अज्ञात कारणो से फांसी लगाकर युवक की आत्महत्या


अनूपपुर

जिले के राजेन्द्रग्राम के चंदनिया ग्राम में अज्ञात कारणो से फांसी लगा ली थी को परिजनों द्वारा उपचार हेतु जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाए जाने पर जिला चिकित्सालय पहुंचने के पूर्व मौत हो गई घटना की सूचना पर बुधवार की सुबह पुलिस के द्वारा कार्यवाही की गई है।

घटना के संबंध में बताया गया कि राजेंद्रग्राम थाना अंतर्गत ग्राम चंदनिया निवासी 46 वर्षीय गोपाल सिंह मार्को पिता स्व, धनीराम सिंह मार्को जो विगत कई वर्षों से जैतहरी नगर में रहकर कपड़े सिलने का काम करता है, तथा उसकी पत्नी जैतहरी के पास शासकीय विद्यालय में शिक्षिका के पद पर पदस्थ है, वह मंगलवार की दोपहर जैतहरी से राजेंद्रग्राम अपने घर जाकर देर शाम गांव में रखी दुर्गा जी की पूजा अर्चना करने बाद अपनी मां से पुराने मकान की चाबी लेकर गया, इसी दौरान वह अज्ञात कारणों से घर में फांसी लगा ली जिसे परिजनों द्वारा तत्काल फांसी की रस्सी काटते हुए बेहोश स्थिति में उपचार हेतु देर रात जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाए जहां परीक्षण दौरान ड्यूटी डॉक्टर ने पूर्व में ही मृत होने पर घटना की जानकारी जिला अस्पताल पुलिस चौकी को दी गई, जिस पर बुधवार की सुबह परिजनों की उपस्थिति में पुलिस के द्वारा पंचनामा एवं पी,एम,की कार्यवाही करते हुए जांच प्रारंभ की है,समाचार लिखे जाने तक फांसी लगाकर आत्महत्या करने का कारण ज्ञात नहीं हो पाया है।

राहगीरों को लूटकर फरार हुए बाइक सवार लुटेरे, कोतवाली में हुई शिकायत, जांच में जुटी पुलिस

*रेलवे आ अंडरब्रिज के पास की घटना, ट्रेन पकड़ने आये थे दोनों युवक*


शहड़ोल

कोतवाली थाना क्षेत्र के अंडर ब्रिज के पास दो युवकों के साथ बीती रात लूट की घटना हुई। इस वारदात को तीन आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया है। घटना के बाद पीड़ितों ने इसकी शिकायत कोतवाली थाना में दर्ज कराई।

शिकायतकर्ता पिंटू बैगा पिता गिरधारी बैगा उम्र 29 साल ग्राम समदाटोला पकरिया थाना बुढ़ार ने पुलिस से बताया कि वह अपने ससुर की मोटरसाइकिल से अपने साले विजय बैगा के साथ पकरिया से शहडोल रेलवे स्टेशन अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन से जयपुर राजस्थान जाने के लिये आया था, लेकिन जब वह रेलवे स्टेशन पहुंचा तो ट्रेन निकल गई थी। रात अधिक होने के कारण युवक अपने साले को साथ लेकर मोटरसाइकिल से अपने रिश्तेदार के घर ग्राम बूची पुरानी बस्ती जाने लगा। तभी नई रेलवे अंडरब्रिज के पास पीछे से एक मोटरसाइिकल जिसमें तीन व्यक्ति सवार थे। उन लोगों ने पीड़ित की गाड़ी के पास लाकर खड़ी कर दी।

इसके बाद उनमें पीछे बैठे दो व्यक्ति मोटरसाइिकल से उतरकर पास आ गये और कहने लगे कि तुम कौन हो कहां जा रहे हो। तब पीड़ित ने अपना नाम व पता बताया। जिस पर उक्त बाइक सवार आरोपियो ने धमकाते हुए कहा कि रात में घूम रहे हो चलो पुलिस थाना। इसके बाद पीड़ित मोटरसाइिकल की चाभी लेकर एक व्यक्ति चलाने लगा और पीड़ित व उसके साले को पीछे बैठा लिया और दो लोगों ने अपनी मोटरसाइकिल पीछे कर ली।

जिसके बाद दोनों को पुरानी बस्ती में आंगनबाड़ी के पास ले गये और वहां पर दोनों की तलाशी ली गई। तलाशी में पीड़ित के जेब में रखे कुल 1250 रुपये नगद, मोबाइल तथा मोटर साइकिल लूट ली। विरोध करने पर आरोपियों ने युवकों के साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद लूटे हुए युवकों ने पैदल बस स्टैंड तक अपना सफर तय किया और वहां किसी से मदद मांग कर मोबाइल लेकर मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। सुबह होते ही कोतवाली पुलिस के पास युवक पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया। वहीं, शिकायतकर्ता युवकों ने आरोपियों की मोटरसाइकिल का नंबर पुलिस को बताया, जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने तीनों संदेही आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

 27 वर्ष कैद से आजाद हुई मातारानी, पुजारी की मन्नत हुई पूरी, अब पहनेगे चप्पल

*मंदिर से चोरो ने चुराई थी मूर्ति, न्यायालीन प्रक्रिया में लगे 27 वर्ष*


शहड़ोल

पिछले 27 वर्ष से पुलिस थाना के मालखाने मे कैद माता रानी आखिरकार अब उस कैदखाने से बाहर आ चुकी हैं। अब विधि विधान से सारी प्रक्रिया पूर्ण कर उन्हें उनके स्थान (मंदिर ) में स्थापित कर दिया गया है। लेकिन पिछले सत्ताईस बरस तक अपने माता रानी की झलक पाने के लिए भक्तगण लगातार प्रयास करते रहे। यह मामला जिले के ब्योहारी थाना क्षेत्र के ग्राम जमुनी से जुड़ा हुआ है। 

जानकारी के अनुसार लगभग 27 बरस पहले वर्ष 1997 में ब्योहारी थाना क्षेत्र के ग्राम जमुनी मे स्थित लोढ़ा माता मंदिर से अचानक माता रानी की प्रतिमा गायब हो गई थीं। इसकी शिकायत ब्योहारी थाना में मंदिर के पुजारी प्यारे लाल द्वारा गांव वालों के साथ थाना जाकर दर्ज कराई गई थी। जिस पर थाना में अपराध क्रमांक 218/97 पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामला चूंकि आस्था से जुड़ा हुआ था, इसलिए उस समय इसे गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल करते हुए करीब दो सप्ताह के भीतर चोरों का पता लगाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर उनसे चोरी की गई मूर्ति बरामद कर ली गई थी। लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत यह मूर्ति वापस दी जानी थी, इसलिए इसे सुरक्षारार्थ थाने के माल गोदाम मे रखवा दिया गया था। जो पिछले 27 बरस से वहीं रखी हुईं थी।

कई बार पुजारी व गांव वालों ने मूर्ति थाने से लेने का प्रयास किया, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायालय से इस संबंध मे आदेश नहीं हो सका। अब एक बार फिर पुजारी समेत गांव वालों ने मूर्ति लेने के लिए प्रयास शुरू किया। इसके बाद उन्होंने वर्तमान थाना प्रभारी ब्योहारी अरुण पांडेय से सम्पर्क किया और सारे मामले से उन्हें अवगत करया।

*गोदाम में कैद थी मूर्ति*

थाना प्रभारी ने सर्वप्रथम माल गोदाम में उक्त मूर्ति को खोजने का निर्देश दिया। काफी मशक्कत के बाद लोढ़ा माता की चोरों से 27 बरस पहले जब्त की गई मूर्ति वहां मिल गई। जिसे सम्मान पूर्वक बाहर निकाला गया। ज़ब मूर्ति मालगोदाम मे मिल गई तो थाना प्रभारी द्वारा पुजारी समेत गांव वालों को इस मूर्ति को प्राप्त करने के लिए न्यायालय मे की जाने वाली प्रक्रिया समझाई। जिसके बाद उक्त प्रक्रिया पूर्ण करने पर न्यायालय द्वारा थाना पुलिस को उक्त मूर्ति संबंधित जनों के सुपुर्द करने का आदेश जारी किया गया। न्यायालय का आदेश मिलने के बाद थाना प्रभारी अरुण पांडेय द्वारा सम्मान के साथ पुजारी प्यारेलाल को उक्त लोढ़ा माता की मूर्ति सौंप दी।

*मन्नत हुई पूरी पुजारी पहनेंगे चप्पल*

पुजारी राम प्यारे ने बताया कि वह लोढ़ा माता मंदिर से उक्त मूर्ति चोरी हो जाने से काफी दुखी हो गया था। उसने निर्णय लिया था कि ज़ब तक माता रानी की मूर्ती मंदिर मे पुनः स्थापित नहीं हो जाएगी वे चप्पल नहीं पहनेंगे। जिसके बाद पिछले 27 बरस से पुजारी नंगे पैर ही चल रहे हैं। अब मंदिर की मूर्ति मिल जाने व उसके पुनः स्थापित कर दिए जाने के बाद पुजारी समेत पूरे गांव में जश्न जैसा माहौल है।

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