सामाजिक सद्भावना बढाता है रंगों का पावन पर्व होली, जिला विकास मंच ने स्थापित की उत्कृष्ट परंपरा

*मिड - वे ट्रीट किरर मे होली मिलन समारोह सम्पन्न*


अनूपपु्र

भारतीय सनातन परंपरा मे रंगों का पावन पर्व होली सामाजिक सद्भावना बढाने मे सहायक रहा है। होली का पर्व हमें एक साथ मिलजुल कर रहने और परंपराओं के निर्वहन की शिक्षा देता है।‌  अनूपपुर जिला विकास मंच द्वारा मिड वे ट्रीट किरर ,पुष्पराजगढ़ में आयोजित होली मिलन समारोह विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्ण ,उत्साह के साथ मनाया गया । इस अवसर पर होली की शुभकामनाएँ देते हुए कार्यक्रम मे मध्यप्रदेश शासन के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने उपरोक्त विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आज के दौर मे तनावपूर्ण जीवन मे होली मिलन समारोह के माध्यम से हम सभी लोग आपस मे एक साथ मिलजुल कर रंगोत्सव मनाते हैं ,तो बचपन की होली ध्यान आती है। जब हम‌ सभी लोग बिना भेदभाव के खुशियों भरा यह त्यौहार मनाते थे।

पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने क्षेत्र वासियों को होली पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भारतीय परंपराओं मे त्योहारों के आयोजन की परंपरा जीवन मे उत्साह का संचार करती है। यह एक ऐसा त्यौहार है जिसमे कोई जाति,वर्ण, भाषा,प्रांत, गरीबी - अमीरी का भेद नहीं होता।

अनूपपु्र कलेक्टर हर्षल पंचोली ने आयोजन की मुक्त कंठ सराहना करते हुए कहा कि अनूपपु्र जिला विकास मंच ने पिछले वर्ष भी होली मिलन का गरिमामयी समारोह आयोजित किया था। इस वर्ष भी वनांचल के शांत मनोरम स्थल पर होली मिलन का आयोजन कर इसे परंपरा का स्वरूप दे दिया है। उन्होंने जिले के लोगों को नशामुक्त, स्नेहिल और सौहार्दपूर्ण होली मनाने के लिये धन्यवाद दिया।

जिला विकास मंच के संयोजक मनोज द्विवेदी ने होली पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कार्यक्रम मे शामिल जिले भर से आए अतिथियों के प्रति आभार जताया।

होली मिलन समारोह मे शामिल अतिथियों और गणमान्य लोगों ने हर्षोल्लास के साथ रंगोत्सव मनाया। लोगो ने समभाव से खुशियाँ मनाते हुए एक दूसरे को अबीर - गुलाल लगाकर शुभकामनाएँ दीं। शुरुआत मे लोग मंत्री दिलीय जायसवाल और कलेक्टर हर्षल पंचोली को रंग लगाने मे झिझकते दिखे। लेकिन उनके सहज, सरल ,प्रेमपूर्ण व्यवहार से कुछ ही देर मे लोगों ने जमकर रंग, गुलाल उडाया।

टाइगर रिजर्व कोर क्षेत्र में मोबाइल का उपयोग, वीडियो हुआ वायरल, सहायक संचालक पर उठे सवाल


उमरिया

विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक पर्यटन दिलीप कुमार मराठा के नियम विरुद्ध कार्य शैली के कारण एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में सफारी के दौरान मोबाइल फोन के कथित उपयोग से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों ने पर्यटन प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार 13 मार्च 2026 की शाम की सफारी के दौरान ताला जोन में वीआईपी पर्यटकों के साथ भ्रमण के समय चर्चित ‘बजरंग’ टाइगर दिखाई दिया। इसी दौरान वायरल वीडियो में टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक (ताला) दिलीप कुमार मराठा कथित रूप से मोबाइल फोन से टाइगर की फोटो और वीडियो बनाते हुए नजर आ रहे हैं।

17 नवंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में किसी भी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप रोकने के उद्देश्य से पर्यटन गतिविधियों पर सख्त दिशा-निर्देश लागू करने पर जोर दिया था। ऐसे में संरक्षित क्षेत्र के भीतर मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर उठे सवालों ने पूरे प्रकरण को चर्चा में ला दिया है।

सफारी में मौजूद कुछ पर्यटकों ने भी इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जब सफारी के दौरान गाइड और वन अमला पर्यटकों को मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर सख्ती से निर्देश देता है, तो अधिकारियों द्वारा स्वयं इसका उपयोग किए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सहायक संचालक दिलीप मराठा का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार पूर्व में अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और गाली-गलौज के आरोपों को लेकर भी वे चर्चा में रहे हैं। 

सूत्रों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी प्रकार के विवादों के चलते श्री मराठा को निलंबित भी किया गया था, मगर न्यायालय से निलंबन आदेश पर स्थगन प्राप्त कर लिया। इसके बाद से वे लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ बताए जाते हैं, जिस पर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

इस ब्रह्मांड में साक्षात ब्रह्म ही अलग-अलग रंग-रूप, आकृति और गुणों वाले जीव के रूप में मौजूद हैं .... असाधु ! '


भोपाल/जबलपुर

तुलसी मानस प्रतिष्ठान भोपाल, रामायण केंद्र भोपाल,श्रीरामचंद्र पथ गमन, संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वाधान में  दिनांक 13 मार्च एवं 14 मार्च 2026 को मानस भवन, भोपाल में आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय रामायण कॉन्फ्रेंस में रामायण केंद्र जबलपुर इकाई के संयोजक इंजी . संतोष कुमार मिश्र ' असाधु' ने भगवान शिव द्वारा ' श्रीरामचरितमानस ग्रंथ के नामकरण ' विषय पर  एक अत्यंत रोचक शोध पत्र प्रस्तुत किया गया । इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश से लगभग 60 शोध पत्र प्राप्त हुए हैं।  अपने संबोधन में रामायण केंद्र जबलपुर इकाई के संयोजक एवं प्रसिद्ध धार्मिक चिंतक इंजी. संतोष कुमार मिश्र 'असाधु ' जो कि वर्तमान में मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड जबलपुर में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत हैं,के द्वारा बताया गया कि रामचरित मानस कोई सामान्य किस्सा-कहानी वाला ग्रंथ कदापि नहीं  है बल्कि यह एक अत्यंत गूढ़ ब्रह्म विद्या विज्ञान है। उन्होंने बताया कि ईश्वर के द्वारा सृष्टि निर्माण से लेकर सृष्टि के विनाश के मूल में केवल और केवल मन तत्व ही होता है। हमारा मन दुनियां के उस दरवाजे की तरह होता है जिसके एक ओर से प्रवेश करने पर यह जीव या तो दुनियां के भिन्न-भिन्न मायावी झंझावातों में फंस जाता है वहीं दूसरी ओर मन द्वार से बाहर से निकल कर वह दुनियांदारी के चक्र से सदा-सदा के लिए मुक्त हो जाता है। श्री मिश्र ने अपने इस शोध पत्र में रामचरितमानस के प्रत्येक कांड में भिन्न-भिन्न पात्रों के माध्यम से मन तत्व की व्याख्या की गई। इसके अतिरिक्त रामचरित मानस के नामकरण के सम्बन्ध में और भी कई गूढ़ विषयों का रहस्योद्घाटन किया गया। श्री मिश्र के इस अनूठे शोध पत्र की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें आयोजकों द्वारा भी सम्मानित किया गया है।

 श्री मिश्र द्वारा जन जागृति की दिशा में इस तरह के अभिनव कार्य करते हुए संस्कारधानी जबलपुर का नाम अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर पुनः गौरवान्वित किया है। कवि संगम त्रिपाठी ने बधाई दी और कहा कि संतोष कुमार मिश्र ' असाधु' साहित्य व अध्यात्म के माध्यम से समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं।

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