यादव महासभा नाम का दुरुपयोग, समाज से धन वसूली का मामला उजागर, कार्रवाई की मांग

*जिलाध्यक्ष ने उठाई आवाज, जांच एजेंसियो ने किया खुलासा*


अनूपपुर

अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा, जो राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत एक वैधानिक संगठन है और वर्षों से यादव समाज के उत्थान और सामाजिक विकास के लिए कार्यरत है, उसके नाम का दुरुपयोग कर धन वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। यह आरोप अनूपपुर जिले के श्री मोहन प्रसाद यादव (निवासी ग्राम कोड़ा) और श्री शिवदयाल यादव (निवासी ग्राम वेल्हा, राजेन्द्रग्राम) पर लगाए गए हैं, जो समाज के भोले-भाले लोगों को भ्रमित कर अवैध तरीके से धन एकत्र कर रहे हैं।

*धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ीं*

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहन प्रसाद यादव और शिवदयाल यादव ने ऑल इंडिया यादव महासभा नामक एक संगठन के तहत जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों और अधिवेशनों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में कृष्ण जन्माष्टमी जैसे सामाजिक और धार्मिक उत्सवों का आयोजन करके समाज के लोगों से धन वसूला जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह संगठन तमिलनाडु राज्य में पंजीकृत है, जिसका उपयोग केवल तमिलनाडु तक सीमित है। इसका हिन्दी रूपांतरण कर अन्य राज्यों में इसका उपयोग पूर्णतया गैरकानूनी है।

*जांच एजेंसियों का खुलासा*

विभिन्न सक्षम जांच एजेंसियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस संगठन का नाम अन्य राज्यों में गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है। लोगों को भ्रमित करने के लिए पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री में अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। समाज के कई सदस्यों ने आरोप लगाया है कि इस धोखाधड़ी से समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है और इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ लेना है।

*जिला अध्यक्ष ने उठाई आवाज*

इस मामले में अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के जिला अध्यक्ष रामचरन यादव ने गंभीर आपत्ति जताते हुए पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। रामचरन यादव ने इस धोखाधड़ी से जुड़े प्रमाण और दस्तावेज संबंधित अधिकारियों को सौंपे हैं, जिनमें पोस्टर, बैनर और अन्य सामग्री शामिल हैं जो इस अवैध गतिविधि की पुष्टि करते हैं। रामचरन यादव ने इस मामले को समाज के सम्मान से जुड़ा हुआ बताते हुए इसे गंभीरता से लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।

*समाज में आक्रोश*

समाज के वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकरण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि समाज में इस तरह की धोखाधड़ी की घटनाएं समाज के मूल्यों को आघात पहुंचाती हैं और इसका तुरंत समाधान किया जाना चाहिए। लोगों ने पुलिस और प्रशासन से जल्द से जल्द मामले की जांच कर दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की है। समाज के लोगों ने आशा जताई है कि इस प्रकरण पर जल्द न्यायिक कार्रवाई होगी और दोषियों को उचित सजा मिलेगी।

*समाज की प्रतिष्ठा पर संकट*

यह मामला यादव समाज की प्रतिष्ठा और अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के नाम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। समाज के लोग इस घटना से आहत हैं और अब वे इस बात की मांग कर रहे हैं कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की धोखाधड़ी न कर सके।

अनुकम्पा नियुक्ति देने में लापरवाही पर जिला शिक्षा अधिकारी तत्काल प्रभाव से निलंबित


शहड़ोल

कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमन शुक्ला ने जनसुनवाई कार्यक्रम में स्वर्गीय रामराज द्विवेदी संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 शासकीय माध्यमिक विद्यालय देवराव जनपद पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल के पुत्र अवनीश कुमार द्विवेदी ने साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में आज कमिश्नर को आवेदन देकर बताया कि उनके पिता रामराज द्विवेदी संविदा शिक्षक वर्ग 3 के पद पर शासकीय प्राथमिक शाला देवरांव में गुरू जी के रूप में पदस्थ थे। जिनकी मृत्यु 2017 को हृदयघात से  हुई थी। उन्होनें कमिश्नर को बताया कि पिता की मृत्यु के उपरांत लगभग सात वर्षों से उसकी मां और वह पिता के संविलियन और अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं, मगर उन्हें अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जा रही है। इस संबंध में कमिश्नर ने जन सुनवाई में उपस्थित अपर संचालक लोक शिक्षण शहडोल संभाग से वस्तुस्थिति की जानकारी ली। अपर संचालक लोक शिक्षण ने कमिश्नर को अवगत कराया कि उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा अवनीश द्विवेदी के पक्ष में निर्णय पारित किया गया है, किन्तु  जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उक्त आदेश का पालन नहीं किया जाना पाया गया है। जिस पर कमिश्नर ने जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल फूलसिंह मारपाची को जनसुनवाई में तलब कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। जिला शिक्षा अधिकारी फूलसिंह मारपाची द्वारा समाधान कारक उत्तर प्रस्तुत नहीं करने पर कमिश्नर शहडोल संभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल श्री फूलसिंह मारपाची द्वारा की गई इस घोर लापरवाही के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

नाबालिग किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले जाने, दुष्कर्म करने के आरोप में तीन आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

17 सितंबर 2024 को करीब 16 वर्षीय नाबालिग बालिका के परिजनो द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि रात्रि में अचानक बालिका घर से बिना बताये चली गई है,  जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 419/24 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना की गई।

कोतवाली पुलिस एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा घटना दिनांक को अनूपपुर नगर के सी.सी.टी.वी. फुटेज एवं मोबाईल काल डिटेल से प्राप्त जानकारी के आधार पर उक्त बालिका को दमन एवं दीप केन्द्र शासित प्रदेश के सिलवासा से दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त की गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नाबालिग बालिका की मोबाईल पर खेले जाने वाले आनलाईन फ्री फायर गेम एवं सोशल मीडिया इन्स्टांग्राम में नैनेश्वर हीरे (21 वर्ष) निवासी गोरेगांव मुम्बई (महाराष्ट्र) से परिचय होने के बाद दोस्ती हो गई, जिसने नाबालिग बालिका को शादी करने का बहकावा देकर ट्रेन से कल्याण स्टेशन बुलवा लिया, एवं गोरेगांव मुम्बई में अपने घर में रुकवाकर शादी का झांसा देकर नाबालिग बालिका से दुष्कर्म किया। नाबालिग बालिका को अपने घर में ठहराने में आरोपी नैनेश्वर हीरे के पिता महेन्द्र हीरे ने भी सहयोग किया, और पुलिस के पकड़े जाने के डर से नैनेश्वर हीरे ने उक्त नाबालिग बालिका को गोरेगांव मुम्बई, महाराष्ट्र से दमन एवं दीव केन्द्र शासित प्रदेश में सिलवासा में अपने परिचित राजू पवार के घर पर रुकवा दिया, जो पुलिस द्वारा प्रकरण में धारा 64 (1), 64 (2) (एम),65(1) ,142,87,96,3(5) भारतीय न्याय संहिता 3,4,5 (एल),  6 पाक्सो एक्ट जोड़ा जाकर उक्त तीनों आरोपियों नैनेश्वर हीरे पिता महेन्द्र हीरे उम्र 21 सात निवासी रोहिदास नगर, गोरेगांव मुम्बई महाराष्ट्र, महेन्द्र हीरे पिता देवीदास हीरे उम्र 52 साल निवासी रोहिदास नगर, गोरेगांव मुम्बई महाराष्ट्र, राजू पंवार पिता गोकुल पंवार उम्र करीब 40 साल निवासी सिलवासा दमन एवं दीप केन्द्र शासित प्रदेश को गिरफ्तार कर थाना कोतवाली अनूपपुर लाकर न्यायालय पेश किया। 

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