वेंकटनगर, जैतहरी व नौरोजाबाद स्टेशनों में मिली ट्रेनों के स्टॉपेज की स्वीकृति


अनूपपुर

लंबे समय से शहडोल संसदीय क्षेत्र की जनता के द्वारा विभिन्न स्टेशनों में विभिन्न ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग लगातार की जा रही थी जनता की मांग को प्राथमिकता के आधार पर शहडोल संसदीय क्षेत्र की संसद हिमाद्री सिंह ने निरंतर रेल मंत्री एवं रेलवे बोर्ड को पत्राचार करते हुए शहडोल संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के स्टॉपेज किए जाने की मांग की गई थी। सांसद हिमाद्री सिंह की पहल पर रेलवे बोर्ड ने 20 फरवरी 2024 को आदेश जारी करते हुए शहडोल संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत वेंकट नगर नौरोजाबाद और जैतहरी रेलवे स्टेशन में ट्रेनों का स्टॉपेज किए जाने के आदेश जारी किए हैं।

जिन गाड़ियों का स्टॉपेज निर्धारित किया गया है उनमें 18235/18236 बिलासपुर भोपाल एक्सप्रेस जो अब वेंकटनगर रेलवे स्टेशन में रुकेगी, इसी प्रकार18247 बिलासपुर रीवा एक्सप्रेस का स्टॉपेज वेंकटनगर में  होगा, 11751/11752 रीवा चिरमिरी एक्सप्रेस का स्टॉपेज नौरोजाबाद में, 18477/18478 पुरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस का स्टॉपेज नौरोजाबाद में, 18477/18478 पुरी उत्कल ऋषिकेश एक्सप्रेस जैतहरी में स्टॉपेज होगा और 18235/18236 बिलासपुर भोपाल एक्सप्रेस का स्टॉपेज भी जैतहरी में सुनिश्चित किया गया है शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह  ने कहा की रेलवे बोर्ड के द्वारा किए गए मांग पर स्टॉपेज के आदेश जारी किए गए हैं समय का निर्धारण आने वाले समय में शीघ्र किया जाएगा उन्होंने कहा कि जनता की मांग पर यह पहल की गई थी जो आज पूरी हुई है। निश्चित तौर पर ट्रेनों के स्टॉपेज होने से यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा और उनकी यात्रा सुगम होगी। ट्रेनों के स्टॉपेज के आदेश जारी होने के बाद इस सराहनीय कार्य के लिए क्षेत्र के लोगों ने सांसद हिमाद्री सिंह के प्रति आभार प्रकट किया उपरोक्त जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह के माध्यम से दी गई

ओसीएम माइंस में लक्ष्य से ज्यादा उत्पादन, महाप्रबंधक और सवेरिया की मेहनत से बढ़ा 3 गुना उत्पादन 

*2 लाख टन से बढ़कर 5 लाख टन पहुच राजनगर ओसीएम का उत्पादन*


अनूपपुर/राजनगर

एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ओसीएम माइंस में वर्तमान में चल रहे उत्पादन में लक्ष्य से ज्यादा उत्पादन कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राजनगर ओसियन माइंस जो वर्ष 2019 से बंद थी जिसे दोबारा 1 जनवरी 2023 से चालू किया गया जिसमें तीन माह तक पहली लेयर जिसमें मिट्टी हटाई गई, मिट्टी हटाने के बाद 1 अप्रैल से कोयला उत्पादन का कार्य शुरू हुआ जिसमें एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय मिश्रा के अथक प्रयास से एवं राजनगर ओसीएम सवेरिया मैनेजर पुष्पराज प्रिय के द्वारा 7 अक्टूबर को ओसीएम का प्रभाव ग्रहण किया और इन्हें 2 लाख टन का लक्ष्य दिया गया था, जिसके बाद हसदेव क्षेत्र के महाप्रबंधक वह ओसीएम के सवेरिया मैनेजर के अथक प्रयास से 2 लाख टन को लक्ष्य से लगभग तीन गुना ज्यादा उत्पादन कर बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। राजनगर सवेरिया मैनेजर की कड़ी मेहनत के बाद 5 लाख तक उत्पादन कीया गया है, बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर राजनगर ओसियम में साइबेरिया मैनेजर पुष्पराज प्रिय और राजनगर ओसीएम की पूरी टीम को  एसईसीएल महाप्रबंधक संजय मिश्रा वा मीनिंग स्टाफ को बधाई दी है। 

*बंद होने के बाद पुनः संचालित हुई खदान*

राजनगर खुली खदान को दिनाक 01 जनवरी 2023 को पुनः शुरू किया गया था। 01 अप्रैल 2023 से राजनगर खुली खदान में कोयला उत्पादन शुरू हो गया था, उस समय वित्तीय वर्ष 2023- 24 के लिए 2 लाख टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था। इस लक्ष्य को राजनगर खुली खदान की कुशल टीम ने दि.17 अक्टूबर 2023 को प्राप्त कर लिया है।  हसदेव एरिया की एक अन्य खदान झिरिया वेस्ट ओसीएम  से वित्तीय वर्ष 2023 -24 में 3 लाख टन कोयला उत्पादन के लिए भी योजना बनाई गई थी । इस प्रकार हसदेव क्षेत्र की खुली खदानों से कोयला उत्पादन का कुल लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2023- 24 के लिए 5 लाख टन  निर्धारित किया गया था। लेकिन झिरिया वेस्ट ओसीएम  से अभी तक कोयला उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। 

*कर्मचारियों की टीमवर्क से माइंस में प्रोग्रेस*

राजनगर सवेरिया माइंस के क्षेत्रीय महाप्रबंधक संजय कुमार मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन एवं उप क्षेत्रीय प्रबंधक   पुष्पराज प्रिय के कुशल नेतृत्व के कारण राजनगर खुली खदान की टीम द्वारा दिनांक 20 फरवरी 2024 तक की अवधि में 500866 टन प्रोग्रेसिव कोयला उत्पादन  किया जा चुका है और इस प्रकार राजनगर खुली खदान के द्वारा न खुद अपने  लक्ष्य को प्राप्त किया गया है ,बल्कि हसदेव क्षेत्र के वित्त-वर्ष 2023 -24 के कुल ओपन कास्ट के निर्धारित लक्ष्य को भी अवधि से पूर्व ही प्राप्त कर लिया गया है।

कियोस्क संचालकों ने सेवा के नाम पर मचा रखी है लूट, जनता से अवैध पैसे की वसूली

*ग्रामीण क्षेत्र में परमिशन मगर शहर में हो रहा है संचालित कियोस्क बैंक*


अनूपपुर/राजनगर

राज नगर कोयलांचल क्षेत्र में इन दोनों बैंक के मैनेजर की सहमति और तानाशाही रवैया से कियोस्क संचालकों की चांदी है। राजनगर में 04 कियोस्क का संचालन किया जा रहा है जबकि नियम अनुसार कियोस्क का संचालन ग्रामीण क्षेत्र के लिए किया जाना था लेकिन बैंक के मैनेजर और कियोस्क संचालक के मनमानी रवैया के कारण राजनगर क्षेत्र में चार से अधिक कियोस्क का संचालन किया जा रहा है मिली हुई जानकारी के अनुसार उक्त किओस्क बैंक के संचालन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों को चयनित किया गया था लेकिन कियोस्क संचालक बैंक के मैनेजर से सांठगांठ कर किओस्क बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में ना खोल कर राजनगर शहरी क्षेत्र में खोल दिया गया है वहीं ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले हितग्राहियों से मनमाने तरीके से किओस्क संचालकों द्वारा राशि की अवैध वसूली की जा रही है।

*फ्री सेवा में भी हितग्राहियों से ले रहे संचालक पैसे*

सरकार द्वारा मापदंड के अनुसार कियोस्क का संचालन किया जाना चाहिए था लेकिन राजनगर क्षेत्र में बैंक मैनेजर से सांठगांठ कर के किओस्क संचालक मनमाने तरीके से नियम कानून को दरकिनार कर की उसका संचालन कर रहे हैं सरकार की जिन सेवाओं के लिए निशुल्क सेवा देने के लिए कियोस्क का संचालन किया जाता है उसके लिए की किओस्क संचालक द्वारा चार्ज के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं। चार-चार किओस्क बैंक 1 किलोमीटर के दायरे में खोलकर फ्री सेवा जैसे केवाईसी के नाम पर लोगों से 20 रुपये लेना,  पैसा निकालने के नाम पर लोगों से पैसा लेना,  पैसा जमा करने के नाम पर लोगों से पैसा लेना, यहां तक की खाता खोलने के नाम पर भी 300 रुपये लिए जा रहे हैं। 

*शिकायत के इंतजार में हाथ में हाथ रख कर बैठे मैनेजर*

किओस्क में चल रही गड़बड़ी को लेकर जब बैंकों के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जब तक किसी हितग्राही द्वारा शिकायत नहीं की जाती है तब तक हम किसी प्रकार के एक्शन नहीं ले सकते हैं। हालांकि उन्होंने माना कि कियोस्क का संचालन जिन स्थान के लिए चयनित किया गया है उन्हें स्थान पर कियोस्क का संचालन किया जाना चाहिए लेकिन राजनगर में कुछ कियोस्क ऐसे हैं जिनको ग्रामीण क्षेत्र में संचालित किए जाने की परमिशन दी गई थी लेकिन उन परमिशन के आधार पर राजनगर में ही कियोस्क का संचालन किया जा रहा है जिस पर जल्द ही कार्यवाही करने की बात कही गई है। 

*ग्रामीण क्षेत्र की परमिशन शहर में संचालित किओस्क*

ग्रामीण क्षेत्रों में कियोस्क संचालन के नाम पर कियोस्क संचालकों ने पंजीयन तो करवा लिया लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा न देने के साथ-साथ शहरी क्षेत्र में नियम और कानून के विपरीत का पंजीयन का दुरुपयोग करते हुए अवैध तरीके से कियोस्क का संचालन किया जा रहा है जिस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है देखना यह है कि जनता को मुर्ख बनाकर लूटने वाले इन कियोस्क संचालकों पर बैंकों द्वारा कब कार्यवाही की जाएगी या फिर यह लगातार जनता के भोलेपन का फायदा उठाकर फ्री सेवा पर अवैध राशि वसूली का कार्य तेजी से चलता रहेगा।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget