कॉलोनी में मिला अज्ञात युवक का शव, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 9 बब्बा कॉलोनी में बुधवार की सुबह एक अज्ञात पुरुष का शव पुलिस ने बरामद किया तथा अज्ञात पुरुष के पहचान का प्रयास पुलिस कर रही है।

बुधवार की सुबह अनूपपुर नगर के वार्ड क्रमांक 9 बब्बा कॉलोनी निवासी अविनाश दुबे को मोहल्ला वालों ने बताया कि खाली पड़े जमीन में रखें पुलिया वाले बड़े पाइप के टुकड़े के अंदर एक अज्ञात युवक जो लगभग 25 से 30 वर्ष की उम्र का है पड़ा हुआ है, जिसे नजदीक पर जाकर देखने पर वह मृत स्थिति में होना पाए जाने पर कोतवाली थाना अनूपपुर को सूचना दी गई, जिस पर सहायक उप निरीक्षक सतानंद रावत पुलिस दल के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर मृतक के शव का पंचनामा कर शव को जिला चिकित्सालय अनूपपुर भेजकर पता तलाश प्रारंभ की, आसपास के मोहल्ला वासियों ने बताया कि यह अज्ञात पुरुष जिसके बड़े बाल एवं बड़ी दाढ़ी काली सफेद पट्टेदार फुल शर्ट नीले रंग का पेंट खाकी रंग का जैकेट पहने हुए हैं, विगत कई दिनों से मोहल्ला के आसपास घूमता रहता रहा, जिसे देखने एवं बातचीत से मानसिक रोगी होना प्रतीत होता रहा है, कोतवाली पुलिस अज्ञात मृतक की पहचान हेतु विभिन्न माध्यमों से पहचान किए जाने का प्रयास कर रही हैं।

सीएचसी परासी में वित्तीय प्रभार की उलझन से चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं पूर्व सरपंच ने उठाई आवाज




अनूपपुर

जमुना कोतमा विकासखंड अनूपपुर अंतर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परासी इन दिनों वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों के अभाव में गंभीर अव्यवस्था का सामना कर रहा है इस संबंध में पूर्व सरपंच वीरेंद्र सिंह परासी ने शासन और जिला प्रशासन को विस्तृत आवेदन सौंपते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन में बताया गया है कि वर्तमान में अस्पताल का वित्तीय प्रभार बीएमओ डॉ. धनीराम के पास है, जो फूनगा अस्पताल में पदस्थ हैं और परासी में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते परिणामस्वरूप छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी स्वीकृति प्रक्रिया लंबित रहती है, जिससे दवाइयों की उपलब्धता, वैक्सीन परिवहन, गंभीर मरीजों के रेफरल, एम्बुलेंस ईंधन प्रबंधन, भवन की लघु मरम्मत, बिजली-पानी व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

वीरेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि CHC परासी केवल एक ग्राम का नहीं, बल्कि परोड़, धूरवासिन, तितरी, पौड़ी, लतार, हरद, कोटमी सहित आसपास के अनेक गांवों की बड़ी आबादी के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है ऐसे में वित्तीय अधिकारों की कमी का सीधा असर हजारों मरीजों पर पड़ रहा है।

उन्होंने मांग की है कि परासी में पदस्थ डॉक्टर को ही वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रभार सौंपा जाए, ताकि त्वरित निर्णय लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो जनआक्रोश बढ़ने की आशंका जताई गई है।

सेंदुरी से खांड़ा पहुंचा नर हाथी रात में तोड़े चार मकान, फसलों को बनाया आहार

*10 दिनों से धनगवां के जंगल के अंदर ठहरे दो हाथी*


अनूपपुर

विगत 51 दिनों से तीन हाथियों का समूह अनूपपुर जिले के जैतहरी एवं अनूपपुर इलाके में निरंतर विचरण कर रहे हैं, जिसमें दो समूह में बटे हाथियों में एक हाथी अनूपपुर नगर से लगे सेंदुरी बेलापार से भगतबांध होते हुए मंगलवार की सुबह भोलगढ से खांडा के जंगल में पहुंचकर रात होते ही खांड़ा गांव में चार मकानों में तोड़फोड़ कर ग्रामीणों के खेतों में लगी फसलों को आहार बनाया है, वही दो हाथी थाना तहसील एवं वन परिक्षेत्र जैतहरी के धनगवां बीट अंतर्गत जंगल में विगत 10 दिनों से ठहरे हैं जो रात में जंगल से बाहर नहीं निकल रहे हैं।

अनूपपुर एवं जैतहरी तहसील थाना एवं वन परिक्षेत्र के इलाके में निरंतर रात होते ही विचरण करते हुए ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेत में लगे फसलों को अपना आहार बना रहे हैं, जिससे हाथी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण जन दहशत की स्थिति में रहने को बाध्य है, एक दांत वाला नर हाथी सोनमौहरी बीट के जंगल में 8 दिन बीतने बाद मध्य रात्रि सेंदुरी गांव से ग्राम पंचायत पिपरिया के बेलापार गांव में रात बिताने बाद सुबह सेंदुरी गांव से रेलवे लाइन पारकर भगतबांध गांव के समीप सोन नदी को पार कर मंगलवार की सुबह भोलगढ से राष्ट्रीय राजमार्ग पार करते हुए पोंड़ी बीट के जंगल में दिन में ठहरने बाद रात होते ही ग्राम पंचायत एवं ग्राम खांडा कच्चे मकान में तोड़फोड़ कर घर के अंदर रखे खाने की सामग्री को अपना आहार बनाते हुए, खेत एवं बाडियो में लगे गेहूं अरहर की फसलों गन्ना तथा केला को अपना आहार बनाते हुए बुधवार की सुबह से खांडा गांव से लगे खांडा बांध के ऊपर के जंगल में विश्राम कर रहा है, वही दो हाथियों का समूह थाना तहसील एवं वन परिक्षेत्र जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में विगत 10 दिनों से दिन एवं रात को जंगल के अंदर रहकर समय व्यक्तित्व कर रहे हैं।

हाथियों के निरंतर विचरण से ग्रामीण जन भयभीत एवं परेशान है, यह अकेला हाथी रात के समय 8 से 10 किलोमीटर की दूरी तय कर अचानक किसी भी गांव मोहल्ला में पहुंचकर घरों तथा खेतों में पहुंचकर नुकसान कर रहा है, हाथी ग्रामीणों द्वारा भगाए जाने पर अपनी सुरक्षा को देखते हुए बीच-बीच में चिघाड़ कर दौड़ाते हुए तेजी से आगे बढ़कर लेंटाना या छोटे जंगल में जाकर छुप कर कुछ देर आराम करने बाद फिर से नए इलाके में पहुंच जाता है, वन विभाग एवं पुलिस विभाग के द्वारा हाथियों के विचरण पर निरंतर नजर बनाए रखते हुए आम जनों को सचेत एवं सतर्क रहने की अपील की है। हाथियों द्वारा किए जा रहे ग्रामीण जनों के नुकसान पर अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा नुकसानी का सर्वेक्षण कर राहत प्रकरण तैयार कर रहे है।

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