राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्कृष्‍ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को किया गया सम्‍मानित 


अनूपपुर

राष्ट्रीय बालिका सप्ताह (19 जनवरी से 24 जनवरी 2024) के तहत 24 जनवरी 2024 को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिला मुख्‍यालय अनूपपुर स्थित लाडली लक्ष्मी पार्क में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोकल गर्ल चैम्पियन अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्‍ट प्रदर्शन किये जाने पर बालिका कु. सिमरन विश्‍वकर्मा कक्षा 12वीं में 83 प्रतिशत अंक ( शा.उ.उ.मा‍.वि. अनूपपुर प्रथम स्थान), कु. काजल राठौर कक्षा 10वीं में 85 प्रतिशत अंक, कु. निक्की  राठौर कक्षा 10 वीं में 85 प्रतिशत अंक, कु. मानवी मिश्रा स्केट में प्रथम स्थान तुलसी महाविद्यालय, कु. मीनल सोनी बैडमिंटन संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सम्मिलित, कु. प्रियांशी रजक नवरात्रि गरबा नृत्य में प्रथम स्थान, कु. वंदना रौतेल कबड्डी, कु. प्रिया भरिया कबड्डी, कु. कमला मरावी एथलेटिक्स, कु. स्पर्श शिवहरे ओलम्पियाड,कु. ऋचा श्रीवास्‍तव रेडक्रास को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करके उन्हें समाज में विकास के लिए समान अवसर और सम्मान दिलाना है तथा बालिकाओं के साथ होने वाले भेदभाव के बारे में सभी लोगों को जागरूक करना है। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनोद परस्‍ते, सहायक संचालक श्रीमती मंजूषा शर्मा, परियोजना अधिकारी अनूपपुर सुश्री सीमा गांजू, पर्यवेक्षक श्रीमती निशाकिरण सिंह, श्रीमती हीरा सिंह धुर्वे, श्रीमती दयमन्ती सिंह एवं विभागीय स्‍टाफ तथा महिलाएं व बालिकाएं उपस्थित रहे।

13 दिनों से दो हाथियों का समूह मचा रहा आतंक, देर रात 4 साल के बच्चे को लेकर भागा परिवार


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के अनूपपुर एवं जैतहरी तहसील तथा वन परिक्षेत्र अंतर्गत अनेकों गांव में विगत 13 दिनों से छत्तीसगढ़ राज्य से आए दो न हाथियों के द्वारा निरंतर आतंक मचाया जा रहा है जो दिन में जंगलों में ठहरने तथा विश्राम करने बाद रात होते ही जंगल से लगे आसपास के 10 किलोमीटर के लगभग परिधि में बसे ग्रामों में पहुंचकर ग्रामीणों के घर, खेत, बाड़ी में लगे एवं रखें अनाजों को अपना आहार बना रहे हैं विगत दिनों मध्य रात दोनों हाथियों का समूह गोबरी गांव के ठाकुरबाबा के पीछे स्थित जंगल में बांस के पेड़ों को अपना आहार बनाते हुए देर रात खोलाड़ी गांव की वार्ड नंबर एक निवासी दिनेश पिता गोरेलाल सिंह के गांव से बाहर में स्थित ईट से बने कच्चे मकान पर हमला बोलकर घर को बुरी तरह तोड़ दिया हाथियों के आने के दौरान पालतू कुत्ते के भौंकने पर आहट मिलने तथा हाथी के दिखने पर दिनेश सिंह अपनी 29 वर्षीय पत्नी विद्यावती एवं 4 वर्ष के पुत्र प्रिंस को गोद में लेकर भागते हुए गांव पहुंचकर अपनी जान बचाई इस बीच हाथियों द्वारा घर में तोड़फोड़ करते हुए घर के अंदर रखे धान, चावल एवं अन्य तरह के खाद्य सामग्रियों को अपना आहार बनाते हुए सुबह गोबरार नाला के जंगल में फिर से पहुंच कर विश्राम कर रहे हैं। हाथियों पर निगरानी रखते हुए ग्रामीणों को सतर्कता बढ़ाने के लिए वन विभाग का मैदानी अमला निरंतर हाथियों पर निगरानी बनाए हुए हैं तथा ग्रामीणों से देर रात अलग-अलग बने कच्चे एवं एकांत वाले घरों में रह रहे ग्रामीणों को हाथियों के दूर होने की सूचना पर भी रात्रि समय बीच गांव एवं बस्ती के साथ पक्के मकान के अंदर एवं छतो में सुरक्षित रहने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन विगत 13 दिनों से निरंतर दो हाथियों के विचरण एवं नुकसान के बाद भी जिला, प्रदेश स्तर पर हाथियों को अनूपपुर जिले से बाहर भेजने की कोई योजना जमीन पर न दिखने से ग्रामीण जन हाथियों के आतंक के कारण रात-रात भर जाग कर बिताने को बाध्य हो रहे हैं वहीं हाथियों द्वारा किए गए कई माह के मध्य नुकसान का राजस्व विभाग की ओर से नुकसान अनुसार मुआवजा राशि न मिलने से ग्रामीण परेशान है निरंतर अनेकों स्तर पर मुआवजा भुगतान कराए जाने एवं हाथियों के समूह को जिले से बाहर किए जाने की मांग किए जाने के बाद भी वर्तमान समय तक कोई ठोस उपाय प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा अब तक नहीं किया गया है।

सचिन चतुर्वेदी (अनुराग्यम) को निर्वाण वर्ल्ड सोसायटी ने किया सम्मानित


*सुशी सक्सेना, अनुराग्यम् नई दिल्ली*

नई दिल्ली के कॉनॉट प्लेस में, निर्वाण वर्ल्ड ने 'जीना इसी का का नाम है - कोरल गिग' नामक मेगा इवेंट के साथ अपनी तीसरी सालगिरह का आयोजन किया। निर्वाण वर्ल्ड की संस्थापिका और अध्यक्ष, नवींता गिननी, ने विशेष बच्चों के उत्साह और जीवन शैली की स्वीकृति के लिए समर्पित सफल कार्यक्रम का आयोजन किया।

सचिन चतुर्वेदी ने राष्ट्र को एक विशेष संदेश दिया, "आइए हम सब हाथ मिलाकर समृद्धि और करुणा की भावना को इन नन्हें परिंदों के साथ मिल कर मनाएं। आइए हम एक क्षण के लिए विचार करें कि हमारे विशेष बच्चों की देखभाल का महत्व क्या है, उनकी अनूठी क्षमताएं और अनचुभी संभावनाएं हमारे समाज की धनी विविधता में क्या योगदान करती हैं। हम यह संकल्प करें कि हम ऐसे हर बच्चों की क्षमताओं के बावजूद, प्रेम, समझ, और समर्थन के साथ आलिंगन करें। समारोह की मेज़बान ऐश्वर्या, ने शाम को चमक और उत्साह जोड़ते हुए विभिन्न प्रदर्शनों और प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मार्गदर्शन किया।

नीति आयोग, नई दिल्ली के संयुक्त सलाहकार कर्नल डॉ. उपदेश कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को समृद्धि दिया। सचिन चतुर्वेदी (अनुराग्यम के संस्थापक), दीपंकर कांत, सुभाष सयाल, करण बुधिराजा, और सुबीर ठाकुर भी फूल और स्मृति से सम्मानित किए गए।

कार्यक्रम को नाग बिंदु बस्सुरी शिक्षा केंद्र के बच्चों ने बासुरी की मधुर ध्वनि के साथ शुरू किया, बच्चों ने अपने प्रदर्शनों, जैसे कि नृत्य, गायन, और वाद्य बजाने, के माध्यम से शाम को और हसीन बनाया। दर्शकों ने बच्चों के साहस और ऊर्जा के लिए अत्यधिक समर्थन दिखाया। प्रतिभागियों में यामिनी, श्रेयन, प्रत्यक्ष, आध्यायन, सत्यमेव, वृंदा, समीक्षा, और तन्मय शामिल थे। सतयुग दर्शन फरीदाबाद, और स्किल स्कूल फाउंडेशन के छात्र भी सक्रिय रूप से भाग लिए। सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों की स्वीकृति में प्रमाण पत्र और अनेकों उपहारों दिए गए। कार्यक्रम नवींता गिननी, निर्वाण वर्ल्ड की संस्थापिका, द्वारा एक भावनात्मक धन्यवाद के साथ समाप्त हुआ।

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