धोखाधड़ी कर फर्जी रूप से करवा दी जमीन की रजिस्ट्री, बाबू धारिया पर पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप

*शिकायत पत्र देकर कलेक्टर से पीड़िता ने जमीन वापस कराने लगाई न्याय की गुहार*


अनूपपुर/कोतमा

अनूपपुर जिले के कोतमा तहसील अंतर्गत ठोड़हा ग्राम पंचायत निवासी चमाना बाई पति शिवराज सिंह द्वारा कलेक्टर अनूपपुर को शिकायत पत्र देते हुए तहसील कोतमा में पदस्थ धारिया बाबू से अपनी जमीन वापिस कराने कि मांग की है। पीड़िता ने उक्त बाबू पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने बताया कि उसके पिता की सम्मिलित भूमि थी, जिसमें उसके परिवार के लोग अपने-अपने भूमि का विभाजन करने हेतु तहसील कार्यालय आए थे तब तहसील के बाबू से पट्टा विभाजन की बात की बाबू का कहना यह था कि वो साहब से बोलकर डायरेक्ट विभाजन करवा देगा, पीड़िता उसके बातों में आकर उसे विभाजन के संपूर्ण दस्तावेज दे दिए बाबू द्वारा धोखाधड़ी कर हमारे आराजी खसरा नंबर 908 रखवा 0.120 हेक्टर जिसे रजिस्ट्री मोहन सिंह पिता बाल करण सिंह गोंड निवासी मनमारी थाना तहसील कोतमा जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश व एवं खसरा नंबर 909 के रकवे में से 0.102 हेक्टर को गौतम कुमार पिता रंजन लाल निवासी बसनिहा पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश रजिस्ट्री करा ली गई है जो पीड़िता की जानकारी में नहीं थी। उक्त भूमि को अपने पारिवारिक विभाजन करने हेतु - सह खातेदारों को विश्वास में लेते हुए हमारे सभी दस्तावेज रख लिए गए एक सप्ताह बाद आने का समय दिया गया उपयुक्त समय पर आने पर तहसील न्यायालय में स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय जिसकी जानकारी पीड़िता को बाद में मिली उनको ले जाकर फोटो खिंचवा कर व कंप्यूटर में हस्ताक्षर लेकर वापस भेज दिया गया उनको यह बताया गया कि आपका पारिवारिक विभाजन हो गया है आप जाइए तब सभी वहां से अपने घर वापस चले गए थे वही कुछ दिन पश्चात हमारे गांव के लोगों द्वारा कहे जाने पर कि आप अपने जमीन बेच दिए हो हमारे द्वारा विक्रय नहीं किया गया यह बात कहते हुए यह शंका उत्पन्न हुई तब हम दूसरे दिन दस्तावेज को देखने पर यह जानकारी मिली व रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर पूछताछ करने पर जानकारी हुई कि हमारी भूमि की रजिस्ट्री अन्य पक्ष में कर ली गई है दो अन्य लोगों के नाम भूमि रजिस्टर होकर नामांतरण हो गया है हमारे गांव में कालरी (कोयला खदान) खुलने वाली है इसलिए पीड़िता लोग अपने-अपने परिवार में विभाजन करवाने गए थे हम लोगों के साथ धोखा धड़ी कर हमारे जमीन का अपने लोगों के नाम से रजिस्ट्री करवा लिए हैं जानकारी लगने पर की बिना बेचे बिना कोई पैसा लिए जमीन की रजिस्ट्री भी हो गई और नामांतरण भी तब हमारे द्वारा अनुविभागीय अधिकारी कोतमा पुलिस थाना कोतमा कलेक्टर अनूपपुर को आवेदन देते हुए मे अपनी शिकायत में कार्यवाही की मांग पीड़िता ने की है

हाथी हमले से 1 की मौत, नाराज ग्रामीणों ने पुलिस व वन विभाग की टीम पर किया पथराव

*रेंजर की गोली से दो ग्रामीण हुए घायल, मेडिकल कालेज में चल रहा है इलाज*

*एएसपी के नेतृत्व में 4 सदस्यीय जांच टीम गठित, स्थिति नियंत्रण में, रेस्क्यू टीम पहुंची जिला मुख्यालय*


अनूपपुर

जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र गोबरी के जंगल में हाथी ने 50 वर्षीय ग्रामीण को कुचल दिया। जिसकी मौत हो से नाराज ग्रमीणों एवं परिजनों वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया जिसके पर रेंजर ने ग्रामीणों पर फायरिंग कर दी। इससे दो लोगों को गोली लगी है, स्थिति नियंत्रण में बताई जा रहीं हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ से आए हाथियो का दल ने डेढ़ माह से जिले में लगातार मचा रहे उत्पात, किसानों के कच्चे माकान व फसल को पहुंचा रहे भारी नुकसान, हाल में ही एक हाथी के बच्चे की करेंट लगने से मौत हुई थी, जिससे दुखी और नाराज हाथी ने कई बार ग्रमीणों को दौड़ाया हैं। गुरूवार की रात ऐसा ही हुआ हाथी जंगल से निकल कर खेतों में लगी गेहूं की फसल को अपना अहार बना रहा था तभी ग्रमीण उसे भगाने के लिए प्रयत्न करने लगे इसी दौरान गुस्साये हाथी ने दौड़ाया और पगना गांव के 50 वर्षीय ज्ञानचंद गौड़ को पकड़ कर दबा दिया जिससे मौके पर ही मौत हो गई। जिससे गुस्साये ग्रामीणों ने वनविभाग एवं पुलिस पर पथराव करते हुए घायल कर दिया। इस हमले में पुलिस व वनकर्मीयों को आई चोट, कई शासकीय वाहनो क्षतिग्रस्त कर दिया। नाराज ग्रामीणों देर रात तक रहें विरोध करते रहें। घटना की सूचना पर मौके में कलेक्टर आशीष वशिष्ठ, पुलिस अधिक्षक जितेंद्र सिंह पवार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार सिंह एवं अनुविभागीय अधिकारी अनूपपुर सुमित केरकेट्टा सीहित पूरा प्रशासनिक अमला पहुंच कर ग्रमीणों को समझाईस देकर मामले को शांत कराया गया। हमले में जैतहरी थाने में पदस्थ आरक्षक राहुल चौहान घायल हो गए, जिसे इलाज के लिए जैतहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली ग्रामीण राम प्रसाद और केशव को लगी। एक ग्रामीणा के हाथ और दूसरे के सीने में लगी है। जिन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय अनूपपुर के बाद शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं दोनो स्वस्थ है घायलो में मृतक का पुत्र अंतिम संस्कार के लिए ग्राम में पहुंच चुका हैं वहीं दूसरे घायल सीने में गोली लगी थी वह भी पूरी तरह स्वस्थ है। कलेक्टर ने दोनो घायलो से बातचीत कर हाल-चाल जाना।

कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने बताया कि गुरूवार की रात घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल डीसी सागर एवं सीसीएफ शहडोल रात में ही मौके पर पहुंच गए थे जहां ग्रमीणों को समझाई के बाद मामला शांत हो गया। मतृक के शव के पास हाथी के होने पर कई प्रयत्नों के बाद शव का निकाल कर शुक्रवार की सुबह पोस्टमार्डम के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने वनविभाग द्वारा शासन अंतिम संस्कार हेतु राशि के साथ 8 लाख रुपये का चेक परिजनों को दे दिया गया हैं। कलेक्टर ने बताया कि एडीजीपी ने रात में ही इस घटना के जांच के लिए 4 सदस्यी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित कर दी हैं जो दोनो पक्षों से बातचीत कर शीघ्र जांच सौंपेगें। शुक्रवार को बांधवगढ़ की रेस्क्यू टीम हाथी का रेस्क्यू कर बांधवगढ़ ले जायेगी। रेस्क्यू टीम अनूपपुर पहुंच कर रेस्क्यू की कार्यवाई शुरू कर दी हैं। गोली लगने से घायल ग्रामीण राम प्रसाद ने बताया कि भीड थी जिसे देखने गया था तभी रेंजर साहब ने फायरिंग करने लगे और हमे लग गई।

*कांग्रेस जिला अध्यक्ष पहुंचे मौके पर*

अनूपपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह शुक्रवार को पीड़ित के परिवारजनों से मिलकर उन्हें सत्वंना देते हुए मांग की परिवार की एक सदस्य को नौकरी के साथ उचित मुआवजा व गोली चलाने वाले व्यक्ति पर मामला दर्ज करने की मांग की है।

*मुख्यमंत्री ने दी 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता*

जैतहरी वन परिक्षेत्र के गोबरी गांव में गुरुवार की रात एक हाथी के पहुंच जाने पर ग्रामीणों के द्वारा भागने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान हाथी ने ग्रामीण को पटक कर मार डाला था। इस घटना में ज्ञान सिंह की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने हाथी के हमले से ज्ञान सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को वन विभाग के नियमों के अनुरूप 8 लाख और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान अनुदान से 2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के जीविकोपार्जन के लिए शासन हर संभव मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घटना में अन्य दो घायल युवकों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।

*घायल से मिलने पहुँचे राज्य मंत्री*

कुटीर एवं गामोद्योग राज्य मंत्री मेडीकल कालेज शहडोल पहुंचकर कल देर शाम अनूपपुर जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत गोबरी में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चलाई गई गोली से घायल व्यक्ति से मिले तथा उन्हें ढाढ़स बंधाते हुए बेहतर से बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए आश्वासन दिया। 

सहकारिता विस्तार अधिकारी अनुज ओहदार विभाग को कर रहा खोखला 

*विभागीय अधिकारियों एवं स्थानीय सफेद पोष नेताओं का मिला है संरक्षण*


वर्षों से अंगद बनाअनुज ओहदार शासन प्रशासन एवं विभाग को कर रहा बदनाम,युवा मोर्चा महामंत्री मनीष तिवारी ने कलेक्टर से किया शिकायत, उपार्जन केंद्र मंलगा, निगवानी, कोतमा धान खरीदी धांधली में अनुज ओहदार की भूमिका संदेहास्पद, अपने पावर का दुरुपयोग करते हुए अवैध वसूली कर कर्मचारियों का बढ़ाता है वेतन

अनूपपुर

सहकारिता उपायुक्त कार्यालय जिला अनूपपुर में पदस्थ सहकारिता विस्तार अधिकारी दर्जनों सहकारी समितियां के प्रशासक अनुज ओहदार शासन प्रशासन की योजनाओं पर बट्ठा लगाकर करोड़ों रुपए का गोलमाल किया है साथ ही कोतमा, निगवानी ,मंलगा धान उपार्जन केंद्रों में करोड़ों रुपए का धांधली हुआ है उसमें भी समिति प्रशासक अनुज ओहदार की भूमिका संदिग्ध है, कारण की अनुज  ओहदार कर्मचारियों को खुली छूट देकर पंजीयक के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए मनमानी तरीके से उपार्जन का कार्य कराया जिसका परिणाम है कि धान उपार्जन में करोड़ो रुपए की क्षति शासन प्रशासन की हो रही है।

*वर्षों से अंगद बना अनुज ओहदार*

अपने दायित्व का निर्वहन कम करते हुए बल्कि सफेदपोश नेताओं के साथ महफिल अटेंड कर रात दिन नेतागिरी कर्मचारियों के बीच आपस में सिरफुटव्वौल अपने प्रशासकीय क्षेत्र के दर्जनों सहकारी समितियों में प्रतिदिन प्रबंधक बनाना और बिगड़ना लक्ष्मी एकत्र करना अनुज की आदत बन गई है। जानकारी मिली है कि यह सहकारिता विस्तार अधिकारी अनूपपुर जिले में लगभग 18 वर्षों से पदस्थ है और संस्था हित के अलावा सभी अन्य कार्यों में संलिप्त रहता है।

*विभागीय अधिकारियों एवं स्थानीय सफेद पोष नेताओं का मिला है संरक्षण*

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनुज ओहदार विगत18 वर्षों से अनूपपुर जिले के तहसील पुष्पराजगढ़, अनूपपुर ,जैतहरी कोतमा क्षेत्र के सहकारी समितियों में नौकरी बजाता है,जहां भी इन्हें जिम्मेदारी दी जाती है वहां बंटाधार हो जाता है ऐसे लापरवाह अधिकारी के संरक्षण में जहां भ्रष्टाचार होता है वही उनके जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन्हीं के कलमो से जांच कराई जाती है इस कार्यशाली में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदेहास्पद मानी जा रही है जब इनके खिलाफ कोई मामला आता है तो अनुज सफेद पोस नेताओं के संरक्षण में जाकर अपने आप को बचाने में जुट जाते हैं ऐसी कार्यशैली से सत्ताधारी नेताओं की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

*पंजीयक के यह है आदेश*

कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयन सहकारी संस्थाएं मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा दिनांक12/4/2020 पत्र क्रमांक/साख/ विधि/ 2020/1588 डॉ एमके अग्रवाल आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयन सहकारी संस्थाएं मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा मध्य प्रदेश के संयुक्त आयुक्त सहकारिता संभाग समस्त मध्य प्रदेश,उप/ सहायक आयुक्त सहकारिता समस्त जिलाअधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किया था कि समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्य में प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं एवं अन्य सहकारी संस्थाओं के प्रशासको का बड़ा दायित्व होगा। उन्होंने उल्लेख किया था कि विपणन संस्थानों में शासकीय प्रशासक नियुक्त हैं संस्थाओं की उपविधियों के अनुसार इस कार्य संचालन एवं इस हेतु विभिन्न स्वीकृतियों के एकमात्र अधिकार इन संस्थाओं के प्रशंसकों को ही प्राप्त है इसलिए समर्थन मूल्य पर उपार्जन के समस्त कार्य इन्हें संस्थाओं के प्रशंसकों के पूर्ण प्रशासकीय एवं वित्तीय नियंत्रण में संपादित किया जाएगा इसके लिए प्रशासकों को इन संस्थाओं के द्वारा संपादित किये जा रहे उपार्जन कार्य पर दिन प्रतिदिन पूर्ण नियंत्रण रखा जाएगा और उपार्जन अवधि में यथा संभव प्रतिदिन उपार्जन केदो पर स्वयं जाकर कार्य का पर्यवेक्षण और नियंत्रण करेंगे इन संस्थाओं के प्रशंसकों का दायित्व होगा कि उपार्जन कार्य निर्वाण रूप से संचालित किया जाए। पत्र में उल्लेख है कि प्रशासकों का दायित्व यह होगा कि उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता ना हो और उपार्जन केंद्रों तथा उपार्जन कार्य पर होने वाले व्यय इस कार्यालय द्वारा निर्धारित अधिकतम व सीमा के अधीन रहेंगे यदि उपार्जन कार्य में कोई अनियमितता होती है या अधिक व्यय होता है तो उस पर कार्यवाही एवं वसूली के लिए संस्था प्रशासक भी संस्था के कर्मचारियों के साथ सहभागी होंगे।

*भाजपा नेता ने कलेक्टर से किया शिकायत*

अनूपपुर ग्रामीण युवा मोर्चा के महामंत्री मनीष तिवारी ने सहकारिता विभाग के प्रबंधक के ऊपर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज होने के बावजूद उन्हें प्रबंधक पद का प्रभार दिया गया है जबकि निगवानी लैम्पस प्रबंधक नागेंद्र जायसवाल द्वारा 63 बोरी 31  क्विंटल धान की कालाबाजारी करते हुए रंगे हाथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एसडीएम कोतमा द्वारा मौके पर जांच के साथ कार्यवाही करते हुए उक्त लोगों के विरुद्ध थाना कोतमा में धारा 420, 120 बी के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया परंतु प्रशासक अनुज ओहदार द्वारा मामला पंजीबद्ध होने के बावजूद भी आरोपी को पुनः लैंम्पस प्रबंधक का प्रभार सौंप दिया गया है उक्त मामले में आरोपी द्वारा राहत के तौर पर स्टे आदेश ले लिया गया है परंतु उन्हें मूल पद का प्रभाव न देते हुए लैम्पस प्रबंधक  का प्रभाव दे दिया गया है जो की एक जांच का विषय है वहीं आरोपी को लेंस प्रबंधक पद से हटाकर उसके मूल पद सेल्समैन का प्रभार ही दिया जाए ऐसा उन्होंने शिकायत पत्र में कलेक्टर को अवगत कराया है।

*सभी दस्तावेजों में प्रशासक के होते हैं हस्ताक्षर फिर भी नहीं लगता आरोप?*

ऋण वितरण कर्मचारियों का वेतन भुगतान, उपार्जन, निर्माण कार्य,खाद्यान्न के साथ-साथ सभी फाइलों में जिम्मेदार अधिकारी समिति प्रशासक के हस्ताक्षर होते हैं लेकिन आरोप सिर्फ प्रबंधन पर लगता है प्रशासक दूध के धुले साबित होते हैं जबकि पंजीयक के सख्त निर्देश है की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासक की भी होगी फिर भी उनके विभाग के अधिकारी इन्हें महामाला से स्वागत करते हैं जो जांच का विषय है।

*अनुज के संरक्षण में हुआ धान उपार्जन में धांधली*

सूत्र से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सहकारिता विस्तार अधिकारी कोतमा, निगवानी मंलगा का प्रशासक अनुज ओहदार के संरक्षण में करोड़ों रुपए की धान में धांधली हुआ है कोतमा में लगभग 50 लाख, मंलगा में 15 लाख, खरीदी प्रारंभ होते ही इन्हीं के संरक्षण में निगवानी में धान खरीदी केंद्र में अवैध जिला प्रशासन को मिली थी जहां कर्मचारियों पर आपराधिक मामला दर्ज हुआ था आखिर जिले में सबसे अधिक भ्रष्टाचार अनुज ओहदार र के कार्य क्षेत्र में ही क्यों हो रहा है।

*जांच टीम के भूमिका संदेहास्पद*

धान उपार्जन केंद्र कोतमा, मंलगा, निगवानी में हुई धांधली में जो जांच टीम पूरे मामले की जांच कर रही थी वह प्रशासक अनुज ओहदार को दोषी नहीं मान रही है जबकि पंजीयक ने प्रशासक को भी उतना ही दोषी माना है जितना और कर्मचारियों को भूमिका साबित हो रही है लेकिन उप पंजीयन, डीएसओ ,नागरिक आपूर्ति विभाग एवं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी अनुज ओहदार प्रशासक को दोषी न मानते हुए खुला संरक्षण दे रहे हैं जिसके चलते दिन प्रतिदिन इनके कार्य क्षेत्र में प्याज की छिलके की तरह भ्रष्टाचार परत दर परत निकल रहा है।

*अपने पावर का दुरपयोग कर करता है फर्जीवाड़ा*

जानकारी मिली है कि प्रशासक अनुज ओहदार अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जिस सहकारी समिति में प्रशासक रहता है वहां के कर्मचारियों से अवैध वसूली कर नियम विरुद्ध कर्मचारियों का वेतन बढ़ाकर शासन के खजाने में डाका डलवा रहा है जिसकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक मानी जा रही है

*कर्मचारी का शोषण कर विभाग के अधिकारियों को पोस रहा अनुज*

बताया गया है कि जिले के सहकारी समितियों के कर्मचारी को आपस में लड़ा कर गुटबाजी करता है और उन्हीं से मुंह मांगी राशि ऐठ कर अपना जेब गर्म करते हुए अधिकारियों को पोस रहा है।

*अनूपपुर जिले से इनको हटाना आवश्यक*

अनूपपुर जिले के सहकारी समिति कार्यक्षेत्र कोतमा, जैतहरी, अनूपपुर, पुष्पराजगढ़, तहसील क्षेत्र के कर्मचारी, आम जनता, किसानों ने मध्य प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, सहकारिता मंत्री एवं कुटीर एवं ग्राम उद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल जी से मांग किए हैं कि ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों को अनूपपुर जिले से बाहर स्थानांतरण करा  कर उनके संदिग्ध भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

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