भाकपा का प्रतिनिधिमंडल राज्य परिषद सदस्य की मौत की जांच के लिए आईजी से मिले


अनूपपुर/शहडोल

ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन मध्य प्रदेश राज्य परिषद के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य परिषद सदस्य कामरेड श्रवण श्रीवास्तव का विगत 6 जून 2021 को शहडोल जिला मुख्यालय से 6 किलोमीटर दूर पाली थाना अंतर्गत ग्राम पहाडिया  के सड़ख मे रहस्यमय तरीके से मृत्यु हो गई ,जन चर्चा थी कि यह रहस्यमई मौत दुर्घटना नहीं है जबकि कुछ लोगों की आशंका इसे दुर्घटना बता रही है घटना की जानकारी भाकपा शहडोल ईकाई को होने पर घटना स्थल का मुआयना करने पर तथा मृतक कामरेड श्रवण श्रीवास्तव के शरीर में आई चोटों को देखकर वह दुर्घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित तरीके से मारपीट के बाद मृत्यु होना इंगित कर रही थी जिस संबंध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भाकपा राज्य के सहायक सचिव कामरेड हरिद्वार सिंह भाकपा राज्य परिषद सदस्य कामरेड विजेन्द्र सोनी एडवोकेट अखिल भारतीय किसान सभा के मध्य प्रदेश के अध्यक्ष कामरेड जनक राठौर के नेतृत्व में टीआई पाली , अनुविभागीय विभागीय अधिकारी (पुलिस)पाली ,पुलिस अधीक्षक उमारिया एवं आईजी  जी.जनार्दन राव शहडोल से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई भाकपा नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष इस रहस्यमई मौत की बारीक से बारीक बिंदुओं को संज्ञान में लेकर जांच की मांग की है जिससे इस रहस्यमई मृत्यु के कारणों का पता चल सके पुलिस अधिकारियों ने  भाकपा नेताओं को यह आश्वस्त किया है कि जैसे ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी ।

और यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी घटना की पूरी जानकारी देते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने निम्नानुसार मांग पत्र प्रस्तुत किया।

*पुलिस अधीक्षक को सौपा ज्ञापन*

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता कामरेड श्रवण श्रीवास्तव के आकस्मिक मृत्यु के जांच के संबंध में आपसे निम्नानुसार पुलिस अधीक्षक उमरिया से अनुरोध करता है

🔴 यह कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्यप्रदेश राज्य परिषद के कामरेड श्रवण श्रीवास्तव पूरावक्ती कार्यकर्ता थे, जो मूलतः ग्राम पटेहरा थाना अतरैली तहसील व जिला  रीवा मध्य प्रदेश के निवासी थे ।तथा उनका ससुराल शहडोल में है, उनकी पत्नी शिक्षिका है ,

अभी कुछ दिनों पूर्व वृद्धावस्था के कारण श्रवण श्रीवास्तव के  माता पिता  दोनो का निधन हो गया था।

🔴 यह की घटना दिनांक को श्रवण श्रीवास्तव अपने ससुराल आए हुए थे जहां पर उनके ससुराल पक्ष के एक रिश्तेदार जो ग्राम पहाड़िया थाना पाली में निवास करते हैं वहां से निमंत्रण आने पर वह अपने साथी जो रीवा की है कामरेड विनय दुबे के साथ गए हुए थे, रिश्तेदार लकी श्रीवास्तव ग्राम पहाड़िया, थाना पाली जिला उमरिया मे विनय दुबे, श्रवण श्रीवास्तव को छोड़कर वापस शहडोल आ गए थे ।

दोपहर में श्रवण श्रीवास्तव ने विनय दुबे से बात भी की थी किंतु उनकी बच्ची की तबीयत खराब होने के कारण  वो  उन्हें  वापस लेने  ग्राम पहाड़िया नहीं पहुंच पाए

🔴 यह की शाम को उनके साले के द्वारा रीवा स्थित उनके निवास पर उनके छोटे भाई को यह सूचना दी गई कि श्रवण श्रीवास्तव का एक्सीडेंट हो गया जिसमें उनकी मृत्यु हो गई है। सर्वप्रथम श्रवण श्रीवास्तव के परिवार को सूचना उनके साले द्वारा दी गई, तत्पश्चात पार्टी के नेताओं को इसकी जानकारी हुई।

🔴 यह कामरेड  श्रवण श्रीवास्तव की मृत्यु जिस संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है उसमें बहुत से सवाल खड़े कर दिए हैं जिसका निदान पुलिस की जांच प्रक्रिया से ही संभव है।

🔴 जैसा कि घटना के संबंध में बताया जाता है श्रवण श्रीवास्तव मोटरसाइकिल चला रहे थे और किसी वाहन से उनका एक्सीडेंट हो गया लेकिन उक्त एक्सीडेंट के दौरान ना तो मोटरसाइकिल जप्त की गई ना ही उनका मोबाइल टूटा और ना ही जिस अज्ञात वाहन से टक्कर हुई  उसकी कोई खोज खबर ली गई

🔴 कामरेड श्रवण श्रीवास्तव को जिस तरह की चोटें आई हैं सिर्फ सर के पीछे वह किसी वाहन से टकराने से नहीं आ सकती, ऐसी चोट पीछे से वार करने पर  ही आ सकती है।

और वाहन से एक्सीडेंट का कोई भी  साक्ष्य पुलिस द्वारा संग्रहित नहीं किए गए ,और नहीं विवेचना में इस बात को लिया गया।

🔴 यह कि जिस रिश्तेदार के यहां श्रवण श्रीवास्तव गए थे वह घटना के तुरंत बाद ही अपने घर से गायब हो गए जो एक संदेह को जन्म देता है

🔴 यह कि घटनास्थल पर जाकर पुलिस ने किसी भी तरह का अब तक अन्वेषण चालू नहीं किया है और ना ही महत्वपूर्ण साक्ष्यों को संग्रहित करने का प्रयास किया गया है पुलिस ने श्रवण श्रीवास्तव के उन रिश्तेदारों के भी कथन नहीं लिए न ही  पत्नी और साले का कथन लिया गया और ना ही जिस व्यक्ति विनय दुबे के साथ उनके जाने का उल्लेख किया गया है उससे भी पुलिस ने अभी तक कोई पूछताछ नहीं की है

🔴 पुलिस ने इस बात की भी जानकारी लेने की कोशिश नहीं की  उक्त घटना के समय वह अज्ञात वाहन कौन सा था तथा टोल नाका या अन्य किसी माध्यम से इस जानकारी को तत्काल संग्रहित किया जाना था जिसे पुलिस द्वारा नहीं किया गया

यह की  व्यक्ति  की जिसे दुर्घटना के कारण मृत्यु होना बताया जा रहा है उसके शरीर पर आई चोटें और घटनाक्रम बार-बार इस दिशा की ओर संकेत दे रहे हैं कि यह एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या है ।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी पुलिस प्रशासन से यह अपेक्षा करती है कि उक्त मामले की सूक्ष्म जांच कर वास्तविक घटना की सच्चाई का पता लगाया जाए ।और  अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए ।

  

भाजपा नेता बलात्कार, एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने किया गिरफ्तार


*कांग्रेस सहित अन्य दलों ने कहा यह भाजपा की परम्परा देश की सबसे बड़ी पार्टी का चोला ओढ़कर पार्टी को ही कटघरे में खड़े करने वाले भाजपा मण्डल बुढ़ार के पदाधिकारी को पुलिस ने बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया है, बीते 4 से 6 महीनों में लगातार पहले जैतपुर, फिर धनपुरी, फिर आमडांड के भाजपा नेता पार्टी की परेशानी बढ़ाते रहे हैं।*

शहडोल/अमलाई 

अमलाई पुलिस ने बुधवार को महिला की शिकायत पर सुजीत केवट निवासी बकहो नामक युवक को गिरफ्तार किया है, आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 376 सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत भी अपराध कायम किया है, आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने बीते दिवस ही माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी भारतीय जनता पार्टी के मण्डल बुढ़ार में आईटी सेल का प्रभारी था और इसके साथ ही उसे भारतीय जनता पार्टी ने नगर परिषद बकहो का ग्राम केन्द्र संयोजक भी बनाया था। बीते 4 से 6 महीनों के दौरान भारतीय जनता पार्टी के संगठन में जिम्मेदार पदों पर बैठे पदाधिकारियों को पुलिस ने लगातार इस तरह के आरोप लगने के बाद की गई जांच के उपरांत गिरफ्तार किया है। कांग्रेस सहित समाजवादी पार्टी और अन्य प्रमुख संगठनों ने भाजपा को कटघरे में खड़ा किया है।

*भाजपा नेता पर लगा आरोप*

भारतीय जनता पार्टी के तथाकथित मण्डल के नेता की नियुक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह के द्वारा अन्य 22 पदाधिकारियों के साथ की गई थी। पुलिस को दी गई शिकायत में पीडि़त महिला ने आरोप लगाये हैं कि भाजपा नेता बीते 8 वर्षाे से उसके साथ दैहिक शोषण कर रहा था, इस दौरान अक्सर उसके साथ मारपीट भी होती थी, ऐसा नहीं है कि महिला ने कभी शिकायत न की हो, पीडि़ता की माने तो, इस मामले में भी उसने अमलाई थाने में शिकायत देनी चाहिए थी, लेकिन प्रभारी से उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। बीते माहों और वर्षाे में भी उसने भाजपा नेता सुजीत केवट के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन कुछ खर्चा तय करने के साथ ही खुद की पहुंच का रौब दिखाकर महिला को शांत कर दिया गया और लगातार उसकी गरीब और तंगहाली का फायदा उठाकर दबाव में उसका दैहिक शोषण किया जाता रहा।

*कटघरे में भाजपा*

भारतीय जनता पार्टी के कथित मण्डल के नेता का बलात्कार में फंसने का यह पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व जैतपुर मण्डल अध्यक्ष विजय त्रिपाठी अपने मित्रों के साथ नाबालिग से गैंगरेप में अभी तक जेल में है, धनपुरी के मण्डल अध्यक्ष हेमंत सोनी स्थानीय युवक को फोन पर थाने में बंद करा देने की धमकी के ऑडियो ने भी सुर्खिया बटोरी थी, इधर आमाडांड के मण्डल अध्यक्ष सातिका तिवारी सहित भाजयुमों के जिलाध्यक्ष अजय सिंह बघेल आदि के नाम रेत के अवैध कारोबार से जुड़े हैं। भारतीय जनता पार्टी के व्यापारी प्रकोष्ठ के जवाहर जसवानी छोटे भाई सहित ऑपरेशन शंखनाद में गिरफ्तार हुए और अभी तक जेल में हैं। रसूख और रूपयों के लालच में दर्जनों आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पार्टी को अपनी बैसाखी बनाकर उसका दामन दागदार करने में लगे हैं।

*अभी तक पार्टी से निष्कासन नहीं*

सुजीत केवट को दो से तीन दिन पूर्व अमलाई पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद गिरफ्तार किया था, वर्तमान में सुजीत जेल में है, इतना सबकुछ होने के बाद भी पार्टी कथित दागदार को बाहर का रास्ता नहीं दिखा पाई है, शुक्रवार की शाम तक पार्टी ने उसके निष्कासन या अन्य कोई कार्यवाही से संदर्भित बयान जारी नहीं किया, अलबत्ता इस मामले में मण्डल अध्यक्ष कामाख्या नारायण से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो, वे बयान देने की जगह मामले से बचते नजर आये।

*कांग्रेस सपा ने कहा सामान्य घटना क्रम*

कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह भाजपा में आम बात है, पूर्व में भी मण्डल अध्यक्ष गैंगरेप में गिरफ्तार हुए थे, जिले में बुढ़ार से लेकर शहडोल और आमडांड से लेकर ब्यौहारी व देवलोंद तक भाजपा नेताओं के नाम रेत के अवैध उत्खनन, शराब के अवैध कारोबार, आपरेशन शंखनाद में उनकी गिरफ्तारी और पंचायत से लेकर मुख्यालय तक इस तरह के घटना क्रम आम हो चुके हैं, इधर समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रतिनिधि राकेश सिंह बघेल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह निंदनीय कृत्य है, भाजपा एक तरफ चाल-चरित्र और चेहरे का ढोल पीटती है, अब उसके ही पदाधिकारियों की चाल और चरित्र खुलकर थानों में दर्ज हो रहा है, महिलाएं असुरक्षित हैं, इस घटना की जितनी भी निंदा की जाये, वह कम है।

हर साल आज मनाया जाता है विश्व सिकल सेल दिवस जाने इस बीमारी के बारे में


Word Sickle cell Day ( विश्व सिकल सेल दिवस ) 

हर साल पुरे विश्व में 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस के रूप में मनाया जाता है |

आईये इस बार हम सब मिल कर इस बीमारी के बारे जाने और एक दुसरे की मदद करके बीमारी को जड़ से ख़त्म करने का प्रयास करें.

*उदेश्य*

साल 2008 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने पहली बार वर्ल्ड सिकल सेल डे (World Sickle Cell Day) मनाने की शुरुआत की थी ताकि इस बीमारी को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में पहचान मिल सके एवं इसके उपचार के उपायों के बारे में जागरूकता बढाने तथा विश्व भर में इस रोग पर प्रभावी नियंत्रण प्राप्त करने लक्षित है| इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक रूप से 19 जून को वर्ल्ड सिकल सेल जागरूकता दिवस के रूप में मनाना शुरू किया |

*सिकल सेल बीमारी क्या है*

सिकल सेल (Sickle Cell) खून से जुड़ी बीमारी है जो शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) को प्रभावित करती है और यह आमतौर पर माता-पिता से बच्चों में वंशानुगत मिलती है.

सिकल सेल एनीमिया एक अनुवांशिक बीमारी है, जो जन्म से ही इन्सान में आती है, और इस बीमारी के आने का   कोई अन्य कारण नहीं है | रोगी के माता-पिता दोनों में सिकल वाहक या सिकल रोगी होंगे तभी उनके बच्चे को सिकल रोग होने की संभावना हो सकती है | सिकल सेल बीमारी में लाल रक्त कणिका का आकार हंसियाकार हो जाता है, जिससे रोगी के शरीर में खून की कमी, कमज़ोरी, बुखार जैसी समस्याएं होने लगती हैं |

यह रोग महिला और पुरुष दोनों को हो सकता है | यह रोग किसी भी जाति एवं धर्म, छुआ छूत से सम्बंधित नहीं है | शुरुआत में इस बीमारी का पता लग जाये तो बहुत सारी समस्याओं को कम किया जा सकता है एवं रोगी की जिंदगी को बेहतर  बनाया जा सकता है | 

*सिकल सेल बीमारी के लक्षण (SS)*

शरीर में कहीं भी असहनीय दर्द होना

  5. चिड़चिड़ापन/खानपान में अरुचि, तिल्ली (Spleen) का बढ़ जाना 

  6. हाथ पैर की उँगलियों / जोड़ों में सूजन तथा दर्द थकावट/ सांस फूलना

  7. बार - बार या ज्यादा सर दर्द होना खून की कमी,

  8. बार – बार बुखार, सर्दी बीमारी या अन्य किसी संक्रमण के लक्षण।

अगर ऊपर दिए हुए लक्षण किसी को हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह ले |

*सिकल सेल एनेमिया मुख्यतः दो प्रकार का होता है*

सिकल सेल एनेमिया वाहक (AS) - रोगी नहीं होते है (जब रोग ही नहीं है तो सिकल सेल से जुड़ा हुआ किसी भी तरह के इलाज की जरुरत भी नहीं है) अगर आप सिकल सेल की जांच में सिकल सेल वाहक पाए गए है तो चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है इससे आपको कोई तकलीफ़ नहीं होगी.  सिकल सेल वाहक सिकल सेल जीन का एक प्रकार है, सिकल सेल वाहक सामान्य व्यक्ति की तरह ही होते है, जब तक जाँच ना हो इन्हें स्वयं भी मालूम नहीं होता की वे अपने रक्त में सिकल जीन धारण करते है | सिकल सेल वाहक होने से ऐसे इंसान को खुद को कोई नुकसान नहीं होता है, लेकिन जब अनजाने में दूसरे सिकल रोगी या सिकल सेल वाहक से शादी करते है तो उस जोड़े से सिकल सेल पीड़ित संतान पैदा होने की सम्भावना बढ़ जाती है| सिकल सेल बीमारी के प्रसार की रोकथाम के अभियान में इनका विशेष महत्त्व है |

*सिकल सेल एनेमिया रोग (SS)*

रोगी (इलाज की जरुरत पड़ती है) सिकल सेल एनेमिया एक अनुवांशिक रक्त विकार (समस्या) है, जो एनीमिया (खून की कमी) और जन्म से वयस्क जीवन तक विभिन्न गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है | यह रोग महिला और पुरुष दोनों को हो सकता है | शुरुआत में इस बीमारी का पता लग जाये तो बहुत सारी समस्याओं को कम/ख़त्म किया जा सकता है एवं रोगी की जिंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है |  सिकल सेल बीमारी (SS) होने पर आपको बिलकुल भी डरने की ज़रूरत नही है की आपको सिकल सेल एनेमिया बीमारी से ग्रस्त है लेकिन आपको अपनी तबियत का विशेष ध्यान रखना होगा, इसलिए निम्न बिंदुओं पर ध्यान दें -

*सावधानियाँ*

सिकल रोगी को ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए  (5-6 लीटर रोज) |

हमेशा पोष्टिक खाना खाए जैसे - हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दूध, मुनगा, अंडा, मांस, मछली, सेव, अनार, कोदो) आदि खा सकते हैं |

खाने में किसी प्रकार का परहेज नही करना है लेकिन फ़ास्ट फ़ूड कम खाए ये अपने पाचन तंत्र को नुक़सान पहुँचाते है|

सिकल सेल रोगी को अत्यधिक गर्मी, ठंडी और बरसात के मौसम में अपना ज्यादा ख्याल रखना चाहिए|

सिकल रोगी को ज्यादा भारी या थका देने वाला काम जिसमें साँस फूलने लगे या शरीर में दर्द होने लगे वह काम नहीं करना चाहिए | 

*ईलाज*

सिकल सेल बीमारी की दो मुख्य दवाइयाँ आपको रोज लेना जरूरी है जिनकी डोज़ डॉक्टर के कहे अनुसार ले हाइड्रोक्सीयूरिया 

*प्लेन फोलिक एसिड* 

अगर शरीर में कही भी दर्द हो रहा है तो घर पर दर्दनिवारक दवाई ले सकते है जैसे की Paracetamol, brufen, tramadol । लेकिन कैसे व कब लेनी है इसके लिए डॉक्टर से पहले ही सलाह लें|

जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था द्वारा सिकल सेल रोगियों के लिए मासिक बैठक का आयोजन किया जाता है, उसमे सभी रोगियों की नियमित जांच, परामर्श और दवाइयाँ जैसी सेवाएँ दी जाती है, कृपया बैठक में आ कर समुचित इलाज और जानकारी प्राप्त करे | अधिक जानकारी के लिए सिकल सेल बीमारी की काउंसलिंग किताब को पढ़ें | सिकल सेल से जुडी हुई कोई समस्या पर होने सिकल हेल्पलाइन 9617240924 पर संपर्क करें |

*आवश्यक जानकारी*

अनुपपुर जिले में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सिकल सेल बीमारी दवाइयाँ मुफ्त में उपलब्ध है, इसलिए सिकल सेल से ग्रसित व्यक्ति अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से दवाइयाँ ले सकता है |

*सिकल सेल जाँच*

अनुपपुर जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सिकल सेल बीमारी की निशुल्क प्राथमिक जाँच होती है और जिला अस्पताल में पुष्टिकरण जाँच होती है इसलिए लक्षण आने पर सिकल जाँच कराएँ |

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