महिला को जिला अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में एंबुलेंस में हुआ प्रसव, जच्चा बच्चा सुरक्षित


अनूपपुर/भालूमाड़ा

अनूपपुर जिले के भालूमाडा थाना अंतर्गत ग्राम कुशला बाहरा निवासी नीरज कोल की पत्नी प्रसव से पीड़ित रिंकू कोल उम्र 21 वर्ष ग्रह ग्राम के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पासान में प्रसव कराने ले जाने पर पता चला कि ब्रिज प्रेजेंटेशन है बच्चा की जान जोखिम में है। बच्चें की पैर दिखाई दे रहा है। अस्पताल के उपस्थित स्टाफ के द्वारा जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया जिसकी जानकारी कोतमा 108 एंबुलेंस को मिलते ही मौके में पहुंचकर प्रसव पीड़ित को लेकर गंतव्य स्थान की ओर जाने पर कुछ ही दूर ग्राम फूनगा के समीप प्रसव पीड़ा बढ़ जाने कारण एम्बुलेंस में उपस्थित परिजन जोर-जोर से चीख चिल्लाने लगे की उल्टा बच्चा पैदा ले रहा है शिशु की पैर बाहर निकल कर गर्दन फंस गया है इस भयावह स्थिति को देख 108 एंबुलेंस में उपस्थित प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन दीन दयाल जायसवाल द्वारा परिजन की अनुमति लेकर प्रसव से पीड़ित व जान जोखिम बच्चा को अपने अनुभव के आधार पर सुरक्षित नॉर्मल प्रसव कराया स्वस्थ बच्चे की जन्म देखकर परिजन काफी हर्ष व उत्साहित होकर चेहरे में मुस्कान आया। व धन्यवाद ज्ञापित किये कि हमारे लिए आप बहुत ही सही समय में मददगार साबित हुए साथ ही पायलट विकास चतुर्वेदी की सहयोग से गंतव्य स्थान जिला अस्पताल अनूपपुर पहुंच कर जच्चा बच्चा को सुरक्षित भर्ती कराया गया। इस प्रकार पुनः 108 एम्बुलेंस संजीवनी साबित हुआ यह  योजना निश्चित ही गरीब आशहाय के लिए वरदान साबित हो रही है क्योंकि सही समय में उपलब्ध वाहन सुविधा व समुचित इलाज मिल पाना मरीज के लिए काफी कारगर साबित होता है एक समय प्रसव पीड़िता परिजन के आंखों में आंसू व क्षणिक बाद एंबुलेंस स्टाफ के द्वारा अपने कार्य विधि से परिजन की चेहरे में मुस्कान लाया यह सुविधा हमेशा मौके पर सभी को मिलती रहे निश्चित ही मृत्यु दर में काफी सुधार हो सकता है।

प्रगतिशील लेखक संघ ने लाइब्रेरी को प्रारंभ कराने के लिए कलेक्टर को सौपा ज्ञापन


अनूपपुर

जिला मुख्यालय में स्थापित पंडित शंभुनाथ शुक्ल स्मारक लायब्रेरी जो काफ़ी समय से बंद पड़ी है उसके संचालन के संबंध में प्रगतिशील लेखक संघ इकाई अनूपपुर ने कई बार नगरपालिका अध्यक्ष व सीएमओ से लिखित और मौखिक रूप से आग्रह किया पर सिवा आश्वासन देने के,नगरपालिका ने कुछ भी नहीं किया। जब से यह परिषद आई है तब से आगाह किया जा रहा है पर परिणाम शून्य ही रहा।कमिश्नर शहडोल को इस संबंध में एक पत्र देने के पश्चात् प्रगतिशील लेखक संघ के संरक्षक पवन छिब्बर,सचिव रामनारायण पाण्डेय,वरिष्ठ सदस्य डी.एस.राव और अध्यक्ष गिरीश पटेल ने कलेक्टर से मुलाक़ात कर इस संबंध में चर्चा कर लायब्रेरी के शीघ्र पुनर्संचालन हेतु आग्रह किया जिसे गंभीरता पूर्वक सुनते हुए कलेक्टर अनूपपुर ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही लायब्रेरी को पुनः प्रारंभ किया जाएगा।

लायब्रेरी के अतिरिक्त प्रगतिशील लेखक संघ इकाई अनूपपुर के द्वारा चंदास नदी की पदयात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए उनसे इस नदी के संरक्षण हेतु कदम उठाए जाने के लिए आग्रह किया, जिसे गंभीरता पूर्वक सुनते हुए उन्होंने एक लिखित विस्तृत रिपोर्ट जमा करने को कहा और कहा कि इस हेतु वे ठोस कार्रवाई करेंगे। कलेक्टर अनूपपुर से मुलाक़ात के पश्चात प्रतिनिधि मंडल ने नगरपालिका सीएमओ कार्यालय में भी उक्त पत्र के माध्यम से आग्रह किया कि लायब्रेरी शीघ्र प्रारंभ की जाए। यदि इसके बावजूद भी लायब्रेरी प्रारंभ नहीं की जाती तो प्रलेस कोई ठोस कदम उठाने हेतु विचार करेगा।

रामभरोसे चल रहा मध्यान्ह भोजन, स्कूल में नही बन रहा खाना भूखे पेट घर लौट रहे छात्र


अनूपपुर 

बच्चो को शिक्षा से जोडऩे के लिए सरकार ने  मध्यान्ह भोजन को शामिल किया है। किन्तु यह व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। ग्रामीण क्षेत्रो के विद्यालयों में कई-कई दिनों तक बच्चो को मध्यान्ह भोजन नही मिलता, जिम्मेदार लोगो के ध्यान न देने के कारण स्वसहायता समूह भोजन व्यवस्था अपनी मर्जी से नियम विरुद्घ चला रहे है। जिससे शासन की जनहितकारी योजनाओं पर पानी फिर रहा है। सरकार का कहना है हमारे तरफ से मध्यान्ह भोजन की सामग्री भेजने में कोई भी लापरवाही नही बरती जा रही है तो फिर गड़बड़ी कहा से हो रही है इस मामले में सवालिया निशान लग रहा है गरीब बच्चों के मुंह से निवाला छीना जा रहा है। ऐसा क्यू हो रहा है जिम्मेदार ही बता सकते हैं जिले में सैकड़ो विद्यालय होंगे जहाँ मध्यान्ह भोजन नही बनता होगा लेकिन फिर भी यह व्यवस्था को देखने वाला कोई नही है केवल कागजो में सारी व्यवस्था चल रही है। ऐसा ही एक मामला जिला अनूपपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धुरवासिन के  विद्यालय में कई दिनों से मध्यान्ह भोजन नहीं बन रहा है। इस विद्यालय की जिम्मेदारी दुर्गा स्व. सहायता समूहो को देने के बाद भी विद्यार्थी स्कूल से भूखे पेट लौट रहे हैं। दुर्गा  स्व सहायता समूह के द्वारा कई दिनों से इस तरह की लापरवाही की जा रही है जिस कारण से विद्यालय में सही तरीक खाना नही बन पा रहा है। स्वसहायता समूह के लिए मीनू केवल दिखावा बनकर रह गया है सूत्र बताते हैं कि समूह के द्वारा घटिया खाना बच्चो को परोसा जाता है मीनू के अनुसार कभी भी खाना नही बना होगा  इस विद्यालय में कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के छात्र -छात्राएं अध्ययनरत है।  समूह के इन लापरवाहियों के  कारण बच्चों को अच्छा और भरपूर भोजन नहीं दे पा रहे हैं जिससे बच्चे भूखे पेट घर वापस चले जाते हैं  इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऊपर बैठे आल्हा अधिकारी  सिर्फ कागज मात्रा में ही मध्यान भोजन का कार्य  पूर्ण कर रहे हैं कभी कभी भोजन नही बन पाता जिस कारण से विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चो को भोजन नही मिल पाता।

*इनका कहना है*

मध्यान भोजन न बनने के कारण जब हमने समूह के संचालक से बात की तो उन्होंने कहा की 1  माह से एमडीएम प्राप्त नही हुआ है जिस वजह से मध्यान भोजन नहीं बन पा रहा है।

*दुर्गा स्व सहायता समूह संचालक  पारसनाथ यादव*

 आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है बीआरसी को फोन लगाकर दिखवाती हूं कि मध्यान भोजन क्यों नहीं बना है।

*पूनम सिंह मध्यान्ह भोजन प्रभारी जिला पंचायत अनूपपुर*

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