पेपर बिगड़ने पर छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी, परिवार में शोक


शहडोल

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोलुहा चौकीटोला में एक 25 वर्षीय आईटीआई छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पेपर बिगड़ जाने से आहत छात्र ने गुरुवार सुबह घर के पीछे बाड़ी में आम के पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मनोज चौधरी, पिता नत्थूलाल चौधरी, आईटीआई का छात्र था। उसका एक विषय में बैक लगा हुआ था, जिसका पेपर देने वह बुधवार को शहडोल गया था। शाम को घर लौटने पर उसने अपने बड़े भाई अनिल चौधरी को बताया कि उसका पेपर ठीक नहीं गया और वह इसे लेकर काफी परेशान है। भाई ने उसे समझाने की कोशिश की और कहा कि दोबारा परीक्षा दे देना, लेकिन मनोज गुमसुम रहा। बताया जा रहा है कि उसने बुधवार रात खाना भी नहीं खाया और चुपचाप अपने कमरे में सो गया।

गुरुवार सुबह वह रोज की तरह उठकर मवेशियों को बांधने के लिए खलिहान की ओर गया। जब उसका बड़ा भाई बाड़ी की तरफ पहुंचा तो देखा कि मनोज आम के पेड़ पर नायलॉन की रस्सी से फांसी के फंदे पर लटका हुआ है। उसने शोर मचाया तो परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना जैतपुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेपर बिगड़ जाने से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

आज सजेगा संकल्प महोत्सव 2026, संस्कृति और युवा प्रतिभा का होगा भव्य संगम

*सजेगी सुरों की महफिल, श्रुति व सुनील बनेंगे आकर्षण का केंद्र* 


अनूपपुर

जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शामिल संकल्प महाविद्यालय अनूपपुर द्वारा आयोजित होने वाला संकल्प महोत्सव 2026 इस वर्ष 27 फरवरी को भव्य और आकर्षक रूप में आयोजित किया जा रहा है। महाविद्यालय परिवार की ओर से इस बहुप्रतीक्षित सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक उत्सव में क्षेत्र के सभी गणमान्य नागरिकों,अभिभावकों, विद्यार्थियों तथा आम जनमानस को सादर आमंत्रित किया गया है।

आयोजकों के अनुसार संकल्प महोत्सव केवल मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक चेतना और युवा प्रतिभा का विराट संगम है। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना तथा समाज और शिक्षा के बीच मजबूत संवाद स्थापित करना है।

महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य, संगीत, नाटक, लोक प्रस्तुतियों तथा रचनात्मक गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही शैक्षणिक उपलब्धियों और नवाचारों को भी प्रदर्शित करने की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे छात्र-छात्राओं को प्रेरणा मिल सके।

इस बार महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण मनोरंजन जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में बॉलीवुड की लोकप्रिय गायिका श्रुति जायसवाल अपनी सुरमयी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। वहीं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकगायक सुनील मानिकपुरी अपनी लोकधुनों से सांस्कृतिक रंग बिखेरेंगे। इसके अतिरिक्त पारंपरिक गुदुम कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोक वाद्य और नृत्य का अद्भुत संगम भी दर्शकों को देखने को मिलेगा।

जिला प्रशासन ने पटवारियों की माँगें मानी, हड़ताल अवधि को अर्जित अवकाश में स्वीकृत करने के दिए निर्देश

*निलंबित पटवारियों को बहाल करने के निर्देश* 


​अनूपपुर

जिला प्रशासन अनूपपुर ने 12 फरवरी 2026 से हड़ताल कर रहे पटवारियों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए उनकी हड़ताल अवधि और रुके हुए वेतन को लेकर आदेश जारी किए हैं। प्रशासन के इस रुख से जहाँ एक ओर अधिकांश पटवारियों में राहत की लहर है, वहीं दूसरी ओर कुछ पटवारी द्वारा पर निजी स्वार्थ के चलते आंदोलन को बेवजह खींचने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं।

​जिला प्रशासन ने पटवारियों की समस्याओं के निराकरण की दिशा में  महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हड़ताल अवधि को ​अर्जित अवकाश में स्वीकृति की अनुमति दी है। जिससे उनकी सेवा अवधि में कोई व्यवधान नहीं आएगा। वेतन आहरण के निर्देश हड़ताल के कारण रुके हुए जनवरी माह के वेतन को तत्काल आहरण करने की स्वीकृति दे दी गई है। ​निलंबन से बहाली विभिन्न प्रशासनिक कारणों से हड़ताल के पूर्व निलंबित किए गए पटवारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनः सेवा में बहाल किया जा रहा है।

​एक तरफ जहाँ प्रशासन ने मानवीय रुख अपनाते हुए पटवारियों की बड़ी मांगों को स्वीकार कर लिया है, वहीं दूसरी ओर जिले के कुछ पटवारीयों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन पटवारियों पर आरोप लग रहे हैं कि वे अपने निजी स्वार्थ को साधने के लिए जिले के अन्य पटवारियों को गुमराह कर रहे हैं। प्रशासन की सकारात्मक पहल के बावजूद इन व्यक्तियों द्वारा आंदोलन को अनवरत जारी रखने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे आम पटवारियों के काम और उनकी छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। ​जिला प्रशासन की इस पहल के बाद अब सबकी नजरें उन पटवारियों पर हैं जो अभी भी असमंजस में हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि वह कर्मचारियों के कल्याण के लिए तैयार है, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्वों के कारण जिले की राजस्व व्यवस्था को बाधित करना उचित नहीं है।

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