खुली खदान परियोजना के प्रभावित 31 भू-स्वामियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र


अनूपपुर

दक्षिण पूर्व कोयला प्रक्षेत्र जमुना कोतमा एरिया के अंतर्गत आमाडांड खुली खदान परियोजना में प्रभावित भू-स्वामियों को रोजगार प्रदान करने के तहत मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री दिलीप जायसवाल ने आज जमुना और कोतमा एरिया के बंकिम बिहार सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 31 भू-स्वामियों को कालरी में नौकरी का नियुक्ति पत्र प्रदान किया। 

इस अवसर पर एसईसीएल जमुना कोतमा एरिया के महाप्रबंधक एच एस मदान, उप क्षेत्रीय प्रबंधक विपिन कुमार, नायब तहसीलदार संजय जाट, बरतराई सरपंच कुंवर सिंह, आमाडांड सरपंच शंकर सिंह, खोडरी सरपंच समय लाल पाव, सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमचंद यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबंधन के अधिकारी, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार व अन्य जन बड़ी संख्या मे उपस्थित थे। 

इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल ने प्रभावित भू-स्वामियों को प्राप्त हुए रोजगार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी उन्होंने कहा कि सभी पात्र भू-स्वामियों को कालरी में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार उनके द्वारा प्रयास किया जा रहा हैं। उन्होंने कालरी प्रबंधन के अधिकारियों को शेष बचे लोगों को शीघ्र कालरी में रोजगार उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।

महिला ने न्यायालय के फैसले पर जज को सुनाई खरी-खोटी, खाया जहरीला पदार्थ, अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर

जिले के कोतमा न्यायालय में हत्या के प्रयास के उकसाने के मामले में न्यायालय ने 54 वर्षीय कल्पना पाटकर पति कमला पाटकर निवासी वार्ड नंबर 14 भालूमाड़ा को सजा सुनाई, सजा सुनते ही महिला न्यायालय में ही जहरीले पदार्थ का सेवन कर वहीं गिर पड़ी। पुलिस ने तत्काल ही महिला को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में र्भी कराया जहां महिला का इलाज जारी है। डॉक्टर ने बताया कि महिला खतरे से बाहर है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में अंशुल पाटकर ने पिता कमला पाटकर के ऊपर हत्या करने की नीयत से गोली चलाई थी। हालांकि इस दौरान पिता की जान बच गई जिस पर भालूमाड़ा पुलिस ने मामला दर्ज किया था। फरियादी द्वारा बताया गया था कि कल्पना पाटकर के उकसाने पर बेटा अंशुल पाटकर ने गोली चलाई थी। जिस पर पुलिस ने कल्पना पाटकर के विरुद्ध हत्या करने का प्रयास को लेकर उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बताया गया कि अंशुल पाटकर पिछले दो वर्षों से जेल में बंद है वहीं शनिवार को मामले की सुनवाई पर न्यायालय ने कल्पना पाटकर को दोषी पाते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई, महिला सजा सुनते ही न्यायालय में जज को ही भला बुरा कहते हुए जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिसके सेवन करते ही महिला बेहोश हो गई मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में भर्ती कराया जहां डॉक्टर द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद महिला का स्वास्थ्य बेहतर बताया जा रहा है।

नाबालिग से बलात्कार पर 20 वर्ष व नाबालिग से छेड-छाड पर 3 वर्ष का सश्रम कारावास

विशेष पॉक्सो न्यायालय ने सुनाया फैसला, 20 हजार का जुर्माना*


अनूपपुर

द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) न्यायालय ने थाना जैतहरी के अपराध की धारा 363, 366ए, 376, 376(2) एन, 376 (3) भादवि 5एल/6 पॉक्से एक्ट के प्रकरण में सुनवाई करते हुए आरोपी 24 वर्षीय महेश बैगा उर्फ राज बैगा निवासी बस्ती जैतहरी को अधिकतम 20 वर्ष का सश्रम करावास एवं 8000 रू. के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है, साथ ही अर्थदण्ड की राशि सहित पीडिता के पुर्नवास एवं प्रतिकर के रूप में समुचित राशि दिलाए जाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया हैं।

घटना 29 जुलाई 2022 को जब आरोपित नाबालिग पीडिता को बहला- फुसलाकर भगा ले गया, जिसकी शिकायत थाना जैतहरी में की गई, पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान लगभग 05 माह पश्चात नाबालिग पीडिता को आरोपित के कब्जे से बरामद किया गया। पीडिता से पूछताछ में आरोपित द्वारा पीडिता के साथ बलात्कार किये जाने की बात कही, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें नाबालिग पीडिता गर्भवती पाई गई। प्रकरण में वैज्ञानिक साक्ष्य का संकलन कर रिपोर्ट में भी आरोपित द्वारा अपराध की पुष्टि हुई। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात थाना जैतहरी द्वारा प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना को सुनने के पश्चातत फैसले में कहा कि पीडिता की उम्र 16 वर्ष से कम होने और उसके साथ बलात्कार किया हैं। इस प्रकार की घटना पीडिता के सम्पूर्ण जीवन को प्रभावित करती है इसलिये आरोपी की प्रति कोई उदारता बरती जाना उचित नहीं है। जिस पर आरोपी महेश बैगा उर्फ राज बैगा को अधिकतम 20 वर्ष का सश्रम करावास एवं 8000 रू. के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

*छेडछाड के आरोपी को 03 वर्ष का कारावास*

इसी प्रकार थाना जैतहरी के एक अन्य मामले प्रकरण में न्यायालय ने नाबालिग पीडिता को जबरजस्ती ले जाकर उसके साथ छेडछाड के अपराध में आरोपी 42 वर्षीय अमजद खान निवासी मस्जिद मोहल्ला जैतहरी को अधिकतम 03 वर्ष सश्रम कारावास एवं 12 हजार रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई हैं। साथ ही अर्थदण्ड की राशि पीडिता को दिए जाने हेतु निर्देशित किया।

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