कबाड़ियों का आतंक, वर्षो से खड़े ट्रक को कबाड़ियों ने कटिंग करके किया किया पार

*पुलिस बनी मूकदर्शक, कब होगी इन अवैध कबाड़ियों पर कार्यवाही*


अनूपपुर

रामनगर थाना क्षेत्र में जब से नए थाना प्रभारी का आगमन हुआ है मानो अवैध कार्य करने वाले लोगों को जादू की छड़ी सी मिल गई है थाना क्षेत्र अंतर्गत लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से यह अंदाज लगाया जा सकता है कि साहब आपने कार्य के प्रति कितने जिम्मेदार है पहले तो चोर रात में बंद घर को निशाना बनाया करते थे, अब वे पुलिस को चुनौती देते हुए दिन-दहाड़े चोरी की घटना को अंजाम दे रहे हैं। नाम ना बताने पर एक पीड़ित व्यक्ति द्वारा बताया गया कि हमारे क्षेत्र में कई घरों में चोरी की वारदात हो चुकी है जिसकी शिकायत हमारे द्वारा थाने में करने पर सिर्फ आवेदन लेकर हमें वापस लौटा दिया गया है आखिरकार पुलिस चोरी के प्रकरण में उत्सुकता क्यों नहीं दिखती है।

*कबाड़ियों का बोल बाला*

रामनगर थाना क्षेत्र के बस्तियों में कबाड़ी कबाड़ लेकर घूमते फिरते नजर आते हैं जिसको लेकर कई बार नागरिकों ने विरोध भी किया है लेकिन फिर भी पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे हुए बैठी है आखिरकार इन कबाड़ियों को किन का संरक्षण प्राप्त है जिनके द्वारा सुबह से शाम तक क्षेत्र में कबाड़ उठाया जाता है यह कहना गलत नहीं है कि कहीं ना कहीं इन्हीं चोरों के द्वारा ही रात में घरों को भी निशाना बनाया जाता होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के पप्पू कबाड़ी के लोगों द्वारा सुबह से लेकर शाम तक रामनगर थाना क्षेत्र में धमा चौकड़ी मचाई जा रही है। थाना क्षेत्र में चोरों ने लगभग दर्जन भर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। चोरों ने एक के बाद एक चोरी की घटना को अंजाम देकर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। कई घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। लेकिन अब तक पुलिस इन चोरी की घटनाओं में शामिल लोगों का पता लगाने में असफल रही है।

* कबाड़ियों ने वर्षो से कबाड़ पड़े ट्रक को किया पार*

चोरों द्वारा घटाना को अंजाम देने से पहले पूरी जानकारी जुटाई जाती है फिर आसानी से चोरी की घटना को अंजाम देकर चलते बनते हैं लगातार हो रही चोरी की वारदात से आम लोगों में भय का माहौल है। आखिर कर कैसे होती है चोरों को पुलिस के मूमेंट की ख़बर कही चोर की दाढ़ी में तो नहीं है तिनका राजनगर स्टेडियम के समीप कई वर्षों से खड़े ट्रक को कबाड़ चोरों द्वारा कटिंग कर पार किया गया जिसकी जानकारी पुलिस को होने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। चारों तरफ चेक पोस्ट होने के बावजूद भी पुलिस को मिल रही सिर्फ निराश चोरों को पकड़ना पुलिस के लिए बनी चुनौती।

*इनका कहना है*

किसी भी तरह के अपराध हो जिनकारी मिलते ही कार्यवाही की जाएगी।

*डी सी सागर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल*

1172 क्विंटल धान गायब, शासन को लग गया 25 लाख का चूना, जिम्मेदार मौन

*अधिकारियों के संरक्षण में हुआ गोलमाल, मामले को दबाने का किया प्रयास*


अनूपपुर

धान उपार्जन वर्ष 2023-24 में जिले में बनाये गये कई समितियों एवं समूहों द्वारा जमकर फर्जीवाड़ा करते हुए अनैतिक तरीके से अवैध लाभ कमाया गया है। वहीं धान खरीदी में हुए अनियमितता रूकने का नाम नही ले रही है। मामला निधि स्व-सहायता समूह सिवनी का है। जहां समूह के संचालक द्वारा ग्राम मानिकपुर मैदान में किए गए धान की फर्जी खरीदी कर शासन को 25 लाख 60 हजार रूपये का चूना लगा दिया गया। इस फर्जीवाड़े की जानकारी खरीदी समाप्त होने के 15 दिन बीत जाने के बाद नॉन, खाद्य सहित सहकारिता विभाग को जानकारी होने के बाद भी शासन के 1172.60 क्विंटल लगभग 2040 बोरी धान की सुध लेने तक जहमत तक नही उठाई गई और समूह को भ्रष्टाचार का अवसर दिया गया। 

*क्या है मामला*

तहसील जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत मनौरा के ग्राम मानिकपुर के मैदान में धान खरीदी निधि स्व-सहायता समूह सिवनी को दिया गया था। जहां समूह में 499 किसानो ने 27168.34 क्विंटल धान दर्ज की गई। जहां 3 फरवरी तक कुल 25996.34 क्विंटल धान का (भंडारण) परिदान किया गया है। लेकिन अब तक 1172.20 क्विंटल लगभग 2 हजार 40 बोरी धान शेष बची हुई है। 2 फरवरी को जब निधि स्व-सहायता समूह सिवनी खरीदी केन्द्र ग्राम मानिकपुर मैदान में पहुंचकर देखा गया तो मैदान में अंदर धान का एक दाना नही मिला। अब सवाल उठता है कि जब 15 दिनों से ऑनलाईन पार्टल पर 1172.20 क्विंटल धान दिखने के बाद उपार्जन समिति की निगरानी टीम आंख बंद कर बैठी थी। 

*समूह ने कमाया अनैतिक लाभ*

धान खरीदी में निगरानी रखने जिला स्तर पर बनाई गई उपार्जन समिति पर एक बड़ी कहावत को चरितार्थ करता है, जिन्हे दूध की सुरक्षा और रखवाली करने के लिये बिल्ली पर भरोसा किया गया था। उपार्जन समिति पर धान खरीदी में की गई अनियमितताओं की जानकारी होने के बाद भी उनके खिलाफ कार्यवाही ना कर उन्हे खुली छूट देना भारी पड़ गया। जिसमें नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक मधुर खर्द, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी बी.एस. परिहार ने निधि स्व-सहायता समूह द्वारा दिखाये गए फर्जी खरीदी तथा उनके स्टॉक में गोलमाल होने की जानकारी के बाद मामले को दबाने का पूरा प्रयास किया गया। जिसके कारण उक्त समूह ने उपार्जन नीति का खुला उल्लंघन करते हुए अनुचित तरीके से अनैतिक लाभ कमाया। 

*1172 क्विंटल धान गायब*

जिले में लगातार धान खरीदी के मामले में हर दिन बड़े-बड़े भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे है। पूरे प्रदेश में अनूपपुर धान उपार्जन में किए गए अनियमितताओं पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन नॉन, खाद्य सहित सहकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा निधि स्व-सहायता समूह द्वारा किए गए फर्जी खरीदी में अपना योगदान देते हुए 1172.20 क्विंटल धान शॉर्टेज का बीड़ा उठा लिया है। जहां समूह को शॉर्टेज की भरपाई करने के लिए तारीख पर तारीख दिया गया, लेकिन उक्त अधिकारियों को भी नही पता था कि उनकी दी गई तरीख 3 फरवरी को खत्म हो जाएगी। पूरे मामले में कागजी घोड़े दौड़ाने का खेल पर पर्दा डाल दिया गया।

*मामला दबाने का प्रयास*

एक तरफ जहां खाद्य, नॉन एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा निधि स्व-सहायता समूह सिवनी द्वारा किए गए भ्रष्ट्राचार को दबाने का पूरा प्रयास करते हुए 1172.20 क्विंटल धान के शॉर्टेज का समायोजन कराने पूरा समय दिया गया। लेकिन उक्त समूह द्वारा शॉर्टेज के समायोजन वा परिदान करने के लिए कागजी घोड़े दौड़ाने का प्रयास किया गया, जिसमें समूह द्वारा मिलरों का चक्कर काट कर उनसे डीओ की मांग की जाती रही। इस बीच इस पूरे प्रकरण का खुलासा हो गया और नॉन और खाद्य विभाग के अधिकारियों के चेहरे की चमक फीकी पड़ गई। 

*किसानो का भुगतानअधर में*

धान उपार्जन में निधि स्व-सहायता समूह द्वारा किए भ्रष्टाचार का असर असल किसानो पर पड़ रहा है। जिससे किसानो को उनकी उपज का उचित कीमत प्रदान करने की योजना का पलीता लगाने का काम नॉन वा खाद्य के अधिकारियों द्वारा सांठगांठ कर किया गया है। पूरे मामले में उक्त समूह द्वारा असल किसानो द्वारा बेची गई धान को फर्जी किसानो के नाम पर परिदान कर शासन के खजाने से 25 लाख 60 हजार की निकासी कर बंदरबांट कर लिया गया है। जिसके कारण इस खमियाजा असली धान विक्रेता किसानो को भुगतना पड़ेगा जिसके नाम से धान अब तक जमा नही की गई है। 

*इनका कहना है*

मामला संज्ञान में आया है, इसकी तत्काल जांच कराकर दोषियों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। 

आशीष वशिष्ठ, कलेक्टर अनूपपुर

पुलिसकर्मी ही बना पुलिस के काम में बाधा, माफियाओं तक पहुँच जाती हैं पुलिस के आने की खबर

*टीआई की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह, 7 वर्षो से पदस्थ हैं आरक्षक*


अनूपपुर/बिजुरी

बिजुरी थाने में पदस्थ एक पुलिसकर्मी पुलिस के कार्य में बाधा बन गया है। यह पुलिसकर्मी बीते 7 वर्षों से बिजुरी थाने में पदस्थ है जिसके कारण थाना क्षेत्र में इसकी गहरी पैठ बन चुकी है। जिसके कारण अब इस पुलिसकर्मी का माफियाओं से डायरेक्ट कनेक्शन बन जाने की वजह से यह पुलिस के काम में ही बाधक बनकर रह गया है। बिजुरी टीआई को सब जानकारी होने के बाद भी हाथ मे हाथ धरकर बैठे हैं। ऐसा लगता हैं की कही न कही आरक्षक को टीआई खुला छूट देकर रखे हैं। ऐसे में आरक्षक की कार्यशैली तो ऐसी ही रहेगी।

*बीते 7 वर्षों से थाने में पदस्थ है यह पुलिसकर्मी*

बिजुरी थाना क्षेत्र में आरक्षक चालक के पद पर पदस्थ पुलिसकर्मी बीते 7 वर्षों से पदस्थ बताया जा रहा है। नियमतः 3 वर्ष के पश्चात थाना क्षेत्र से अन्य थाना क्षेत्र में पदस्थ किया जाना चाहिए लेकिन बीते 7 वर्षों से इसके पदस्थ रहने के दौरान विधानसभा चुनाव के साथ ही दोबारा लोकसभा चुनाव होने को है लेकिन बिजुरी थाना क्षेत्र में इसके अंगद की तरह पैर जम जाने के कारण अधिकारियों के द्वारा भी इसका स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है।

*माफियाओं तक पुलिस के पहुंचने से पहले ही पहुंच जाती है खबर*

थाना क्षेत्र में लंबे समय से जमे होने के कारण इस पुलिसकर्मी के संबंध लगभग सभी लोगों से बन चुके हैं ऐसे में इसके इस मधुर संबंध के कारण थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था तथा अपराधों की धर पकड़ प्रभावित हो रही है। जिसके कारण माफियाओं के अड्डे तक पुलिस के पहुंचने से पहले ही पुलिस के आने की खबर पहुंच जाती है जिसके कारण थाना क्षेत्र में अपराध बढ़ते ही जा रहे हैं।

*रेत,कोयला,कबाड़ ,शराब सभी ठिकानों पर दस्तक, सुविधा शुल्क न मिलने पर हो जाती है कार्यवाही*

यह पुलिसकर्मी अब बिजुरी थाना क्षेत्र में नासूर बनता जा रहा है जिसकी दस्तक रेत, कोयला ,कबाड़, शराब के साथ ही सभी अवैध कारोबार में है। यदि संबंधित पुलिसकर्मी की मांगे पूरी नहीं होती है तो अधिकारियों के कान भरने के साथ ही उस पर कार्यवाही करने की बात भी कही जाती है। इसके साथ ही संबंधित पुलिसकर्मी का डीजल के अवैध कारोबारी के साथ मधुर संबंध भी पूरे नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

*पुलिस अधीक्षक, एडीजी और कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री से कार्यवाही की मांग*

इस मामले में बिजुरी नगर वासियों ने पुलिस अधीक्षक तथा एडीजी के साथ ही कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल से पुलिसकर्मी का अन्यत्र स्थानांतरण किए जाने की मांग की गई है। बिजुरी नगर कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल का गृह नगर भी है ऐसे में इस पुलिसकर्मी की वजह से नगर में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल होती जा रही है। जिसको देखते हुए नगर वासियों ने मंत्री जी से तथा पुलिस अधीक्षक से इस पर अति शीघ्र कार्यवाही करते हुए स्थानांतरण किए जाने की मांग की है।

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