जांच दल को मिली अनियमिता, क्या सुनील जैन के फर्म को किया जाएगा ब्लैकलिस्टेड?

*क्या चोरी के रेत से हो रहा था निर्माण?,अध्यक्ष का बेटा निकला मुंशी लगा आरोप*


अनुपपुर

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग शहडोल की तरफ से नगर परिषद बनगवाँ में बनी एक सी सी सड़क का जाँच आदेश के बाद बुधवार को पहुंची जांच टीम की जैसे ही जानकारी आम लोगों पर पहुंची जनता में एक आक्रोश का माहौल उत्पन्न होने को दिखा। सैकड़ो की तादाद पर लोग सड़क की जांच करवाने के लिए सड़क पर उतर गए उसी क्रम में परिषद के जनप्रतिनिधि पार्षद गण भी इस जांच को करवाने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए।

*23.43 लाख रुपए की लागत से बनी थी सड़क*

जैसा कि सभी को यह बात मालूम है कि किसी भी शासकीय मद से निर्माण की प्रक्रिया टेंडर से संपन्न होती है। पूर्व में इस सड़क के लिए टेंडर निकाला गया था ठेकेदार द्वारा जो रेट डाला गया था वह एस.ओ.आर रेट से कम था जिसके कारण से टेंडर को निरस्त कर दिया गया था लेकिन बाद में पुनः इस टेंडर को फिर से निकाला गया जिसमें ठेकेदार द्वारा 8.510 प्रतिशत एस.ओ.आर. से अधिक रेट में लिया गया।

मगर फिर भी सड़क कुछ ही महीने के भीतर उखड़ना शुरू हो गया सड़क में मोटाई भी बहुत ही कम देखने को मिली। यहां सवाल यह उठता है कि एस.ओ.आर रेट से अधिक पर भी काम लेने पर ठेकेदार द्वारा इस प्रकार का भ्रष्टाचार क्यों किया जा रहा है ? क्या जनता के पैसे का इस प्रकार से दुरुपयोग नगर परिषद बनगवा द्वारा किया जाएगा? आखिर कब इस प्रकार के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाएगा ?

*अध्यक्ष का बेटा निकला मुंशी लगा आरोप*

सड़क की जांच की टीम जब मौके पर पहुंची तो स्थानीय लोगों ने अध्यक्ष के बेटे के ऊपर लगाए गंभीर आरोप। बताया गया कि यह गुणवत्ता विहीन सड़क में नगर परिषद बनगवा के अध्यक्ष यशवंत सिंह के बेटे सोनू इसका काम कर रहे थे जिसका मुंसियाना सोशल मीडिया में वायरल हुआ यह वीडियो चौक चौराहा में चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या बनगवा अध्यक्ष भ्रष्टाचार को पनाह दे रहे हैं। चौक चौराहा में यह भी बात सुनने को मिल रहा है कि अध्यक्ष के नवरत्नों में एक रत्न सुनील जैन भी है जो अध्यक्ष बनने में उन्हें मदद किए थे इसीलिए अध्यक्ष ने उन्हें खुली छूट दी हुई है।

*क्या चोरी के रेत से बना रहे थे सड़क ?*

नगर परिषद बनगवा के इंजीनियर एवं वार्ड वासियों ने बताया कि जो सड़क का निर्माण हो रहा था उसमें पास के नाले से रेत निकालकर उपयोग किया जा रहा था इंजीनियर द्वारा बताया गया कि रॉयल्टीपर्ची मांगने पर ठेकेदार द्वारा कोई भी रायल्टी पर्ची दिया नहीं गया है अब सवाल यह उठता है कि क्या वन विभाग या खनिज विभाग इस ठेकेदार के ऊपर कोई कार्यवाही करेगी क्या ऐसे ही चोरी के चीजों से निर्माण कार्य कराया जाएगा ?

*जांच टीम ने पाया अनियमितता*

शहडोल संभाग से गठित जांच टीम द्वारा बुधवार को जब जांच करने पहुंचे तो सड़क में कई  अनियमितता देखने को मिला। जांच टीम द्वारा सड़क का सैंपल लेने के लिए सड़क के कई जगह पर कटिंग किया गया तो देखा गया कि सड़क में कहीं 3 इंच कहीं 4 इंच ही सैंपल निकला एवं कई जगह से सड़क टूट चुकी थी एवं लंबाई में भी कमी देखने को मिला साथ ही सड़क की गुणवत्ता में भी कमी देखने को मिली। रोड के किनारे जो शोल्डर बनते हैं वह भी नहीं बनाया गया है। बहरहाल जांच का रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी जानकारी प्राप्त की जाएगी !

*इनका कहना है*

पूरे  सड़क निर्माण कार्य को ठेकेदार द्वारा प्राक्कलन के विपरीत बनाया गया है। सी सी रोड का पेमेंट 275 मीटर का ले लिया गया है, जबकि स्थल पर 258 मीटर ही मौजूद है, इसी प्रकार सोल्डर का पेमेंट ले लिया गया, मगर शोल्डर बनाया ही नहीं गया, कोर कटिंग के दौरान देखने में आया घटिया स्तर की सामग्री का प्रयोग किया गया है, इस पूरे मामले में ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। रोड को उखाड़ कर पुनः जनता की सुगमता के लिए प्राक्कलन के हिसाब से रोड बनाई जानी चाहिए।

*विकास प्रताप सिंह, पार्षद वार्ड क्रमांक 11*

निष्पक्ष जांच होनी चाहिए एवं दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

*धर्मेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष, पिछड़ा प्रकोष्ठ, भाजपा अनूपपुर*

नगर में जहां भी भ्रष्टाचार हुआ है उसमें निष्पक्ष जांच होनी चाहिए एवं दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए 

*संतोष जायसवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता*

तेज रफ्तार बस ने मवेशियों को कुचला, चार की मौत, नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर लगाया जाम

*बस मालिक से मुआवजे की कर रहे हैं मांग, पुलिस दे रही है समझाईस*


शहडोल

तेज रफ्तार बस ने सड़क पर बैठे मवेशियों को कुचल दिया, जिससे चार मवेशियों की मौके पर मौत हो गई है। घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने शहडोल रीवा मार्ग पर चक्का जाम लगा दिया है। घटना के तुरंत बाद बस चालक व परिचालक मौके से फरार हो गए हैं, तो वहीं बस में कई यात्री सवार है।

बताया गया कि नफीस कंपनी की बस क्रमांक एमपी 18 पी 5754 शहडोल से ब्यौहारी के लिए जा रही थीं, जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के करकी गांव के पास सड़क में बैठे मवेशियों को बस ने कुचल दिया,जिससे चार मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई है। एवम तीन अन्य मावेशी घायल हुए है। घटना के बाद आसपास मौजूद लोग वहां पहुंचे और उन्होंने मवेशी मालिकों को मामले की खबर दी, और बस को रोक कर सड़क पर जाम लगा दिया है। जिससे शहडोल रीवा मुख्य मार्ग 2 घंटे तक जाम लगा रहा। 

घटना की जानकारी लगते ही जयसिंहनगर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत करने की भी कोशिश की लेकिन लोगों का कहना है कि मौके पर ही बस मालिक आए और उन्हें मवेशियों की मौत के बदले नगद रुपए दे, इसके बाद ही जाम हटेंगा। थाना प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी है। जानकारी के बाद आसपास के थाना स्टाफ पर थाना प्रभारी मौके के लिए रवाना हो गए हैं।

घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों की काफी भीड़ मौके पर पहुंच गई है और सैकड़ो की तादाद में लोग सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया है। जिससे शहडोल रीवा मार्ग में वाहनों की आवाजाही बंद रही। यह मुख्य मार्ग होने की वजह से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे लग गई। थाना प्रभारी सत्येंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि मवेशी मालिकों से बातचीत जारी है,ग्रामीणों को समझाया गया। बस मालिक को भी मौके पर बुलवाया गया।

नरवार के जंगल में हुई फायरिंग, युवक का आरोप दो नकाबपोश बदमाशों ने चलाई गोली

*गोली चलने की नही पुलिस ने नही की पुष्टि, जांच के बाद सच आएगा सामने*


शहडोल

जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नरवार बिजौरी के जंगल में रात 8 बजे के लगभग दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इस विवाद में शहडोल के युवक मोनी सिंह घायल हुआ है। मोनी सिंह ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर दो नकाबपोश बदमाशों ने गोली चलाई है। जो उनके पैर में लगी है। मोनी सिंह को नरवर के जंगल से उपचार के लिए शहडोल जिला अस्पताल लाया गया है। जहां डॉक्टर ने उनका उपचार शुरू किया है। वहीं सोहागपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि नरवार के जंगल में विवाद की जानकारी है लेकिन अभी तक गोली चलने की पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं जिला अस्पताल के ओपीडी में तैनात डॉक्टर ने भी बताया कि मोनी सिंह के पैर में चोट के निशान जरूर हैं लेकिन प्राथमिक उपचार में गोली लगने की पुष्टि नहीं हो सकी है। 

हमले में घायल युवक मोनी सिंह ने बताया कि नरवार के जंगल में अचानक दो युवक सामने आकर रुके। वह बाइक में सवार थे। अपने चेहरे को गमछे से ढके हुए थे। रुकते ही उन्होंने अचानक गोली चलाना शुरु कर दिया। एक गोली उनके पैर में आकर लगी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

वहीं दूसरी ओर सोहागपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पाण्डेय का कहना है कि नरवार के जंगल में गोली चलने की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। हमले में घायल मोनी सिंह का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। इसके बाद उनसे भी बयान लिया जाएगा। रात के समय नरवार के जंगल में क्या करने गए थे और उनका किसी से कोई विवाद था इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही।

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