खाली पड़ा कार्यालय, नदारद कर्मचारी, लोग परेशान कैसे होगा जनता का काम


*जनपद कार्यालय में अधिकारियों कर्मचारियों की मनमानी कार्यालयीन समय पर उपस्थित ना होने से परेशान हो रहे लोग*

*अनूपपुर जनपद पंचायत बदरा समय के बाद भी खाली पडे केबिन*

अनूपपुर 

जनपद पंचायत अनूपपुर कार्यालय बदरा में समय पर अधिकारियों कर्मचारियों के ना पहुंचने से दूर दराज से यहां विभिन्न समस्याओं का निराकरण कराने के लिए पहुंच रहे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है । बताया गया कि 11:00 बजे कार्यालय खुलने के बावजूद अधिकारी कर्मचारी 1:00 बजे तक यहां पहुंचते हैं इसके साथ ही पहुंचने के बाद भी समीप स्थित होटल तथा पान के ठेले पर ज्यादातर समय यह देखे जाते हैं । जिस वजह से कार्यालय में समस्या तथा अन्य कार्य के लिए पहुंचे हुए लोगों को घंटों इन का इंतजार करना पड़ता है ।

मनमर्जी के मालिक - अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत बदरा में कर्मचारी प्रतिदिन अपने मनमर्जी के हिसाब से कार्यालय आते हैं वह जाते हैं आज तक समय का प्रावधान शायद नहीं बन पाया है जिसके तहत अधिकारी कर्मचारी अपने मनमर्जी के मालिक बन चुके हैं जिसके चलते यहां पहुंचने वाले ग्रामीणों को अधिकारियों के इंतजार में घंटों समय इंतजार करना पड़ रहा है

गौरतलब है की जिसको लेकर ग्रामीणों के द्वारा कलेक्टर से इस मामले पर कार्यवाही की मांग करते हुए लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई है ।

 नवनिर्मित शासकीय महाविद्यालय भवन जनता को समर्पित


अनूपपुर 

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. मोहन यादव एवं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह ने आज बिजुरी में 650 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित शासकीय महाविद्यालय भवन जनता को समर्पित किया। श्री यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सिंह ने की। 

इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि महाविद्यालय में शिक्षा की समुचित व्यवस्था के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। महाविद्यालय में विद्या अध्ययन के समुचित इंतजाम किए जाएंगे।

श्री यादव ने कहा कि महाविद्यालय रूपी शिक्षा के मंदिर मानवता के कल्याण के लिए बनाए गए हैं। इनमें विद्यार्थियों को बेहतरीन शिक्षा देने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्प है। आपने आश्वस्त किया कि विद्यार्थियों को रोजगारमूलक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए महाविद्यालयों में रोजगारमूलक कोर्स प्रारंभ किए जाएंगे। आपने कहा कि जिले के वेंकटनगर महाविद्यालय के लिए भवन निर्माण हेतु राशि स्वीकृत कर एजेंसी तय कर ली गई है और इसका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। श्री यादव ने जिले के बिजुरी सहित अन्य महाविद्यालयों में स्नात्कोत्तर कक्षाओं के विषयों एवं उनके लिए जरूरी स्टाॅफ की स्वीकृति दिलाने हेतु प्रयास करने का आश्वासन दिया। आपने कहा कि महाविद्यालय की परीक्षा के लिए अब परीक्षा केन्द्र बिजुरी को ही बनाया जाएगा। 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय को सर्वसुविधायुक्त बनाने और शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में मूलभूत संसाधन जुटाना जरूरी है। विषयवार शिक्षा मुहैया कराने के लिए विषय से संबंधित शिक्षकों की नियुक्ति किया जाना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को विषय के अनुरूप शिक्षा प्राप्त हो सके। आपने बताया कि बिजुरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा की जा चुकी है। कार्यक्रम में विधायक कोतमा श्री सुनील सराफ, पूर्व विधायक कोतमा श्री दिलीप जायसवाल, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के पूर्व संचालक श्री बृजेश गौतम समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे। 

उच्च शिक्षा मंत्री का बिजुरी जाते समय ग्राम फुनगा, बदरा एवं कोतमा में आत्मीय स्वागत किया गया।

निजी महाविद्यालय संघ तीन मॉगो को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री को दिया ज्ञापन 


अनूपपुर

अनूपपुर जिले संचालित निजी महाविद्यालय कोरोना काल में बहुत ही ज्यादा वित्तीय बोझ से लदे हैं इस विषय में संघ के अध्यक्ष व डिजिटल महाविद्यालय के संचालक श्री उमेश विश्वकर्मा ,पारस नाथ महाविद्यालय  के संचालक व संघ के सचिव व पीआरटी महाविद्यालय के संचालक डॉ देवेन्द्र कुमार तिवारी व सहायक संचालक एवं निजी महाविद्यालय संघ के कोषाध्यक्ष श्री शिवेन्द्र कुमार तिवारी उच्च शिक्षा मंत्री से मिलकर निजी महाविद्यालय की समस्यायों से अवगत कराते हुए 3 विषयों समाधान हेतु ज्ञापन दिया।

१. जिला अनूपपुर, प्रदेश के सुदूर अंचल में स्थापित पूर्ण आदिवासी जिला है, यहाँ पर पड़ने वाले विद्यार्थियों की वित्तीय स्थिति मजबूत नहीं रहती है | प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के शुल्क विद्यार्थी, छात्रवृत्ति प्राप्त होने के उपरांत ही दे पाते है पर विद्यार्थियों को दी जाने वाली शिक्षण शुल्क की राशि प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में बहुत कम होती है | अस्तु निवेदन है कि प्रत्येक पाठ्यक्रम के शुल्क की राशि पूरे प्रदेश में एक समान हो | प्रत्येक पाठ्यक्रम के शुल्क का निर्धारण उच्च शिक्षा विभाग या AFRC  जैसे किसी शासकीय निकाय के द्वारा किया जाना चाहिए | 

 २. Covid-19 महामारी के कारण निजी महाविद्यालयों की स्थिति द्यनीय हो गई है, न जिले के महाविद्यालयों में प्रवेश हुये है और न ही शेष विद्यार्थियों से शुल्क ही ले पाये है , क्योंकि विद्यार्थियों के पास भी पैसे नहीं हैं, और न ही अभी तक उन्हे  छात्रवृत्ति का भुगतान ही हो पाया है कि उसी से महाविद्यालय को शुल्क जमा कर सके ताकि महाविद्यालय का बित्तीय भार कम हो | अस्तु आग्रह है कि इस वर्ष विश्वविद्यालय को दी जाने वाली संबद्धता शुल्क माफ की जाय या बिना अधिभार के वर्ष में कभी भी जमा करने की अनुमति प्रदान की जाय |

 ३. महाविद्यालय विश्वविद्यालय से संबद्ध होकर विद्यार्थियों को शिक्षा देती है, विश्वविद्यालय द्वारा संबध्ध्ता शुल्क में 18% की GST  ली जाती है | जबकि हमारी संस्थानो में अध्ययनरत विद्यार्थी गरीब तबके से आते है जो कालेज की मूल शुल्क ही नहीं दे पाते है 18% GST तो दूर की बात है | अस्तु निवेदन है कि महाविद्यालय को GST से मुक्त रखा जाय |

उच्च शिक्षा मंत्री जी द्वारा ध्यान से उक्त समस्यायों को को सुना और उस पर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

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