सीएचसी में मरीज परेशान, मेडिकल स्टोर हो रहे मालामाल, बोलेरो पलटी, चार लोग हुए घायल


शहडोल

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी बुढार में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। प्राथमिक उपचार में उपयोग होने वाली जरूरी दवाइयों का अभाव बना हुआ है, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल में रेबीज और टीटी के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में गरीब और दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों को मजबूरन बाहर की मेडिकल दुकानों से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी रोज़ी-रोटी छोड़कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वहां भी उन्हें प्राथमिक इलाज तक नहीं मिल पा रहा। इतना ही नहीं, जब दवाइयों की कमी के बारे में पूछा जाता है तो पर्ची में लिखने के बजाय सिर्फ मौखिक रूप से बाहर से दवा लेने की सलाह दी जाती है, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

बड़ा सवाल यह है की जब सरकारी अस्पतालों में ही जरूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं होंगी, तो गरीब मरीजों का इलाज कैसे संभव होगा। स्वास्थ्य विभाग को इस ओर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है, ताकि मरीजों को समय पर और मुफ्त उपचार मिल सके।

इस मामले में बुढार अस्पताल की बीएमओ डॉ. शैली जैन ने बताया की पिछले दो दिनों से इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। मैंने इंडेंट कर दिया है। आवश्यकता होने पर मरीज बाहर से लगवा सकते हैं।

*बोलेरो पलटी, चार लोग हुए घायल अस्पताल में भर्ती*

अनूपपुर जिले के अमरकंटक  मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक से लगभग 19 किमी दूर शहडोल रोड भुंडा कोना के आगे हनुमान मंदिर पास में एक सड़क हादसा सामने आया है । पौंडकी के पहले स्थित हनुमान मंदिर के पास तेज रफ्तार बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई जिसमें सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए ।

जानकारी के अनुसार वाहन अमरकंटक से लालपुर विश्वविद्यालय की ओर जा रही थी तभी अचानक चालक का संतुलन बिगड़ने से हादसा हो गया । दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई ।

स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की मदद से घायलों को तुरंत बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा गया । सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है । सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं । प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और सड़क की स्थिति को हादसे का कारण माना जा रहा है।

ट्रांसमिशन लाइनों के समीप बने 04 निर्माण हटाये गए, अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान शुरू


अनूपपुर

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा जिले में एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों की खतरनाक स्थिति को दृष्टिगत सख्त अभियान शुरू किया गया है। एमपी ट्रांसको के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि अभियान का उद्देश्य न केवल ऐसे निर्माणों को हटाना है, बल्कि नागरिकों को यह स्पष्ट रूप से समझाना भी है कि ट्रांसमिशन लाइनों के समीप किया गया निर्माण सीधे जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइनो के आसपास नियमानुसार 132 के.वी. ट्रांसमिशन लाइन के दोनों ओर 27 मीटर का क्षेत्र और 220 के वी लाइन में 35 मीटर सुरक्षा कॉरीडोर के रूप में प्रतिबंधित है। इसके भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः वर्जित है। इस क्षेत्र में बने मकान, दुकान या अन्य संरचनाएं इसलिए अत्यंत जोखिमपूर्ण हैं क्योंकि तेज हवा या अन्य कारणों से तारों के झूलने (स्विंग) की स्थिति में कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है।

अनूपपुर और कोतमा क्षेत्र में अब तक 23 ऐसे निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जो इस प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर आते हैं। इन सभी मामलों में  संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं निर्माण हटाएं, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इन निर्माणों से न केवल रहने वालों की जान जोखिम में है, बल्कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।

क्षेत्र में रेलवे को आपूर्ति करने वाली 220 केवी ट्रैक्शन -ट्रांसमिशन लाइन के नजदीक बने निर्माण सहित चार ऐसे निर्माणों को हटाया जा चुका है जो मानव जीवन के लिए खतरा हो सकते थे। सहायक अभियंता जगदीश असाटी द्वारा स्थानीय प्रशासन की मदद से पब्लिक एड्रेस सिस्टम, व्यक्तिगत संपर्क और नोटिस के माध्यम से लोगों को समझाया जा रहा है कि थोड़ी सी लापरवाही, बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

गिट्टी लेने जा रहा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा, 4 मजदूर नीचे दबने से हुई मौत, गांव में पसरा मातम


अनूपपुर

जिले के करनपठार थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। डिंडौरी जिले के करंजिया क्षेत्र से पौनी क्रेशर गिट्टी लेने जा रहा एक ट्रैक्टर ठाड़पाथर के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि ट्रैक्टर में सवार 3 युवक और 1 किशोर इंजन के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में चार लोग सवार थे, जो गिट्टी लेने जा रहे थे। तेज रफ्तार के कारण ट्रैक्टर अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। दुर्घटना के बाद चारों युवक काफी देर तक इंजन के नीचे दबे रहे और तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान अंकुश उइके उम्र 24, ब्रजेश पेंदो उम्र 20, रविंद्र कुमार गोयल उम्र 18 और प्रकाश मार्को उम्र 17 के रूप में हुई है। सभी युवक डिंडोरी जिले के भीमकुंडी गांव के निवासी थे। बताया जा रहा है कि अंकुश उइके ही ट्रैक्टर का मालिक और चालक था।

घटना की सूचना मिलते ही करनपठार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को सीधा कर नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।

एक ही गांव के चार लड़कों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है। थाना प्रभारी वीरेंद्र बरकड़े के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए बेनीबारी अस्पताल भेजा गया है, जिसके बाद शव परिजनों को सौप दिया गया।

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