सचिव और सरपंच पति ने निर्माण कार्य व अन्य व्यय के नाम पर किया लाखों का भ्रष्टाचार

*पिपरिया-देवहरा में कई घोटाले को अंजाम देकर चिल्हारी से पहुंचा परसवार*


अनूपपुर

जिले भर में  लगातार पंचायत में भ्रष्टाचार का मामला उजागर हो रहा है चाहे वह मनरेगा मद के कार्य हो या पंच परमेश्वर मद या अन्य वित्त आयोग अथवा खनिज प्रतिष्ठान निधि सभी में लगातार सरपंच सचिव उपयंत्री एवं सहायक यंत्री मिलकर भ्रष्टाचार की सारी पराकाष्ठायें पार करते नजर आ रहे हैं और इस संबंध में जिले के कलेक्टर व मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आए दिन शिकायत मिलती रहती है लेकिन कार्यवाही मात्र कोरमा पूर्ति ही दिखाई दी। ऐसा ही एक मामला जिला मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत परसवार का है जहां पर सचिव जितेंद्र प्रजापति एवं सरपंच पति के द्वारा मिली भगत कर निर्माण कार्य के नाम पर लाखों का फर्जी बिल लगाकर घोटाला किया गया है।

*बाउंड्री वॉल एवं नाली निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार*

ग्राम पंचायत परसवार में सचिव जितेंद्र प्रजापति एवं सरपंच पति द्वारा मैकल क्लब में खनिज प्रतिष्ठान निधि से लगभग 6 लाख रुपए लागत से बाउंड्री वॉल निर्माण एवं मनरेगा मद से आदिवासी आवासीय मिडिल स्कूल इंग्लिश मीडियम का बाउंड्री वॉल निर्माण लगभग लागत 10 लाख रुपए तथा पंच परमेश्वर मद से नाली निर्माण कार्य लगभग लागत 6 लाख रुपए से तत्काल वर्ष 2023-24 में कराया गया है जिसमें जमकर भ्रष्टाचार की होली खेली गई है। इनके द्वारा सभी पक्के निर्माण कार्यों में सरिया के नाम पर पतली रॉड का प्रयोग किया गया है रेत बालू जो कि अवैध तरीके से गांव के बगल की नदी नालों से चोरी का प्रयोग कर लगाया गया है बोल्डर गिट्टी चिप्स गोली ना होकर डस्त वाली प्रयोग की गई है निम्न कोटि का सीमेंट कम मात्रा में लगाकर इति श्री कर दी गई है। जिससे महज हाथ और पैर से खुरचने पर ही इनके मटेरियल की गुणवत्ता का का पोल खुलता नजर आ रहा है।

*अन्य व्यय के नाम पर लाखों के फर्जी बिल*

सचिव जितेंद्र प्रजापति के द्वारा ग्राम पंचायत परसवार में कार्यालय व्यय,अन्य कर्मचारी व्यय,स्टेशनरी व्यय, अन्य सामग्री, शासकीय संस्था की भुगतान का बिल इस तरह के न जाने कितने प्रकार के कई लोगों के नाम पर और कितने अवैध फर्म के नाम पर लाखों रुपए के फर्जी बिल लगाकर निजी प्रयोग कर लिया गया है टुकड़ों में छोटी-छोटी राशि निकालकर इनके द्वारा जैब खर्च चलाए गए हैं कहीं होटल के नाम पर, कहीं वस्त्रालय के नाम पर, कहीं फोटो कॉपी दुकान के नाम पर बिल,कहीं व्यक्तिगत बिल, कहीं लोकल गांव के व्यक्तियों के नाम पर बिल इस तरह से राशि आहरण करके रोज की अपनी पॉकेट मनी का जुगाड़ किया गया है। चुनाव में टेंट वगैरा व अन्य व्यवस्था के लिए निर्वाचन आयोग से हरी झंडी क्या मिला इनके लिए तो जैकपोट हो गया हजार रुपए के खर्चे को सीधे लाख रुपए दर्शा करके अपना उल्लू सीधा किया गया है।

*पूर्व के पंचायत में भी सचिव ने किया था भ्रष्टाचार*

सचिव जितेंद्र प्रजापति मूल पंचायत मेडियारास से भर्ती होकर पिपरिया पहुंचे जहां पर उनके द्वारा लाखों का घोटाला किया गया था और पद से पृथक हुए थे पश्चात अधिकारियों से मिली भगत और लेनदेन करके देवहरा पंचायत में पदस्थ हो गए यहां भी इनके द्वारा सरपंच से मिली भगत कर लाखों का घोटाला किया गया जिसमें इनके ऊपर मामला दर्ज हुआ इसके पश्चात ग्राम पंचायत चिल्हारी पहुंचे जहां कई निर्माण कार्यों में लगातार भ्रष्टाचार किया और अब महाशय पहुंचे हैं ग्राम पंचायत परसवार जहां जनहित की राशि को खुर्द बुर्द करते हुए जनमानस का महा कल्याण करने में कोई कमी नहीं करने वाले हैं।

कुआं में गिरने व डूबने से वनपाल की हुई मौत, पुलिस जुटी जांच में, वर्तमान समय मे था निलंबित

*डीएफओ सहित वन अधिकारियों ने किया शोक व्यक्त, वन अधिकारी पहुंचे मौके पर*


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के बिजुरी वन परीक्षेत्र में पदस्थ वनपाल की जिले के करनपठार थाना अंतर्गत बसंतपुर गांव में स्थित गृह निवास पर विगत एक दिन पूर्व रात में दिशा मैदान के लिए निकले 45 वर्षीय प्रेमलाल पिता चमरूलाल बनवासी जो वनपाल के पद पर अंतर राज्यीय बैरियर रामनगर में पदस्थ था। कुआं में गिरने एवं डूबने से मौत हो गई परिजनों की सूचना पर करनपठार थाना प्रभारी अजय टेकाम स्वयं घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हुए प्रारंभिक कार्यवाही कर बेनिबारी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक से मृतक के शव का शनिवार की दोपहर शव परीक्षण कराने बाद अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप कर जांच प्रारंभ की है। प्रारंभिक जांच अनुसार मृतक प्रेमलाल बनवासी वन विभाग के किसी मामले में निलंबित होने के कारण कई दिनों से अपने पैतृक ग्राम बसंतपुर में परिवार के साथ रहते रहे थे, जो 8 फरवरी की रात अपने भाई गोपाल के साथ खाना खाने बाद सो गए जो सुबह 3 बजे के लगभग दिशा मैदान के लिए घर के पीछे स्थित अपने ही कुआं के पास गए थे, जहां अचानक कुआं में गिर गया, देर रात होने तथा सुबह तक प्रेमलाल का पता न चलने पर परिजनों द्वारा उनके मोबाइल से संपर्क करना चाहा लेकिन संपर्क नहीं होने पर खोजबीन की इस दौरान घर के पीछे उन्हीं के कुआं के पास ही उनका तौलिया एवं मोबाइल मिलने पर संदेह के आधार पर कुआं के अंदर बांस डालकर तलाशी की जिसमें कुछ फंसने की आशंका को आभास करते हुए भाई गोपाल प्रसाद ने करनपठार थाना में सूचना दर्ज कराई, पुलिस की उपस्थिति में खोजबीन दौरान प्रेमलाल बनवासी मृत स्थिति में कुएं के अंदर से खोजबीन दौरान उतराने पर उनके शव को बाहर निकाला गया। देर रात होने के कारण शनिवार की सुबह पुलिस द्वारा पंचनामा की कार्यवाही कर बेनीबारी अस्पताल के डॉक्टर से शव परीक्षण कराया घटना की जानकारी पर अनूपपुर वन मंडलाधिकारी एस के प्रजापति, एसडीओ प्रदीपकुमार खत्री ने वनपाल प्रेमलाल के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, आकस्मिक मौत होने पर अनूपपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी स्वर्ण गौरव सिंह, वन परिक्षेत्र बिजुरी वन परिक्षेत्र अधिकारी जीतू सिंह बघेल को मृतक के निवास भेज कर वस्तु स्थिति की जानकारी ली, ग्रामीणो एवं परिजनों ने बताया कि मृतक प्रेमलाल विगत कुछ वर्षों से मानसिक रूप से परेशान रहता था, जिनकी अंग्रेजी एवं देशी दवाई कराई जा रही थी, इसी दौरान अचानक विभागीय जांच पर दोषी पाए जाने पर लगभग एक मामले में निलंबित किया गया था, जिससे वह और परेशान रहने लगा था।

मंत्री के क्षेत्र में बेखोफ पटवारी, जनता के कार्य हो रहा है प्रभावित बढ़ रही परेशानी


अनूपपुर

नगर क्षेत्र अन्तर्गत बतौर पटवारी प्रवीण तिवारी कि पदस्थापना जबसे हल्का क्षेत्र लोहसरा में हुआ है। तबसे हल्का क्षेत्र में पटवारी का आम नागरिकों के बीच दर्शन दुर्लभ होकर रह गया है। लिहाजा हल्का क्षेत्र लोहसरा कि आम जनता राजस्व एवं किसानी सम्बंधित मामलों पर समाधान ना होने से अब तक परेशान व व्यथित हैं। कारण पदस्थापना पश्चात से पटवारी का हल्का क्षेत्र में मौजूदगी आमजनों के बीच ना तो कभी नजर आयी और ना ही पटवारी साहब कभी किसी का फोन उठाने कि जहमत अब तक उठाए। जिससे पटवारी का रवैया आमजनों को रास नही आ रहा है। एवं आमजन राजस्व सम्बंधित समस्याओं से खीझ खाने लगे हैं।

*मंत्री के गृहक्षेत्र में बेख़ौफ़ पटवारी*

विदित है कि प्रदेश सरकार में कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल का गृह क्षेत्र इसी नगर में है। एवं मंत्रीजी नगर सहित विधानसभा व जिला क्षेत्र में विकास कार्य सहित बदहाल प्रशानिक व्यवस्थाओं में सुधार के लिए पुरजोर बल दे रहे हैं। बावजूद इसके पटवारी प्रवीण तिवारी को इस बात का कदापि भय नही। और वह मनमौजी तौर पर हल्का क्षेत्र को संचालित करने को अमादा हैं। मानों ऐसे, जैसे कि बिना कर्तव्य परायणता के प्रदेश सरकार से मुफ्त का तन्ख्वाह उठाना आदत ए मिजाज बन बैठा है। जो कि नगर क्षेत्र में तरह-तरह के अटकलों को बल दे रहा है। मंत्री के क्षेत्र में पटवारी के इस तरह के कार्यशैली से मंत्री का नाम बदनाम हो रहा है। लोग कहते हैं जब मंत्री के क्षेत्र में ऐसा हो रहा है तो पूरे जिले का क्या हाल होगा।

*पटवारी के कार्यशैली पर लगे लगाम *

हल्का क्षेत्र में पटवारी के अनुपस्थिति के कारण राजस्व सम्बंधित मामलों का निपटान आम लोगो में नही होने से व्यथित आम नागरिक जिला प्रशासन से दरकार रखते हैं कि या तो पटवारी के रवैये में परिवर्तन लाऐं या फिर उक्त पटवारी को उनके नैतिक दायित्वों का पालन कराएं। जिससे आमलोगों के बाधित हो रहे राजस्व मसलों पर अड़चन व उत्पन्न हो रहे व्यवधान का अंत हो सके।

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