फाइनेंस कराए वाहनों को धोखाधड़ी कर अवैध रूप से बेचकर करोड़ों के लेन-देन के आरोपी गिरफ्तार 

*18 लाख के 14 वाहन जप्त*


शहडोल

जिले की सिंहपुर थाना पुलिस ने वाहन फाइनेंस से जुड़े एक बड़े संगठित धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से फाइनेंस कराए गए वाहनों को अवैध रूप से बेचकर करोड़ों के लेन-देन को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बड़ी मात्रा में वाहन, नकदी और अन्य सामग्री जब्त की है। यह कार्रवाई शहडोल पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विवेचना और लगातार निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर 2024 को थाना सिंहपुर क्षेत्र में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों द्वारा मोटरसाइकिल और अन्य वाहन फाइनेंस पर खरीदे गए, लेकिन किश्तें चुकाने के बजाय उन्हें दूसरे लोगों को बेच दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से फाइनेंस कंपनियों और आम लोगों को धोखा दे रहे थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह के सदस्य पहले विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहन फाइनेंस कराते थे। फाइनेंस की प्रक्रिया पूरी होते ही वे वाहन अपने पास रखकर उन्हें ऊंचे दामों पर अन्य लोगों को बेच देते थे। कुछ मामलों में वाहन खरीदने वालों को यह भी जानकारी नहीं दी जाती थी कि संबंधित वाहन फाइनेंस पर है। इस प्रकार आरोपी फाइनेंस कंपनियों के साथ-साथ वाहन खरीदने वाले निर्दोष लोगों को भी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे थे।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, दस्तावेजों की जांच, वाहन नंबरों का सत्यापन और मुखबिर तंत्र की मदद से गिरोह के सदस्यों की पहचान की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने इस तरह की धोखाधड़ी को लंबे समय से अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 14 वाहन जब्त किए हैं, जिनमें मोटरसाइकिलें और अन्य वाहन शामिल हैं। जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 18 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कुछ आरोपी पहले से ही न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं, जबकि अन्य की भूमिका की जांच जारी है। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय रहकर फाइनेंस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे, जिससे मामला और भी गंभीर हो जाता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

मंदिर से शिवलिंग व चांदी के जेवर चोरो ने किया पार, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल


शहडोल

जिले के बुढार थाना क्षेत्र में चोरों ने एक घर में स्थित मंदिर से भगवान शिव की प्राचीन शिवलिंग चोरी कर ली। मामला बुढार थाना क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर, वार्ड क्रमांक 15 का है। यहां निवासी अविशेक दुबे के घर के बाउंड्री परिसर में एक शिव मंदिर स्थित है। शिकायतकर्ता अविशेक दुबे ने पुलिस को बताया कि यह शिव मंदिर उनके पुरखों द्वारा बनाया गया था और इसमें स्थापित शिवलिंग सदियों पुरानी थी। मंदिर में आसपास के ग्रामीण भी नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने आते थे। इसी कारण बाउंड्री का एक गेट हमेशा खुला रखा जाता था, ताकि श्रद्धालु आसानी से भगवान शिव के दर्शन कर सकें।

अविशेक दुबे के अनुसार, रोज की तरह रात में परिवार के सभी सदस्य घर का मुख्य दरवाजा बंद कर सो गए थे। सुबह जब वे जागे और मंदिर की ओर गए तो वहां से भगवान शिव की शिवलिंग गायब थी। मंदिर में तोड़फोड़ के कोई खास निशान नहीं मिले, जिससे अंदेशा है कि चोर बड़ी ही चालाकी से शिवलिंग को उठा ले गए।

इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले कोतवाली क्षेत्र में भी एक मंदिर में चोरी की घटना हुई थी, जहां चोर भगवान के चांदी के जेवर लेकर फरार हो गया था। उस मामले में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ने में सफल नहीं हो सकी है।

नेशनल हाइवे में ट्रक पलटा, शराब के नशे में था ड्राइवर, घायल को  अस्पताल में कराया गया भर्ती


शहडोल

गुजरात से झारखंड की ओर जा रहा एक भारी भरकम ट्रक एनएच-43 पर कोटमा तिराहे से पहले स्थित तालाब के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक और परिचालक घायल हो गए। घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार ट्रक क्रमांक डब्लू बी 23 के 3449 में कीमती प्रशाल (सामान) लोड था। ट्रक को बिरजू कुमार यादव चला रहा था, जबकि उसके साथ एक परिचालक भी मौजूद था, जिसे भी चोटें आई हैं। घटना के बाद यह सामने आया कि ट्रक चालक और परिचालक दोनों ही शराब के नशे में थे। बताया जा रहा है कि चालक अत्यधिक नशे की हालत में इतना भारी वाहन हाईवे पर चला रहा था, जो इस दुर्घटना का मुख्य कारण बना।

प्रत्यक्षदशियो के मुताबिक, जब ट्रक पलटा तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उस समय चालक और परिचालक वाहन से बाहर खड़े थे और उन्हें मामूली चोटें आई थीं। बाद में पहुंची डायल 112 टीम में तैनात आरक्षक अजीत सिंह चौहान एवं पायलट राजुल तिवारी ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस कर्मियों ने भी मौके पर यह देखा कि दोनों शराब के नशे में धुत थे।

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। हाईवे पर लगातार भारी वाहन दौड़ रहे हैं, लेकिन आम लोगों को यह पता नहीं होता कि इनमें से कितने वाहन चालक शराब के नशे में गाड़ी चला रहे हैं। चेकिंग के बावजूद ऐसे नशेड़ी चालक पकड़े क्यों नहीं जा रहे, यह भी चिंता का विषय है। गनीमत रही कि ट्रक एक खाली स्थान पर पलट गया। यदि यह हादसा किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में होता, तो बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता था। ऐसे में जिम्मेदारी तय करना और सख्त कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।

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