बन्द कोयला खदान में 5 दिन से लापता बच्चे का पानी मे उतराता हुआ मिला शव


शहडोल

जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता 7 वर्षीय मासूम ऋतिक कोल का शव बंद कोयला खदान के भरे पानी से बरामद किया है। बच्चे का शव नग्न अवस्था में मिलने से हत्या की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार झिल्ली दफाई निवासी ऋतिक कोल, बीते 5 दिनों से लापता था, परिजनों द्वारा धनपुरी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बच्चे की तलाश में पुलिस और परिजन जुटे थे। पता बताने वाले के लिए 5 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी। बगैय्या नाला के पास कोयला खदान में भरे पानी में बच्चे का शव तैरता मिला। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस शव पानी से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी, इधर, मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि एक 7 वर्षीय बच्चे 5 दिन से लापता था, जिसका शव मिला है, मर्ग कायम कर मामले की पड़ताल की जा रही है।

नाली निर्माण की शिकायत की जांच में भृष्टाचार की बदबू- जुगुल राठौर


अनूपपुर

जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत चोरभठी में गुणवत्ता विहीन नाली निर्माण का कार्य, कार्य एजेंसी सरपंच/ सचिव के द्वारा किया गया है। कार्य एजेंसी ने निर्माण कार्य में जब बेश किया जा रहा था खाली गिट्टी बिछाकर ऊपर से लेप लगाकर किया गया है और सरिया छः छः इंच के वजाय आधा आधा मीटर की दूरी से अधिक में लगाया जाकर ढलाई किया गया है। जिसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में किया गया। शिकायत की जांच शिकायत कर्ता को बिना सूचित किए शिकायत कर्ता के गैरमौजूदगी में किया गया।

शिकायत को निराधार बताया गया और निर्माण कार्य को तकनीकी मानदंडों के अनुरूप बताया गया है। तकनीकी जानकारों की जांच गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि निर्माण कार्य का फोटो एवं वीडियो बनाकर रखा गया है शिकायतकर्ता एव ग्रामीणजन जांचकर्ता से जानना चाहते हैं कि गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य को तकनीकी मानदंडों के अनुरूप किस आधार पर साबित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि भले ही वह तकनीकी का पढ़ाई नहीं किए हैं लेकिन हजारों निर्माण कार्य करके तकनीकी आधार पर निर्माण कार्य कैसे किया जाता है जिसकी गहरी समझ है कि तकनीकी आधार पर निर्माण कार्य कैसे किया जाता है जिसके सम्बन्ध में उन्हें गहरी समझ है। यह जांच ग्रामीणों के हलक से नीचे नहीं उतर रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि भृष्टाचार के जांच में भी बड़ा भृष्टाचार किया गया है । उन्होंने मांग किया है उक्त नाली निर्माण कार्य का जांच , टीम गठित कर शिकायत कर्ता एवं सभी पंच उपसरपंच के मौजूदगी में किये जाने की मांग किया है।

तीन हाथी, तीन दिनों से अलग हो कर रातो में खेतों में लगी फसलों को कर रहे हैं नुकसान

*वन विभाग की दो टीम कर रही है निगरानी*


अनूपपुर

विगत 41 दिनों से तीन हाथियों का समूह अनूपपुर जिले के जैतहरी एवं अनूपपुर तहसील के ग्रामीण इलाकों में विचरण कर रहे हैं, विगत तीन दिनों से एक एवं दो की संख्या में हाथी अलग-अलग होकर घूमते हुए रात के समय ग्रामीणों के खेतों में लगी फसलों को अपना आहार बना रहे हैं। रविवार के दिन एक हाथी अनूपपुर के सोनमौहरी बीट के जंगल में एवं दो हाथी वन परिक्षेत्र एवं थाना जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं।

विगत 22 जनवरी से अनूपपुर थाना तहसील एवं वन परिक्षेत्र के छुलहा भगतबांध भोलगढ सीतापुर पोंडी खांडा मानपुर बरबसपुर में विचरण कर रहे हैं, तीनों हाथी सुबह होते ही जंगलों में प्रवेश कर दिन बिताने बाद देर शाम एवं रात होने पर शहडोल मनेद्रगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को पोंडी गांव के समीप से निरंतर पार कर ग्रामीणों के खेतों में लगी फसलों को आहार बना रहे हैं, विगत तीन दिनों से तीन हाथियों के समूह से का एक दांत वाला हाथी तथा दो अन्य हाथी दो समूह में बट कर विचरण कर रहे है, शनिवार के दिन एक दांत वाला हाथी पोंडी बीट के जंगल से साम होते ही निकलकर भोलगढ गांव के खेतों में लगी गेहूं अरहर एवं अन्य फसलों को अपना आहार बनाते हुए देर रात ट्रैक्टर एवं हल्ला कर भगाए जाने पर सोननदी को पार कर भगतबांध गांव में खेत में लगे गेहूं की फसल को पूरी रात खाते हुए रविवार की सुबह अपने दो अन्य साथियों की तलाश में ग्राम अमगवां के गोहाटोला में फसलों को खाते हुए, सुबह होने पर सोनमौहरी के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है। वही दो हाथियों का समूह शनिवार के दिन सोन मौहरी बीट के बर्री एवं सेन्दरी सोनमौहरी गांव के मध्य स्थित बोडवा जंगल में दिन बीताने बाद देर शाम को जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत अमगवां के वार्ड क्रमांक 12 गोहाटोला निवासी फसल को खाते हुए अमगवां के नयाटोला पथरहा टोला छुलहा के खिरनाटोला से खिरना नाला पार कर बेलिया अमगवां हाई स्कूल के पीछे से गुवारी टकहुली पटौराटोला होते हुए रविवार की सुबह वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील जैतहरी के वन बीट धनगवां के जंगल जो ग्राम पंचायत केवटार के कुशमहाई गांव से लगा हुआ है, पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं, दो अलग-अलग समूह में बटे हाथियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग द्वारा दो टीमें बनाकर हाथियों पर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को सचेत एवं सतर्क रहने की निरंतर हिदायतें दी जा रही हैं, वही हाथियों के निरंतर विचरण एवं नुकसान किये जाने पर कई गांव की ग्रामीण रात रात भर जाग कर अपनी एवं गांव की सुरक्षा करने में लगे रहते हैं तीनों हाथी विगत एक सप्ताह से जिला मुख्यालय अनूपपुर के तीन से पांच किलोमीटर की दूरी पर विचरण किए हैं।

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