हत्या के आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे में किया गया गिरफ्तार 


अनूपपुर

डायल 112 में रमेश साहू निवासी श्रमिक नगर पकरिहा द्वारा सूचना दिया कि मेरे भाई मनोज साहू को मारपीट करके उसकी हत्या कर दी गई है। सूचना पर तत्काल डायल 112 स्टाफ तथा थाना प्रभारी कोतमा निरीक्षक रत्नाम्बर शुक्ल मय पुलिस बल के ग्राम पकरिहा श्रमिक नगर पहुंचकर घटना की जानकारी ली । जिसमें सूचनाकर्ता रमेश साहू ने बताया कि  शिवराम चौधरी मेरे भाई मनोज साहू उर्फ छोटे को यू के लिप्टस के डंडे से मार रहा था शिवराम के साथ उसकी मां रैमुन बाई भी थी वह भी मेरे भाई  मनोज को हाथ मुक्के व डंडे से मार रही थी ।मारपीट से मेरा भाई मनोज गिरकर बेहोश हो गया जिसकी शरीर व गर्दन में काफी गंभीर चोट होकर नीले निशान थे कुछ देर बाद मेरे भाई मनोज की सांस चलना बंद हो गई औऱ और मेरे भाई मनोज चौधरी की मृत्यु हो गई ।मौके पर ही हत्या की धारा 103(1) बीएनएस की देहाती नालसी लेख कर विवेचना प्रारंभ की गई।

दौरान विवेचना आरोपिया रैमुन बाई पति रमई चौधरी निवासी श्रमिक नगर पकरिहा को कोतमा पुलिस द्वारा सूझ बूझ से कार्यवाही करते हुए ग्राम पकरिहा से गिरफ्तार किया गया। घटना के समय से फरार आरोपी शिवराम चौधरी पिता रमई चौधरी निवासी श्रमिक नगर पकरिहा को भी चंद घण्टो के भीतर पता तलाश कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी शिवराम के कब्जे से घटना में प्रयुक्त यू.के. लिप्टस का डंडा भी जप्त किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जिला जेल अनूपपुर दाखिल किया गया है।            

बैगा माइंस के पास खुले में फेंक रहे हैं जहरीला प्लास्टिक युक्त कचरा, गौवंश पर मंडरा रहा जानलेवा खतरा


शहडोल

जिले के धनपुरी क्षेत्र में केमिकल युक्त दूषित पानी से 8 से अधिक मवेशियों की दर्दनाक मौत का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के बंद पड़ी बैगा माइंस के पास खुले में फेंका जा रहा कचरा गौवंश के लिए जानलेवा बनता जा रहा है।

जिले के धनपुरी नगरपालिका अंतर्गत बैगा माइंस के समीप नगर का कूड़ा-कचरा खुले में डंप किया जा रहा है, जिसमें बायो वेस्ट और प्लास्टिक पन्नियां बड़ी मात्रा में शामिल हैं। इस कचरे के बीच गौवंश और अन्य मवेशी भोजन की तलाश में पहुंचकर प्लास्टिक और जहरीले अवशेषों का सेवन कर रहे हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और मौत का खतरा लगातार मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर यह कचरा खुले में कौन फेंक रहा है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी से कोई भी बच नहीं सकता,नगर पालिका और संबंधित विभागों की अनदेखी के चलते यह समस्या दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में अमलाई ओपन कास्ट माइंस क्षेत्र में SECL की लापरवाही के चलते केमिकल युक्त पानी पीने से 8 से अधिक गोवंशों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, एक मां गाय का अपने बछड़े के सामने तड़प-तड़प कर दम तोड़ना बेहद ही मार्मिक और दिल दहला देने वाला दृश्य था, जिसने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया था,इसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। अब बंद पड़ी बैगा माइंस के पास फैल रहा यह कचरा एक और बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रहा है।

स्थानीय नागरिकों गौर रक्षक और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस क्षेत्र की सफाई कराई जाए, कचरा फेंकने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए और गौवंश की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, वरना यह लापरवाही आने वाले समय में और भी भयावह रूप ले सकती है।

पानी सप्लाई में बड़ी लापरवाही, फिल्टर प्लांट के पानी मे गंदगी ही गंदगी, लोगों ने जताई चिंता

*शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुधारने की मांग*


अनूपपुर

नगरपालिका बिजुरी एवं ग्राम पंचायत बहेराबांध और बेनीबहरा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए संचालित बहेराबांध फिल्टर प्लांट की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। हाल ही में कुछ युवाओं द्वारा फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किए जाने पर पानी में अत्यधिक गंदगी, काई और जमा हुए अवशेष देखने को मिले, जिससे पेयजल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फिल्टर प्लांट के कई हिस्सों में पानी काफी गंदा दिखाई दे रहा था और टंकियों में काई की मोटी परत जमी हुई थी। पानी में मौजूद गंदगी और काई को देखकर युवाओं ने आशंका जताई कि यदि इसी तरह का पानी नगर के लोगों तक पहुंच रहा है तो इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

निरीक्षण में युवा समाजसेवी एवं पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष के पुत्र बृजेश बंसल, मुकेश यादव, ओमप्रकाश अहिरवार, मो. आकिब, अबुल अली, वीरेंद्र महरा सहित अन्य युवा साथी मौजूद रहे। सभी ने फिल्टर प्लांट की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नगर के हजारों लोग इसी पानी पर निर्भर हैं, ऐसे में जल की शुद्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

युवाओं ने बताया कि फिल्टर प्लांट में पानी की साफ-सफाई और नियमित रखरखाव में लापरवाही दिखाई दे रही है। कई जगहों पर काई जमी हुई है और पानी का रंग भी साफ नहीं दिख रहा, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्ट्रेशन व्यवस्था ठीक तरीके से काम नहीं कर रही है।

इस संबंध में युवाओं ने कहा कि जल्द ही नगरपालिका प्रशासन और जिला प्रशासन से मिलकर इस समस्या की जानकारी दी जाएगी तथा फिल्टर प्लांट की नियमित सफाई, रखरखाव और शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है और यदि इस समय दूषित पानी की आपूर्ति होती है तो इससे बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। 

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