स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर, लापरवाही के कारण सर्प दंश से  1 की मौत


स्वास्थ्य विभाग पर लगा ग्रहण, कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान, नर्सो के भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था

इंट्रो:- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ हमेशा सुर्खियों में किसी न किसी नाकामियों से छाया ही रहता है ऐसा ही एक मामला बीती रात्रि 9 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद में आया और सामुचित ईलाज न मिल पाने से 2 घण्टे के अंदर ही मरीज की मृत्यु हो गई आये दिन यहाँ मौत का ताण्डव होता रहता है और यहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था हमेशा ध्वस्त रहती है।


अनूपपुर/पुष्पराजगढ़

119 पंचायतो का पुष्पराजगढ़ मुख्यालय जहाँ पर स्वास्थ्य सेवाएं लेने हर ग्राम से मरीज आते है मगर स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा इस अस्पताल में नही मिल पाती जिसका सबसे बड़ा कारण है डियूटी टाइम पर डॉक्टर का उपस्थित न रहना समाचार की सुर्खियों को बटोरता हुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ हमेशा अपनी नाकामियों के नाम से जाना जाता है ऐसा ही एक मामला दिनाँक 14 जून 2021 की रात्रि 10 बजे का है बताया जा रहा कि जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जरही के भीठीटोला निवासी पारस नाथ उम्र 18 वर्ष पिता  रामजियावन महरा को रात्रि के लगभग 8 से 9 बजे के बीच जहरीले साँप ने काट लिया जिसके बाद परिजनों ने अपने निजी साधन से मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ ले कर आये और मरीज को भर्ती कराया परिजनों द्वारा बताए जा रहा कि जब हम मरीज को लेकर आये तब जनरल वार्ड में मरीज को भर्ती किया गया और डियूटी पर उपस्थित नर्स के द्वारा इंजेक्शन बॉटल लगाया गया और करीब 11.30 बजे रात्रि में ही मरीज की मृत्यु हो गई।

*डियूटी टाईम पर नही थे उपस्थित*

बताया जा रहा है कि ग्राम जरही के मरीज को तकरीबन 9.30 से 10 बजे रात्रि में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ लाया गया उस वक़्त डियुटी पर कोई डॉक्टर उपस्थित नही था परिजनों द्वारा मिली जानकरी अनुसार जब मरीज स्थित ज्यादा खराब होने लगी तब डियुटी के दौरान उपस्थित नर्स ने डॉक्टर को फ़ोन के माध्यम से मरीज की तबियत ज्यादा खराब होने की जानकारी दी जिसके बाद डॉक्टर आये और कुछ ही देर में मरीज ने दम तोड़ दिया परिजनों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग की बहुत बड़ी लापरवाही है क्योंकि यहाँ पर यह अस्पताल नर्सो कब भरोशे है डॉक्टर अपने डियूटी टाइम पर उपस्थित नही थे नर्स के द्वारा बॉटल इंजेक्शन लगाया गया हो सकता है डॉक्टर सही समय पर मरीज को देख लेते तो हमारे मरीज की जान बच जाती।

*3 दिन के अंदर सर्प दंश से दूसरी मौत*

दिनाँक 11 जून की सुबह मझगवां ग्राम की बिसाहिन बाई उम्र 55 वर्ष की मौत भी सर्प के काटने से हो गई जिसके बाद भी मरीज के परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही डियुटी टाइम पर डॉक्टर के उपस्थित न रहने का इलाज्म लगा चुके है बिसाहिन बाई को सुबह जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया था और 7 किमी दूर पहुंचते ही मरीज ने दम तोड़ दिया । ओर दिनाँक 14 जून की दरमियानी रात 11.30 बजे जरही निवाशी 18 वर्षीय बालक की मृत्य हो गई जिसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग का अमला नींद से जागेगा या इसी तरह मौत के तांडव का खेल पुष्पराजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चलता ही रहेगा। 

*लचर व्यवस्था पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी

कहने को तो पुष्पराजगढ़ तहसील से सांसद और विधायक हमेशा ही रहते आये है पर इस तरह के मौतो की जानकारी हमारे जनप्रतिनिधियों को हैं भी या नही की पुष्पराजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है फिर भी जनप्रतिनिधियों ने अब तक इस और पहल नही किया है ऐसे सांसद और विधायक के होते हुए बहु अगर समुचित ईलाज मरीजो को नही मिल पा।रहा तो अपने आप मे यह बेहद ही शर्मनाक पहलू है।

*ग्राम वासियो को जिला कलेक्टर से है उम्मीद*

लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और डियूटी टाइम पर डॉक्टरों का उपस्थित न होना बेहद ही शर्मनाक पहलू है ऐसे में पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त ग्रामीणों की अपेक्षा जिले के नवनियुक्त कलेक्टर सोनीया मीणा से है कि 119 पंचायतों को स्वास्थ्य सेवाये देने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में जल्द से जल्द सुधार होगा जिससे क्षेत्र के जन मानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवाए उपलब्ध हो सकेंगी। देखना होगा कि कलेक्टर महोदया इस ओर कब तक पहल करेंगी।

कोरोना खत्म खाद बीज के लिए सहकारी समिति में मेले जैसी भीड़, प्रशासन लापता


अनूपपुर/पुष्पराजगढ़

अनूपपुर जिले के मुख्यालय पुष्पराजगढ़ के अंतर्गत आने वाली आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादित राजेन्द्रग्राम में आज दिनांक 15 जून 2021 को सुबह 7:00 बजे से ही किसानों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ देखकर ऐसा लगा कि अपने जिले से कोरोना पूरी तरह समाप्त हो गया हैं जब कि कोरोना के चलते प्रशासन ने इतनी ज्यादा ढील नही दी हैं मगर सहकारी समिति में मेला जैसा माहौल देखने को मिल रहा हैं ऐसे माहौल को देखते हुए नही लगता कि कोरोना जिले से समाप्त होगा कोरोना के आंकड़े जरूर कम हुए है बाजार पूरी तरह नही खोला गया हैं। लेकिन इस तरह की सोशल डिस्टेंस की धज्जियां खुलेआम देखने को मिल जाती हैं जबकि की राजेन्द्रग्राम में सभी अधिकारियों के कार्यालय होने के बाबजूद इतनी बड़ी लापरवाही प्रशासन के मुंह पर तमाचा मारना जैसा प्रतीत हो रहा हैं इस भीड़ में अगर 2 से 4 संक्रमित निकल गए तो सारी नियम कायदे धरे के धरे रह जाएंगे। सुबह 10:30 तक  सहकारी समिति मर्यादित राजेंद्रग्राम के कार्यालय का मुख्य गेट नही खुलने से किसान परेशान होते रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार बताया जा रहा है कि किसान खाद के लिए काफी मात्र में एकत्रित हुए थे और संस्था के संबंधित जनों से जानकारी लेने पर बताया गया कि खाद पर्याप्त मात्र में उपलब्ध है सिर्फ किसान धैर्य बना कर क्रम बद्ध तरीके से आये सभी किसानों को खाद उपलब्ध हो जाएगा एक साथ भीड़ में जल्दबाजी करने से व्यवस्था में व्यवधान भी उत्पन्न होता है ऐसे में धैर्य बना कर खाद प्राप्त करे। नही तो बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है ऐसे मामले को प्रशासन संज्ञान लेकर कार्यवाही करें या इस लापरवाही में सुधार लाये।

 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र पर भ्रष्टाचार के आरोप टूलकिट का हिस्सा ??


*कांग्रेस,सपा,आप नेताओं द्वारा लगाए गये आरोपों के निहितार्थ*

( मनोज कुमार द्विवेदी, अनूपपुर, मप्र)

उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद अयोध्या जी में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। लगभग एक वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित कुछ विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में मन्दिर का शिलापूजन कर कार्य का शुभारंभ किया था। विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने मन्दिर निर्माण के लिये आवश्यक निधि संग्रह का महा अभियान चला कर लक्ष्य से कई गुना अधिक राशि एकत्रित की। श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के लिये निधि समर्पण के महा अभियान में जिस तरह से सभी वर्ग के लोगों ने बढ - चढ कर हिस्सा लिया , उससे यह दुनिया के ऐसे किसी धार्मिक मामले का अकेला हिन्दू जागरण महाअभियान का स्वरूप लेता दिखा। विश्व के करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों के आराध्य भगवान श्री राम की जन्मभूमि में मन्दिर निर्माण का सपना सदियों पुराना था। भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिन्दू परिषद ने कई दशक तक अयोध्या में जिस श्रीराम मन्दिर निर्माण की सौगंध खाई तथा संकल्प लिया था ,उसके निर्माण का कार्य धरातल पर तेजी से पूरा हो रहा है।

     कुछ ऐसे राजनैतिक दलों के नेता उत्तर प्रदेश चुनाव से ठीक पूर्व तुष्टिकरण और वोटबैंक की कुटिल राजनीति के तहत ऐसे हर अभियान को हेय करने , विवादास्पद बना देने वाला कोई ना कोई कार्य कर रहे हैं। इसीलिये जब श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर हेतु भूमि क्रय में भ्रष्टाचार के आरोप समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने लगाए तो कांग्रेस उस पर ऐसे लपकी जैसे यह उसके किसी टूल किट का हिस्सा हो। कांग्रेस के सोशल साइट्स पर मन्दिर निर्माण को क्रिटिसाईज करने वाली तमाम पोष्ट भरी पड़ी हैं। 

*नेताओं के झूठे आरोप साजिश का हिस्सा*

सपा सरकार के पूर्व मंत्री तेजनारायण पाण्डेय के साथ आप दल के सांसद संजय सिंह और फिर कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण में भूमि खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोपों को दोहराते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। जबकि मन्दिर न्यास के महामंत्री चंपत राय ने प्रेस नोट जारी करके आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए राजनैतिक विद्वेष से प्रेरित आरोप बतलाया है। संजय सिंह हों या दिग्विजय सिंह ...इन जैसे नेताओं का इतिहास इनके विवादित बयानों, आरोपों से भरे पड़े हैं। श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण महज न्यास , किसी नेता, किसी राजनैतिक दल विशेष का विषय ना होकर करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था और विश्वास से जुडा निहायत धार्मिक मामला है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत गठित न्यास और मन्दिर निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सहित दुनिया भर की नजर टिकी हुई है। जब सभी लेन देन आन लाईन किये जा रहे हों , तमाम सरकारी , गैर सरकारी एजेंसियों की निगरानी में हों तो भ्रष्टाचार के आरोपों पर किसे भरोसा होगा ?   ऐसे में भ्रष्टाचार के आरोप यदि आधे - अधूरे तथ्यों पर आधारित हैं या तथ्यों को छुपा कर , विद्वेषपूर्ण तरीके से, राजनैतिक मंशा पूर्ण करने के लिये लगाए गये हैं तब भी जांच तो होगी ही।   

*राजनैतिक विद्वेष से प्रेरित हैं  भ्रष्टाचार के आरोप* 

 आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए  राजनैतिक विद्वेष वश लगाया गया आरोप बतलाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय ने कहा है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का परकोटा और रिटेनिंग दीवार को वास्तु सम्मत करने के लिए , मंदिर परिसर के पूर्व और पश्चिम दिशा में यात्रियों के आवागमन मार्ग को सुलभ बनाने के लिए खुला मैदान रखने के लिए , मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए पास - पड़ोस के कुछ छोटे - बड़े मंदिर , गृहस्थों के मकान खरीदना अत्यावश्यक समझा गया । विक्रेताओं के पुनर्वास के लिए उन्हें कहीं अन्यत्र भूमि भी दी जायेगी , इस कार्य के लिए भी भूमि की खरीददारी की जा रही है । क्रय--विक्रय का यह कार्य आपसी संवाद और परस्पर पूर्ण सहमति के आधार पर किया जा रहा है । सहमति के पश्चात् सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होते हैं । सभी प्रकार की कोर्ट फीस व स्टैम्प पेपर की खरीदारी आन - लाइन की जा रही है। सहमति पत्र के आधार पर भूमि की खरीददारी हो रही है और उसी के अनुसार सम्पूर्ण मूल्य विक्रेता के खाते में आन - लाइन स्थानान्तरित किया जाता है । 

9 नवम्बर , 2019 को श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने के पश्चात् अयोध्या में भूमि खरीदने के लिए देश के असंख्य लोग आने लगे। उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए बड़ी मात्रा में भूमि खरीद रही है । इस कारण अयोध्या में एकाएक जमीनों के दाम बढ़ गये । जिस भूखण्ड पर अखबारी चर्चा चलाई जा रही है वह भूखण्ड रेलवे स्टेशन के पास बहुत प्रमुख स्थान है । श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अभी तक जितनी भूमि क्रय की है वह खुले बाजार की कीमत से बहुत कम मूल्य पर खरीदी है । उक्त भूमि को खरीदने के लिए वर्तमान विक्रेता गणों ने वर्षों पूर्व जिस मूल्य पर रजिस्टर्ड अनुबन्ध किया था , उस भूमि को उन्होंने 18 मार्च 2021 को बैनामा कराया, तत्पश्चात् ट्रस्ट के साथ अनुबन्ध किया । कुछ कतिपय राजनीतिक लोग इस संबंध में प्रचार करा रहे है वह भ्रामक है , समाज को गुमराह करने के लिए है , संबंधित व्यक्ति राजनीतिक हैं अतः राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित हैं ।

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