साप्ताहिक बाजार सेड हुआ जर्जर, लोगों ने किया अतिक्रमण, दुर्घटना का बन सकता है कारण


अनूपपुर/अमरकंटक

मां नर्मदा जी की उद्गम स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में लगभग 15 वर्ष पुराना बना साप्ताहिकि बाजार सेड पूरी तरह से जर्जर हो चुका है । इस जर्जर सेड में लोगो द्वारा अतिक्रमण भी लंबे समय से चला आ रहा है । लेकिन कई सेड इतने ज्यादा जर्जर या डैमेज हो चुके है की कभी भी आंधी तूफान व अन्य कारण से अचानक गिर जाने की संभावना लोगो द्वारा  जताई जा रही है । यह सेड बनने के बाद कुछ सप्ताह ही बाजार यहां पर लगाया गया था बांकी इसका ज्यादा उपयोग विश्राम करने वालो के लिए ही आया । अमरकंटक का बाजार रविवार को साप्ताहिक बाजार लगता है जिसके लिए यहां पर 20 सेड बनाए गए थे पर इतने सेड पर्याप्त नहीं थे ।जिसके कारण पास ही पूर्व मेला मैदान रामघाट पास आज भी बाजार बड़े रूपो में लग रहा है। साप्ताहिकी बाजार सेड में निवासरत अधिकतर मंदिर द्वार पर बैठने वाले , कभी कभी परिक्रमा वासी और दूर दराज से आए हुए छोटे व्यापारी इस साप्ताहिक बाजार सेड में ही अपना आशियाना जमा लेते है या रुकते है । कई परिवार वाले कई वर्षो से यहां पर रहते चले आ रहे जिनमे अधिकतर बिगलांग या लाचार लोग अनेक वर्षों से निवास करते चले आ रहे है । नगर परिषद प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और वहां रुके हुए लोगो की जानकारी से अवगत भी होना चाहिए।

नगर परिषद सीएमओ चैन सिंह परस्ते से जब साप्ताहिक बाजार सेड की बात की गई तब उन्होंने बताया की साप्ताहिक बाजार सेड का निर्माण हुए काफी समय हो चुका है और वो जर्जर भी हो चुका है ।अब उन सेडो को ध्वस्त कराया जाना है । वंहा पर पार्किंग व्यवस्था बनाई जाएगी । जल्द ही साप्ताहिक बाजार सेड को हटाया जाएगा।

नारू के पास कैसे बन गई करोड़ो की संपत्ति, निर्वाचन शपथपत्र मे छिपाई गई जानकारी

*राजनैतिक संरक्षण प्राप्त नारू अवैध कार्यो का खोल रखा है कारखाना, नही होती कार्यवाही*


अनूपपुर/ जैतहरी 

सूत्रों से मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के वार्ड नं 06 के निवासी नारू जो आजादी के समय भूमिहीन शरणार्थी को बसाने के लिये दिये गये शासकीय परमट की भूमि मे कच्चे खप्पर युक्त मकान मे रहने वाला नारू सिंधी को अचानक ऐसा कौन सा अलाउद्दीन का चिराग हाथ लग गया है कि लगभग  15 वर्ष पूर्व सबसे पहले शासकीय जमीन जिसका आराजी खसरा नंबर 743 के अंश भाग को अवैध कब्जा धारी से लाखों रुपए मे खरीद कर नगर परिषद के बिना वैधानिक अनुमति के लगभग कई लाखों का मकान बना लिया है, इसके बाद कई लाख का चार पहिया एवं दो पहिया वाहन खरीदा अपने पुत्र के नाम से खरीदा जिला मुख्यालय के कई लाख की जमीन अपने पुत्र के नाम से खरीदा इसके बाद नगर के वार्ड नं 05 मे अपने पुत्र के नाम से उन्नीस लाख रुपए का सरकारी नजूल की जमीन खरीद कर करोड़ों रुपए खर्च कर नगर परिषद के बिना वैधानिक अनुमति के होटल लाज बनाया है और और कूटरचित तरीके से तैयार किये गये दस्तावेज के आधार पर बिजली विभाग मे रुपयों के दम पर विद्युत कनेक्शन भी प्राप्त कर लिया है, साथ ही नगर परिषद से नल कनेक्शन भी प्राप्त कर लिया है, नारु सिंधी द्वारा अपने पुत्र के अवैध सम्पत्ति की जानकारी नगर परिषद के निर्वाचन 2022-2023 के निर्वाचन फार्म के साथ लगे शपथपत्र भाग -क मे  नही दी है जब कि नारु के समग्र आई डी मे उसके पुत्र का नाम भी शामिल हैं, जिसकी शिकायत निर्वाचन आयोग एवं जिला प्रशासन को किया गया जिस पर आज तक प्रशासन एवं निर्वाचन आयोग द्वारा कोई कार्यवाही तो दूर जांच तक नही किया गया है, नारु स्पष्ट बोलता है कि कितना पैसा लगेगा कार्यवाही तो दूर जांच तक नही होने दूंगा रुपयों के आगे नियम कानून कुछ भी नही चलता है, शिकायत करने वाले करतें रहे। सूत्र ये भी बता रहे हैं की राजनैतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण नारू कई तरह के अवैध काम करता है। कई बार इनके घर पर छापा भी पड़ चुका है मगर कार्यवाही नही होती।

मैनेजर की मिलीभगत से नंबर बदलकर खाता से निकाले 2.43 लाख, एसपी से हुई शिकायत


अनूपपुर/रामनगर

अनूपपुर जिले के रामनगर थाना अंतर्गत मोबाइल नंबर बदलकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने मोबाइल नंबर बदलकर खाते से 2 लाख 43 हजार रुपए धोखाधड़ी की। इसकी शिकायत पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की हैं।

शिकायतकर्ता उषा देवी ने बताया कि 18 जनवरी को मेरे सेंट्रल बैंक के खाते में बिना मेरे किसी जानकारी के दूसरे का मोबाइल नंबर जोड़ दिया गया। इसके बाद फोन-पे के माध्यम से किसी अन्य खाता में पैसे ट्रांसफर किए। इसमें गौरव शर्मा के खाते में 1 लाख 93 हजार 500 रुपए और योगेंद्र वर्मा के खाते में 50 हजार रूपए ट्रांसफर किए। इस तरह से मेरे खाते से 2 लाख 43 हजार 500 रूपए की धोखाधड़ी की गई।

शिकायतकर्त्ता ने आरोप लगाया कि इस धोखाधड़ी में सेंट्रल बैंक के मैनेजर की मिली भगत है। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत रामनगर थाने में भी दर्ज कराई थी। इसमें थाने के उपनिरीक्षक ने जांच कर धोखाधड़ी का मामला सही पाया था, लेकिन उसके बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। थाने से उक्त आरोपियों को छोड़ दिया गया। उन्होंने धोखाधड़ी की शिकायत करते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की हैं।

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