वृद्ध महिला ने बांध के पाइप से लगाई फांसी, पुलिस ड्यूटी जांच में


अनूपपुर

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत परसवार के मौहरी गांव में सुबह बकान डायवर्सन बांध के कैनाल की चांबी के समीप रेलिंग के पाइप में पड़ोस के गांव कुदारीटोला की एक 65 वर्षीय वृद्ध महिला ने पाइप से अपनी ही साड़ी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली घटना की सूचना परिजनों द्वारा कोतवाली थाना अनूपपुर को दिए जाने पर सहायक उप निरीक्षक सुखीनंद यादव पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचकर मृतिका के शव को परिजनों एवं ग्रामीणों की मदद से बाहर निकालते हुए पंचनामा कर जिला चिकित्सालय अनूपपुर में ड्यूटी डॉक्टर से पी,एम,कराने बाद अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौप कर जांच प्रारंभ की है महिला एक दिन पूर्व रात में खाना-पीना खाने बाद मोहल्ले में निकली रही जो देर रात घर नहीं पहुंची सुबह होने पर कुछ ग्रामीणों ने उसे पाइप के सहारे साड़ी फंसा कर बांध के अंदर की ओर मृत स्थिति में झूलते हुए देख रहा है,वृद्ध महिला के आत्महत्या करने का कारण प्रारंभिक जांच तक अज्ञात है।

 पिता की हत्या करने वाले पुत्र को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

*लाठी डंडे से की थी मारपीट, दो धाराओं में मिली सजा व 4 हजार जुर्माना*


अनूपपुर

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अनूपपुर पंकज जायसवाल की न्यायालय ने थाना कोतवाली के अपराध की धारा 302, 201, 34 भादवि के आरोपी गुलाब सिंह राठौर पुत्र स्वा. जयराम राठौर निवासी ग्राम सेंदुरी को अपने पिता जयराम राठौर की लाठी डंडे से मारपीट कर हत्या करने के आरोप में दो धाराओं में आजीवन करावास व 4 हजार रुपयें के अर्थदण्ड सजा सुनाई। 

 04 नवंबर 2020 को आरोपित गुलाब सिंह अपने पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना कोतवाली में लिखाए जाने पर पुलिस द्वारा उससे साधारण पूछताछ पर वह हिचकिचाने लगा, जिस पर संदेह होने पर शक्ति से पूछताछ पर गुलाब सिंह राठौर ने बताया कि उसने 27 अक्टूबर 2020 की रात पिता को गुस्से में आकर बांस की लाठी से कई प्रहार किये जिससे उनकी मृत्यु हो गई, तत्पश्चात छोटे भाई पंकज राठौर के साथ मिलकर बोरी में मृतक जयराम के शव को भरकर घर के पीछे लाईन के उस पार जंगल की झाडियों फेंक दिया। अन्वेषण के दौरान आरोपी के द्वारा बताए स्थान पर झाडियों में बोरी में लाश बरामद किया जिसमें कीडे पड़ चुके थे और दुर्गंध आ रही थी। पुलिस ने वैज्ञानिक एवं अन्य साक्ष्यों का संकलन कर मौके पर अपराध में प्रयुक्त लाठी बोरी, खून आलूदा मिट्टी आदि अन्य सामग्री जप्त कर जांच हेतु एफएसएल सागर भिजवाया गया, मौके पर फॉरेंसिक की टीम ने भी अनुसंधान किया, सम्पूर्ण विवेचना पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां न्यायालय ने विचारण के दौरान साक्ष्य छुपाने के संबंध में पंकज राठौर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करते हुए आरोपित गुलाब सिंह राठौर को हत्या सहित साक्ष्य छुपाने के आरोपो को प्रमाणित पाते हुए 302 भादवि के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 3000 रूपये के अर्थदण्ड तथा साक्ष्य छुपाने के लिए धारा 201 भादवि के अंतर्गत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000/- रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई हैं।

वहीं न्यायालय ने मृतक की पत्नी को 4 लाख रूपये प्रतिकर दिलाये जाने का आदेश देते हुए निर्णय में यह टीप अंकित करते हुए कहां कि इस प्रकरण में रक्षक ही भक्षक बना है और शिकायतकर्ता ही आरोपी निकला है। इस कारण से आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से पीडिता एवं समाज को न्याय मिला है।

कार्यक्रम के नाम कचरा गाड़ी में ढोया गया महिलाओं को क्या यही है विकसित भारत संकल्प यात्रा 

*नगर परिषद जनता को समझती कचरे का ढेर, कार्यक्रम में यातायात नियमो का हुआ उल्लंघन*


अनूपपुर

विकसित भारत संकल्प यात्रा द्वितीय चरण के अंतर्गत अनूपपुर जिले के नगरीय निकाय बरगवां में कार्यक्रम (शिविर) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनता को जोड़ने के लिए नगर परिषद द्वारा कचरे उठाने वाले ट्रैक्टर की ट्राली में कई दर्जन महिलाओं को बैठाकर लाया गया। यातायात नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ महिलाओं के सम्मान को भी नगर  परिषद द्वारा ठेस पहुंचाया गया है, बेलगाम नगर परिषद और वर्तमान अध्यक्ष के हाथ से छुटी बागडोर ने नगर परिषद की जड़े हिला कर रखी है। निरंकुश नगर परिषद में अभिषेक नामक व्यक्ति के साम्राज्य स्थापित होने की खबरें आ रही है और स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि निरंकुश नगर पालिका में बागडोर छुटते ही महिलाओं के सम्मान के विपरीत कार्य किया जा रहा है। भारत के प्रधानमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जहां महिलाओं के सम्मान के लिए अपना राजकोष दांव पर लगाने को तैयार है, तो दूसरी ओर नगर परिषद के राजकुमार अभिषेक महिलाओं के सम्मान को कचरा समझ रहे है, गरीब और असहाय और मजबूर महिलाओं को ट्रैक्टर में ढो रहे हैं। जिन माता समान महिलाओं को सम्मान के साथ कार्यक्रम में बुलाने के लिए प्रयत्न किया जाना चाहिए था उन्ही मजबूर महिलाओं को कचरे के ट्रैक्टर में लाकर उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ किया है, वर्तमान नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारी और वर्तमान अध्यक्ष की लापरवाही ने महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचा है।

*कचरा गाड़ी में बैठाया गया महिलाओं को*

विकसित भारत संकल्प यात्रा की कार्यक्रम के द्वितीय चरण मे कार्यक्रम के उद्देश्य और प्रधानमंत्री की मनसा को पलीता लगाने वाले नगर परिषद के कारनामों का हाल आम सड़कों पर देखने को मिला। जहां नगर परिषद के द्वारा कचरा उठाने वाले ट्रैक्टर में भोली भाली जनता और ग्रामीण महिलाओं को बैठ कर लाया गया और जब उक्त संबंध में नगर परिषद के अध्यक्ष से संपर्क साधने का प्रयत्न किया गया संपर्क साधने के लिए परिषद के जिम्मेदार व्यक्ति से मिले मोबाइल नंबर पर कॉल लगाया गया तो तथाकथित अभिषेक नामक व्यक्ति द्वारा उक्त संबंध में अध्यक्ष से बात न करवाने और पूरे प्रकरण पर कोई खबर न होने या आम बात कह कर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, उक्त मामले को टालमटोलकर कर महिलाओं के सम्मान के प्रति गंभीरता का नमूना प्रस्तुत किया गया। उक्त पूरे प्रकरण में सोचने की बात है कि जब प्रशासन और जनता ने महिला को अध्यक्ष के पद पर विराजमान किया है तो तथाकथित अभिषेक नामक व्यक्ति का हस्तक्षेप नगर परिषद में किस उद्देश्य से किया जा रहा है। अगर ऐसा ही स्थिति चलते रही तो महिला सशक्तिकरण को पलीता लगने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। 

*महिलाओं का अपमान व यातायात नियमों का उल्लंघन*

नगर परिषद बरगंवा में महिला अध्यक्ष गीता गुप्ता है उसके बाद भी कार्यक्रम के नाम पर महिलाओं का इस तरह अपमान करना कहा तक उचित है। कचरा ढोने वाली गाड़ी में महिलाओं को भूसे की तरह भरकर लाना महिलाओं को कचरा जैसा सम्मान देना भाजपा के शासनकाल में लाडली बहनों का अपमान किया गया है। ट्रैक्टर का उपयोग दो तरह से होता कृषि या व्यवसायिक मगर इस तरह ट्रैक्टर में महिलाओं को ढोना परिवहन व यातायात नियमों का उल्लंघन किया गया है। क्या परिवहन व यातायात विभाग इस पर कार्यवाही करेगा।

*अध्यक्ष की जगह अभिषेक का दबदबा*

नगर परिषद बरगंवा में जनता के द्वारा चुनकर महिला प्रतिनिधि को अपने नगर परिषद का प्रतिनिधित्व सौपा है, वहीं पूर्व पंचवर्षीय कार्यकाल में विधायक प्रतिनिधि बनाए गए अभिषेक का हस्तक्षेप वर्तमान नगर परिषद में बढ़ता चला जा रहा है, अध्यक्ष के करीबी परिवार के होने के कारण परिषद के कार्यक्रमों में बैनर पोस्टर में अपनी बड़ी फोटो नगर परिषद प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी के बनाए गए नियम कानून से ऊपर दिखाई देते हैं। वही लगातार नगर परिषद के कार्यों में बढ़ता हस्तक्षेप नगर परिषद की सीसीटीवी कैमरा में कैद होता रहता है लेकिन अध्यक्ष के परिवार के होने के कारण ना तो कर्मचारी अधिकारी या जनप्रतिनिधि किसी प्रकार का विरोध तथा कथित अभिषेक नामक व्यक्ति का करते हैं और ना ही उक्त मामले पर किसी प्रकार की कार्यवाही या आपत्ति पार्षदों द्वारा जताई जाती है। 

*इनका कहना है*

वैसे तो रेत गिट्टी और मिट्टी ढोने के लिए भी ट्रैक्टर नहीं होता है ट्रैक्टर कृषि कार्य के लिए होता है अगर महिलाएं उसमें लाई गई है तो उसमें क्या गलत है, ट्रैक्टर साफ था धुला हुआ था, इसमें कोई खबर नहीं है बाकी अध्यक्ष जी से बात नहीं हो पाएगी। 

*अभिषेक गुप्ता*

*पूर्व विधायक प्रतिनिधि, नगर परिषद बरगवां*

*जब यह कार्यक्रम हुआ उस समय मैं भोपाल में था इसलिए इस मामले की मुझे कोई जानकारी नही है।

*अनंत धुर्वे मुख्य नगरपालिका अधिकारी बरगंवा*

इस कार्यक्रम की मुझे कोई जानकारी नही दी गयी थी। इसलिए

*डॉ. राज तिवारी उपाध्यक्ष नगर परिषद बरगंवा*

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