माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने नर्मदा में लगाई आस्था की  डुबकी, भक्तों ने किया पूजन, आअर्चना व दर्शन, मांगी मन्नत


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में माघ मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। पतित-पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा के तटों पर तड़के भोर से ही भक्तों की भीड़  उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने रामघाट, कोटि तीर्थ घाट कुंड एवं आरंडी संगम पर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य स्नान किया तथा मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन, पूजन एवं अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

माघी पूर्णिमा के पावन पर्व पर देश के विभिन्न दूरस्थ अंचलों से आए नर्मदा भक्त, तीर्थयात्री, दर्शनार्थी एवं नर्मदा परिक्रमा वासी बड़ी संख्या में अमरकंटक पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान के उपरांत मां नर्मदा मैया एवं भगवान भोलेनाथ से सर्व मंगल, शांति, सुख-समृद्धि, अमन-चैन एवं परिवार तथा समाज के कल्याण की कामना की। नर्मदा तटों पर हर-हर नर्मदे और बोल बम के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।

माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नान-ध्यान एवं पूजन-अर्चन का क्रम प्रातः लगभग 5 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक अनवरत चलता रहा। इस दौरान नर्मदा नदी के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ बनी रही। वहीं मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। इसके साथ ही पवित्र नगरी अमरकंटक के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही दिनभर बनी रही, जिससे नगर में विशेष रौनक देखने को मिली।

माघ पूर्णिमा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जिला पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान, एसडीओपी राजेंद्र ग्राम, नगर निरीक्षक नवीन तिवारी एवं लाल बहादुर तिवारी के नेतृत्व में नर्मदा घाटों, संगम स्थलों एवं नर्मदा मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस बल द्वारा निरंतर निगरानी रखी गई, जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित वातावरण में स्नान, ध्यान एवं दर्शन का लाभ प्राप्त किया।

बन्द कोयला खदान में 5 दिन से लापता बच्चे का पानी मे उतराता हुआ मिला शव


शहडोल

जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता 7 वर्षीय मासूम ऋतिक कोल का शव बंद कोयला खदान के भरे पानी से बरामद किया है। बच्चे का शव नग्न अवस्था में मिलने से हत्या की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार झिल्ली दफाई निवासी ऋतिक कोल, बीते 5 दिनों से लापता था, परिजनों द्वारा धनपुरी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बच्चे की तलाश में पुलिस और परिजन जुटे थे। पता बताने वाले के लिए 5 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी। बगैय्या नाला के पास कोयला खदान में भरे पानी में बच्चे का शव तैरता मिला। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस शव पानी से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी, इधर, मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि एक 7 वर्षीय बच्चे 5 दिन से लापता था, जिसका शव मिला है, मर्ग कायम कर मामले की पड़ताल की जा रही है।

नाली निर्माण की शिकायत की जांच में भृष्टाचार की बदबू- जुगुल राठौर


अनूपपुर

जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत चोरभठी में गुणवत्ता विहीन नाली निर्माण का कार्य, कार्य एजेंसी सरपंच/ सचिव के द्वारा किया गया है। कार्य एजेंसी ने निर्माण कार्य में जब बेश किया जा रहा था खाली गिट्टी बिछाकर ऊपर से लेप लगाकर किया गया है और सरिया छः छः इंच के वजाय आधा आधा मीटर की दूरी से अधिक में लगाया जाकर ढलाई किया गया है। जिसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में किया गया। शिकायत की जांच शिकायत कर्ता को बिना सूचित किए शिकायत कर्ता के गैरमौजूदगी में किया गया।

शिकायत को निराधार बताया गया और निर्माण कार्य को तकनीकी मानदंडों के अनुरूप बताया गया है। तकनीकी जानकारों की जांच गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि निर्माण कार्य का फोटो एवं वीडियो बनाकर रखा गया है शिकायतकर्ता एव ग्रामीणजन जांचकर्ता से जानना चाहते हैं कि गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य को तकनीकी मानदंडों के अनुरूप किस आधार पर साबित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि भले ही वह तकनीकी का पढ़ाई नहीं किए हैं लेकिन हजारों निर्माण कार्य करके तकनीकी आधार पर निर्माण कार्य कैसे किया जाता है जिसकी गहरी समझ है कि तकनीकी आधार पर निर्माण कार्य कैसे किया जाता है जिसके सम्बन्ध में उन्हें गहरी समझ है। यह जांच ग्रामीणों के हलक से नीचे नहीं उतर रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि भृष्टाचार के जांच में भी बड़ा भृष्टाचार किया गया है । उन्होंने मांग किया है उक्त नाली निर्माण कार्य का जांच , टीम गठित कर शिकायत कर्ता एवं सभी पंच उपसरपंच के मौजूदगी में किये जाने की मांग किया है।

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