77 नंबर की आड़ में हो रही है कोयले की अफरा-तफरी जांच की मांग

77 नंबर की आड़ में हो रही है कोयले की अफरा-तफरी जांच की मांग


*नियमों को धता बताते हुए हो रहा वाहनों का परिवहन*


(आनंद पाण्डेय, संजीत सोनवानी की खास रिपोर्ट)

अनूपपुर/बिजुरी

अनूपपुर /बिजुरी लगभग दो दशक से ट्रांसपोर्ट की आड़ में कोयले की हेराफेरी करते करते कोल माफिया बन बैठा गिरधारी का कोल साम्राज्य काफी वृहद व मजबूत है जोकि स्थानीय पुलिस प्रशासन परिवहन विभाग व कॉलरी प्रशासन के गुर्गों से लेकर आकाओं के बीच अपनी जड़ें फैला कर वट वृक्ष का रूप ले चुका है कई कोल फर्मों का ऑफलाइन या ऑनलाइन मालिक गिरधारी के काले कोयले का खेल बदस्तूर जारी है

*77 का क्या है चक्कर*

77 अंको वाली ट्रेलर का भ्रमित करने वाला खेल अभी यही नहीं रुकता यदि कभी इन वाहनों से कोई दुर्घटना हो भी जाए तो यह अपनी नई गाड़ी घटनास्थल से हटवा कर अपना कोई पुराना कबाड़ वाहन थाने में खड़ा करवा कर उस पर मामला बनवा लेते हैं

*बिना रजिस्ट्रेशन व फिटनेस के दौड़ रहे यमदूत*

बिजुरी राजनगर आमाडांड व  आस-पास की तमाम कोयला खदानों में अपनी पैठ व  रसूख के दम पर 77 का काला खेल जारी है इस ट्रांसपोर्टर के लगभग 200 ट्रकों के संचालन के खेल में एक बात गौर करने वाली है की लगभग सभी गाड़ियों के अंतिम का नंबर 77 है जो कि इस खेल में अपना खास रोल अदा करता है एक  ही नंबर की गाड़ियों का  पूरा पूरा फायदा उठाते हुए अपनी उपयोगिता के हिसाब से कभी रोड सेल में चलाते हैं तो कभी कोल यार्ड से साइटिंग के बीच कॉलरी प्रबंधन से सांठगांठ कर अपने काले कारनामों को अंजाम देते हैं जबकि नियम ता रोड सेल की गाड़ियों में रोड सेल व यार्ड से साइडिंग के बीच चलने वाली गाड़ियों में टिपर फॉर साइडिंग अंकित कराना अनिवार्य होता है लेकिन इनकी गाड़ी में कुछ भी  अंकित नहीं है जिससे इन्हें कोयले के गोलमाल करने में आसानी होती है

जिले के परिवहन विभाग की मिलीभगत से जय मां शारदा ट्रांसपोर्ट के लगभग 150 वाहनों का बीमा रजिस्ट्रेशन फिटनेस एक लंबे समय से खत्म होने के बावजूद इनके वाहन यमदूत बंद सड़कों व खदानों में  दौड़ रहे हैं जो किसी को भी असमय काल के गाल में ढकेल सकते हैं

*एनजीटी के नियमों का उल्लंघन*

कोयलांचल क्षेत्र के लिए यह नजारा आम हो चला है की सड़क में ओवर लोड कोयला लिए अधिक से अधिक ट्रिप मारने के चक्कर में दौड़ रही सरपट गाड़ियां त्रिपाल से ढकी ना होकर बिल्कुल खुली होती है जोकि सड़क में थोड़े से जर्क लगने से ही कोयले का चूरा गिरते जाता है जिस वजह से चलने वाले राहगीरों की दुर्घटना की संभावना बनी रहती जाती है

*हो रहा श्रमिकों की जान से खिलवाड़*

जमुना कोतमा क्षेत्र के आमडांड ओसीएम में लोडिंग पॉइंट पर ट्रांसपोर्टरों व कॉलरी प्रबंधन की मिलीभगत से ट्रांसपोर्टर अपने सैकड़ों कर्मचारियों की जान जोखिम में डालकर नियम विरुद्ध काम करवा रहे हैं जबकि श्रम कानून के तहत लोडिंग पॉइंट में एक पाली में 15 से 20 मजदूरी काम कर सकते हैं

*बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह*

लगभग दो दशकों  की कड़ी मेहनत से खड़ा किया गया यह कोयले का काला कारोबार की नींव का पत्थर भले ही मजदूर रहे हो लेकिन आज भी वह अपने स्थान पर यथावत खस्ताहाल है वही गिरधारी सेठ अपनी काले सोने की विरासत संभालने के लिए कारोबार को दीपक से रोशन किया है

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