सीपीआई ने राज्य सरकार के नाम सौंपा ज्ञापन, मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम बहाली की मांग


अनूपपुर

जमुना कोतमा अनूपपुर, म.प्र.भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) जिला परिषद अनूपपुर ने 30 अगस्त 2024 को आयोजित राज्यव्यापी आंदोलन के दौरान मांग की कि मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम (MPSRTC) को पुनः शुरू किया जाए इस आंदोलन का उद्देश्य राज्य में सरकारी बस सेवाओं की बहाली की आवश्यकता और वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन की दयनीय स्थिति को उजागर करना है

जिले के एसडीम कोतमा को विजय सिंह व संतोष केवट के नेतृत्व में सैकड़ो लोगों ने ज्ञापन सौपा ज्ञापन में बताया गया है कि MPSRTC के बंद होने से प्रदेश की जनता को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है निजी बस सेवाओं में अनियंत्रित किराया वृद्धि, खस्ताहाल बसों की स्थिति, और आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के चलते यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है CPI ने इस पर राज्य सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की है, जिसके कारण जनता की परेशानियां बढ़ी हैं

*अन्य राज्यों से तुलना*

ज्ञापन में कहा गया है कि संभवतः मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ही ऐसे दो राज्य हैं जिनके पास राज्य सरकार का सड़क परिवहन निगम नहीं है अन्य राज्यों में सरकारी परिवहन सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित हो रही हैं, और वहां की जनता को बेहतर परिवहन सुविधाओं का लाभ मिल रहा है मध्य प्रदेश की जनता इस मामले में वंचित है और निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी सहने को मजबूर है

*किसानों की समस्याओं का समाधान आवश्यक*

ज्ञापन में यह मांग भी उठाई गई है कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राजस्व पखवाड़ा कार्यक्रम की अवधि को 30 सितम्बर तक बढ़ाया जाए, जिससे किसान अपनी व्यस्तता के बावजूद इसका लाभ उठा सकें साथ ही, पटवारियों को निर्देश दिए जाने की भी मांग की गई है कि वे किसानों की कृषि समस्याओं का निशुल्क और त्वरित समाधान करें

*आगामी आंदोलन की चेतावनी*

CPI ने यह स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे क्रमबद्ध रूप से जन आंदोलन को और भी तेज करेंगे। इस ज्ञापन पर जिला सचिव संतोष कुमार केवट और अन्य प्रमुख नेताओं के हस्ताक्षर हैं, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाते हैं

*CPI के नेताओं का व्यापक समर्थन*

इस आंदोलन को वरिष्ठ नेता विजय सिंह संतोष केवट गोविन्द सिंह सेंगर, हजारी, मिथलेश केवट, रामगोपाल केवट, बक्कन दास, मूल चंद केवट, जानकी सिंह, एडवोकेट सुषमा कैंथल, दीनदयाल वर्मा, चन्द्रिका यादव, रितेश यादव, रामकरन केवट, धनीराम कालेश्वर, राम लाल केवट, और लल्लू केवट   ये सभी लोग उपस्थित थे 

*CPI का स्पष्ट संदेश*

MPSRTC की बहाली से जनता को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी और निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी पर रोक लगेगी। CPI ने सरकार से आग्रह किया है कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई करे ज्ञात होगी प्रख्यात मजदूर नेता हरिद्वार सिंह जोक आंदोलन के लिए जाने जाते है उनके नेतृत्व में आगामी दिनों में वृहद आंदोलन की कोतमा में योजना बनाई जा रही है

एसईसीएल की संपति कुर्क करने का आदेश, 34 साल पुराने मामले में न्यायालय का फैसला

*ठेका कंपनी को दी जाने वाली राशि 3 करोड़ 40 लाख रुपए देने का दिया आदेश*


उमरिया

एसईसीएल के परियोजना प्रबंधक जीएम कॉम्प्लेक्स सहित वाहनों को कुर्क करने के लिए न्यायालय से अधिकृत कर्मचारियों को आदेश के साथ भेजा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के बाद ठेका कंपनी को दी जाने वाली राशि 3 करोड़ 40 लाख रुपए 2 सितंबर तक अदा करने का लिखित पत्र दिया।

जिले में 34 साल पुराने के मामले में जिला न्यायालय ने पक्षकार के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके साथ ही कोल इंडिया की करोड़ों की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश पारित किया गया है। बता दें कि यह घटना 1991 में फैसला कोल इंडिया की एसईसीएल परियोजना के खिलाफ गया है, जो पिनौरा आवासीय कॉलोनी के निर्माण से संबंधित था। ठेका कंपनी तिरुपति बिल्डकॉन को निर्धारित भुगतान न मिलने पर उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया। वहीं, शहडोल जिला न्यायालय और बाद में हाईकोर्ट ने भी ठेका कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन एसईसीएल ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाते हुए उससे अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने भी ठेका कंपनी के पक्ष में फैसला बरकरार रखा।

*एसईसीएल की संपति कुर्क करने का आदेश*

वहीं, पक्षकार की अपील पर जिला न्यायालय ने एसईसीएल के परियोजना प्रबंधक जीएम कॉम्प्लेक्स सहित वाहनों को कुर्क करने के लिए न्यायालय से अधिकृत कर्मचारियों को आदेश के साथ भेजा। जिसके बाद अधिकारियों के होश उड़ गए और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के बाद ठेका कंपनी को दी जाने वाली राशि 3 करोड़ 40 लाख रुपए 2 सितंबर तक अदा करने का लिखित पत्र दिया।

*ये बात आई सामने*

मामले में न्यायालय के मुहर्रिर वापस हो गए। फिर एसईसीएल के अधिकारियों की मनमानी और आम जनता के साथ किए जाने वाले आर्थिक शोषण की बात खुलकर सामने आ गई। जिसे मद्देनजर रखते हुए यह फैसला सुनाया गया है।

रेत माफिया का आतंक, पांच को किया लहूलुहान, 2 बदमाश गिरफ्तार, पुलिस ने निकाली बारात

*रात को नाके पर घटी घटना, बंदूक व हथियार लिए 2 दर्जन से ज्यादा थे हमलावर*


शहडोल

जिले के देवलोंद थाना अंतर्गत ग्राम सुखाड़ में रेत का अवैध उत्खनन करने वाले बदमाशों के गिरोह ने खूनी खेल-खेला, हथियार बंद बदमाशों ने रेत की अवैध निकासी की जांच के लिए शासन द्वारा चिन्हित सहकार ग्लोबल के नाके पर तैनात कर्मचारियों को रक्त रंजित कर दिया। पीडि़तों ने बताया कि 2 दर्जन से अधिक बदमाश बंदूक, डंडा और अन्य हथियार लेकर पहुंचे थे, घटना रात 11:30 के आस-पास की बताई गई है। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध कायम कर बदमाशों की तलाश शुरू की और दो बदमाशों को गिरफ्तार भी कर लिया है। बदमाशों को हथकड़ी लगाकर बाजार में निकाला गया।

*यह कह रहे पीडि़त*

सहकार ग्लोबल कंपनी के कारिंदे व फरियादी जितेन्द्र सिंह राजावात पिता बुद्धू सिंह निवासी दुर्गा नगर भिण्ड को घटना के बाद मेडिकल कॉलेज शहडोल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, पीडि़त ने बताया कि रात 11:30 के आस-पास वो तथा उसके चार अन्य सहकर्मी नाके पर थे, इसी दौरान अवैध रेत से लदा वाहन निकला, रोकने पर बदमाशों ने बहस शुरू की और थोड़ी देर में वह बड़ी संख्या में पहुंच गये, उनके हाथों में लाठी-डंडे और बंदूक आदि थी, पांचों के साथ गंभीर रूप से मारपीट की गई, घटना के बाद पीडि़तों को पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, वहीं बदमाशों की तलाश भी शुरू कर दी।

*2 गिरफ्तार, अन्य फरार*

देवलोंद थाना प्रभारी डी.के. दाहिया ने बताया कि देर रात ही जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक के निर्देश पर बल मौके पर पहुंच गया था, 12 नामजद आरोपियों के साथ ही कुल 25 पर बीएनएस की धारा 296, 115 (2), 351 (3), 191 (1), (2), (3), 324 (5) के तहत अपराध कायम कर लिया गया है। वहीं शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों पर बलवा करने के साथ ही संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज है।

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