अवैध गांजा बिक्री करने वाले 3 आरोपी पुलिस ने किया गिरफ्तार


अनूपपुर

जिले के बिजुरी पुलिस के द्वारा डोंगरियाकला तिराहे मे वाहन चेकिंग लगाई गई थी वाहन चेकिंग के दौरान दो मोटरसायकल चेकिंग प्वाइंट मे आये जिसमे चालक के द्वारा हेलमेट नही पहना गया था जिनके द्वारा कहा गया कि हमे बिजुरी जल्दी जाना है हमारा चालान काट दीजिये आम तौर पर यातायात नियमो का उलंघन करने वाले चालान फाइन भरने मे हुज्जत करते हैं किन्तु दोनो मोटरसायकल चालकों के द्वारा चालान कटवाने का आग्रह किया गया जिससे उक्त चालकों पर संदेह हुआ, अतः मौके पर मोटरसायकल चालक एवं उसके साथी के पास रखे सामान की तलाशी ली गई जो होण्डा साइन मोटरसायकल मे पीछे बैठे व्यक्ति के पास रखे बैग से एवं हीरो ग्लैमर मोटरसायकल के चालक के पास मिले पिट्ठू बैग मे अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ जिसका कुल वजन 05 किलो 600 ग्राम कीमती करीब 45000 रुपये (पैंतालिस हजार) का होना पाया गया घटना विवरण 8/20बी एन डी पीएस एक्ट के तहत अपराध है । मोटरसायकल के चालक व सवार राजकुमार गुप्ता पिता स्व. परदेसीलाल गुप्ता उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम हरद थाना भालूमाड़ा, जितेन्द्र साहू पिता गया प्रसाद साहू उम्र 28 वर्ष एवं पुरषोत्तम यादव पिता चंदन यादव उम्र 34 वर्ष  दोनो निवासी ग्राम चंगेरी थाना कोतमा को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय प्रस्तुत किया जा रहा है । आरोपीगणो के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ गाँजा वजन 5 किलो 600 ग्राम , दो मोटरसायकल एवं तीन नग मोबाइल  जप्त किये गये हैं जो कुल कीमती 1 लाख 71 हजार रुपये करीबन का मसरुका है  आरोपीगण उपरोक्त अवैध गाँजा बिजुरी एवं रामनगर थाना क्षेत्र मे अवैध बिक्री के लिये लेकर जाना बता रहे हैं।

3 वर्ष पहले बलवा मामले में एक साथ 58 आरोपियों को न्यायालय ने भेजा जेल, आरोपियों में मची भगदड़


उमरिया 

जिले के अमरपुर में हुए बलवा मामले में 58 आरोपियों को न्यायालय ने जेल भेजा है। पुलिस के द्वारा 3 साल पहले इन सभी को आरोपी बनाया गया था। 3 साल बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया है इस दौरान सभी आरोपी भी न्यायालय में उपस्थित हुए थे, जहां न्यायालय ने सभी 58 आरोपियों को जेल भेज दिया है। साल पहले हुए बलवा मामले में एक साथ 58 आरोपियों को न्यायालय ने भेजा जेल,आरोपियों में मची भगदड़। वर्ष 2021 में अमरपुर में एक वर्ग विशेष के त्यौहार कार्यक्रम के दौरान गांव में अचानक किसी बात को लेकर बवाल मच गया इस दौरान सैकड़ो की तादाद में लोग इकट्ठे होकर विवाद करने लगे। घटना की जानकारी के बाद पुलिस कार्यवाही में 58 लोगों को आरोपी बनाया गया था इनके खिलाफ बलवा, मारपीट सहित अन्य कई धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया गया था।

इसके बाद मामले की जांच में पुलिस जुटी रही। मामले में आरोपियों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस जांच में भी लंबा समय लग गया। इसके 3 साल गुजरने के बाद बुधवार 25 सितंबर 2024 को पुलिस ने मामले का चालान न्यायालय में पेश किया है। इस दौरान मामले के सभी आरोपी भी न्यायालय में उपस्थित हुए थे। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। इसके बाद मामले की जांच में पुलिस जुटी रही। मामले में आरोपियों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस जांच में भी लंबा समय लग गया। इसके 3 साल गुजरने के बाद बुधवार 25 सितंबर 2024 को पुलिस ने मामले का चालान न्यायालय में पेश किया है। इस दौरान मामले के सभी आरोपी भी न्यायालय में उपस्थित हुए थे। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।

न्यायालय के द्वारा सभी 58 आरोपियों को जेल भेजने की सजा सुनाने के बाद न्यायालय में उपस्थित आरोपियों में हड़कंप मच गया। बताया गया कि आरोपियों की संख्या अधिक होने और पुलिस बल कम होने के कारण कुछ आरोपी इधर-उधर भागने लगे जिससे भगदड़ मच गई। बाद में पुलिस का अतिरिक्त बल बुलाया गया इसके बाद सभी को जिला चिकित्सालय लाकर एमएलसी कराई गई। देर शाम से देर रात तक सभी आरोपियों की MLC करने में पुलिस को भी काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा।

बिजली फॉल्ट सुधारने पहुंचे कर्मचारियों से अभद्रता, शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज


शहडोल 

जिले के बुढार थाना क्षेत्र के सरई कापा गांव में बिजली विभाग की टीम जब फाल्ट सुधारने पहुंची, तो शासकीय कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों से गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। एमपीईबी बुढार के अभियंता सुखबदन प्रसाद विश्वकर्मा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना के दौरान बिजली विभाग की टीम जेई के निर्देश पर फाल्ट सुधारने के लिए गांव पहुंची थी। तभी आरोपी विक्रम प्रसाद मिश्रा ने बिजली विभाग के वाहन को रास्ते में रोककर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और उनके कार्य में बाधा डाली।

अभियंता ने बुढार पुलिस से की गई शिकायत में बताया कि विक्रम प्रसाद मिश्रा, जो सरई कापा गांव का निवासी है, का बिजली बिल 6,000 रुपये से अधिक बकाया है। हालांकि, टीम गांव में केवल फाल्ट सुधारने पहुंची थी, लेकिन आरोपी को यह भ्रम हो गया कि उसका कनेक्शन काटने के लिए टीम आई है। इसी वजह से उसने कर्मचारियों को वाहन सहित वापस लौटने के लिए कहा, और जब कर्मचारियों ने फाल्ट सुधारने का उद्देश्य बताया, तब भी वह मानने को तैयार नहीं हुआ और गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। पुलिस ने अभियंता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी संजय जायसवाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget