हिमांशु का दिलीप ट्रॉफी में चयन, ऋषभ पंत की जगह कीपिंग व बल्लेबाजी में मिला मौका


शहड़ोल

क्रिकेट जगत में शहडोल से पूजा वस्त्राकर के बाद एक और नाम चमका है। आदिवासी बाहुल्य शहडोल जिले के रहने वाले हिमांशु मंत्री का चयन दिलीप ट्रॉफी में हुआ है। हिमांशु मंत्री भी ऋषभ पंत की तरह विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। हिमांशु मध्य प्रदेश से तो लगातार क्रिकेट खेल ही रहे हैं, पर पहली बार उन्हें दिलीप ट्रॉफी के लिए चुना गया है। बीसीसीआई ने जब दूसरे राउंड के लिए टीमों का ऐलान किया तो उसमें हिमांशु मंत्री को भी शामिल किया गया। उनके सिलेक्शन से गृह नगर शहडोल में खुशी की लहर है। 

*रणजी टीम में बनाई जगह*

हिमांशु मंत्री ने अपने क्रिकेट की शुरुआत शहडोल से की थी, और फिर धीरे-धीरे मध्य प्रदेश की रणजी टीम तक अपनी जगह बनाई। जहां अब उन्होंने मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम के परमानेंट खिलाड़ियों में एक अलग जगह स्थापित कर ली है। क्योंकि हर मैच में उनका प्रदर्शन शानदार रहता है। बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए जैसे ही भारतीय टीम का ऐलान हुआ, वैसे ही हिमांशु को दिलीप ट्रॉफी में जगह मिल गई। दरअसल, बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलने वाले कई भारतीय प्लेयर्स ऐसे थे जो दिलीप ट्रॉफी में भी खेल रहे थे। उनकी जगह खाली हुई तो कई युवा खिलाड़ियों को मौका मिला गया। हिमांशु मंत्री को ऋषभ पंत की जगह दिलीप ट्रॉफी के लिए इंडिया-बी टीम में शामिल किया गया है।

नाबालिग के द्वारा वाहन चलाते पाये जाने पर परिजनो के विरूद्ध की गई कार्यवाही


अनूपपुर

आगामी गणेश चतुर्थी/मिलाद-उन-नबी त्यौहार को शांति एवं सौहार्द पूर्वक मनाये जाने हेतु थाना परिषर में विगत दिवस शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया था. जिसमें उपस्थित गणमान्य नागरिकों द्वारा क्षेत्र में नाबालिग बालको द्वारा लापरवाही पूर्वक मोटर सायकल चलाने का जिक्र आया जिस सम्बंध में थाना रामनगर पुलिस द्वारा यातायात नियमों का पालन कराने एवं यातायात जागरूकता के तहत भगत सिंह चौक राजनगर में विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें नाबालिग बालको द्वारा वाहन चलाते पाये जाने एवं यातायात नियमो का पालन करना नहीं पाये जाने पर नाबालिग बालकों के परिजनों के विरूद्ध कुल 11 वाहनों पर चालानी कार्यवाही कर कुल 6800 रूपये समन शुल्क वसूला गया। नाबालिग बालको एवं उनके परिजनों को भविष्य में अनाधिकृत रूप से अपने नाबालिग बच्चों व बिना लायसेन्सधारी को वाहन नहीं चलाने देने एवं सम्पूर्ण यातायात नियमों का पालन करने हेतु विधिवत समझाईस एवं दूसरों को भी पालन कराने के लिये जागरूक करने की समझाईस दी गई। उक्त कार्यवाही थाना प्रभारी रामनगर निरीक्षक अमर वर्मा के कुशल नेतृत्व में थाना के स्टॉफ का सराहनीय योगदान रहा।

रेत चोरी को रोकने, घर में घुसकर मारपीट के आरोप के बाद बढ़ा था विवाद  दोनों पक्षो ने हुआ समझौता

*कतन्नी को मिला है 100 ट्रेक्टर चोरी की रेत गिराने का आर्डर रेत माफियाओं में है जनचर्चा ?*


अनूपपुर

केवई नदी के बमुर घाट से रेत चोरी को रोकने गए रेत कम्पनी एसोसिएट कामर्स की फ्लाइंग की टीम और बमुर घाट से चोरी की रेत लेकर आ रहे कतन्नी के बीच हुए विवाद का मामला लहसुई गांव की सीमा तक जा पहुंचा था। गांव वालों ने रेत कम्पनी द्वारा कतन्नी के साथ अत्याचार का आरोप लगाए जिसपर कोतमा थाने पहुंचे भाजपा नेता मनीष गोयनका और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गुड़डू चौहान ने रेत कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा कतन्नी के घर मे घुसकर उंसकी माँ और बहन से अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाते हुए जिस तरह से थाने में रेत कम्पनी के मैनेजर शुभम सिंह सहित अन्य कर्मचारियो पर एफआईआर कराने का प्रयास किये वो मामला देर रात दोनों पक्षो के आपसी सुलह और समझौते के बाद पूरा विवाद ही टाँय टाँय फिस्स हो गया। देर रात दोनों पक्ष थाने पहुंचे व लिखित आवेदन देकर आपस मे कोई विवाद व शिकायत न होने व 4 भले लोगो की समझाइश के बाद कोई कार्यवाही न करने का सुलह समझौता कर लिए।

*मामला आपसी रंजिश का तो नही*

एसोसिएट कामर्स के कर्मचारियों और कतन्नी द्वारा रेत चोरी को रोकने पर हुए विवाद के बाद जिस तरह कोतमा थाने में करीब दो घण्टे गहमागहमी का माहौल देखने को मिला वो पुरानी रंजिश निकालकर रेत कर्मचारियों पर एफआईआर कराना मुख्य उद्देश्य था। ऐसी जनचर्चा कोतमा नगर में चल रही है। हम यह बिल्कुल भी नही कहते कि रेत चोरी को रोकने के दौरान रेत कर्मचारियों ने कतन्नी से मारपीट या विवाद न किये हो। या कतन्नी ने रेत कर्मचारियों से मारपीट व वाहन में तोड़फोड़ न किये हो। मगर जिस तरह मैनेजर शुभम सिंह पर कतन्नी के घर मे घुसकर महिलाओं से अभद्रता व मारपीट के आरोप लगाए गए। वो आरोप पूरा निराधार है सूत्रों का कहना है कि घटना के दौरान मैनेजर शुभम सिंह थाने में ही मौजूद था। विदित होकि रेत कम्पनी के मैनेजर शुभम सिंह ने दो महीने पहले ही कुछ लोगो द्वारा खुद पर झूंठी एफआईआर कराने की शंका की एक लिखित शिकायत भी कोतमा थाने में की थी। जिसपर भी कोतमा पुलिस को जांच करना चाहिए कि कोतमा नगर में आये दिन रेत कम्पनी का सिर्फ कुछ लोगो से ही क्यों विबाद हो रहा है। और दोनों पक्षो पर बार बार क्यूँ एफआईआर हो रही है। कही यह मामला रेत ठेके को लेकर आपसी रंजिश का तो नही है। 

*100 ट्रेक्टर चोरी की रेत गिराने का*

दरअसल रेत चोरी और अन्य अपराधों को लेकर मो,इस्तियाक उर्फ कतन्नी के खिलाफ कोतमा थाने में दर्जनों अपराध दर्ज है। व जिला बदर की कार्यवाही भी कलेक्ट्रेट कार्यालय में लंबित है। रेत चोरी के दौरान कोतमा मण्डल महामंत्री नन्हू गुप्ता सहित पत्रकारों से कतन्नी के विवाद का मामला भी कोतमा थाने में जांच प्रक्रिया में है। पूरे साल कतन्नी दिन रांत कर एक या दो ट्राली केवई नदी के बमुर घाट, इमली घाट,चंगेरी घाट से रेत चोंरी कर बीच बाजार में बेचने में भी नही झिझकता। सारे रेत चोरों की भले गाड़ी खड़ी हो जाये मगर कतन्नी की ट्रेक्टर कभी खड़ा नही होता। जिस कारण उंसकी मुखबिरी भी ज्यादा होती है। भले दुनिया की नजर में कतन्नी रेत चोर हो मगर जिन्हें सस्ती रेत देता है। उनके लिए तो वो समाजसेवक ही है। जनचर्चा है कि रेत कम्पनी ने आये दिन चंगेरी खदान में विवाद करने वाले कुछ वाहन मालिकों के वाहनों को रेत न देने का मूड बनाकर ब्लैकलिस्टेड कर दिए हैं। जिसके कारण नगर में चल रहे बड़े निर्माण कार्यो में बरसात के कारण रेत की किल्लत चल रही है। ऐसे में कतन्नी को 100 ट्रेक्टर चोरी की रेत गिराने का आर्डर किसी ठेकेदार ने दिया है। ऐसी रेत माफियाओं में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिंसमे कम्पनी का नुकसान होने पर कतन्नी के ट्रेक्टर की मुखबिरी व धरपकड़ की जा रही है। जिस कारण विवाद के बाद आपसी समझौता हुआ है ऐसी नगर में जनचर्चा है।

*इनका कहना है।*

रेत कम्पनी के मैनेजर शुभम सिंह थाने आकर यह सूचना दिए थे कि हमारे कर्मचारियों के साथ मारपीट हो रही। विवाद के दौरान वो घटना स्थल पर थे या नही यह स्पष्ट नही है। मगर वो किसी महिला के साथ अभद्रता नही कर सकते। अब चूंकि दोनों पक्षो ने आपसी समझौता कर लिया है। नही तो हम जांचकर शिकायत की तस्दीक कर लेते।

*सुन्द्रेश मरावी, थाना प्रभारी, कोतमा*

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget