नाराज पार्षद सीएमओ के सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश


शहडोल 

जिले में ‘सिस्टम’ से नाराज पार्षद ने नगर पालिका सीएमओ के सामने खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, जिससे वहां हड़कंप मच गया. दरअसल, अवैध निर्माण को लेकर लगातार शिकायत कर रहे पार्षद की सुनवाई नहीं हो रही थी, जिससे आहत होकर पार्षद ने आत्मघाती कदम उठाया, जिसका वीडियाे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बता दें कि शनिवार को वार्ड नंबर-30 के पार्षद दानिश अहमद अपने कुछ साथियों के साथ नगर पालिका कार्यालय में पहुंचे, जहां उन्होंने सीएमओ के सामने पेट्रोल उड़ेल लिया और सुसाइट करनी की कोशिश की, इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पार्षद के हाथों से पेट्रोल का डिब्बा छीनकर जान बचाई, पार्षद का कहना है कि वार्ड क्रमांक 30 में रहने वाले सूरज वरगाही द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को बंद कराने की मांग कर रहे थे, जिसे बंद नहीं कराया जा रहा है।

पार्षद की मानें तो नगर पालिका प्रशासन भी मामले में कोई दखल नहीं दे रहा है, इसलिए वो व्यथित हैं, जिससे आत्मघाती कदम उठाया है वहीं, अब इस मामले में नगर पालिका प्रशासन ने पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली थाना प्रभारी को पत्र लिखा है, फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

जुआं खेलते 6 जुआड़ियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार


अनूपपुर

मूखबिर से सूचना प्राप्त हुई की लहसुई गांव में कुछ लोग ताश के 52 पत्तों से पैसों का दाव लगाकर हार जीत का खेल खेल रहे हैं, सूचना पर मौके से हमराह स्टाफ ने छापेमार कार्रवाई की गई तो मौके से मोहम्मद यूनुस पिता मरहूम मेहंदी हसन उम्र 42 वर्ष , मोहम्मद रिजवान पिता मोहम्मद यूनुस उम्र 40 वर्ष, मोहम्मद रईस पिता मोहम्मद लतीफ उम्र 35 वर्ष ,मोहम्मद शब्बीर पिता मोहम्मद असगर उम्र 38 वर्ष, मोहम्मद सदीक पिता मोहम्मद साबिर उम्र 37 वर्ष एवं मोहम्मद इरफान पिता मोहम्मद खलील उम्र 43 वर्ष निवासी लहसुई गांव के पास से एवं फड 52 ताश के पत्ते एवं नगदी 8190 रुपए मौके से जप्त कर उक्त सभी आरोपियों के विरुद्ध धारा 13 जुआ एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। उक्त कार्रवाई में निरीक्षक थाना प्रभारी सुंद्रेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक विनय सिंह, सहायक उप निरीक्षक चंद्रहास बांधेकर ,प्रधान आरक्षक 116 रामफल ,प्रधान आरक्षक 52 दिनेश राठौर, आरक्षक प्रदीप ,आरक्षक अभय त्रिपाठी की मुख्य भूमिका रही है

लड़कों ने गंदे कमेंट, छेड़छाड़ कर खींचा दुपट्टा, सीधी पुलिस बोली- महिला थाने जाओ

*एफआईआर कराने 100 किमी दूर गई नाबालिग छात्रा, थाना में नही कोई महिला कर्मचारी*


शहड़ोल

आए दिन दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामले सामने आ रहे हैं। अब प्रदेश के शहडोल जिले के सीधी में आठवीं कक्षा की छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। स्कूल से घर लौटते वक्त दो मनचलों ने छात्रा का पीछा किया और फिर छेड़छाड़ की। छात्रा डर के कारण भागने लगी तो युवकों ने उसका दुपट्टा खींच दिया। लेकिन, हैरानी की बात यह कि छात्रा जब सीधी पुलिस के पास पहुंची तो उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। पीड़िता को 100 किमी दूर महिला थाने जाने के लिए कह दिया गया। जिसके बाद उसने परिजनों के साथ महिला थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 साल की छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी, इस दौरान रास्ते में दो मनचलों ने भद्दे कमेंट करते उसके साथ छेड़छाड़ शुरू की दी। छात्रा ने मनचलों से बचने के लिए उन्हें अनदेखा कर तेजी से घर की ओर कदम बढ़ाए तो दोनों मनचलो ने उसका दुपट्टा खींच दिया। घटना के बाद डरी सहमी छात्रा जैसे तैसे अपने घर पहुंची और मां को घटना की जानकारी दी। 

*मां के साथ तय किया 100 किमी. का सफर*

मां अपनी बेटी को सीधी पुलिस के पास पहुंची, लेकिन पुलिस ने उसकी मदद करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि थाना प्रभारी का कहना है कि महिला सब इंस्पेक्टर नहीं होने के कारण थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और छात्रा को महिला थाने जाने के लिए कहा गया। इसके बाद छात्रा अपने परिजनों के साथ अपने साधन से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर महिला थाने पहुंची। जहां उसने पुलिस को आपबीती बताते हुए मनचलों के खिलाफ केस दर्ज करवाया। छात्रा ने पुलिस से बताया कि एक दिन पहले भी दोनों युवक उसका पीछा कर स्कूल पहुंच गए थे, जहां शिक्षक ने  डांट फटकार कर दोनों का भगा दिया था। दूसरे दिन स्कूल से घर जाते समय दोनों ने फिर पीछा किया और गंदे कमेंट कर छेड़दाड़ की।  

*दो दिन पहले युवती से हुआ था दुष्कर्म*

बता दें कि दो दिन पहले गोहपारू में एक युवती पैदल घर जा रही थी। इस दौरान युवक ने रास्ते में उसके साथ चाकू की नोक में दुष्कर्म किया था। आरोपी युवक युवती को जबरन तालाब के किनारे खींच ले गया था, जहां उसने वारदात को आंजम दिया था। इस तरह के मामले के बाद भी पुलिस ने पीड़िता की एफआईआर नहीं लिखी, बल्कि उसे 100 किमी. दूर जाने के लिए कह दिया। ऐसे में पुलिस की कार्य प्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 

*थाने में महिला इंस्पेक्टर नहीं*

सीधी थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि महिला सब इंस्पेक्टर नहीं होने के कारण छात्रा की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थीं। उसे महिला थाने भेजकर एफआईआर करवाई गई है। 

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