके लिए प्राचार्य का कोई फरमान जारी नही हैं।और छात्रों के वैक्सीन लगवाने के प्रमाण पत्र  मांग रहे है। यह एकदम तानाशाही का प्रमाण हैं।

*जागरूकता का केंद है महा विद्यालय*

शासन ने वैक्सीनेसन के लिए जन जागरूकता का केंद है महा विद्यालय को बनाया है  लेकिन तुलसी महा विद्यालय के लापरवाह व अपना रिटायरमेंट का समय काट रहे परमानंद तिवारी की जहाँ  कुछ दिनों पहले अनुपपुर कलेक्टर ने वैक्सीनेशन जागरूकता को लेकर नोटिस थमाया था उसके वावजूद यह अभी भी अपने करीबी कर्मचारी जिनमे जे के संत, सहायक प्राध्यापिका  गीतेश्वरी पाण्डेय, सुरेंद्र तिवारी, कमलेश चावले, देवेंद्र बागरी,  कर्मचारी रामाश्रय भरिया, अतिथि विद्वान आशीष गुप्ता आदि यह सभी प्राचार्य के करीबी माने जाते है जिन्हें प्राचार्य ने वैक्सीन न लगवाने का अभयदान दिया है वही अन्य कर्मचारियों पर वेतन रोकने का दवाव डालकर वैक्सीन लगवा दिया गया। प्राचार्य अपने कर्मचारियों पर दोहरा नियम कैसे लागू कर सकते हैं।

*नो मास्क नो इंट्री*

कॉलेज के मुख्य द्वार पर नोटिस चिपका कर रखे हैं नो मास्क नो इंट्री मगर सूत्र बताते है कि कॉलेज परिसर के अंदर ज्यादातर कर्मचारी बिना मास्क के घूमते हुए नजर आते हैं मगर वहाँ बपर प्राचार्य की निगाह कमजोर साबित हो रही हैं जिन्हें आंख के डॉक्टर से चेकअप करवाके चस्मा लगवाने की आवश्यकता है। जिससे इनको सब कुछ कॉलेज मे क्या क्या हो रहा है स्पष्ट दिखाई देने लगे।

नेशनल हाईवे पर बनी पुल का कोना धसका कभी भी हो सकती है बड़ी घटना


अनूपपुर/डोला

वर्ष 2015-16 में नेशनल हाईवे 43 का निर्माण शहडोल से मध्यप्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित रामनगर बॉर्डर तक निर्माण एजेन्सी दिलीप बिल्डकॉन द्वारा कराया गया जहाँ पर आर सीसी पुल निर्माण न करा कर ढोला लगाकर पुल निर्माण किया गया जिसमें न्यू डोला बस्ती क्षेत्र के बीचोबीच रोड़ निकलने से दोनों तरफ निवस कर रही बस्ती के घरों व बरसात का पानी पुल के रास्ते बस्ती से बाहर तक निकलता रहा।

*आरसीसी पुल की जगह ढोला लगाकर किया गया पुल निर्माण*

दिलीप बिल्डकॉन द्वारा पुल निर्माण में आरसीसी पुलिया निर्माण ना कर ढोला लगाकर पुल निर्माण किया गया था जहाँ पर पानी के बहाव में पुल में लगाया गया ढोला मलवे से जाम हो चुका है लगातार 5 वर्ष से बरसात में पानी निकाशी न होने पर कई लोगों के घरों में भी पानी का भराव तक हो चुका है वही वर्ष 2019 में न्यू डोला निवासी सोनू जो किराये के मकान में रहकर साइकिल पंचर दुकान चलाकर अपना व अपने परिवार का पालनपोषण कर रहा था जिसके घर में बरसात का पानी भरने से कभी नुकसान भी हुआ था जिसका हर्जाना आज दिनांक तक सोनू को नही मिल सका।

*ढोला में जाम मलवा व पानी भराव होने से पुल हो रही कमजोर*

राज मोहब्बत घर के समीप बनी पुल के अंदर मलवा जाम हो जाने के कारण पानी निकासी ना होने पर पानी पुल के समीप ही एकत्रित हो गया जिससे पुल धीरे धीरे कमजोर होकर किनारे से घसक कर बैठ गई है

वहीं नेशनल हाईवे 43 में लगभग 50 से 60 टन तक के लोड लेकर हैवी वाहनों का आवागमन लगातार बना रहता है जिससे कभी भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है जिसको लेकर पूर्व में भी स्थानीय संवाददाता द्वारा खबर प्रकाशित किया गया था व जिम्मेदार लोगों से बात भी की गई थी लेकिन उनके द्वारा दिया गया आश्वासन सिर्फ आश्वासन ही रह गया आज वही पुल जो कि कोने से घसक गई है साथ ही भारी वाहनों के आवागमन करने पर अगर कभी भी क्रॉसिंग के समय दोनों लोड़ वाहन उसी पुल के पास मिलते हैं तो निश्चित ही घटना घटित हो सकती है जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी एनएच प्रबंधन की मानी जाएगी।

*पुल निर्माण होने के बाद से आज दिनांक तक नहीं की गई पुल की सफाई*

वही ग्रामीणों द्वारा यह भी बताया गया कि पुल बस्ती क्षेत्र में होने पर बस्ती व आसपास के पहाड़ क्षेत्र का पानी इसी पुल से निकलता है जिसके लिए आरसीसी पुल ना बनाते हुए दिलीप बिल्डकॉन द्वारा ढोला डालकर काम किया गया जिससे कि निर्माण होने के बाद से लेकर आज दिनांक तक एक बार भी पुल की सफाई न होने के कारण से पानी का भराव पुल के समीप बना रहता है जिससे पुल अब कमजोर होकर धीरे-धीरे बैठने लगी है अगर अभी भी घ्यान नही दिया गया तो कभी न कभी निश्चित ही बड़ी घटना घटित हो सकती हैं इस संबंध में जब पीडी पीआईडी शरदचंद सिंह से जानकारी लेने के लिए बात की गई तो उनका कहना था कि आप आरटीआई लगाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

*इनका कहना है*

आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है कर्मचारियों से बात कर व जगह देखकर जल्दी ही सफाई कार्य कराया जाएगा।

*राजेंद्र कुशवाहा प्रभारी सीएमओ डोला*

कोयलांचल क्षेत्र होने की वजह से इस रोड पर कोयला लोड भारी वाहनों का आवागमन बना रहता है अगर समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी अप्रिय घटना घटित हो सकती हैं।

*राज मोहम्मद अधिवक्ता कोतमा*

ठेकेदार की दादागिरी खोद डाली सड़क, नही कराया मरम्मत, नगर वासी परेशान- वीरू


*नगर परिषद के अधिकारी ठेकेदार के सामने नतमस्तक नही कर रहे हैं कोई कार्यवाही*

अनूपपुर/अमरकंटक

वीरु ताँबोली यूथ कांग्रेश अध्यक्ष अमरकंटक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पवित्र नगरी अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 13 और 14  टिकरी टोला में नल जल के ठेकेदार ने पानी पहुचाने के नाम पर सड़को को ध्वस्त कर दिया सालों बीत जाने के बाद भी आज दिनांक तक इस सड़क का मरम्मत कार्य नही किया गया जिससे आम जन मानस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है हैरानी की बात तो यह है कि अमरकंटक नगर परिषद के अधिकारियों ने आज तक इस ओर कोई पहल नही की जिसका खामियाजा अमरकंटक वासी भोग रहे है जबकि नगर परिषद के द्वारा ठेकेदार को नोटिस भेज कर तत्कालीन मरम्मत कार्य शुरू करने की बात कही जानी चाहिये थी और मदमस्त मौला बनकर ठेकेदार ओर नगर परिषद प्रशासन कुम्भकरणी निद्रा में सोए हुए है।

माँ नर्मदा जी के उद्गम स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक मे वार्ड क्रमांक 13,14 टिकरीटोला की मुख्य मार्ग जो आज दिनांक तक क्षतिग्रस्त है जल नल योजना के तहत ईन सड़को पर कार्य किया गया था लेकिन आज दिनांक तक जल नल योजना के  केठेकेदारो द्वारा इन सड़को का मरम्मत कर पुनः निर्माण नहीं कराया गया और न नगर परिषद अमरकंटक इस पर ध्यान दिया  टिकरी टोला मार्ग पर आये दिन स्थानीय लोगो का आवागमन बना रहता है जिन सड़को पर आपको बड़े बड़े गड्ढे देखने को मिल सकता है जो दुर्घटना को आमंत्रित कर रहे हैं इन सड़को से कोई नेता मंत्री का आवागमन नही होता इसलिये ये सड़क नही बन पाया अगर नेता मंत्री का आवागमन होता तो निश्चित रूप से अभी तक सड़क बन चुका होता इन सड़को के निर्माण के लिए नगर परिषद ध्यान दे। नही तो इसके लिए आंदोलन करना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी। 


                     

लायनेस क्लब रीता गुप्ता बनी अध्यक्ष पत्रकार भरत मिश्रा को किया गया सम्मानित


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के कोतमा में लायनेस क्लब की अध्यक्ष किरण गोयनका के निवास में 28 जून को बैठक का आयोजन किया गया । बैठक में किरण गोयनका अध्यक्ष के एक वर्ष के कार्यकाल का लेखा-जोखा लिया गया जिसमें उनके नेतृत्व में पिछले कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन के दौरान गरीब बस्ती के लोग आर्थिक स्थिति से गुजर रहे थे तब लायनेस क्लब के सदस्यों के द्वारा गरीब बस्तियों में पहुंचकर उन्हें राशन का पैकेट ठंड के दिनों में गर्म कपड़े दीपावली में लाई बताशा के साथ पटाखे देकर गरीबों का सम्मान बढ़ाया साथ ही निशुल्क स्वास्थ्य शिविर मधुमेह के शिविर लगाकर आमजन को लाभ पहुचाने के मामले में भी लायनेस क्लब की सदस्य पीछे नहीं रही सामाजिक कार्य वृक्षारोपण का कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । किरण गोयनका के 1 वर्ष के कार्यकाल के बाद नए अध्यक्ष के रूप में रीता गुप्ता सचिव साईं गीता कोषाध्यक्ष रचना जैन को बनाया गया । लायनेस क्लब के द्वारा समाज सेवा के कार्य अग्रणी रहने वाले मीडिया कर्मी भरत मिश्रा कोतमा को शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया । नए अध्यक्ष रीता गुप्ता के द्वारा कहा गया कि हमारे क्लब की सभी महिला सदस्य समाज सेवा के कार्य में नगर में अग्रणी भूमिका निभाएंगी उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स डे के दिन डॉक्टरों का सम्मान किया जाएगा वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी हमारे क्लब के द्वारा किया जाएगा वर्तमान में जिस तरह से कोरोना कॉल के दौरान लोगों को ऑक्सीजन की समस्या से जूझना पड़ा इसलिए अब हम लोगों ने तय किया है कि वृक्षारोपण के दौरान नीम बरगद पीपल के वृक्ष का रोपण किया जाएगा साथ ही सभी सदस्यों के द्वारा एक एक व्यक्ति की देखरेख के लिए संकल्प भी लिया जाएगा । बैठक के दौरान किरण गोयनका साईं गीता रचना जैन रीता गुप्ता छाया बरसैया शिल्पा त्रिवेदी शिल्पा जैन उपस्थित थे।

दीपक पाण्डेय बने अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच युवा प्रकोष्ठ के संभागीय प्रभारी


*अनूपपुर -*

अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ जितेन्द्र जादवानी की अनुशंसा पर एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र कुमार बालेजा (अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच) के अनुमोदन पश्चात दीपक कुमार पाण्डेय को युवा प्रकोष्ठ जबलपुर का संभागीय प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिस पर उनके इष्ट मित्रों सहित सामाजिक संगठन व पत्रकार साथियों ने बधाई दी है, वहीं दीपक कुमार पाण्डेय (अधिवक्ता) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र कुमार बालेजा, राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ जितेन्द्र जादवानी व संघ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा जो महत्वपूर्ण पद मुझे दिया गया है उसे पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी के मार्ग पर चलकर सभी के सहयोग से संघ को आगे बढ़ाने में हम सभी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनकी नियुक्ति से अधिवक्ता संघ को काफी।सहयोग प्राप्त होगा। इनकी नियुक्ति से लोगो मे हर्ष का माहौल हैं जबलपुर के अलावा अनूपपुर, शहडोल, उमरिया जिले से भी इनको बधाइयां मिल रही हैं। दीपक पाण्डेय अनूपपुर मुख्यालय के पुस्तैनी निवासी है शुरू से ही ये कार्य के प्रति लगाव बहुत होनहार मेहनती थे बहुत ही कम समय मे इन्होंने वकालत में बड़ा नाम कमाया हैं जबलपुर जैसे जगह पर इन्होंने काफी मेहनत करके वकालत में एक अच्छा मुकाम पाया हैं। बधाई देने वाले सभी इनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है।

रेलवे स्टेशन के पास आम के पेड़ में कालरी कर्मचारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या


अनूपपुर/कोतमा

 एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के जमुना कॉलरी वार्ड नंबर 3 के रहने वाले कालरी कर्मचारी सुनील कोरी ने 29 जून 2021 की दोपहर लगभग 1:00 बजे हरद रेलवे स्टेशन के पास स्थित आम के पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोग हैरत में पड़ गए कि आखिर किन कारणों से एक कालरी कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली घटना की सूचना रेलवे पुलिस को स्थानीय लोगों के द्वारा दी गई है कालरी कर्मचारी सुनील गोरी ने आत्महत्या क्यों की यह भी अज्ञात है पुलिस विवेचना के उपरांत ही स्पष्ट हो सकेगा। मगर सूत्रों से यह जानकारी मिल रही है कि सूदखोरों की धमकी के कारण आत्महत्या का कदम उठाया गया हैं सूदखोर 3 से मृतक को परेशान कर रहे थे।

वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पटवारी संघ प्रदर्शन कर  कलेक्टर को सौंपा पत्र


अनूपपुर

मप्र में वर्षों से लंबित विभिन्न मांगों को लेकर पटवारी संघ एक बार फिर आन्दोलित है। मप्र पटवारी संघ की अनूपपुर जिला ईकाई ने मंगलवार, 29 जून को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर सुश्री सोनिया मीणा को मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री,मुख्य सचिव,प्रमुख सचिव, कमिश्नर भू अभिलेख , भोपाल के नाम पत्र सौंप कर मांगें शीघ्र पूरा करने की अपील की है।

जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार तिवारी, शशिभूषण मिश्रा, राजीव सिंह परिहार, रामबदन चौधरी, पुष्पांजलि सोनी के साथ जिले भर से आए बड़ी संख्या में पटवारियों ने कलेक्टर को पत्र सौंप कर मांग की है कि शासन द्वारा विगत कई वर्षों से केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है किन्तु  हमारी कोई मांग पूर्ण नही की गई है । जिससे प्रदेश के पटवारियों में निराशा का भाव होकर मनोबल प्रभावित हो रहा है व आये दिन पटवारियों की मौत हो रही है । पटवारी संवर्ग की प्रमुख मांगों का विवरण निम्नानुसार है : 

*पटवारियों का ग्रेड पे 2800 करते हुए समयमान वेतनमान विसंगति को दर की जाय*

प्रदेश के पटवारियों को कार्यपालिक एंव तकनीकी पद घोषित किया जाकर उनकी योग्यता स्नातक की जा चुकी है। पटवारियों द्वारा विविध तकनीकी व ऑनलाइन कार्य निरंतर संपादित किये जा रहे हैं। किन्तु अभी भी उन्हें तकनीकी पद का ग्रेड पे 2800 न दिये जाते हुए 5200-20200 + 2100 ग्रेड पे दिया जा रहा है । जो कि उपरोक्ता अनुसार पटवारी को उसके कर्तव्य संपादित कार्य एंव योग्यता के अनुरूप नहीं है तथा पटवारी को प्राप्त होने वाले उपरोक्त वेतन समकक्ष श्रेणीयों के समस्त कर्मचारी कैडरों के मुकाबले सबसे कम है । 

मध्यप्रदेश में पटवारी संवर्ग के वेतनमान का उन्यन अंतिम बार सन् 1998 में किया गया था । इस प्रकार विगत् 22 वर्षों से पटवारी के वेतनमान का उनयन नहीं किया गया है । जबकि इसी अवधि में कई अन्य विभागों के कई समकक्ष कर्मचारी कैडरों जिनका वेतन तत्समय पटवारी से कम था , के वेतनमान का उन्नयन किया जा चुका है । जिससे उक्त कैडर वर्तमान में पटवारी से अधिक वेतन प्राप्त कर रहे है । जबकि उपरोक्त समयावधि में पटवारी के कर्तव्यों तथा योग्यता में काफी बढ़ोतरी की गई है । वर्ष 2007 में मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय अधिवेशन में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा भी पटवारियों के वेतन उन्नयन की घोषणा की गई थी । विभाग पटवारियों के वेतन उन्नयन के संबंध में द्वारा पत्र क्रमांक यू -84 / 15 / 07 / 04 बी दिनांक 14 अगस्त 2015 द्वारा संक्षेपिका भी मंत्री परिषद् के निर्णय हेतु भेजी गई थी । यह की माननीय मुख्यमंत्री महोदय म.प्र . शासन के निर्देश पर माननीय राजस्व मंत्री महोदय द्वारा भी पटवारियों का वेतनमान 5200-20200 + 2800 ग्रेड पे किये जाने हेतु वर्ष 2019 में लिखित आश्वासन पत्र दिया गया है। किन्तु अभी तक 5200-20200 + 2800 ग्रेड पे वेतनमान स्वीकृत नहीं हुआ है । आज भी पटवारी संवर्ग को विसंगति पूर्ण समयमान वेतनमान मिल रहा है जबकि मध्यप्रदेश शासन के राजपत्र असाधारण दिनांक 26 / 02 / 2009 , शनिवार के पेज पर 12 की कंडिका क्र . 12 में स्पष्ट उल्लेख है कि समयमान वेतनमान अंतर्गत कर्मचारी को अगले पदोन्नत पद की ग्रेड पे देय होगी । शासन नियमानुसार पदोन्नति के सापेक्ष में पटवारी संवर्ग को प्रथम समयमान में राजस्व निरीक्षक एंव द्विती में नायब तहसीलदार / सहा 0 अधि 0 भूअअभिलेख एंव तृतीय में तहसीलदार , अधीक्षक भूअभिलेख का वेतनमान प्राप्त होना चाहिए । जो कि वर्तमान में पटवारी संवर्ग को प्राप्त नहीं हो रहा है । 

*गृह जिले में पदस्थापना*

वर्तमान में पटवारियों की नवीन भर्ती प्रदेश स्तर पर की गई है ।जबकि पटवारी का पद जिला स्तरीय है तथा कई जिलों के विखंडन किये जाने के फलस्वरूप वर्तमान में नवनियुक्त कई पटवारी अपने गृह जिले से लगभग 800 -- 800 किलोमीटर दूर तक पदस्थ होकर कार्यरत हैं।  स्थिति यहां तक है कि दूरी अधिक होने से लगभग 15 पटवारी मर चुके हैं । अत: ऑनलाइन प्रक्रिया संपादन कर पति - पत्नि को शासन की मूलभावना निर्देशानुसार एक जगह पदस्थ करने व प्रदेश भर में बाहर पदस्थ नवनियुक्त पटवारियों को उनके गृह जिलों में पदस्थ किया जाय ताकि वे अपने पारिवारिक दायित्वों का पालन कर सकेंगे और चिंता मुक्त होने से उनकी कार्यक्षमता व कार्यकुशलता में और में अधिक वृध्दि होगी । 

*नवीन पटवारियों की CPCT की अनिवार्यता संबंधी नियम समाप्त किया जाय*

यह कि वर्तमान में नवनियुक्त पटवारियों में से लगभग 75 प्रतिशत पटवारियों द्वारा सीपीसीटी उत्तीर्ण की जा चुकी है । कोरोना संकंट होने के कारण प्रदेश स्तर पर विगत दो वर्षों से उपरोक्त परीक्षा शासन स्तर से न होने से लगभग 25 प्रतिशत पटवारियों को बैठने का अवसर प्राप्त नहीं हुआ है। जबकि समस्त नव नियुक्त पटवारियों द्वारा सभी विभागीय कार्य आन लाईन पूरी कुशलता से किये जा रहे हैं। मांग की गयी है कि पटवारियों को सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि पन्द्रह दिन के अन्दर सभी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो मप्र पटवारी संघ प्रदेश व्यापी आन्दोलन करने को बाध्य होगा।

थाना में अधिकारियों के सामने पुलिस वालों ने उड़ाई नियम कानून की धज्जियां

*वरिष्ठ अधिकारियों का कोई डर नही फोटो खिंचाने की होड़ में भूल गए सारे नियम कायदे, इनके ऊपर कौन करेगा कार्यवाही*


अनूपपुर/भालूमाड़ा

अनुविभागीय पुलिस अधिकारी कोतमा शिवेन्द्र सिंह बघेल ने थाना भालूमाडा का वार्षिक निरीक्षण करने पहुँचे जहाँ पर समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को परेड़ लेते हुए थाना के माल खाना, हवालात स्टॉक,रजिस्टर तथा समस्त कमरों का निरीक्षण किया और पेंडिंग अपराध,गंभीर अपराध तथा चालान की समीक्षा करते हुए उन्होंने गंभीर अपराध के मामले में फरार चल रहे दो अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए साथ में जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन के तमाम मामलों के निराकरण करने हेतु भालूमाडा थाना प्रभारी हरिशंकर शुक्ला को निर्देशित किया।थाना भालूमाडा के उन तमाम उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया।


 पूरे भारत मे कोरोना महामारी की दूसरी लहर काफी खतरनाक साबित हुई लाखो लोग काल के गाल में समा चुके है कोरोना महामारी जैसे जैसे कम हो रहा हैं लगभग सभी जगह से कोरोना कर्फ़्यू हट चुका का बाजार खुलने लगा है। वैसे लोग लापरवाही करने से बाज नही आ रहे है आम आदमी तो लापरवाही करे तो प्रशासन उनके ऊपर कार्यवाही करता है और अगर प्रशासन के लोग जो नियमो का पालन करवाते हैं वो लोग ही नियमो का उल्लंघन करने लगे तो इनके ऊपर कौन कार्यवाही करेगा मामला भालूमाड़ा थाने की हैं जहाँ पर एसडीओपी साहब वार्षिक निरीक्षण करने गए थे परेड के समय तो कुछ लोगो को छोड़कर बाकी सभी लोग कोरोना नियमो का पालन करते नजर आए मगर जैसे ही परेड खत्म हुई तो थाने के सामने 15 अधिकारी कर्मचारी बिना मास्क के कोरोना नियमो की खुले आम धज्जियां उड़ा डाली फ़ोटो खिंचाने की होड़ मे सारे नियम कानून भूल गए उनको अपने आला अधिकारियों का भी बिल्कुल भी भय नही रहा। वही कोरोना कम हुआ है खत्म नही हुआ है पूरे देश मे कोरोना डेल्टा प्लस की एंट्री हो चुकी है ये वायरस अभी तक के वायरस से खतरनाक माना जा रहा है। पुलिस विभाग अभी तक कोरोना नियमो का पालन न करने पर आम जनता से लाखों रुपये मास्क न लगाने के नाम पर वसूली कर चुके हैं मगर किसी बड़े नेता, विधायक, सांसद, मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी के ऊपर अभी तक कोई भी वसूली नही हुई हैं जब कि कई बार नियमो का उल्लंघन करते हुए देखा गया है खबरे भी प्रकाशित हुआ है और अब खाकी वर्दी वाले लोग भी वही करने लगे हैं अब इनके मास्क न लगाने पर इनसे कौन वसूली करेगा। अब देखना यह है कि जिले में बैठे आला अधिकारी इन पर कार्यवाही करते हैं या केवल नियम आम जनता और गरीबो के लिये भर बने है।

*इनका कहना है*

*इस मामले पर पुलिस अधीक्षक एम एल सोलंकी से मोबाइल न. पर बात करना चाहे तो कॉल रिसीव नही हुआ*

*इस मामले पर जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेख राजन से 2 बार बात करना चाहे तो उनका न. बिजी आ रहा था*

कोरोना अभी खत्म नही हुआ है कोरोना नियमो का पालन सभी को करना है चाहे पुलिस हो या आम जनता परेड़ वके समय सभी लोग मास्क लगाए थे बिना मास्क वाली फ़ोटो की मुझे कोई जानकारी नही है मैं मामले को दिखवाता हूँ

*शिवेंद्र सिंह बघेल एसडीओपी कोतमा*



 लोकसभा, विधानसभा, पंचायत प्रतिनिधियों की जानकारी होगी सार्वजनिक आयोग का फैसला


 *मप्र राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह का पंचायत चुनाव को लेकर ऐतिहासिक फैसला* 

 *लोस और विस प्रतिनिधियों की तरह पंचायत प्रतिनिधियों की भी जानकारी हो सार्वजनिक* 

 *चुनाव आयोग और जिले की वेबसाइट पर शपथ पत्र और कच्चा चिट्ठा किया जाए अपलोड* 

 *आमजन को पंचायत जनप्रतिनिधियों की मिल सकेगी जानकारी* 

 *दूसरे राज्यों में पंचायत प्रतिनिधियों की जानकारी की जाती है अपलोड* 

 *एक अपील की सुनवाई के दौरान इंफॉर्मेशन कमिश्नर ने सुनाया फैसला* 

 *आगामी चुनाव और कोरोना काल को देखते हुए सुनाया निर्णय* 

मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए मध्यप्रदेश के आगामी  पंचायत चुनाव में सभी उम्मीदवारों की सूची और शपथ पत्र वेबसाइट पर पब्लिक के लिए अपलोड करने के निर्देश मप्र राज्य चुनाव आयोग को दिए हैं। सिंह ने कहा है कि यह लोगों का संवैधानिक अधिकार है, इसके लिए आरटीआई लगाने की भी जरूरत नहीं है।

साथ ही सिंह ने वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ पत्र RTI दायर होने के 30 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए है। इसके अलवा आगामी पंचायत चुनाव के बाद चुने हुए पंचायत प्रतिनिधियों की सभी जानकारी अब प्रत्येक जिले की वेबसाइट पर एक क्लिक पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए है। 

राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने पंचायत चुनाव के समय सभी उम्मीदवारों की जानकारी जनता को उपलब्ध कराने के अपने निर्णय को *संविधान के अनुच्छेद 19 (1) के तहत जनता का संवैधानिक अधिकार माना है।* सिंह ने अपने आदेश में *कोरोना संक्रमण के बदलते स्वरूप के चलते पंचायत चुनाव के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर में  सूचना के लिए भीड़ कम से कम लगे और जानकारी स्वतः पब्लिक प्लेटफॉर्म पर लोगों को उपलब्ध होने को भी आधार बनाया है।* 

*क्या है पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों की जानकारी की वर्तमान व्यवस्था?* 

मध्य प्रदेश चुनाव आयोग द्वारा अपने खुद के राजपत्र में हर पंचायत चुनाव में निर्देश जारी किए जाते हैं कि उम्मीदवारों की जानकारी जैसे शपथ पत्र क्रिमिनल रिकॉर्ड, शैक्षणिक योग्यता, संपत्ति की जानकारी  जनता के अवलोकन के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट और जिले के वेब पेज पर प्रदर्शित की जाए। इसके अलावा इस जानकारी को जिले के रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में प्रदर्शित करने का भी नियम है। पर स्वयं चुनाव आयोग इस नियम का पालन नहीं करता है और ना ही जिले के वेबपेज पर भी यह जानकारी उपलब्ध है।

मध्य प्रदेश चुनाव आयोग के नियम में प्रति पेज 2 के हिसाब से उम्मीदवारों की शपथ पत्र की कॉपी जनता को उपलब्ध कराने का नियम भी है, पर रिटर्निंग ऑफिसर जानकारी सीलबंद लिफाफे में होने का बहाना करके आरटीआई आवेदन को टरका देते हैं। 

*क्या है अन्य राज्यों में व्यवस्था*

उड़ीसा राज्य में पंचायत उम्मीदवारों की सारी जानकारियां वहां के जिले के वेब पेज पर उपलब्ध है। बिहार और झारखंड राज्य के कुछ जिलों में यह जानकारियां वेब पेज पर उपलब्ध है। कर्नाटक राज्य में भी नगरीय निकाय से संबंधित उम्मीदवारों की जानकारी शपथ पत्र आदि उपलब्ध है। राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह का कहना है कि जब अन्य राज्य इस जानकारी को उपलब्ध करा सकते हैं तो मध्यप्रदेश क्यों नही। कोरोना के चलते यह और भी जरूरी हो गया है की जानकारियां लोगों को स्वतः वेबसाइट पर उपलब्ध हो। उसके लिए जनता को सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं काटना पड़े।

राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह का मानना है कि पंचायत चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर पर जानकारी प्रदर्शित होने से बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी मिल पाती है। वेबसाइट पर आने पर अब सभी लोग इसका अवलोकन कर सकते हैं। जैसी कसावट और पारदर्शिता लोकसभा और विधानसभा चुनाव में होती है वैसे ही पंचायत चुनाव में भी होनी चाहिए। सिंह का कहना है कि गांव के वोटर्स को भी यह जानने का हक है कि उनके जनप्रतिनिधियों ने चुनाव दर चुनाव कितनी संपत्ति अर्जित की है या उनके खिलाफ़ कौन से अपराधिक मामले दर्ज हुए हैं।

राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह  ने आदेश जारी करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग को कहा है कि सूचना आयोग के इस आदेश की प्रति जिले के समस्त कलेक्टरों को उपलब्ध कराकर पालन सुनिश्चित करवाए।  इस आदेश में सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 4 के तहत स्वतः  पब्लिक प्लेटफॉर्म पर जारी करने के निर्देश दिए हैं ताकि इसके लिए आरटीआई भी ना लगाना पड़े। 

*क्या थी अपील और शिकायत?*

राज्य सूचना आयोग ने यह निर्णय एक शिकायत और अपील के प्रकरणों का निराकरण एक साथ करते हुए दिया है।

मामले में शिकायतकर्ता आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने जब आरटीआई लगाकर के रीवा जिले में वर्तमान के पंचायत प्रतिनिधि के शपथ पत्र की जानकारी मांगी तो तहसीलदार ने यह कहते हुए मना कर दिया कि जानकारी मध्य प्रदेश चुनाव आयोग के निर्णय के अनुसार सील बंद लिफाफे में रखी है और उसे खोलने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। इस जवाब के बाद मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने इस प्रकरण में धारा 18 के तहत जांच शुरू की। इस प्रकरण में मध्य प्रदेश चुनाव आयोग से नियमो को लेकर जवाब तलब किए गए। मध्य प्रदेश सूचना आयोग ने पाया कि चुनाव आयोग के नियमों में कहीं भी शपथ पत्रों को सीलबंद लिफाफे में रखने का नियम नहीं है, बल्कि मतपत्र को सीलबंद लिफाफे में रखने का नियम है। इस अपील के अलावा शिवानंद द्विवेदी ने एक शिकायत भी राज्य सूचना आयोग के समक्ष रखी जिसमें रीवा संभाग के अलावा अन्य जिलों में वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध नहीं होने के तथ्य को सामने रखा। 

मध्य प्रदेश चुनाव आयोग द्वारा खुद के राजपत्र में पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों की लिस्ट को अपनी वेबसाइट और जिले की वेबसाइट पर डालने की व्यवस्था है, पर इसके बावजूद दोनों जगह से यह जानकारी गायब है। सूचना आयुक्त सिंह ने इस बात पर भी सवाल उठाया है कि जब कई राज्यों के जिले की वेबसाइट पर जब चुने हुए पंचायत प्रतिनिधियों की जानकारी उपलब्ध है तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं। सिंह का कहना है की जिस तरह से लोक सभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि पूरा कच्चा चिट्ठा जनता के सामने होता है, उसी तरह पंचायत चुनाव के जनप्रतिनिधियों की भी जानकारी जनता के पास होनी चाहिए, ताकि चुनाव के समय जनता बेहतर निर्णय ले सके। 

कपिलधारा में आवारा कुत्तों का हमले से 2 हिरणों की गई जान


अनूपपुर/अमरकंटक

आज सुबह लगभग 7 बजे के आस पास हिरणों का एक समूह कपिलधारा के पास चारा चर रहा था, तभी आवारा कुत्तों के द्वारा हिरणों पर हमला कर दिया गया । इससे घबराकर एक हिरण कपिलधारा जल प्रपात के गिर गया और हिरण की जान चली गई । इसी भागा दौड़ी में एक और हिरण कुत्तों से अपनी जान बचाकर कपिलधारा पार्किंग के पास बसी हुई बस्ती में जाकर छुप गया । स्थानीय लोगों के द्वारा तत्काल सूचना देने की वजह से मौके पर वन विभाग के रेंजर मिथुन सिसोदिया, समाजसेवी रामगोपाल द्विवेदी, पशुचिकित्सक, नर्मदा प्रहरियों आदि की टीम द्वारा हिरण का इलाज किया जा रहा था। किंतु चोट कभी गहरी थी जिसकी वजह से काफी खून बह गया था । पशु चिकित्सक द्वारा जान बचाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन हिरण की जान नही बचा पाए । कपिलधारा में आवारा कुत्तों का आतंक बहुत बढ़ गया है।  आए दिन इस प्रकार कि हिरण पर जान लेवा हमले का मामला सामने आ रहा है । इस पर तुरंत कोई कड़ी कार्यवाही करने की आवश्यकता है, नहीं तो अमरकंटक में जो थोड़े बहुत हिरणों का झुंड दिखाई पड़ता है वह दिखाना बंद हो जाएगा और कही ऐसा न हो कि अमरकंटक के जंगल से हिरण पूरी तरह लुप्त ही हो जाए।

 हिंदुस्तान पावर सीएसआर ने ब्लड बैंक के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन


अनूपपुर/जैतहरी

28 जून ताप विद्युत कंपनी हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग ने अनूपपुर जिला ब्लड बैंक के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। कंपनी परिसर स्थित अस्पताल में आयोजित इस शिविर में कंपनी कर्मियॊं और उनके परिवार के सदस्यों ने रक्तदान किया। 

सीएसआर विभाग का यह प्रयास कोरोना संकट के बीच रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के जिला ब्लड बैंड के प्रयासों की एक कड़ी है। कंपनी के प्लांट हेड एवं सीओओ बसंता कुमार मिश्रा के मार्गनिर्देशन में सीएसआर विभाग ने रक्तदान कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की।

 जिला ब्लड बैंक के प्रमुख डा. आरपी श्रीवास्तव के नेतृत्व मॆं एक टीम ने सीएसआर विभाग के डाक्टर तनवीर अहमद जानवरी और कंपनी परिसर स्थित अस्पताल के डाक्टर अरित्रा बनर्जी के सहयोग से इस शिविर को संपन्न किया। शिविर को संपन्न कराने में ब्लड बैंक, सीएसआर विभाग और कंपनी अस्पताल के कर्मियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। सीएसआर विभाग की ओर से इस शिविर के समन्वयक शुभाशीष चक्रवर्ती कहते हैं," कोरोना संक्रमण के बीच रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है। हम इस चुनौती से निटपने में जिला स्वास्थ्य प्रशासन के साथ हैं।" इस रक्तदान शिविर से अनूपपुर जिला ब्लड बैंक लाभान्वित होगा। शिविर में कुल 40 लोगों ने रक्तदान किया। 

मानव जीवन के लिए अमूल्य योगदान करने वाले इन रक्तदाताओं में से एक शरद अग्रवाल कहते हैं, " मुझे खुशी है कि यह मानवीय कार्य करने का सौभाग्य मुझे मिला।" रक्तदाता पंकज निगम कहते हैं, " इंसान के लिए इंसान काम आए, यही सर्वश्रेष्ठ मानवता है।" कंपनी के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख आरके खटाना ने इस शिविर की व्यवस्था का जायजा लिया। 

उल्लेखनीय है कि हिंदुस्तान पावर सीएसआर विभाग पिछले कई सालों से रक्तदान शिविर आयोजित कर इस मानवीय कार्य में महती योगदान देता रहा है।

सर्प काटने से गंभीर युवक की अस्पताल में उपचार दौरान हुई मौत


अनूपपुर

अनूपपुर जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम रामपुर में आज सुबह रिश्तेदारी में आए 30 वर्षीय युवक की 28 जून को जहरीले सर्प के काटने से गंभीर स्थिति में उपचार हेतु जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती दौरान मौत हो गई ,विवरण में मिली जानकारी के अनुसार चचाई थाना के ग्राम बरगवां के वार्ड नंबर एक निवासी अजय पिता लालाराम बैगा उम्र 30 वर्ष अपनी रिश्तेदारी में विगत रात शहडोल जिले के रामपुर गांव में आया था जहां आज सुबह घर के पास अचानक जहरीले सांप ने दाएं हाथ पैर के पास काट दिया जिससे युवक के गंभीर होने पर उसे उपचार हेतु जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाकर भर्ती किया गया,उपचार दौरान युवक की मौत होने पर ड्यूटी डॉक्टर द्वारा अस्पताल पुलिस को सूचना दिये जाने पर पुलिस द्वारा मृतक के शव का पंचनामा,शव परीक्षण साक्षीयों के कथन लेने वालों मृतक के शव का अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया ।                             

लॉकडाउन में बंद राइस मिल का बिजली विभाग ने भेजा 90 करोड़ का बिल


सिरसा (हरियाणा)

बिजली विभाग की गड़बड़ियों के किस्से तो आपने सुने होंगे, लेकिन हरियाणा के सिरसा में विभाग की एक लापरवाही चर्चा का विषय बन गई है. जी हां, यहां के कलांवली इलाके में चलने वाली एक राइस मिल को तकनीकी गड़बड़ी की वजह से विभाग ने 90 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिल भेज दिया है. लॉकडाउन के दौरान बंद पड़ी मिल के ऊपर इतना भारी-भरकम बकाया देखकर राइस मिल  संचालक के भी होश उड़ गए हैं. उसका कहना है कि आम तौर पर जहां 5-6 लाख का बिल आता था, उसकी जगह इस बार पूरे 90.137 करोड़ रुपए का बिल भेजा गया है.

यह पूरा मामला सिरसा के कलांवली इलाके में चलने वाली गणेश राइस इंडस्ट्रीज का है. बिजली विभाग ने इस मिल के संचालक को बीते दिनों 90.137 करोड़ रुपए का बिजली बिल भेजा है. राइस मिल के संचालक ने बताया कि भारी-भरकम बिजली बिल का ऐसा मामला पहली बार सामने आया है. उन्होंने कहा कि आम तौर पर मिल में जितनी बिजली खपत होती है, उसके मद्देनजर 5 से 6 लाख रुपए के बीच में ही बिल आता है, लेकिन इस बार तो हद हो गई. उन्होंने कहा कि फैक्ट्री चलने के दौरान इतना बिल आम बात है, लेकिन अभी जबकि कोरोना लॉकडाउन की वजह से काम-धंधा बंद है, फैक्ट्री भी बंद पड़ी है, ऐसे में 90 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिल समझ से परे है.

*इस गड़बड़ी को जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा*

उधर, 90 करोड़ रुपए से ज्यादा बिल भेजे जाने का मामला सामने आने के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में इस भारी-भरकम बकाया राशि की जांच की गई तो पता चला कि सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी से राइस मिल के ऊपर 90.137 करोड़ रुपए का बिल जेनरेट हो गया. सब-डिविजनल ऑफिसर रवि कुमार ने एएनआई को बताया कि नए सॉफ्टवेयर में आई गड़बड़ी की वजह से राइस मिल के ऊपर इतना बकाया बिल दिख रहा है. इस गड़बड़ी को जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा.

महिला ने मुंह दिखाई में दिया 'भूत-प्रेत', गुस्साए परिजनों ने की पिटाई, हुई मौत


पन्ना

जादू टोने के शक में पन्ना जिले के अमानगंज थाने के ग्राम चाका में 22 जून की रात दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई. मारपीट में 36 वर्षीय महिला और उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए. ग्रामीणों ने घायलों को कटनी जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई.

जानकारी के अनुसार चाका गांव में प्रजापति परिवार में लड़के की शादी हुई थी. शादी में गांव की एक महिला घसुटिया बाई ने बहू को गिफ्ट दिया था. इस गिफ्ट को लेकर लड़के के परिजनों ने महिला के घर जाकर कहा कि तुमने हमारी बहू को गिफ्ट देने के साथ भूत प्रेत भी भेजे हैं. इस बात का विरोध करने पर लड़के के परिजनों ने महिला और उसके पिता चिधिया चौधरी को बंधक बनाकर पीटा. महिला और उसके पिता के साथ हुई मारपीट के बाद महिला के परिजन और ग्रामीण 22 जून की रात करीब 10 लाेग आरोपियों के घर पहुंचे. इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई. 23 जून को थाने में दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ.

मारपीट में घायल दोनों बाप बेटी को कटनी जिला अस्पताल भर्ती करने की नौबत आ गई. शनिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई. महिला के परिजनों और गांव वालों ने रविवार को अमानगंज थाने के सामने शव रखकर हंगामा किया. रोड जाम कर दिया. मृतका के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है. 5 घंटे हंगामा चलने के बाद शाम को अचानक पुलिस ने चक्का जाम करने वालों पर लाठीचार्ज किया. जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने थाने पर भी पथराव किया.

महिला के परिजन और रिश्तेदार फिर थाने पहुंच गए. उन्होंने पुलिस वालों पर पथराव कर दिया. इस दौरान अमानगंज तहसीलदार अवंतिका तिवारी को भी चोट आई है. ग्रामीणों ने पुलिस का वाहन भी तोड़ दिए. गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है.

नशे में धुत्‍त बेटे ने मां की गर्दन में मारा मुक्का, रात भर तड़पती रही सुबह हो गई मौत 


उमरिया

शराब के नशे में धुत्‍त एक युवक ने अपनी मां की गर्दन में पूरी ताकत से मुक्का मार दिया। रात भर मां दर्द से तड़पती रही और सुबह उसकी मौत हो गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि मुक्का मारने की वजह से महिला के गर्दन की हड्डी टूट गई होगी जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम होने के बाद ही सामने आएगी। घटना उमरिया जिले के पाली थाना अंतर्गत सुंदर दादर के ग्राम खुर्रा टोला की है। यहां रहने वाले त्रिलोक सिंह उर्फ गुड्डा ने अपनी मां पार्वती सिंह पति जवाहर सिंह की हत्या की है।

शराब के नशे में पहुंचा घर: घटना के बारे में जानकारी देते हुए बिरसिंहपुर पाली पुलिस ने बताया कि शनिवार की रात त्रिलोक सिंह उर्फ गुड्डा नशे की हालत में घर पहुंचा और उसके बाद उसका अपनी मां के साथ विवाद शुरू हो गया। मां ने उसे डांटा और कहा कि वह रोज शराब पीकर क्यों आता है। इसी बात पर त्रिलोक सिंह ने पहले तो अपनी मां के साथ गाली गलौज की और उसे धक्का दे दिया लेकिन बाद में उसने अपनी मां की गर्दन पर पूरी ताकत से मुक्का जड़ दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ी। पार्वती सिंह की गर्दन पर पड़ा यह मुक्का ही उसकी मौत की वजह बना है।

रातभर तड़पती रही: बताया गया है कि अपनी मां की गर्दन पर मुक्का मारने के बाद त्रिलोक सिंह सो गया लेकिन मां दर्द से रातभर तड़पती रही। किसी ने उसे अस्पताल ले जाने की भी कोशिश नहीं की और ना ही इस घटना की सूचना किसी को दी गई। यदि महिला को रात में ही अस्पताल ले जाया जाता तो संभव था उसकी जान बचाई जा सकती थी।

सुबह हुई मौत: 15 घंटे से ज्यादा तड़पने के बाद आखिरकार रविवार की सुबह पार्वती सिंह ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत होने के बाद इस घटना की सूचना आसपास के लोगों ने पुलिस को दे दी पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर देखा तो पाया कि महिला की गर्दन में चोट थी। ऐसा लग रहा था जैसे गर्दन की हड्डी टूट चुकी थी। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम होने के बाद ही सामने आएगी।

आरोपित गिरफ्तार: घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपित त्रिलोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपित के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया जाएगा। घटना के संबंध में आसपास के लोगों ने भी पुलिस को जानकारी दी है। लोगों ने बताया कि रात में मां बेटे के बीच विवाद हो रहा था जिसकी आवाजें बाहर तक आ रही थी

5 करोड़ के जाली नोट बरामद, 2 हजार से 10 रुपये तक की मिली गड्डियां


*बालाघाट*

पुलिस को जाली नोटों का धंधा करने वालों के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है.बालाघाट पुलिस ने पांच करोड़ से अधिक के जाली नोटों के साथ आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें 500 और 2000 हजार के जाली नोटों की बड़ी संख्या है. पुलिस ने बोरियों में भरकर इन नोटों को जब्त किया है

पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हमें जाली नोटों को लेकर लगातार जानकारी मिल रही थी कि बालाघाट, गोंदिया आदि जगहों पर एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है. हमने योजनाबद्ध तरीके से जानकारी निकाली और गोपनीय तौर पर पता करते रहे. सभी संभागीय थानों की पुलिस की मदद से इस गिरोह को पकड़ा गया

*एक नजर में पहचानना मुश्किल*

एसपी अभिषेक तिवारी ने बताया कि बरामद जाली नोट में दो हजार से लेकर 10 रुपए तक के नोट हैं. वहीं पकड़े गए आरोपी में छह बालाघाट और दो गोंदिया के निवासी हैं नोटों के कागज की अच्छी क्वालिटी और बेहतरीन प्रिंटिंग के कारण पहली नजर में नोट फर्जी नजर नहीं आते हैं

*इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी*

*बालाघाट पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राहुल, अनंतराम, हरिराम, नानू लाल, सोहनलाल, हेमंत उके, मकरू, रामू उर्फ रामेश्वर को गिरफ्तार किया गया है पुलिस जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात भी कह रही है*

पुलिस पहुँची आस्था होटल, रिकॉर्ड तलाशे और लड़की को अपने साथ ले गयी


अनुपपुर

अनूपपुर कोतमा रोड सामतपुर में स्थित होटल आस्था में आज बुढार पुलिस ने पहुचकर धनपुरी निवासी लड़की को सामान के साथ अपने साथ लिया साथ ही होटल के रिकॉर्ड की भी जांच पड़ताल की सूत्र बताते हैं कि होटल में सिर्फ लड़की का ही आधार कार्ड मिला है जबकि वहां पर लड़का और लड़की दोनो के रुकने की बात होटल संचालक ने कबूल की है ऐसे में सवाल उठता है कि शासन के नियम के तहत होटल में रुकने बाले सभी लोगो के दस्तावेज जमा होने चाहिए पर यहां पर ऐसा नही हुआ है। जो नियम विरूद्ध हैं। लड़का लड़की दोनो धनपुरी के बताए जा रहे हैं दोनो ने अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया था मगर लड़की के घर वालो को यह शादी मंजूर नही थी। जिसकी शिकायत लड़की के घरवालों ने की थी। दोनो ने प्रेम विवाह करने के बाद कई दिनों।से आस्था होटल अनूपपुर में रह रहे थे। उस युवक के साथ आज दोपहर में कुछ लोगो ने मारपीट की थी जिसकी हालत खराब है और शहडोल में इलाजरत हैं।

युवक को दर्जनों लोगों ने घेरकर डंडो से बेरहमी से पीटा, युवक की हालत खराब


अनूपपुर 

कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जैतहरी मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के आगे और छुलहा फाटक के पहले रविवार दोपहर लगभग 1 बजे से 2 बजे के लगभग अमितेश दुबे को लगभग 20 लोगो ने युवक को डंडो से इतना मारा की गंभीर रूप से घायल हो गया, राहगीरों द्वारा बचाव का प्रयास किया गया, लेकिन इन युवकों द्वारा उन्हे भी धमका कर वहां से जाने के लिए कह दिया, लेकिन स्थानीय चार-पांच लडके उसी रास्ते से निकल रहे थे, जहां घटना स्थल पहुंच कर मारपीट करने वालों को रोका गया, जिसके बाद पिक अप वाहन से युवक को जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद शहडोल के लिए रिफर कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना बुढार निवासी अमितेश दुबे पिता विजय कुमार शर्मा उम्र लगभग 25 वर्ष ने बीते सप्ताह किसी मुश्लिम लडकी से प्रेम विवाह कर लिया था, जिसके बाद वह अनूपपुर स्थित आस्था होटल में दोनो पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे, अमितेश किसी कार्य से जैतहरी जा रहा था, जहां पीछे से 20 से 25 युवक जो धनपुरी व बुढार के बताये जा रहे है, उसके बाइक का पीछा अपने कई दो पहिया वाहन से कर रहे थे, छुलहा फाटक के पहले उसे घेर कर बहुत मारा जिसे अनूपपुर जिला चिकित्सालय से शहडोल रेफर कर दिया गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुढार थाने में भी लड़की पक्ष के द्वारा दोनो की शिकायत की गई है, अंदाजा लगाया जा रहा है, कि लडकी पक्ष वालों के द्वारा ऐसा कृत्य किया गया है, जिस अंदाज से युवकों की टोली पहुंची और युवक के ऊपर डंडो और हथियारों से वार किया है, निश्चित ही मौत के घाट उतारने की योजना बनाई थी, लेकिन स्थानीय व राहगीरों की मदद से फिलहाल युवक की जान बच गई. पर युवक की हालत अभी भी खराब बताई जा रही हैं।

बंद खदान से अवैध रूप से कोयला निकाल रहे एक व्यक्ति की मौत

अनूपपुर/कोतमा 

अवैध खदानो से कई लोगो की जान जा चुकी हैं मगर उसके बाद भी लोग अपनी जान की परवाह किये बिना मौत के मुह में जाने से भी बिल्कुक नही कतराते इसी प्रकार एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के जमुना ओसीएम की बंद पड़ी कोयला खदान में अवैध रूप से कोयले का उत्खनन करते वक्त 26 जून 2021 की देर शाम एक व्यक्ति की दबकर मृत्यु हो जाने की खबर 27 जून 2021 को सुबह जब प्रशासन को लगी तो प्रशासन हरकत में आया और खदान में दबे हुए मृतक व्यक्ति के शव को निकालने का कार्य प्रारंभ किया गया है।इस कार्य में एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के प्रबंधन के अधिकारी कर्मचारी एवं भालूमाड़ा पुलिस का अमला लगा हुआ है जिस


जगह पर अवैध कोयले का उत्खनन करते हुए मजदूर की मौत हुई है उस जगह पर लोगों का पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है लेकिन प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ लगा हुआ है। आपको बता दें कि इस स्थान पर पूर्व में भी कई लोगों की जान अवैध कोयले के उत्खनन करने के चक्कर में जा चुकी है लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण घटना घटित हो रही है जिसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के मजदूर भुगत रहे हैं दबे हुए मजदूर के शव को निकालने का कार्य युद्ध स्तर पर प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है।

अवैध रेत उत्खनन, परिवहन करते पुलिस ने 2 ट्रैक्टर को जप्त कर मामला दर्ज किया


अनूपपुर/चचाई

दिनांक 26 जून को सायं भ्रमण के दौरान मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि ग्राम बकही में सोन नदी से रेत उत्खनन कर ट्रैक्टर की ट्राली में लोड कर परिवहन करने के लिये बकही से मेन रोड तरफ बिक्री करने के लिये लेकर जा रहे हैं इस सूचना पर मुखबिर के बताये पर हमराही स्टाप के अलग अलग समय व स्थान पर घेरा बंदी किया गया जो टेक्टर MPI8 AB1090 सोनालिका कम्पनी का चालक दीपक उर्फ दीपू प्रजापति स्वामीदीन प्रजापति उम्र 20 वर्ष मालिक स्वामीदीन प्रजापति पिता सुखदेव प्रजापति उम्र 48 वर्ष दोनों निवासी ग्राम बकही के उक्त ट्रेक्टर में सोन नदी में अवैध रेत उत्खनन कर ट्राली में लोड कर परिवहन करते मिले। इसी प्रकार टेक्टर MP18A A7542 सोनालिका कम्पनी का चालक दिनेश महरा पिता जीबनलाल महरा उम्र 21 वर्ष मालिक रामनोहर महरा उम्र 40 वर्ष दोनों निवासी बकही ट्रेक्टर में सोन नदी में अवैध रे उत्खनन कर ट्राली में लोड कर परिवहन करते मिले। उपरोक्त दोनो टेक्टरों मय रेत सहित ट्राली जप्त कर धारा 379,414 ताहि एवं 421 खान एवं खनन अधिनियम के तहत कार्यवाही किया गया। पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर  एम. एल. सोलंकी (भा.पु.में), अति पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिषेक राजन के निर्देशन में एवं एसडीओ (पो) अनूपपुर कीर्ति सिंह बघेल के कुशल नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक बी.एन प्रजापति द्वारा गठित टीम सनि महिपाल प्रजापति प्र.आर. 123 विनय त्रिपाठी प्रभार || राजेन्द्र सिंह, आर0 306 अब्दुल कलीम, चालक आर0 259 अरविन्द परमार के द्वारा उक्त कार्यवाही में सराहनीय योगदान रहा।

प्रधानमंत्री गृह मंत्री से स्तीफा लें, क्योकि दबाव में हैं मुख्यमंत्री शिवराज- मनीष श्रीवास्तव


मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं मध्यप्रदेश इंटक के प्रदेश महामंत्री- मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि, आज पूरे देश मे मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का एक ऑडियो वायरल हो रहा है कि, मंत्री जी अपने एक कार्यकर्ता को मां बहन की गाली गलौज दे रहे हैं और पिस्टल के लाइसेंस देने पर आदमी को मारने तथा साथ ही महिलाओं के लिये भी अभद्रता पूर्वक बातें उस कार्यकर्ता से कर रहे हैं।

जब एक प्रदेश का गृह मंत्री पुलिस का मुखिया इस तरह के अभद्र और असामाजिक कृत्य करेगा तो उसके अधीनस्थ तो पूरे प्रदेश का पुलिस महकमा है, क्या होगा प्रदेश की आम जनता का.?

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा का स्तीफा लिया जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने कहा कि, इनका स्तीफा मुख्यमंत्री शिवराज के बस की बात नही है,क्योकि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री गृह मंत्री के भारी दबाव में रहते हैं.? इसलिये वो तो स्तीफा ले नही सकते, इनके जैसे अभद्र मंत्री का इस्तीफा सिर्फ प्रधानमंत्री ही ले सकते हैं,और उनको तत्काल निर्देश जारी करना चाहिये।

धमकी देकर न्यायालय के आदेश को भूमाफिया दिखा रहे ठेंगा, कर रहे अवैध कब्जा

*पुश्तैनी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर पीड़ित ने थाने पर दर्ज कराई शिकायत*


*पटवारी हल्का कोतमा ग्राम लहसुई रेलवे ब्रिज के सामने ईदगाह के इर्द गिर्द हितग्राही की भूमि पर दबंगों का अवैध कब्जा जारी भूमि स्वामी को मिल रही जान से मारने की धमकी, पीड़ित पक्ष ने सिविल कोर्ट में न्याय  की लगाई गुहार!*

अनूपपुर/कोतमा

कोतमा तहसील क्षेत्र में इन दिनों भू माफियाओं का बोल वाला देखते बनता है। दबंगों की दबंगई के आगे राजस्व कर्मचारी व अधिकारी भी बौने नजर आते, पुश्तैनी पट्टे धारियों की भूमि पर जबरन अवैध कब्जा भूमाफिया कर रहे हैं। भूमाफियाओं को कहीं ना कहीं कुछ सफेद पोशाक नेताओं का खुला संरक्षण मिलने से निडर होकर भूमाफिया आज कोतमा तहसील क्षेत्र के आसपास चाहे वह शासकीय भूमि  या पुश्तैनी पट्टे धारियों की भूमि हो, माफिया 24 घंटे अवैध कब्जा करने फिराक पर पर लगे रहते हैं ।

*शासकीय व आदिवासियों की जमीन पर फर्जी आदिवासियों बनकर हो रहा फर्जीवाड़ा*

कोतमा तहसील में विगत दिनों में ऐसे प्रकरण सामने आए भू माफिया राजस्व अधिकारी और कर्मचारियों की सांठगांठ से लाखों-करोड़ों कीमती शासकीय भूमि का भी कूटरचित दस्तावेज तैयार गुपचुप तरीके से अपात्र व्यक्तियों का पट्टा दूसरे भूस्वामियों की पुश्तैनी भूमि का बना दिया जाता है ,खसरे पर बटन  बड़ा घटाकर फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है।आदिवासियों की पुश्तैनी भूमि पर फर्जी आदिवासी बनकर क्रय विक्रय का खेल भी कोतमा इस्लामगंज आसपास क्षेत्र में जमकर फल फूल रहा है ,ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी व राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों को नहीं है लेकिन अधिकारी महोदय भी जान कर भी अंजान बन बैठते हैं और गरीब असहाय भूस्वामी अपने पुश्तैनी भूम को पाने के लिए अधिकारियों के कार्यालय पर चक्कर लगा लगा कर थक जाते हैं, पर न्याय उनसे कोसों दूर खड़ी नजर आती है ।भूमाफिया कोतमा तहसील में इतने दबंग है कि कहीं ना कहीं राजनीति पहुंच पकड़ के आगे सही मायने में गरीबों को न्याय नहीं मिल पाता,कोतमा क्षेत्र में कुछ दबंग भू माफिया अपने आपको समाज ठेकेदार स्थापित करने में लगे हुए हैं और पर्दे के पीछे रहकर गरीब असहाय आदिवासियों की पुश्तैनी भूस्वामियों की भूमि पर अवैध कब्जा करने के फिराक लगे रहते हैं। भूस्वामी यदि अपनी भूमि पर अवैध कब्जा करने से रोकते हैं तो  दबंग भूमाफिया कुछ असामाजिक को एकत्रित कर भूस्वामी को डराया एवं धमकाया जाता है।

*भूस्वामी की पुश्तैनी भूमि पर दबंग भू माफियाओं का कब्जा*

पीड़ित मोहम्मद याकूब मंसूरी पिता मरहूम हाजी अब्दुल कादिर निवासी वार्ड क्रमांक 8 इस्लामगंज द्वारा दिनांक 17 .6.2021 को कोतमा थाने में लिखित शिकायत करते आरोप लगाया प्रार्थी की स्वामित्व पट्टे एवं कब्जे दखल की आराजी खसरा नंबर 256/2 रकवा 0.3 56 हेक्टेयर मौजा ग्राम लहसुई पटवारी हल्का कोतमा रा.नि.म. कोतमा तहसील कोतमा जिला अनूपपुर मध्यप्रदेश में स्थित है, आराजी के अंश भाग 17X89 वर्ग फीट पर मोहम्मद इकबाल अहमद पिता अब्दुल लतीफ निवासी वार्ड क्रमांक 14 लहसुई गांव कोतमा द्वारा ईदगाह के इर्द गिर्द पटवारी की भूमि पर अवैध कब्जा जबरन किया जा रहा है, पट्टा धारी भूस्वामी के मना करने के बाद भी उक्त भूमि पर निर्माण कार्य जारी किया जा रहा है ।

*न्यायालय तहसील कोतमा से स्टे आदेश को दिखा रहे दबंग ठेंगा*

पीड़ित मोहम्मद याकूब मंसूरी पिता मरहूम हाजी अब्दुल कादिर निवासी वार्ड क्रमांक 8 इस्लामगंज कोतमा ने बताया की आराजी खसरा नंबर 256/1 रखवा नंबर 0.3 56 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 264 भूस्वामी का पट्टे की पुश्तैनी भूमि है, कुछ चिन्हित भू माफिया दबंग मोहम्मद इकबाल अहमद पिता अब्दुल लतीफ निवासी लहसुई गांव वार्ड नंबर 14 द्वारा शिकायतकर्ता  के उक्त पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जा कर रहा है और वही पर्दे के पीछे अब्दुल मोईद रहकर षड्यंत्र का खेल खेल रहा है। आए दिन भूमाफिया से तंग आकर भूमिस्वामी  को न्यायालय तहसील कोतमा जाना पड़ा। खसरा नंबर 256 /1 रखवा 0.3 56 हेक्टेयर के आराजी अंश भाग 17X 89 वर्ग फिट वर्तमान में कब्जा किया जा रहा था ।वहीं पूर्व में खसरा नंबर 264 रखवा 0.22 7 आराजी भूमि पर 83X 118 वर्ग फिट पर अवैध कब्जा कर ईदगाह बनाई गई हैं।न्यायालय तहसील कोतमा द्वारा सुनवाई करते हुए भूमि स्वामी दिनांक 25.6 .2021 को  बड़ी राहत देते हुए उक्त मामले में 13.7.2021 तक  स्टे आदेश जारी कर दिया जाता है,इसके बाद भी कुछ समाज के ठेकेदार दबंग इकबाल अहमद एंव अब्दुल मोईद निडर होकर भूमि स्वामी  की भूमि पर अवैध कब्जा किया जाता है और न्यायालय के आदेशों को ठेंगा दिखाया जाता है। वही न्याय पाने के लिए पीड़ित पक्ष द्वारा अपने हक व पुश्तैनी भूमि पर हो रहे जबरन अवैध कब्जा करने व हटाने को लेकर सिविल कोर्ट कोतमा में भी मामला चल रहा है, न्यायालय में मामला विचार होने के बाद भी दबंग भूमाफिया कब्जा करने में लगे हुए।

*इनका कहना हैं*

न्यायालय संबंधित मामला है आप न्यायालय में आकर उक्त संबंध में बात करें और जानकारी ले, फोन पर न्यायालय संबंधित आदेशों पर चर्चा नहीं की जा सकती ,दोनों पक्षों को सुने बगैर

*मनीष शुक्ला तहसीलदार कोतमा*

अपर कलेक्टर ने खाद्य व्यापारियों को FoSTaC ट्रेनिंग का प्रमाण पत्र वितरित किया 


अनूपपुर

FSSAI अर्थात *फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया* के तहत, सभी खाद्य व्यापारियों को फोस्टेक FoSTaC की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है। फोस्टेक सेंट्रल गवर्नमेंट का एक ऐसा प्रोजेक्ट है  जिसके तहत हर खाद्य व्यापारियों को यह ट्रेनिंग दिया जायेगा जिससे वस्तुओं की उपयोगिता और लाभ के बारे में व्यापारियों को पूर्ण ज्ञान हो पाए।

सेंट्रल गवर्नमेंट के इस प्रोजेक्ट को मध्यप्रदेश शासन की अनुमति से अरोमा शिक्षा एवं सेवा समिति संचालित कर रही है, जिसकी अनेक टीम अनूपपुर एवं शहडोल के विभिन्न क्षेत्रों में हर दुकान हर घर पहुंच कर व्यापारियों के साथ ग्राहकों को भी इसकी पूर्ण जानकारियां उपलब्ध करा रही है।

अरोमा शिक्षा एवं सेवा समिति द्वारा corona काल का ध्यान रखते हुए पंजीयन उपरांत घर बैठे ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाती है, यह ट्रेनिंग 4 घंटे की होती है, जो एक सुनिश्चित समय पर उपलब्ध कराई जाती है ।

फोस्टैक की ट्रेनिंग की जानकारी व्यापारियों के साथ आम जन को होना भी आवश्यक है । इस ट्रेनिंग के उपरांत आपको सर्टिफिकेट दिया जाता है जो 2 साल तक मान्य होता है एवं इसके नवीनीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उक्त जानकारी संस्था की पी.आर.ओ. श्रीमती रेणु शर्मा द्वारा दी गई।

वैक्सीन महाअभियान सफलता में वोलेंटियर ने निभा रहे हैं महत्वपूर्ण भूमिका 


अनूपपुर/राजनगर 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा वैक्सीन महाअभियान चलाया जा रहा है जिसमें प्रशासनिक राजनीतिक स्वयंसेवी संस्थाओं व मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के वोलेंटियर  सभी अपने अपने स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं । जागरूकता एवं प्रचार प्रसार का ही परिणाम है । कि अनूपपुर जिले में टीकाकरण मे दिया गया टारगेट प्रतिदिन पूरा भी किया जा रहा है ।वही  आज दिनांक 26/6/2021 को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजनगर के वैक्सीन सेंटर में 150 डोज भेजी गई । जो लगभग 1:15 बजे तक पूरी हो चुकी थी। प्रतिदिन नगर परिषद बनगवां (राजनगर )के कर्मचारियों द्वारा सुबह 8:30 बजे से वैक्सिंन लगवाने आने वाले व्यक्तियों को टोकन के माध्यम से उनका नंबर लगाया जाता है ।दिव्या व दो अन्य लड़कियों ने 114 नंबर का टोकन लिया इसके बाद उन्हें खाना खाकर आने के लिए बोल दिया गया ।लेकिन यह तीनों लड़कियां सोनम शर्मा दीक्षा मिश्रा दिव्या मिश्रा वैक्सीन सेंटर लगभग  1:25 बजे पहुंची लेकिन वैक्सीन उसके पहले ही खत्म हो चुकी थी। जिसके बाद उन्हें बताया गया कि वैक्सीन खत्म हो गई है उसके बाद यह तीनों लड़कियां वहां मौजूद सी एचओ मैडम , नगर परिषद के कर्मचारियों एवं जन अभियान परिषद कि वोलेंटियर से विनती करने लगी कि हमें वैक्सीन कैसे भी लगवा दीजिए । नहीं तो हम सोमवार को परीक्षा नहीं दे पाएंगे । इन तीनों लड़कियों की परेशानी को देखते हुए वहां मौजूद मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की वोलेंटियर सुमिता शर्मा मदद के लिए आगे आई। वोलेंटियर सुमिता शर्मा के द्वारा इन तीनों लड़कियों को छत्तीसगढ़ राज्य के खोगांपानी के वैक्सीन सेंटर पर  लेकर गई और वहां अपना परिचय देते हुए कि मैं भी एक समाज सेविका हूं वहां मौजूद  स्वास्थ्य कर्मचारियों से मदद की अपील की। कि अगर इन लड़कियों को वैक्सीन नहीं लगी  तो इनकी साल भर की पढ़ाई बर्बाद हो जाएगी और यह लोग एग्जाम नहीं दे पाएंगे ।  वहां मौजूद स्टाफ ने सुमिता शर्मा जी के द्वारा बताए हुए इन तीनों लड़कियों की परेशानियों को समझा और इन्हें वैक्सीन लगवाई । सोनम शर्मा दीक्षा मिश्रा एवं दिव्या मिश्रा ने वैक्सीन लगने के बाद वोलेंटियर सुमिता शर्मा को धन्यवाद दिया । अगर आप  किसी की  मदद करना चाहते हो तो कोई भी कार्य कठिन नहीं होता बस प्रयास सच्चे दिल से होना चाहिए।इससे यह  पता चलता है कि अनूपपुर जिले के वोलेटिंयर अपने जिले के साथ ही प्रदेश में भी अच्छा कार्य कर रहे हैं।

डीजल ने मारा शतक, बना रिकॉर्ड जिला हुआ गौरवान्वित, मिठाइयां बाट मनाई खुशियां


अनूपपुर 

लॉकडाउन ने आम जनता की कमर पहले ही तोड़ दी थी। अब जो बची हुई कसर है वो महंगाई पूरा कर दे रही है ।देश में पेट्रोल और डीजल  के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसा लगता है जब भी सरकार को अपना  खजाना भरना होता है। उनके पास सीधा सा उपाय होता है कि पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाएं जाएं। पेट्रोल पहले ही  शतक  पार पहुंच चूका था  और आज डीजल भी शतक लगा कर मैदान पर डटा हुआ है ,और दोहरे शतक की तयारी में है। देश की आम जनता निरंतर तेल के बढ़ते दामों से हाहाकार तो कर रही  है। लेकिन किसी  के भी ऊपर एक जूं तक नहीं रेंग रही है। लगता है सब का राजनितिकरण हो गया है। मूल्य बृद्धि में देश में मध्य प्रदेश ने अपनी अलग ही पहचान बनाई है ,यहाँ डीजल  पेट्रोल की कीमत ने सारे रिकार्ड तोड़ दिये. मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में डीजल  का दाम 100.25   प्रति लीटर के भी पार पहुंच गया है. यह दिखाई सब को देता किन्तु कोई कुछ बोलना नहीं चाहता।  शायद कहीं ना कहीं पक्ष और विपक्ष इसके पक्षधर हैं।इस बात को लेकर अनूपपुर जिला भी अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा है ,की देश  में सबसे ज्यादा महंगा डीजल पेट्रोल अगर कही बिक रहा है तो वो अनूपपुर जिले में बिक रहा है ,पेट्रोल  और डीजल की बढ़िया साझेदारी में डीजल ने भी बराबर साथ दिया है लाक डाउन जैसे मुश्किल हालत में आम जनता के जेब से  खेलना आसान नहीं था लेकिन मौजूदा सरकार ने कर दिखाया । आज जैसे ही डीजल के दाम १०० रूपये को  पार किया अनूपपुर की जनता में एक अलग ही  उत्साह का माहौल देखने को मिला ,लोगो ने आपस में ख़ुशी जाहिर करते हुए एक दुसरे से गले लग कर (कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखकर )  मिठाईया बाटीं और मौजूदा  सरकार  को बधाइयाँ प्रेसित की और कहा की देश हित  में ऐसे ही कार्य करते रहे ।  मेरा भी एक छोटा सा सवाल है  कि सिर्फ एक डीजल पेट्रोल महंगा होने  से अगर , साइकिल चलाकर लोगों का पेट कम हो रहा है,पर्यावरण की रक्षा हो रही है, तो किसी को क्या तकलीफ है भाई!  अब तो एक ही नारा होना चाहिए    देशभक्ति का सबूत दो, पेट्रोल पंप पर गाड़ी की टंकी फुल करो। वैसे भी हम आम जनता  का  मानना है कि डीजल , पेट्रोल की कीमतें अगर यूं ही बढ़ती रही, तो महंगाई बढ़ेगी। महंगाई बढ़ी, तो आम आदमी का तेल निकलेगा और एक बार आम आदमी खुद तेल देने लगा, तो महंगाई अपने आप कम हो जाएगी!

कोरोना वालेंटियर टीकाकरण केंद्र में गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया


अनूपपुर 

जिले के विकासखंड जैतहरी के अंतर्गत ग्राम पंचायत मेंडियारास हायर सेकंडरी स्कूल में आज दिनांक 26/06/2021 को कोरोना टिकाकरण का चौथा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें मेंडियारास हायर सेकंडरी स्कूल में सुबह से ही उत्साह नजर आ रहा था। कई टीकाकरण केंद्रों पर सुबह से ही बड़ी संख्‍या में लोग पहुंच गए। यही कारण है कि मेंडियारास में 3 बजे तक 150 लोगों का वैक्सीनेशन का कार्य शत प्रतिशत पूर्ण हुआ!इस टीकाकरण अभियान में अधिक से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया और टीकाकरण को सफल बनाया जिसमे ग्राम के सभी जन्मांय लोगों एवं महिलाओं ने कोरोना का टीका लगवाते हुए और ग्राम वासियों को संदेश देने के लिए प्रेरित किया गया! कोरोना वालेंटियर टीकाकरण केंद्र पर  टीका लगवाने आए लोगों का हालचाल पूछते हुए उनका उत्‍साहवर्धन किया।

*कोरोना वालेंटियर गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया!*

हायर सेकेण्डरी स्कूल मेंडियारास में कोविड 19 टीकाकरण महाअभियान के तहत टीकाकरण किया गया।कोरोना वालेंटियर द्वारा केंद्र में गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया वैक्सीन लगवाने वालाें का उत्साहवर्धन व स्वागत किया गया।

*कोरोना वालेंटियर घर-घर जाकर लोगों को टीका लगवाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।*

म.प्र. जन अभियान परिषद्  के कोरोना वॉलिंटियर्स ग्राम पंचायतों एवं वार्डों में ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को टीका लगवाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। कोरोना वालेंटियर टीकाकरण केन्द्रों पर सामाजिक दूरी बनाने और मास्क लगाए रखने की व्यवस्था में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं!टीकाकरण महाअभियान के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है। महाअभियान का उद्देश्य शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन युक्त ग्राम पंचायत बनाना है। महाअभियान के दौरान लोगों में जो वैक्सीन को लेकर गलत अफवाहें है, उसे दूर कर टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लोगों को समझाया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण से बचने का वैक्सीन ही एकमात्र बचाव है। जागरुकता अभियान में कोरोना वालेंटियर मोहन सिंह देवमणि कोल संतोष कोल अनिल मिश्रा कोरोना वालिंटियर शामिल हैं।

टीकाकरण महा अभियान के चौथे दिन आज जन अभियान परिषद अनूपपुर में पंजीकृत कोरोना वालेंटियर मोहन सिंह संतोष कोल देवमणि कोल अनिल मिश्रा अंशुमान बल विश्वरंजन प्रताप सिंह मनीष चौहान मोहन सिंह संतोष कोल देवमणि कोल आँगनबाड़ी कार्यकर्ता नोडल अधिकारी एवं आशा कार्यकर्ता सीमा सेन मधु सोनी उप सरपंच अरविंद मिश्रा शिया लाल कोल सचिव अरुण कुमार द्विवेदी द्वारा इस कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।

कोरोना से बचाव के लिये सभी लोग वैक्सीन अवश्य लगवाएं -- भगवत शरण माथुर


*तीसरी लहर की आशंका के बीच वरिष्ठ समाजसेवी ने की अपील*

अनूपपुर 

डेल्टा प्लस वायरस को विशेषज्ञ अत्यंत खतरनाक और संक्रामक मान रहे हैं ।‌ दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जनता से सावधान रहने की अपील करते हुए सभी राज्यों को इस हेतु आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिये हैं। वैक्सीनेशन को कोरोना से बचाव का बडा माध्यम माना गया है। राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ चिंतक, विचारक, समाजसेवी श्री नर्मदे हर सेवा न्यास के संयोजक भगवत शरण माथुर ने सभी से अपील की है कि 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी व्यक्ति कोरोना का टीका अवश्य लगवाएं ।*

    अमरकंटक के बरातीधाम स्थित श्री नर्मदे हर सेवा न्यास में तपस्वी मिलिंद जी , मनोज द्विवेदी, उमेश पाण्डेय, शिव चौधरी के साथ अन्य लोगों की उपस्थिति में आयोजित एक विचारगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री माथुर ने कहा कि कोरोना के रहस्य को समझने में अभी भी विश्व के तमाम लोग सफल नहीं हुए है। हर बार यह अपना रुप बदल कर नये वैरियेन्ट में सामने आकर चिकित्सकों के सामने इलाज की बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। कोविड का नया वैरियेन्ट डेल्टा प्लस की संक्रामकता और आक्रामकता बहुत अधिक बताई जा रही है। ऐसे में तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। आम जनता कोरोना से बचाव के लिये वैक्सीन अवश्य लगवाए। यदि बहुत आवश्यक ना हो तो लोगों को भीड में या सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचना होगा। मास्क जरुर लगाएँ । सोशल डिस्टेंशिंग बनाए रखें। समय - समय पर साबुन से हाथ धोते रहना होगा।

श्री माथुर ने कोरोना वैक्सीन से जुड़े डर और भ्रम को दूर करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी डर - भय के टीका जरुर लगवाना चाहिये।‌ उन्होंने कहा कि महामारी के इस कठिन दौर में समाज और सरकार साथ आकर और एकजुटता बनाए रख कर ही इसे पराजित किया जा सकता है।

टीकाकरण महाअभियान चौथा दिन 2 बजे तक 6149 लोगों का हुआ वैक्सीनेशन



अनूपपुर 26 जून 2021

टीकाकरण महाअभियान के चौथे दिन 26 जून को दोपहर 2 बजे तक 6149 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। जिलेभर में आज प्रातः 9 बजे 66 टीकाकरण केन्द्रों पर एक साथ टीकाकरण प्रारंभ हुआ। लोग स्वप्रेरणा से टीकाकरण केन्द्र पहुंच रहे हैं। टीकाकरण की रफ्तार लगातार जारी है।

बैनर पोस्टरों पर छाए रहते हैं, शिक्षा के मंदिर के लापरवाह प्राचार्य, नोटिस जारी


*न डर न भय, रुतबा शहंशाहों, का नित नए कारनामो से रच रहे है इतिहास*

अनूपपुर / सरकार कोरोना जैसी महामारी को लेकर परेशान है, इसके बचाव के लिए टीकाकरण महाभियान चला रही है प्रदेश के हर कलेक्टर इस  टीकाकरण महाभियान के लिए दिन - रात मेहनत कर रहे है लेकिन जिले के ही कुछ अधिकारी इस अभियान को  के प्रति घोर लापरवाह है, जिससे  कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने टीकाकरण महाभियान के प्रति उदासीनता बरतने पर शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर के प्राचार्य (लीड) डाॅ. परमानंद तिवारी, को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

*मुखिया हैं लापरवाह*

परमानंद तिवारी शासन के कार्यो के प्रति हमेशा लापरवाह ही  दिखे है, यह केवल अपने आर्थिक लाभों वालो कार्य ही करवाना ज्यादा पसंद करते है,इन दिनों कॉलेज में जनभागीदारी के बजट को खपाने के लिए अनावश्यक निर्माण कार्य  जोर शोर से करवया जा रहा है शायद इसी लिए टीकाकरण महाभियान के प्रति उदासीनता परमानंद तिवारी ने दिखाई है यह जिले भर की कॉलेजो के मुखिया है साथ ही इनके पास जिले भर के कई कॉलेजो का वित्तीय प्रभार भी है, जहाँ समय पर सामग्रियों नही पहुँचती है, जिससे शासन की योजनाओं का प्रसार - प्रसार करने में वहाँ के प्रभारी प्राचार्यो को परेशानी होती है , इनके प्रभार वाले कॉलेजो को भी कारण बताओ नोटिस दी गई है, यह प्रशासनिक कार्यो के प्रति हमेशा ही असफल  रहे है, इन्हें जिला प्रशासन द्वारा जितनी भी जिमेददारी दी गई है उन कार्यो के प्रति हमेशा ही लापरवाह रहे है , इस बार फिर  टीकाकरण महाभियान के प्रति उदासीनता बरतने पर  इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।

*बैनर पोस्टर और फोटो में माहिर*

हमेशा सुर्खियों में बने रहने के लिए बड़े बड़े बैनर पोस्टर और अखबारों में ढकोसले बाजी दिखा कर आम जन के सामने बड़े ही अपने आप को हर कार्यो मे  दक्ष समझने वाले परमानंद तिवारी की  शासकीय कार्यो के प्रति रुचि न लेने  इस कलेक्टर की नोटिस ने सारी पोल खोल के रख दी है।

 नगर परिषद भर्ती घोटाले के खिलाफ युवा कांग्रेस का जंगी प्रदर्शन


अनूपपुर/राजनगर

युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान द्वारा संगठन के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ नगर परिषद बनगवां, डूमरकछार, डोला में हुए भर्ती घोटाले के खिलाफ मोर्चा खोल नगर परिषद बनगवां का घेराव किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अखबारों में लगातार प्रकाशित हो रहे नवगठित नगर परिषद बनगवां, डूमरकछार, डोला में भर्ती घोटाले की खबरों को संज्ञान में लेते हुए युवा कांग्रेस संगठन द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी बनगवां को ज्ञापन सौंपा जिसमें 7 दिवस के अंदर युवाओं की भर्ती कर नगर परिषद में काम पर लगाये जाने के संबंध में जानकारी मांगी गई थी, किंतु नगर परिषद द्वारा भर्ती के संबंध में आज तक किसी भी प्रकार जानकारी प्रदान नहीं की गई। इस विषय को लेकर युवा कांग्रेस संगठन द्वारा पुनः अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोतमा को भी ज्ञापन सौंपा गया और ज्ञापन में पूर्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दिए गए ज्ञापन का उल्लेख कर उक्त भर्ती के सम्बंध में जानकारी उपलब्ध कराए जाने की मांग की तथा जानकारी नहीं प्राप्त होने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। एस डी एम कोतमा के हस्तक्षेप के बाद भी नगर परिषद जानकारी उपलब्ध कराने में असमर्थ रहा। जिसके बाद युवा कांग्रेस  ने आज दिनांक 24 जून 2021 को तीनों नगर परिषदों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में ज़िले के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता हज़ारों की संख्या में शहीद भगत सिंह चौक राजनगर पहुंचे। जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान ने शहीद भगत सिंह व राजनगर क्षेत्र के क्रांतिकारी नेता मार्कण्डेय सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आंदोलन का आगाज किया, और सभी लोग एक साथ पैदल मार्च निकालकर जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान की अगुवाई में  इंकलाब का नारा लगाते हुए नगर परिषद बनगवां की ओर बढ़ने लगे। नगर परिषद बनगवां पहुंच, परिषद का घेराव कर नारे लगाये और परिषद के सामने ही अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। नगर परिषद बनगवां में कोई भी कर्मचारी उपस्थित ना होने के कारण नगर परिषद के मुख्य द्वार पर जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान द्वारा ताला लगाया गया और उसके बाद नारेबाजी के साथ काली मंदिर तिराहा पर सड़क पर चका जाम करते हुए बैठकर मांगों का नारा लगाने लगे। आखिरकार इस उग्र आंदोलन के आगे प्रशासन को नतमस्तक होना पड़ा और मौके पर कोतमा तहसीलदार मनीष शुक्ला ने पहुंचकर भर्ती किये गए कर्मचारियों की सूची प्रदान की और आश्वासन दिया कि 3 दिन के भीतर अन्य सभी चाही गई जानकारी आपको उपलब्ध करा दी जाएगी, अभी भर्ती किये गये कर्मचारियों की सूची आपको दी जाती है, जिसके बाद आंदोलनकारियों द्वारा आंदोलन को समाप्त किया। इस आंदोलन में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जेपी श्रीवास्तव, राम नारायण सिंह, संतोष यादव, राहुल सिंह परिहार, नबीरसूल, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रागिनी पटेल, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष पुष्पराजगढ़ आशुतोश मार्को, विधानसभा अध्यक्ष कोतमा विकास यादव, युवा कांग्रेस महासचिव मानवेन्द्र मिश्रा, अमित सेन गुप्ता, ब्लॉक अध्यक्ष नदीम अली अशरफी, एनएसयूआई प्रदेश महासचिव रफी अहमद, राजीव सिंह, सूरज महरा, शेखर शुक्ला, जयप्रकाश पांडेय, हरितेश्वर मणि तिवारी, चंदन सिंह, समीर पयासी, मनोज बर्मन, रोहित चौधरी, देवेंद्र गौतम, शुभाष सिंह, परशुराम चौधरी, सूरज सिंह, संजय कुमार केवट, राजू यादव, शिवम सराफ, सनिल जैन, दिनेश, गोरेलाल नाट, गणेश चौधरी, बृजेश चौधरी, भरत चौधरी, रोहित नाट, पिंटू चौधरी, सैफ अली अंसारी, केदार अहिरवार, नितेश जायसवाल, उदयभान सिंह, बरकत अंसारी, आशीष सिकरवार, रितेश सिंह, आकाश सोनी, लखन लाल चौधरी, रामसजीवन जायसवाल, अरविंद मिश्रा महाकाल, विजय साहू, पुष्पेंद्र रावत, अर्जुन सिंह, आलोक सिंह, भानु सिंह, लक्ष्मण विश्वकर्मा, राजेश नाट, सिद्धार्थ पटेल, निखिल सोनी, तौफीक, पंकज विश्वकर्मा, हरीश ठाकुर एवं अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्तागण की उपस्थिति सराहनीय रही।


हत्या के फरार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिली एक और सफलता


अनूपपुर/बिजुरी

दिनांक 18 जून 2021 को सूचनाकर्ता राम सिंह पिता सुखसेन सिंह मार्को, उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम चांका, थाना कोतमा (हाल रुपेश अग्रवाल का बाड़ा) बिजुरी द्वारा बताया गया कि दिनांक 17 जून 2021 को 11:45 बजे रात से दिनांक 18 जून 2021 के रात्रि 12:45 बजे के बीच रुपेश अग्रवाल के बाडा में मृतक बलराम सिंह धुर्वे पिता इतवारी सिंह, उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम परवाह, थाना गाडासरई डिण्डौरी (हाल जियाउद्दीन का बाडा बिजुरी) को लल्लू (चुटईया) उर्फ सुमेर सिंह गोंड एवं उसकी पत्नी ओमवती सिंह परस्ते के द्वारा लडाई झगडा कर गंभीर रुप से मारपीट करने के कारण सिर, माथा व जबडा में गंभीर चोंट पहुंचाकर हत्या कर देने की सूचना पर मौके पर उप निरी. पूरन लिलहारे स्टाफ के साथ पहुंचकर अपराध क्र. 0/21 धारा 302, 34 ताहि एवं मर्ग क्र. 0/21 धारा 174 जा.फौ. का लेख कर शव की पंचनामा कार्यवाही एवं पोस्टमार्टम कराया गया है। थाना में अपराध क्रमांक 143/2021 धारा 302, 34 ताहि का पंजीबद्ध किया जाकर प्रकरण की अग्रिम विवेचना थाना प्रभारी उप निरी. सुमित कौशिक के द्वारा की जाकर आरोपीगण लल्लू (चुटईया) उर्फ सुमेर सिंह गोंड एवं उसकी पत्नी ओमवती सिंह परस्ते, निवासी ग्राम मितौरा थाना गोहपारू जिला शहडोल (हाल रुपेश का बाड़ा बिजुरी) की लगातार तलास की गई। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन व एसडीओपी कोतमा के कुशल मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी सुमित कौशिक के नेतृत्व में टीम गठित कर उपरोक्त आरोपीगण को दिनांक 23/06/2021 ग्राम पाटन गाडासरई, जिला डिण्डौरी से अभिरक्षा में लेकर गिरफ्तार किया गया है। उपरोक्त कार्यवाही में उप निरी. सुमित कौशिक, उप निरी.पूरन लिलहारे, स.उ.नि. अमरलाल यादव, प्र.आर. रविदास संत, प्र.आर. प्रदीप अग्निहोत्री, आर. मनोज उपाध्याय, आर. अमित यादव, आर. अजय परस्ते, आर. सुखेन्द्र सिंह, चालक आर. अनिल मरावी एवं साईबर सेल अनूपपुर के आर. पंकज मिश्रा की विषेश भूमिका रही है।

दिया तले अंधेरा, मंत्री के घर से कुछ ही दूर मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं बैगा जनजाति 

*मंत्री जी के गृह क्षेत्र में शासकीय योजना लापता तो पूरे प्रदेश का क्या हाल होगा*


*बैगा जनजाति आज भी मूलभूत सिवधाओं से दूर है. गांव में आलम यह है कि, वहां न तो बिजली और न ही पानी. पानी लेने के लिए भी गांव के लोगों को कोसों दूर जाना पड़ता है*

अनूपपुर

जिले के अनूपपुर जनपद में रहने वाली बैगा जनजाति आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है. ग्राम पंचायत धुरवासिन के अंतर्गत आने वाले बैगा जनजातियों के गांव जुनवानी पीने के साफ पानी के लिए तरस रहा है. यह हालत तब हैं जबकि मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह के पैतृक गांव से जुनवानी महज 10 किलोमीटर की दूरी पर है. बैगा जनजाति की तीन पीढ़ियां अभी तक यहां रह चुकी हैं, पर आज तक प्रदेश सरकार की तरफ से इनके विकास के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गई।

*मूलभूत सुविधा से कोसों दूर*

लगभग 100 लोगों की आबादी वाली बैगा जनजाति समूह के लिए गांव में न बिजली की व्यवस्था है और न ही पानी की. ग्रामीण जैसे-तैसे अपनी जीवन की गुजर कर रही हैं. यही नहीं गांव तक जाने के लिए एक सड़क तक नहीं हैं. बैगाओं की तीन पीढ़ियों ने ऐसे ही आभावों में जीवन गुजारा है.

*गांव में आज तक नहीं हुआ विकास*

60 साल की बुजुर्ग तिजिया बैगा बताती हैं कि गांव में न बिजली है और न ही पानी. बरसात के समय हम लोग गोहडारी नदी से पानी पीते हैं. गांव में एक कुआं है. बरसात के समय में उसका पानी गंदा हो जाता है, जिसके चलते नदी में आकर गड्ढा कर उससे पानी भरा जाता है. उस पानी को लेकर पगडंडी के सहारे घर तक पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि गांव में आज तक किसी भी प्रकार का कोई विकास कार्य नहीं हुआ है।

*नदी से पानी लाकर पीते हैं ग्रामीण*

वहीं 55 साल की फूलमती बैगा बताती हैं कि बैगा जनजाति नरक का जीवन जीने पर विवश है. आज भी हम नदी का पानी ही पीते हैं. 60 वर्षीय रामू बैगा शिकायती लहजे में कहते हैं कि हमारे यहां चुनाव के समय वोट मांगने के लिए नेता आते हैं. व्यवस्थाएं ठीक करने का वादा भी कर देंगे, इसके बाद गांव की कोई सुध नहीं लेता।

*एक तरफ रेलवे तो दूसरी तरफ नदी*

जुनवानी में बैगा जनजाति समूह सालों से आज भी निवास कर रही है. इस गांव के एक तरफ नदी और दूसरी ओर रेलवे ट्रैक है. गांव तक पहुंचने के लिए या तो रेलवे ट्रैक पार करना होगा या फिर नदी पार करनी होगी. पंचायत के सचिव शिवकुमार बताते हैं कि बैगा जनजाति समूह के गांव तक पहुंचने का मार्ग नहीं है, यह बात सत्य है. इससे पहले जितने भी सचिव यहां पदस्थ रहे उन्होंने उनके विकास के बारे में कभी नहीं सोचा. हम प्रयास कर रहे हैं कि रेलवे से अंडर ब्रिज निकालकर वहां बिजली पानी और दूसरी सुविधाएं पहुंचाएं।

*जनपद अधिकारी नहीं उठाते फोन*

अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत के सीईओ वीरेंद्र मणि मिश्रा से जब पत्रकारों ने संपर्क करना चाहा तो उन्होंने अपना फोन उठाना उचित नहीं समझा.पत्रकारों को पता चला है कि जनपद तथा जिले के सभी अधिकारियों को इसकी जानकारी है, लेकिन कोई सुध नहीं लेता.

मंत्री बता रहे- कोरोना के चलते नहीं हुआ विकास कार्य खाद्य मंत्री से बैगा जनजाति समूह के विकास को लेकर चर्चा की तो उन्होंने कहा कि अनूपपुर जिले में जितने भी बैगा जनजाति समूह नदी के किनारे रह रहे हैं उनके यहां विद्युतीकरण और सड़कों की व्यवस्था का टेंडर हो गया है. कोरोना के चलते कार्य नहीं हो पाया था, अब जल्द हो जाएगा. वैसे खाद्य मंत्री बिसाहू लाल सिंह अपने ही गांव से 10 किलोमीटर की दूरी पर बैगा जनजाति समूह का उत्थान कर पाने में असफल रहे हैं ये एक सबसे बड़ा सवाल है.

पवित्र नगरी अमरकंटक खुले में शौच मुक्त हुआ, ओडीएफ प्लस का मिला प्रमाण पत्र


अनूपपुर 

हमारे देश की सरकार देश की जनता को हर तरह की सुविधा प्रदान करने के लिए कई तरह की योजनाओं की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से लोगों को बहुत अधिक राहत प्राप्त होती है।इसी तरह सरकार ने एक ओडीएफ योजना की भी शुरुआत कर दी थी।यह एक ऐसी योजना है, जिसमे लोगों को बाहर शौच जाने पर रोक लगाने के लिए लोगों को सुविधा प्रदान की गई, क्योंकि देश में अधिकतर ऐसे लोग थे, जो बाहर खुले में शौच के लिए जाते थे।इस पर रोक लगाने के लिए सरकार ने देश के परिवारों को शौच की सुविधा प्रदान कर दी है और अब अधिकतर घर ऐसे है,जहाँ पर अब लोगों को बाहर शौच के लिए नहीं जाना पड़ता है।इसी क्रम में नगर परिषद अमरकंटक के नेतृत्व में अमरकंटक के समस्त वार्डों में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत  सभी घरों में शौचालय बनवा कर खुले में शौच मुक्त कर अपना नाम ओडीएफ प्लस सूची में दर्ज कराया। इसे लेकर मुख्यनगरपालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते उत्साहित है। पत्रकार वार्ता में मुख्यनगरपालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते ने बताया कि वर्ष 2021 में अमरकंटक को ओडीएफ प्लस सूची में शामिल किया गया है जो कि हमारे लिए हर्ष का विषय है उन्होंने अमरकंटक के जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यनगरपालिका अधिकारी ने बताया कि इसके लिए खुले में शौच करने वालों के लिए लगाम लगाने के लिए सुबह में हर जगह छापेमारी कर लोगों का खुले में शौच करना  छुड़वाया। साथ ही लोगों को सार्वजनिक और निजी शौचालय बनवाकर दिए।नगर परिषद अमरकंटक ने मानकों के अनुरूप सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालय बनवाने के साथ ही मोबाइल शौचालय तैयार कराए।इसके चलते ओडीएफ प्लस प्लस का प्रमाण पत्र मिला।

मुख्यनगरपालिका अधिकारी ने बताया कि ओडीएफ प्लस-प्लस की टीम कुछ दिन पहले ही भ्रमण पर आई थी। जिसने शहर के सभी वार्डों का भ्रमण किया था। मुख्यनगरपालिका अधिकारी ने शहर को साफ सुथरा रखने के लिए खुले में शौच नहीं करने और जगह-जगह बने शौचालयों और यूरिनल का इस्तेमाल करने की अपील की।

*ये है ओडीएफ की श्रेणियां*

ओडीएफ खुले में शौच से मुक्त होना, ओडीएफ प्लस सर्वाजनिक और सामुदायिक शौचालयों का मानकों के अनुरूप होना। ओडीएफ प्लस घरों के सेफ्टी टैंक से निकलने वाले मल को निगम की गाड़ियों द्वारा एसटीपी तक पहुंचाना और फिर उसका ट्रीटमेंट कर पानी और खाद अलग करना।

छात्रों ने प्रवेश से वंचित, धोखाधड़ी, कूटरचना, पीएचडी घोटाला मामले पर ज्ञापन सौपा

*मामला इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय का*


अनूपपुर/अमरकंटक

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में स्थानीय एवं जनजाति छात्रों को प्रवेश से वंचित किए जाने एवं समाज के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना, कूटरचित दस्तावेज़ों का असली रूप में भारत सरकार के विरुद्ध उपयोग, बिल्डिंग घोटाला, पीएचडी घोटाला पर जाँच करवाने बाबत आज कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन की प्रतिलिपि श्री रामनाथ कोविंद, महामहिम राष्ट्रपति, श्री नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री, श्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ मंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, श्री शिवराज सिंह मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू), एस डी ओ पी, राजेंद्रग्राम, थाना प्रभारी, अमरकंटक थाना को भी दिया गया। 

जनजाति विश्वविद्यालय में पिछले कुछ वर्षों से स्थानीय एवं जनजाति छात्रों को प्रवेश से वंचित किया जा रहा है तथा प्रवेश सीटों की संख्या कम कर दी गई है। पीएचडी में भी स्थानीय एवं जनजाति छात्रों को प्रवेश से वंचित किया गया है तथा पीएचडी घोटाला करके अपने परिचितों को गैरकानूनी लाभ दिया गया है। विश्वविद्यालय के कुछ प्रोफेसर पढ़ाई छोड़कर प्रशासन का कार्य देखने के नाम पर भारी भ्रष्टाचार एवं घोटाला करने में व्यस्त हो गए हैं ऐसे भ्रष्टाचारी एवं घोटालेबाज प्रोफेसर पर कानूनी कार्रवाई करना ज़रूरी है, अन्यथा विश्वविद्यालय में जनजातीय समाज, जनजातीय कला, जनजातीय संस्कृति, जनजातीय छात्र एवं स्थानीय छात्रों के लिए कभी कार्य नहीं होगा तथा भ्रष्टाचार करके ये कुछ प्रोफेसर अपने परिचितों को फायदा पहुँचाते रहेंगे एवं स्थानीय छात्रों और स्थानीय विश्वविद्यालय में नौकरी एवं पढ़ाई दोनों से वंचित हो जाएँगे। इन सभी विषय पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र, युवा आज दिनांक 24 जून 2021 को विश्वविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय के अधिकारियों को तथा विश्वविद्यालय के कार्य परिषद के सदस्यों को भी ज्ञापन सौंप कर दोषियों पर कानूनी कार्यवाही की माँग किए है। यदि  दोषियों पर कानूनी कार्यवाही नहीं की गयी तो विश्वविद्यालय के खिलाफ धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा। 

पहला घोटाला यह है कि राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में केवल दशवी पास (जो 14 बार में भी स्नातक(बीई) की सेकंड सेमेस्टर पास नही हो सकी है) लड़की को पीएचडी एनट्रेंस परीक्षा में बायो टेक्नॉलोजी विषय की ऑल इंडिया टॉपर बना दिया गया है साथ ही पीएचडी की कोर्सवर्क की परीक्षा पास करा दिया तथा शोध उपाधि समिति से भी अनुमोदन दे दिया जबकि लड़की की योग्यता केवल दसवीं तक ही है। अकादमिक सत्र 2017 में स्नातक, स्नाकोत्तर तथा पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने हेतु “ ऑल इंडिया एंट्रन्स एक्जामिनेशन ” का विज्ञापन प्रकाशित किया गया, जिसमें फ़ॉर्म भरने की आख़िरी तिथि 09/04/2017 थी, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी की परीक्षा 29-04-2017 को तथा स्नातक की 30-04-2017 को तिथि निर्धारित की गयी।  विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने अपने परिचित सुश्री विजेतना सिंह को गैरक़ानूनी एवं भ्रष्टाचार करके पीएचडी बायोटेक्नोलाजी में प्रवेश दिलाने के लिए “ऑल इंडिया एंट्रन्स एक्जामिनेशन” का फ़ॉर्म भरवाया, यह जानते हुए कि वह लड़की केवल दशवी पास है तथा उस दिनांक तक स्नातक पास नही हो सकी है तथा उस लड़की ने अपने ज़िंदगी में कभी भी बायोटेक्नोलाजी विषय की पढ़ाई नहीं की है, फिर भी उसका फ़ॉर्म ऑल इंडिया एंट्रन्स एक्जामिनेशन के लिए ये लोग भरवाए क्योंकि ऑल इंडिया एंट्रन्स एक्जामिनेशन के प्रश्नपत्र को बेच दिया तथा प्रो भूमि नाथ त्रिपाठी आपस में साँठ-गाँठ करके ऑल इंडिया एंट्रन्स एक्जामिनेशन का एक सेंटर गोवा-पणजी में रखवाया जबकि वहाँ ऑल इंडिया एंट्रन्स एक्जामिनेशन देने वाले छात्रों की संख्या नगण्य थी, वहाँ प्रो भूमि नाथ त्रिपाठी परीक्षा लेने गए तथा सुश्री विजेतना सिंह ने “पीएचडी बायोटेक्नोलाजी” में प्रवेश दिलाने के लिए हुए “ऑल इंडिया एंट्रन्स एक्जामिनेशन” में दसवीं पास लड़की ऑल इंडिया टॉप किया तथा मेरिट लिस्ट में पहला नाम था तथा जुलाई 2017 में “पीएचडी बायोटेक्नोलाजी” में सुश्री विजेतना सिंह ने प्रवेश ले लिया। लड़की का बेचलर ओफ इंजीनियरिंग (बीई) इलेक्ट्रिकल का रोल नम्बर 3112410304 है जो दशवी के बाद बिना बारहवी के डिप्लोमा के माध्यम से बीई में प्रवेश लिया है, वर्ष 2017 में पीएचडी की ऑल इंडिया टॉपर का स्नातक में वर्ष 2014, 2015, 2017, 2018 में फैल होने का मार्कशीट इस प्रेस विज्ञप्ति के साथ संलग्न है। अर्थात सुश्री विजेतना सिंह का मूल योग्यता अभी भी केवल दशवी पास है। स्पष्ट है की विवि द्वारा ऑल इंडिया एंट्रन्स एक्जामिनेशन का प्रश्न पत्र परीक्षा से पूर्व या तो बेचा गया था या अपने परिचित को परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र दे दिया गया था या छात्रा ने ओएमआर शीट (उत्तर पुस्तिका) ख़ाली छोड़कर आयी होगी जिसे परीक्षा के पश्चात ओएमआर शीट में सही उत्तर भर दिए गए होंगे। 

पिछले 41महीने से छात्रा को बिना वेरिफ़िकेसन किए प्रतिमाह रुपए 08 हज़ार की स्कालरशिप भारत सरकार के फ़ंड से  दी जा रही है। पीएचडी में प्रवेश लेने के पश्चात छः माह पीएचडी कोर्सवर्क की पढ़ाई करनी पड़ती है, बायोटेक्नॉलोजी विषय के शिक्षक पता नहीं कैसे तथा कौनसी पढ़ाई करवाए की दसवीं पास लड़की पीएचडी कोर्सवर्क की परीक्षा में पास हो गयी। प्रो भूमि नाथ त्रिपाठी ने भारत सरकार को भी नहीं बक्शा है, एक बार नहीं दो बार बायोटेक्नॉलोजी विभाग के शोध छात्रा को विदेश घुमाने एवं उसे अविधिक तरीक़े से लाभ पहुचाने के लिए ये लोग एक फ़ॉर्म सुश्री विजेतना सिंह को दक्षिण कोरिया भेजने के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रोधोगिकी मंत्रालय के अधीन एजेन्सी के माध्यम से मई 2019 में प्रो भूमि नाथ त्रिपाठी तथा सुश्री विजेतना सिंह दक्षिण कोरिया में मज़े करके भारत सरकार से फ़ायदा लेकर फर्जी पेपर पढ़ने तथा बनावटी शोध करने के नाम पर देश से छल किया है। 

बिल्डिंग घोटाला भी हुआ है, विवि को मिनिस्ट्री ओफ सोसल जस्टिस एंड इम्पावरमेंट ने No. 11015/8/2014-BC-I Dated 3rd December, 2014 दिनांक तीन दिसंबर 2014 को जारी पत्र में ओबीसी छात्रों के लिए 100 सीट तथा 100 सीट की दो हॉस्टल बनाने हेतु आईजीएनटीयू को केंद्रीय सहयोग राशि रुपए पाँच करोड़ चालीस लाख भेजा जिसमें तीन करोड़ की अतिरिक्त राशि लगाकर कुछ दूसरा निर्माण किया गया तथा विवि ने भारत सरकार को झूठी एवं बनावटी जानकारी भेजकर बताया कि ओबीसी छात्रों के लिए 100 सीट तथा 100 सीट की दो हॉस्टल बन गयी है तथा 200 ओबीसी छात्रों नाम की फर्जी लिस्ट भारत सरकार को भेजी गयी है जबकि ओबीसी छात्रों के लिए ना तो हॉस्टल बना है ना ही उसमें ओबीसी छात्रों ने शिफ़्ट किया है। इतना ही नहीं विवि में बड़े पैमाने पर अलग - अलग बिल्डिंग घोटाला हुए है तथा ऐसी भी बिल्डिंग बनी है जो कभी भी गिर सकती है तथा हज़ारों आदिवासी एवं अन्य वर्ग के छात्रों की जान जा सकती है। 


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